RAS मुख्य परीक्षा में केस स्टडी कैसे हल करें
RAS मुख्य परीक्षा, पत्र II, इकाई I (प्रशासनिक नैतिकता), बिंदु 9: "गैर-तथ्यात्मक केस स्टडी" (non-factual case studies), जो ऊपर के आठों बिंदुओं पर पूछे जा सकते हैं
- जनवरी 2026 के पाठ्यक्रम के अनुसार अद्यतन
- पढ़ने का समय: लगभग 20 मिनट (अभ्यास के 20 केस अलग पृष्ठों पर)
परीक्षा-भार (हमारी गिनती, 2018, 2021, 2023, 2024 के असली प्रश्नपत्र, इकाई I)
केस स्टडी का सीधा प्रश्न 0। फिर भी पाठ्यक्रम की पंक्ति साफ़ है, इसलिए एक भाग ग (10 अंक) जैसा प्रश्न आ सकता है। यह हमारा अनुमान है, RPSC की जानकारी नहीं
30 सेकंड का सार
याद रखें
- केस स्टडी एक गढ़ी हुई प्रशासनिक स्थिति है, जिसमें अधिकारी को तय करना है कि वह क्या करेगा। यहाँ "सही उत्तर" एक नहीं होता; तर्क के साथ चुना गया, कानून-सम्मत और मानवीय विकल्प पूरे अंक पाता है।
- हर केस पाँच चरणों से हल करें: हितधारक, मुद्दा और टकराते मूल्य, तीन विकल्प, सर्वश्रेष्ठ विकल्प (समर्थक मूल्य या कानून के साथ), अल्पकालिक और दीर्घकालिक कार्रवाई।
- शब्द-सीमा के दो स्रोत हैं। RPSC के योजना-पत्र (09-01-2026) में पत्र II की इकाई I के 7 प्रश्न 5 अंक के (50 शब्द) और 3 प्रश्न 10 अंक के (150 शब्द) हैं। 2018, 2021, 2023 और 2024 के असली प्रश्नपत्रों में 5 प्रश्न 2 अंक के (15 शब्द), 5 प्रश्न 5 अंक के (50 शब्द) और 3 प्रश्न 10 अंक के (100 शब्द) आए। RPSC स्वयं कहता है कि योजना केवल सामान्य मार्गदर्शन के लिए है और अंक तथा प्रश्न बदल सकते हैं। इसलिए नीचे 50, 100 और 150 शब्द के तीनों रूप दिए हैं।
- कानून और संहिता का नाम तभी लिखें जब पक्का हो: आचरण नियम, संविधान का अनुच्छेद, RTI अधिनियम, गीता, गांधी, नोलन के सात सिद्धांत। गलत धारा से अच्छा है सिद्धांत का नाम लिखना।
- एक पंक्ति याद रखें: "नियम से मत भागो, पर मनुष्य को मत भूलो; पहले बात, फिर लिखित, फिर ऊपर, और सबसे अंत में बाहर।"
भाग क बॉक्स (लिखने के लिए तैयार, 15 शब्द)
याद रखें
- केस स्टडी: काल्पनिक स्थिति, जिसमें मूल्य टकराते हैं और अधिकारी तर्क से निर्णय चुनता है।
- नैतिक दुविधा: दो सही या दो गलत में चुनाव, जहाँ हर विकल्प महँगा पड़ता है।
- हितधारक: वे लोग और संस्थाएँ, जिन पर निर्णय का सीधा या अप्रत्यक्ष असर पड़ता है।
पाँच चरणों का कार्ड (RAS संस्करण)
याद रखने का सूत्र: हि-मु-वि-स-क (हितधारक, मुद्दा, विकल्प, सर्वश्रेष्ठ, कार्रवाई)।
| चरण | आप क्या करेंगे | एक पंक्ति का नमूना |
|---|---|---|
| 1. हितधारक | 3 से 5 पक्ष लिखें: सबसे कमज़ोर पक्ष (जो बोल नहीं सकता), आप स्वयं, वरिष्ठ, समुदाय, विभाग या संस्था। | "प्रभावित बच्चे, उनके परिवार, शिक्षक, प्रधानाध्यापिका, विभाग।" |
