केस 9.2: परीक्षा केंद्र पर "सहयोग"
- काल्पनिक केस
- कठिनाई
- सरल
- पाठ्यक्रम बिंदु
- 1: नैतिकता, मानवीय मूल्य, शिक्षा और समाज की भूमिका
- परखे जाने वाले मूल्य और कानून
- ईमानदारी, शिक्षा का उद्देश्य, साधन की शुद्धता, साहस; आचरण नियम 3(1); नोलन की "ईमानदारी"
उदाहरण (काल्पनिक)परीक्षा केंद्र पर "सहयोग"
राजस्थान के एक गाँव के सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालय में बोर्ड परीक्षा केंद्र बना है। देवेंद्र इस केंद्र के केंद्र-अधीक्षक हैं। पिछले वर्ष स्कूल का परिणाम 52 प्रतिशत रहा था। गाँव के सरपंच और कुछ अभिभावक मिलने आते हैं। वे कहते हैं, "गाँव की इज़्ज़त का सवाल है। बच्चे साल भर खेत और मज़दूरी में लगे रहे। थोड़ा सहयोग कर दीजिए, चाय-नाश्ता हमारा।" दो शिक्षक भी धीरे से कहते हैं, "हर केंद्र पर होता है। हम नहीं करेंगे तो हमारे बच्चे अकेले पिछड़ेंगे।" बाहर कुछ युवक पर्ची पहुँचाने की तैयारी में हैं। देवेंद्र जानते हैं कि कई बच्चे सचमुच मेहनती हैं, पर पढ़ाई में कमज़ोर रहे हैं। देवेंद्र ने ग्यारह वर्ष की सेवा में कभी कोई शिकायत नहीं पाई है। सरपंच नरमी से याद दिलाता है कि वे इसी ब्लॉक में रहते हैं और परीक्षा के बाद भी इन परिवारों से मिलते रहेंगे।
- हितधारक
- विद्यार्थी (मेहनती और कमज़ोर, दोनों), अभिभावक, सरपंच, दो शिक्षक, देवेंद्र, बोर्ड और उसकी साख, अन्य केंद्रों के परीक्षार्थी।
- मुद्दा
- ईमानदारी और परीक्षा की निष्पक्षता बनाम समुदाय की अपेक्षा, सहकर्मियों का दबाव और बच्चों के प्रति सहानुभूति।
- विकल्प
- क. आँख मूँद लेना (सब खुश; पर बच्चों को गलत सीख, परीक्षा अन्यायपूर्ण)। ख. कठोर कार्रवाई और शिकायत से शुरू करना (नियम पर डटे; पर गाँव से टकराव, शिक्षकों से रिश्ता टूटा)। ग. सख्त और निष्पक्ष संचालन, अभिभावकों-सरपंच से खुली बात, शिक्षकों को निर्देश, पर्ची वालों की सूचना पुलिस को, और नतीजे सुधारने की योजना देना।
- सर्वश्रेष्ठ
- ग। आचरण नियम 3(1) (पूर्ण सत्यनिष्ठा); कांट की कसौटी (क्या मैं चाहूँगा कि यह नियम सब पर लागू हो?); गांधी का साधन-साध्य (हिंद स्वराज, अध्याय 16)।
सीख
कार्रवाई: अल्प: सरपंच और अभिभावकों से बैठक, शिक्षकों को लिखित निर्देश, कक्ष-निरीक्षण। दीर्घ: अगले सत्र के लिए अतिरिक्त कक्षाएँ, कमज़ोर विद्यार्थियों की पहचान, खेती-मज़दूरी वाले मौसम में उपस्थिति की योजना।
अभ्यास प्रश्न
अभ्यास प्रश्नलगभग 100 शब्द
(10 अंक, 100 शब्द) देवेंद्र को क्या करना चाहिए? पाँच चरणों से हल कीजिए।
आदर्श उत्तर
विद्यार्थी, अभिभावक, सरपंच, शिक्षक, बोर्ड और अन्य केंद्रों के परीक्षार्थी हितधारक हैं। मुद्दा परीक्षा की ईमानदारी बनाम समुदाय की अपेक्षा और बच्चों के प्रति सहानुभूति का है। विकल्प: आँख मूँद लेना, शुरू से कठोर टकराव, या निष्पक्ष संचालन के साथ खुली बात और सुधार-योजना। पहले से बच्चों को गलत सीख मिलेगी, दूसरे से गाँव दूर होगा। मैं तीसरा चुनूँगा, क्योंकि आचरण नियम 3(1) पूर्ण सत्यनिष्ठा माँगता है और साधन शुद्ध न हों तो परिणाम खोखला है। तत्काल सरपंच और अभिभावकों से बात, शिक्षकों को लिखित निर्देश और पर्ची रोकना। दीर्घकाल में अतिरिक्त कक्षाएँ और कमज़ोर बच्चों की पहचान।
अभ्यास प्रश्नलगभग 50 शब्द
(5 अंक, 50 शब्द) "सब कर रहे हैं" का तर्क नैतिक रूप से क्यों कमज़ोर है?
आदर्श उत्तर
कांट: यदि सब नकल करें तो परीक्षा का अर्थ ही खत्म; दूसरों के गलत करने से मेरा गलत सही नहीं हो जाता।
अभ्यास प्रश्नलगभग 50 शब्द
(5 अंक, 50 शब्द) गाँव का परिणाम सुधारने के ईमानदार उपाय बताइए।
आदर्श उत्तर
शिक्षण के घंटे बढ़ाना, कमज़ोर छात्रों के लिए उपचारात्मक कक्षा, पुराने प्रश्नपत्रों का अभ्यास, खेती के मौसम में लचीली व्यवस्था।