केस 9.1: विवाह की तिथि और दसवीं की छात्रा
- काल्पनिक केस
- कठिनाई
- मध्यम
- पाठ्यक्रम बिंदु
- 1: नैतिकता, मानवीय मूल्य, परिवार और समाज की भूमिका
- परखे जाने वाले मूल्य और कानून
- बच्चे का हित, कानून का शासन बनाम परंपरा, सहानुभूति, संवाद; बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 (धारा 13); अनुच्छेद 21 (गरिमा); आचरण नियम 25D
उदाहरण (काल्पनिक)विवाह की तिथि और दसवीं की छात्रा
राजस्थान के एक जिले में सुनीता बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी के रूप में अधिसूचित हैं। उन्हें खबर मिलती है कि तीन दिन बाद एक गाँव में सोलह वर्ष की पूजा का विवाह तय है। पूजा दसवीं में पढ़ती है और उसे आगे पढ़ने के लिए छात्रवृत्ति का प्रस्ताव मिला है। सुनीता गाँव जाती हैं। समाज-पंचायत के बुज़ुर्ग अध्यक्ष कहते हैं, "यह हमारी परंपरा है, सगाई हो चुकी है, लड़के वालों की बेइज़्ज़ती होगी।" पिता छोटे किसान हैं और कर्ज़ में हैं। वे कहते हैं, "बेटी की उम्र बढ़ेगी तो दहेज बढ़ेगा।" उधर पूजा एक शिक्षिका से चुपके से कहती है कि वह पढ़ना चाहती है, पर घर में बोलने से डरती है। कई मेहमान दूर-दूर से आने वाले हैं। सुनीता के पास निर्णय के लिए केवल तीन दिन हैं और उनके साथ अभी पुलिस की कोई टुकड़ी नहीं है। शिक्षिका ने प्रार्थना की है कि उसका नाम किसी को न बताया जाए।
- हितधारक
- पूजा (सबसे कमज़ोर पक्ष), माता-पिता, लड़के का परिवार, समाज के बुज़ुर्ग, शिक्षिका, सुनीता, प्रशासन।
- मुद्दा
- कानून और बच्ची का हित (शिक्षा, स्वास्थ्य, गरिमा) बनाम परंपरा और परिवार की आर्थिक चिंता।
- विकल्प
- क. बड़ों का मान रखकर चुप रहना (शांति; पर कानून टूटता है, बच्ची को स्थायी हानि)। ख. अचानक पुलिस के साथ विवाह रुकवाकर मुकदमा करना (कानून का पालन; पर परिवार शत्रु बनता है, बच्ची पर घर में दबाव)। ग. बड़ों और परिवार से संवाद, कानून की जानकारी, पूजा की बात सुरक्षित ढंग से सुनना, न मानें तो प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट से निषेधाज्ञा का आवेदन (धारा 13; तात्कालिक स्थिति में अंतरिम निषेधाज्ञा भी संभव), साथ में छात्रवृत्ति का रास्ता (धीमा; पर स्थायी)।
- सर्वश्रेष्ठ
- ग। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006: लड़की 18 वर्ष से कम हो तो बच्ची है; प्रतिषेध अधिकारी का काम रोकथाम, साक्ष्य और जागरूकता है (धारा 16) और वह धारा 13 में न्यायालय से निषेधाज्ञा माँगता है; प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट निषेधाज्ञा दे सकता है, तात्कालिक स्थिति में बिना नोटिस अंतरिम निषेधाज्ञा भी; विवाह कराने, बढ़ावा देने या होने देने वाले दंडनीय हैं (धारा 10, 11)। अनुच्छेद 21 में गरिमा। यदि कोई सरकारी कर्मचारी शामिल हो तो आचरण नियम 25D।
सीख
कार्रवाई: अल्प: परिवार और बुज़ुर्गों से बात, पूजा की सुरक्षित सुनवाई, निषेधाज्ञा के आवेदन की तैयारी, विवाह स्थगन का लिखित वचन, शिक्षिका का नाम गोपनीय रखना। दीर्घ: छात्रवृत्ति और छात्रावास से जोड़ना, बुज़ुर्गों को जागरूकता का भागीदार बनाना, पंचायत स्तर पर निगरानी।
अभ्यास प्रश्न
अभ्यास प्रश्नलगभग 100 शब्द
(10 अंक, 100 शब्द) सुनीता को क्या करना चाहिए? पाँच चरणों के कार्ड से हल कीजिए।
आदर्श उत्तर
पूजा सबसे कमज़ोर हितधारक है; परिवार, बुज़ुर्ग और प्रशासन भी जुड़े हैं। मुद्दा कानून और बच्ची के हित बनाम परंपरा और आर्थिक चिंता का है। रास्ते तीन हैं: चुप रहना, अचानक पुलिस-कार्रवाई, या संवाद के साथ कानूनी रोक। चुप रहने से कानून टूटेगा; अचानक कार्रवाई से परिवार शत्रु बनेगा। मैं तीसरा चुनूँगी, क्योंकि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 में अठारह से कम आयु की लड़की बच्ची है और धारा 13 में मजिस्ट्रेट निषेधाज्ञा दे सकता है। तत्काल बुज़ुर्गों और पिता से बात करूँगी, पूजा की इच्छा सुरक्षित ढंग से जानूँगी और न मानने पर निषेधाज्ञा माँगूँगी। दीर्घकाल में छात्रवृत्ति, छात्रावास और जागरूकता चलाऊँगी।
अभ्यास प्रश्नलगभग 50 शब्द
(5 अंक, 50 शब्द) इस केस में परंपरा, कानून और बच्ची के हित का टकराव समझाइए।
आदर्श उत्तर
परंपरा का आदर करें, पर कानून और बच्ची की गरिमा ऊपर रखें; संवैधानिक मूल्य परंपरा से ऊपर हैं।
अभ्यास प्रश्नलगभग 50 शब्द
(5 अंक, 50 शब्द) ऐसे विवाह घटाने के दीर्घकालिक उपाय बताइए।
आदर्श उत्तर
शिक्षा और छात्रवृत्ति, कर्ज़ और दहेज के दबाव का हल, समुदाय के नेताओं को साथ लेना, स्कूल में उपस्थिति की निगरानी।