| 2. मुद्दा और टकराते मूल्य | एक वाक्य में बताएँ कि समस्या क्या है और कौन-से दो मूल्य खिंच रहे हैं (जैसे कर्तव्य बनाम करुणा, कानून बनाम परंपरा, निष्ठा बनाम सत्यनिष्ठा)। | "मुद्दा सत्यनिष्ठ अभिलेख बनाम करुणा का है।" |
| 3. तीन विकल्प | तीन असली रास्ते लिखें: एक आसान (अक्सर गलत), एक कठोर या नाटकीय, एक संतुलित। हर एक का एक लाभ और एक हानि। | "क. अनदेखी: शांति, पर झूठा रिकॉर्ड। ख. सख्त कार्रवाई: नियम बचा, पर बच्चे हारे। ग. ..." |
| 4. सर्वश्रेष्ठ विकल्प | एक विकल्प चुनें और कारण में एक नियम, कानून, संविधान, गीता, गांधी या नोलन का सिद्धांत जोड़ें। | "मैं (ग) चुनूँगी, क्योंकि आचरण नियम पूर्ण सत्यनिष्ठा माँगते हैं।" |
| 5. कार्रवाई | अल्पकालिक (आज से कुछ सप्ताह) और दीर्घकालिक (व्यवस्था में सुधार) दोनों लिखें। | "तत्काल सुधार; दीर्घकाल में पारदर्शी नीति।" |
कार्ड कब छोटा करें। प्रश्न की अंक-सीमा और शब्द-सीमा में रहें। 5 अंक में चरण 1 और 2 एक वाक्य में मिल जाते हैं; 10 अंक में सब चरण दिखें।
समय और शब्द का बँटवारा
दो पैटर्न, दोनों 65 अंक। (1) RPSC योजना-पत्र, 09-01-2026: इकाई I = 7 प्रश्न × 5 अंक (50 शब्द) + 3 प्रश्न × 10 अंक (150 शब्द)। (2) असली प्रश्नपत्र 2018, 2021, 2023, 2024: 5 प्रश्न × 2 अंक (15 शब्द) + 5 प्रश्न × 5 अंक (50 शब्द) + 3 प्रश्न × 10 अंक (100 शब्द)। RPSC की टिप्पणी के अनुसार योजना केवल सामान्य मार्गदर्शन के लिए है; अंक और प्रश्नों की संख्या बदल सकती है। इसलिए हर केस को 50, 100 और 150 शब्द में हल करने का अभ्यास करें, और परीक्षा में प्रश्नपत्र पर छपी शब्द-सीमा ही मानें।
RPSC पत्र का कुल समय और कुल अंक देखकर अपना अनुपात निकालें (कुल समय ÷ कुल अंक = प्रति अंक मिनट)। नीचे का बँटवारा हमारा सुझाव है, RPSC का नियम नहीं।
| संस्करण | कुल शब्द | हितधारक + मुद्दा | विकल्प | सर्वश्रेष्ठ + समर्थन | कार्रवाई | सुझाया समय |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 5 अंक (संक्षिप्त) | लगभग 50 | 12 | 12 | 14 | 12 | पढ़ना 1 मिनट, सोचना 1 मिनट, लिखना 3 मिनट |
| 10 अंक (सामान्य, असली पत्रों जैसा) | लगभग 100 | 20 | 25 | 30 | 25 | पढ़ना 2 मिनट, सोचना 2 मिनट, लिखना 6 मिनट |
| 10 अंक (विस्तृत, योजना-पत्र के 150 शब्द) | लगभग 150 | 35 | 40 | 40 | 35 | पढ़ना 2 मिनट, सोचना 3 मिनट, लिखना 8 मिनट |
सुझाव: (क) केस को दो बार पढ़ें; पहली बार कहानी, दूसरी बार नाम, पद, तारीख, सीमा और "कौन क्या माँग रहा है" पर रेखा खींचें। (ख) रफ़ में पाँच शीर्षक लिखें (हि, मु, वि, स, क), फिर उत्तर लिखें। (ग) विकल्पों को एक पंक्ति में निपटाएँ; शब्द सर्वश्रेष्ठ विकल्प और कार्रवाई के लिए बचाएँ।
क्या करें और क्या न करें
| करें | न करें |
|---|---|
| अधिकारी की भूमिका में "मैं" लिखें और ठोस क्रिया (बुलाऊँगा, लिखूँगा, जाँचूँगा) लें | "सरकार को चाहिए" जैसे सामान्य उपदेश लिखें |
