केस 9.5: एक गली, दो जुलूस
- काल्पनिक केस
- कठिनाई
- मध्यम
- पाठ्यक्रम बिंदु
- 3: निष्पक्षता
- परखे जाने वाले मूल्य और कानून
- निष्पक्षता और निष्पक्ष दिखना, समान के साथ समान व्यवहार, कानून-व्यवस्था; अनुच्छेद 14, 15 और 25(1); आचरण नियम 3(1), नोलन की "वस्तुनिष्ठता"
उदाहरण (काल्पनिक)एक गली, दो जुलूस
राजस्थान के एक कस्बे में मोहन उप-जिला मजिस्ट्रेट (SDM) हैं। दो समुदायों की समितियों ने एक ही दिन अपनी वार्षिक शोभा-यात्रा के लिए उसी पुरानी गली का रास्ता माँगा है। दोनों का कहना है कि यह उनकी पुरानी परंपरा है। मोहन के एक रिश्तेदार एक समिति के पदाधिकारी हैं और दूसरी समिति के अध्यक्ष स्कूल के उनके पुराने दोस्त हैं। थाना प्रभारी सलाह देते हैं, "बड़ी समिति को रास्ता दे दीजिए, छोटी को बाद में समझा देंगे।" दूसरी समिति को शक है कि फ़ैसला पहले से तय है। दो घंटे में सूचना देनी है। दोनों समितियों ने सैकड़ों हस्ताक्षरों वाले लिखित आवेदन भेजे हैं और दोनों कहती हैं कि अनुमति मिले या न मिले, वे जुलूस निकालेंगी। मोहन ने अपने निजी संबंधों की बात अब तक किसी को नहीं बताई है।
- हितधारक
- दोनों समितियाँ और उनके अनुयायी, गली के निवासी, पुलिस, मोहन, जिला प्रशासन, शहर की शांति। सबसे कमज़ोर पक्ष: अशांति का सबसे अधिक जोखिम झेलने वाले गरीब परिवार और पास के छोटे दुकानदार।
- मुद्दा
- निष्पक्षता और कानून-व्यवस्था बनाम निजी संबंध और "बड़े पक्ष" का दबाव।
- विकल्प
- क. थाना-प्रभारी की सलाह मानकर बड़ी समिति को रास्ता देना (आसान; पर पक्षपात, तनाव)। ख. दोनों को मना करके यात्राएँ बंद करना (निष्पक्ष दिखता है; पर दोनों के धार्मिक-सांस्कृतिक अधिकार पर अनुचित रोक)। ग. सार्वजनिक, समान मानदंड बनाना: अलग समय या अलग मार्ग, दोनों की लिखित सहमति, समान सुरक्षा, और अपने निजी संबंध की घोषणा।
- सर्वश्रेष्ठ
- ग। अनुच्छेद 14 (समता), 15 (भेदभाव-निषेध), 25(1) (धर्म की स्वतंत्रता, लोक-व्यवस्था के अधीन); आचरण नियम 3(1) (सत्यनिष्ठा और कर्तव्य-निष्ठा); नोलन की "वस्तुनिष्ठता"; रॉल्स का "अज्ञान का परदा" (नियम ऐसा बने जो अपनी स्थिति जाने बिना स्वीकार हो)।
सीख
कार्रवाई: अल्प: दोनों समितियों को एक साथ बुलाना, समय और मार्ग के लिखित आदेश, समान पुलिस-बल, अपने परिचय की सूचना जिला कलेक्टर को। दीर्घ: वार्षिक जुलूस-कैलेंडर और पारदर्शी नियम, दोनों समितियों की संयुक्त शांति-समिति।
अभ्यास प्रश्न
अभ्यास प्रश्नलगभग 100 शब्द
(10 अंक, 100 शब्द) मोहन को क्या निर्णय लेना चाहिए? पाँच चरणों से हल कीजिए।
आदर्श उत्तर
हितधारक हैं दोनों समितियाँ, गली के निवासी, पुलिस, प्रशासन और मैं। मुद्दा निष्पक्षता और कानून-व्यवस्था बनाम निजी संबंध और बड़े पक्ष के दबाव का है। विकल्प: बड़ी समिति को रास्ता देना, दोनों को रोकना, या समान मानदंड से समय और मार्ग तय करना। पहला पक्षपात है; दूसरा अधिकार छीनता है। मैं तीसरा चुनूँगा, क्योंकि अनुच्छेद 14 समता और अनुच्छेद 25(1) लोक-व्यवस्था के अधीन धर्म-स्वतंत्रता की रक्षा करते हैं। तत्काल दोनों को साथ बुलाऊँगा, समय और मार्ग का लिखित आदेश दूँगा और अपने संबंधों की सूचना कलेक्टर को दूँगा। दीर्घकाल में वार्षिक जुलूस-कैलेंडर और दोनों की संयुक्त शांति-समिति बनवाऊँगा।
अभ्यास प्रश्नलगभग 50 शब्द
(5 अंक, 50 शब्द) "निष्पक्ष होना" और "निष्पक्ष दिखना" में क्या अंतर है?
आदर्श उत्तर
निष्पक्ष होना मन और निर्णय में पक्षपात न रखना है; निष्पक्ष दिखना लोगों का भरोसा बनाना है, इसलिए प्रक्रिया खुली और लिखित हो।
अभ्यास प्रश्नलगभग 50 शब्द
(5 अंक, 50 शब्द) मोहन अपने निजी संबंधों की घोषणा कैसे करें?
आदर्श उत्तर
संबंध की घोषणा वरिष्ठ को लिखित में; ज़रूरत पड़े तो निर्णय का एक भाग दूसरे अधिकारी को सौंपना।