| सबसे कमज़ोर पक्ष को हितधारकों में पहले रखें | केवल अपने या वरिष्ठ के हित देखें |
| दोनों ओर का तर्क दें, फिर चुनें | एक ही विकल्प लिखकर बाकी को ऐसे ही छोड़ दें |
| सीढ़ी अपनाएँ: बात, लिखित, वरिष्ठ, उच्च प्राधिकारी, बाहरी एजेंसी (सबसे अंत में) | सीधे मीडिया, इस्तीफ़े या सार्वजनिक भंडाफोड़ से शुरू करें |
| केस में दिए तथ्यों पर टिके रहें; जो पता नहीं, उसे "जाँच करूँगा" लिखें | नए तथ्य गढ़ें ("मान लीजिए ठेकेदार दोषी है") |
| किसी भी पक्ष को सम्मान दें, चाहे वह दोषी लगे | किसी समुदाय, पद या व्यक्ति को सीधे गलत ठहराएँ |
| वैध उद्देश्य बचाएँ (रिसाव-नियंत्रण, समय पर काम) और साधन सुधारें | केवल "नहीं" कहकर लक्ष्य छोड़ दें |
कानून और संहिता का उपयोग कैसे करें
| स्रोत | क्या देता है | लिखने की सुरक्षित पंक्ति | सावधानी |
|---|---|---|---|
| राजस्थान सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1971 | सरकारी सेवक के दायित्व। नियम 3(1) (सदैव (i) पूर्ण सत्यनिष्ठा और (ii) कर्तव्य-निष्ठा तथा पद की गरिमा), नियम 3(2)(i) (पर्यवेक्षी पद वाला अधीनस्थों की सत्यनिष्ठा सुनिश्चित करे), नियम 4(iii) (गुमनाम या छद्म नाम की याचिका अनुचित आचरण), नियम 5 (पुत्र, पुत्री या आश्रित को ऐसी निजी फ़र्म में नौकरी, जिससे आधिकारिक संबंध हो, सरकार की पूर्व स्वीकृति से; अत्यावश्यक हो तो अस्थायी स्वीकृति और तुरंत सूचना), नियम 7(1) (किसी राजनीतिक दल की सदस्यता या उससे जुड़ाव नहीं), नियम 10 (प्रेस या रेडियो से संबंध), नियम 11 (सरकार की आलोचना), नियम 13 (सूचना का अनधिकृत संप्रेषण), नियम 15 (उपहार), नियम 25D (बाल विवाह में भाग लेने या कराने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई) | "आचरण नियम 3(1) सदैव पूर्ण सत्यनिष्ठा माँगता है।" | नियम और उप-नियम राजस्थान सरकार की PDF के अनुसार हैं; उप-खंड तभी लिखें जब पक्का हो |
| केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1964 | केंद्रीय सेवकों का समानांतर नियम; नियम 3(1)(i) पूर्ण सत्यनिष्ठा, नियम 5 राजनीति | RAS में पहले राज्य के नियम का नाम लें | राज्य सेवक पर लागू नियम राज्य के हैं |
| संविधान | अनुच्छेद 14 (समता), 15 (भेदभाव-निषेध), 16 (लोक रोज़गार में अवसर), 17 (अस्पृश्यता का अंत), 19(1)(क) (अभिव्यक्ति), 21 (जीवन और गरिमा), 21क (6 से 14 वर्ष की शिक्षा), 25(1) (धर्म की स्वतंत्रता, लोक-व्यवस्था के अधीन), 47 (पोषण और जनस्वास्थ्य राज्य का प्राथमिक कर्तव्य), 48क (पर्यावरण की रक्षा का प्रयास), 51क(छ) (प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा नागरिक का कर्तव्य) | "अनुच्छेद 14 समानता की रक्षा करता है।" | अनुच्छेद का सीधा अर्थ लिखें, मामले की धारा नहीं गढ़ें |
| RTI अधिनियम, 2005 | धारा 4 (स्वतः प्रकटीकरण), 7(1) (30 दिन; जीवन और स्वतंत्रता के मामले में 48 घंटे), 19 (अपील), 20 (दंड) | "30 दिन में जवाब देना कानूनी दायित्व है।" | धारा 8(1)(ञ) डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 की धारा 44(3) से बदली है (13 नवंबर 2025 से लागू); अब वह केवल "व्यक्तिगत जानकारी" पर टिकी है और पुरानी जन-हित की शर्त हटी बताई जाती है। उत्तर में सिर्फ़ "निजी जानकारी की सीमा" लिखें |
| भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 | धारा 7 (लोक सेवक द्वारा अनुचित लाभ), धारा 8 (रिश्वत देना; जिसे मजबूर किया गया हो और जो 7 दिन में रिपोर्ट करे, उस पर लागू नहीं), धारा 17क (निर्णय-संबंधी जाँच से पहले अनुमति; रंगे हाथ पकड़ने पर नहीं; जनवरी 2026 में सर्वोच्च न्यायालय का विभाजित निर्णय आया और मामला बड़ी पीठ को गया, तब तक धारा लागू है) | "अनुचित लाभ लेना भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में अपराध है।" | धारा का नाम तभी लें जब केस साफ़ रिश्वत का हो |
| बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 | लड़की 18 वर्ष से और लड़का 21 वर्ष से कम हो तो "बच्चा"। धारा 13: प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट या महानगर मजिस्ट्रेट निषेधाज्ञा देता है (प्रतिषेध अधिकारी के आवेदन पर, किसी की शिकायत पर या स्वतः); तात्कालिक स्थिति में बिना नोटिस अंतरिम निषेधाज्ञा। धारा 16: प्रतिषेध अधिकारी का काम रोकथाम, साक्ष्य, परामर्श और जागरूकता। धारा 10 और 11: विवाह कराने, बढ़ावा देने या होने देने वाले दंडनीय | "प्रतिषेध अधिकारी रोकथाम करता है और धारा 13 में न्यायालय से निषेधाज्ञा माँगता है।" | धारा की संख्या तभी लिखें जब पक्का हो; सज़ा की मात्रा लिखना ज़रूरी नहीं |
| भंडाफोड़ करने वालों की सुरक्षा | व्हिसल ब्लोअर्स प्रोटेक्शन अधिनियम, 2014 पारित है (राष्ट्रपति की स्वीकृति 9 मई 2014), पर सरकार के 11 दिसंबर 2025 के संसदीय उत्तर के अनुसार अधिसूचित नहीं हुआ; तब तक 2004 का सार्वजनिक हित प्रकटीकरण और मुखबिर संरक्षण प्रस्ताव चलता है, जिसमें केंद्रीय सतर्कता आयोग नामित एजेंसी है | "भंडाफोड़ पर अधिनियम पारित है, पर अभी लागू नहीं बताया गया।" | इसे "लागू कानून" न लिखें; राज्य कर्मचारी के लिए अपना लिखित अभिलेख और सही मार्ग ही आधार हैं |
| गीता | 2.47 (कर्म पर अधिकार, फल पर नहीं), 3.20 (लोकसंग्रह), 3.21 (श्रेष्ठ जैसा करता है, लोग वैसा करते हैं), 3.35 (स्वधर्म), 18.63 (सब विचारकर स्वयं निर्णय) | "गीता 2.47 फल की चिंता के बिना सही प्रयास सिखाती है।" | "कर्म पर अधिकार" का अर्थ परिणाम की उपेक्षा नहीं |
| गांधी | साधन-साध्य (हिंद स्वराज, 1909, अध्याय 16: बीज और वृक्ष); जंतर (गांधी के नाम से प्रचलित) | "गांधी के अनुसार साधन बीज है, साध्य वृक्ष।" | जंतर के लिए "उनके नाम से प्रचलित" लिखें |
| नोलन के सात सिद्धांत (1995) | निःस्वार्थता, सत्यनिष्ठा, वस्तुनिष्ठता, जवाबदेही, खुलापन, ईमानदारी, नेतृत्व | "नोलन का 'खुलापन' बिना वैध कारण जानकारी रोकने से मना करता है।" | ये ब्रिटेन से हैं; भारतीय कानून के साथ पूरक की तरह लिखें |
| विचारक | कांट (मनुष्य साध्य है, केवल साधन नहीं), मिल (अधिकतम का सुख), रॉल्स (सबसे कमज़ोर पहले), अंबेडकर (संवैधानिक नैतिकता; 4 नवंबर 1948 को संविधान सभा में उनका कथन: यह स्वाभाविक भाव नहीं है, इसे विकसित करना पड़ता है) | "रॉल्स के अनुसार नियम ऐसे हों कि सबसे कमज़ोर को पहले लाभ मिले।" | विचारक का नाम लें, पर उत्तर का केंद्र केस ही रहे |
सुरक्षित उद्धरण के तीन नियम। (1) जिस धारा या तारीख पर संदेह हो, उसकी जगह सिद्धांत लिखें ("RTI अधिनियम समय-सीमा तय करता है")। (2) पाठ में न मिले तो कानून मत गढ़ें। (3) एक उत्तर में दो से अधिक उद्धरण न दें; एक कानून या संहिता और एक मूल्य या विचारक पर्याप्त हैं।
पूरा हल किया हुआ उदाहरण (काल्पनिक केस / Hypothetical case)
केस: रजिस्टर में हाज़िरी, अस्पताल में शिक्षक। राजस्थान के एक जिले में खंड शिक्षा अधिकारी प्रेरणा दोपहर एक बजे एक दूर के उच्च प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण करती हैं। तीन में से दो शिक्षक हैं। विज्ञान शिक्षक दिनेश नहीं हैं, पर रजिस्टर में पूरे दिन "उपस्थित" दर्ज है। दिनेश ने स्कूल में विज्ञान कोना बनाया है और उनकी कक्षा का परिणाम खंड में सबसे अच्छा है। प्रधानाध्यापिका लता बताती हैं कि तीन महीने से दिनेश मंगलवार और शुक्रवार को ग्यारह बजे निकलते हैं, क्योंकि उनकी पत्नी का डायलिसिस 70 किलोमीटर दूर होता है। छुट्टी लेने पर वेतन कटता, इसलिए लता ने कहा "मैं सँभाल लूँगी" और रजिस्टर में हस्ताक्षर करती रहीं। अभिभावक कहते हैं, "उनसे अच्छा कोई नहीं पढ़ाता।" बोर्ड की तैयारी वाली आठवीं कक्षा बाकी दो दिन पूरी चलती है।
प्रश्न। (क) प्रेरणा को क्या करना चाहिए? (ख) इसमें कौन-से मूल्य टकराते हैं? (ग) ऐसे मामले कम करने के लिए दीर्घकालिक कदम बताइए।
चरण 1. हितधारक। विद्यार्थी (विशेषकर आठवीं), दिनेश और उनकी पत्नी, प्रधानाध्यापिका, अन्य शिक्षक (जो समान नियम में हैं), अभिभावक, विभाग, प्रेरणा।
चरण 2. मुद्दा और टकराते मूल्य। सत्यनिष्ठ अभिलेख और नियम (सच्ची हाज़िरी) बनाम करुणा और विद्यार्थियों के हित (अच्छा शिक्षक बना रहे)। साथ में प्रधानाध्यापिका द्वारा झूठी प्रविष्टि का प्रश्न।
चरण 3. तीन विकल्प
| विकल्प | लाभ | हानि |
|---|---|---|
| क. अनदेखी, परिणाम की प्रशंसा | दयालु; अच्छा शिक्षक बना रहता है | झूठा रजिस्टर चलता रहता है; दूसरे शिक्षकों को गलत संदेश; प्रेरणा स्वयं जवाबदेह |
| ख. दोनों पर तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई | नियम की रक्षा; सब पर एक पैमाना | अच्छा शिक्षक और बच्चे हारें; मानवीय कारण की अनदेखी |
| ग. सच दर्ज करें; रजिस्टर सुधरवाएँ; लिखित चेतावनी; दिनेश से वैध अवकाश या समय-समायोजन का आवेदन; विकल्प शिक्षक | सत्य, नियम और करुणा तीनों बचते हैं; बच्चों की पढ़ाई जारी | कुछ कागज़ी काम और समय; दिनेश को वेतन-कटौती का डर बना रह सकता है |
चरण 4. सर्वश्रेष्ठ विकल्प: ग। समर्थन: राजस्थान सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1971 का नियम 3(1) (पूर्ण सत्यनिष्ठा और कर्तव्य-निष्ठा); गीता 3.21 (श्रेष्ठ जैसा करता है, लोग वैसा करते हैं); नोलन की "ईमानदारी"। करुणा नियम के भीतर रास्ता खोजे, नियम के विरुद्ध नहीं।
चरण 5. कार्रवाई। अल्पकालिक: रजिस्टर सही कराएँ; प्रधानाध्यापिका को लिखित चेतावनी; दिनेश का अवकाश या समय-समायोजन आवेदन; इन दो दोपहरों के लिए विकल्प शिक्षक; एक माह बाद समीक्षा। दीर्घकालिक: देखभाल-आवश्यकता वाले शिक्षकों के लिए पारदर्शी अवकाश और समय-समायोजन की नीति; खंड में नियमित निरीक्षण; "सब चल रहा है" की जगह सत्य-अभिलेख की संस्कृति।
आदर्श उत्तर, 10 अंक, लगभग 100 शब्द
मैं विद्यार्थियों, दिनेश जी और उनकी पत्नी, प्रधानाध्यापिका, अन्य शिक्षकों और विभाग के हित देखूँगी। मुद्दा सत्यनिष्ठ अभिलेख बनाम करुणा का है। तीन रास्ते हैं: अनदेखी, सीधी अनुशासनात्मक कार्रवाई, या सच दर्ज करके मानवीय हल। अनदेखी से झूठा रजिस्टर चलता रहेगा; सख्ती से अच्छा शिक्षक और बच्चे हारेंगे। इसलिए मैं तीसरा चुनूँगी, क्योंकि आचरण नियम 3(1) पूर्ण सत्यनिष्ठा माँगता है। तत्काल लिखित आदेश से रजिस्टर सुधरवाऊँगी, प्रधानाध्यापिका को लिखित चेतावनी दूँगी, दिनेश जी से अवकाश या समय-समायोजन का आवेदन करवाऊँगी और विकल्प शिक्षक लगाऊँगी। दीर्घकाल में देखभाल की ज़रूरत वाले शिक्षकों के लिए पारदर्शी अवकाश-नीति और नियमित निरीक्षण बनवाऊँगी।
संक्षिप्त रूप, 5 अंक, लगभग 50 शब्द
मुद्दा सत्यनिष्ठ अभिलेख बनाम करुणा का है। अनदेखी से झूठा रजिस्टर चलेगा; सख्ती से अच्छा शिक्षक और बच्चे हारेंगे। मैं सच दर्ज करूँगी, क्योंकि आचरण नियम 3(1) सत्यनिष्ठा माँगता है। रजिस्टर सुधरवाऊँगी, दिनेश जी से वैध अवकाश या समय-समायोजन का आवेदन करवाऊँगी, विकल्प शिक्षक लगाऊँगी और पारदर्शी नीति बनवाऊँगी।
विस्तृत रूप, 10 अंक, लगभग 150 शब्द
हितधारक हैं: विद्यार्थी, विशेषकर बोर्ड की तैयारी वाली आठवीं कक्षा; दिनेश जी और उनकी पत्नी; प्रधानाध्यापिका; अन्य शिक्षक; अभिभावक; विभाग और मैं। मुद्दा सत्यनिष्ठ अभिलेख बनाम करुणा और बच्चों के हित का है, साथ में प्रधानाध्यापिका की झूठी प्रविष्टि भी है। तीन विकल्प हैं। अनदेखी करूँ तो शिक्षक बचता है, पर झूठा रजिस्टर और गलत उदाहरण चलता है। दोनों पर तुरंत कार्रवाई करूँ तो नियम बचता है, पर अच्छा शिक्षक और बच्चे हारते हैं। तीसरा रास्ता है सच दर्ज करके मानवीय हल। मैं तीसरा चुनूँगी, क्योंकि राजस्थान सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1971 का नियम 3(1) पूर्ण सत्यनिष्ठा माँगता है और गीता 3.21 के अनुसार श्रेष्ठ का आचरण ही लोगों का मानक बनता है। तत्काल रजिस्टर सुधरवाऊँगी, प्रधानाध्यापिका को लिखित चेतावनी दूँगी, दिनेश जी से अवकाश या समय-समायोजन का आवेदन करवाऊँगी, विकल्प शिक्षक लगाऊँगी और एक माह बाद समीक्षा करूँगी। दीर्घकाल में पारदर्शी नीति बनवाऊँगी।
इस उदाहरण से सीख। तीनों रूपों में वही रीढ़ है (मुद्दा, विकल्प, चुनाव और कारण, कार्रवाई); बस शब्द घटते-बढ़ते हैं।
उत्तर का साँचा (खाली जगह भरें, लगभग 100 शब्द)
"इस मामले में [हितधारक 1, 2, 3 और सबसे कमज़ोर पक्ष] का हित दाँव पर है। मुद्दा [मूल्य 1] बनाम [मूल्य 2] का है। मेरे पास तीन रास्ते हैं: (क) [आसान रास्ता], पर [हानि]; (ख) [कठोर रास्ता], पर [हानि]; (ग) [संतुलित रास्ता], जिसमें [लाभ]। मैं (ग) चुनूँगा/चुनूँगी, क्योंकि [नियम, कानून, संविधान, गीता, गांधी या नोलन का एक सिद्धांत]। तत्काल मैं [दो ठोस कदम, लिखित में] करूँगा/करूँगी। दीर्घकाल में [व्यवस्था में एक सुधार] करवाऊँगा/करवाऊँगी।"
उत्तर की रीढ़: परिचय (हितधारक और मुद्दा, 2 पंक्तियाँ) → मुख्य भाग (तीन विकल्प, एक-एक पंक्ति) → निष्कर्ष (चुनाव और समर्थन) → मूल्य-वर्धन (अल्प और दीर्घकालिक कदम)।
स्व-मूल्यांकन सूची (रुब्रिक)
हर पंक्ति को 0 (नहीं), 1 (आंशिक) या 2 (पूरा) अंक दें। कुल 20।
| # | कसौटी | 0 / 1 / 2 |
|---|---|---|
| 1 | कम से कम तीन हितधारक, जिनमें सबसे कमज़ोर पक्ष शामिल | |
| 2 | मुद्दा एक वाक्य में, दो टकराते मूल्यों के नाम के साथ | |
| 3 | तीन वास्तविक विकल्प (केवल एक असली और दो पुतले नहीं) | |
| 4 | हर विकल्प का एक लाभ और एक हानि | |
| 5 | एक विकल्प स्पष्ट रूप से चुना गया और कारण दिया गया | |
| 6 | कम से कम एक सही उद्धृत नियम, कानून, संहिता या विचारक का समर्थन | |
| 7 | अल्पकालिक और दीर्घकालिक, दोनों कार्रवाई | |
| 8 | कोई नया तथ्य नहीं गढ़ा; कोई कानून नहीं तोड़ा; जो पता नहीं उसकी जाँच लिखी | |
| 9 | मानवीय और अनुपातिक: बात, लिखित, वरिष्ठ, उच्च प्राधिकारी, बाहरी एजेंसी (सबसे अंत में) | |
| 10 | शब्द-सीमा में, पहले पुरुष ("मैं") में, साफ़ और सरल भाषा |
अंक। 16 से 20: परीक्षा के लिए तैयार। 11 से 15: एक-दो कसौटियाँ सुधारें (अक्सर 3, 6 या 9)। 10 या कम: कार्ड दोबारा पढ़ें और वही केस फिर से हल करें।
20 अभ्यास केस का नक्शा
| केस | शीर्षक | पाठ्यक्रम बिंदु | कठिनाई |
|---|---|---|---|
| 9.1 | विवाह की तिथि और दसवीं की छात्रा | 1 मूल्य, परिवार, समाज | मध्यम |
| 9.2 | परीक्षा केंद्र पर "सहयोग" | 1 मूल्य, शिक्षा, समाज | सरल |
| 9.3 | जोहड़ का आगौर और पीढ़ियों का ऋण | 2 ऋत, ऋण, कर्तव्य | मध्यम |
| 9.4 | यात्रा-भत्ते का बिल | 3 सत्यनिष्ठा | सरल |
| 9.5 | एक गली, दो जुलूस | 3 निष्पक्षता | मध्यम |
| 9.6 | शिविर में पार्टी का झंडा | 3 अराजनीतिकता | मध्यम |
| 9.7 | माप-पुस्तिका की माँग | 3 पारदर्शिता, RTI | सरल |
| 9.8 | वायरल वीडियो और पहला बयान | 3 मीडिया | मध्यम |
| 9.9 | तालिका में सबसे ऊपर | 4 गीता | मध्यम |
| 9.10 | नामों की दीवार | 5 गांधी: साधन-साध्य | कठिन |
| 9.11 | सौर पंपों की एक सूची | 5 गांधी: जंतर | सरल |
| 9.12 | पानी के टैंकरों का बँटवारा | 6 नैतिक चिंतक | कठिन |
| 9.13 | शादी की घोड़ी | 6 अंबेडकर, संवैधानिक नैतिकता | कठिन |
| 9.14 | बेटे के लिए नौकरी का प्रस्ताव | 7 हितों का टकराव | मध्यम |
| 9.15 | "चाय-पानी" की रफ़्तार | 7 भ्रष्टाचार | मध्यम |
| 9.16 | माप का अंतर | 7 व्हिसलब्लोइंग | कठिन |
| 9.17 | स्वयं सहायता समूह और आटा | 7 दो सही में चुनाव | कठिन |
| 9.18 | "98 प्रतिशत निस्तारण" | 7 AI बनाम अंतरात्मा | मध्यम |
| 9.19 | AI से लिखा आदेश | 7 AI बनाम अंतरात्मा | मध्यम |
| 9.20 | नौ विद्यालय-विलय की फ़ाइलें | 8 निर्णय का आधार, तर्कसंगतता, जवाबदेही | कठिन |
अभ्यास की योजना (हमारा सुझाव)। पहले केस को बिना समय देखे 150 शब्द में हल करें; फिर वही केस 100 शब्द और 8 मिनट में; फिर 50 शब्द में। इसके बाद आदर्श हल से मिलाकर रुब्रिक से अंक दें।
सामान्य गलतियाँ
केवल उपदेश लिख देना ("ईमानदारी ज़रूरी है") और यह न बताना कि अधिकारी कल सुबह क्या करेगा।
पहला कदम ही नाटकीय रखना: मीडिया को बताना, इस्तीफ़ा या सीधे निलंबन। पहले बात और लिखित रास्ता अपनाएँ।
केस में दिए तथ्य बदल देना या अनजाने कानून की धारा गढ़ देना।
स्वयं जाँचें (5 प्रश्न)
1. पाँच चरण कौन-से हैं? (हि-मु-वि-स-क)
2. 10 अंक के उत्तर में शब्द कैसे बँटते हैं? (लगभग 20, 25, 30, 25)
3. बाहरी एजेंसी या मीडिया का रास्ता सीढ़ी में कहाँ आता है? (सबसे अंत में)
4. आचरण नियम 3(1) क्या माँगता है? (सदैव पूर्ण सत्यनिष्ठा, कर्तव्य-निष्ठा और पद की गरिमा)
5. जिस धारा पर संदेह हो, उसकी जगह क्या लिखें? (सिद्धांत का नाम)
एक पेज में दोहराव
- हि-मु-वि-स-क: हितधारक (कमज़ोर पक्ष पहले)
- मुद्दा (दो मूल्य)
- तीन विकल्प (आसान, कठोर, संतुलित)
- सर्वश्रेष्ठ (नियम या मूल्य के साथ)
- कार्रवाई (अल्प और दीर्घ)
- 50/100/150 शब्द: 12-12-14-12, 20-25-30-25, 35-40-40-35
- सीढ़ी: बात, लिखित, वरिष्ठ, उच्च प्राधिकारी, बाहर (अंत में)
- आचरण नियम 3(1)
- अनुच्छेद 14, 21
- RTI धारा 7(1): 30 दिन
- गीता 2.47, 3.21
- हिंद स्वराज अध्याय 16
- नोलन के सात सिद्धांत
- केस में तथ्य न गढ़ें
- कानून पर संदेह हो तो सिद्धांत लिखें।