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पेपर I · इकाई III

डिजिटल मार्केटिंग (Digital Marketing)

जब ग्राहक की जेब में फ़ोन है, तो विपणन भी वहीं पहुँचता है। पर इसी सुविधा के साथ आँकड़ों की निजता और भ्रामक डिज़ाइन के नियम भी जुड़ते हैं।

  • SEO
  • SEM
  • सोशल मीडिया
  • ईमेल और कंटेंट
  • इन्फ़्लुएंसर
  • CTR, CPC, CPA
  • DPDP अधिनियम
3 अक्टूबर 2026 को सत्यापित

सिलेबस में

RPSC सिलेबस (09-01-2026), पेपर I, इकाई III, भाग B (Management): "Marketing Management: concept and scope; marketing mix: product, pricing, promotion and physical distribution; service and digital marketing." यह पृष्ठ "digital marketing" वाले हिस्से को कवर करता है।

इस विषय को क्यों पढ़ें

याद रखें

  • सिलेबस में “digital marketing” का नाम सीधे आता है। 2013-2024 के उपलब्ध पेपरों में इस पर कोई सीधा प्रश्न नहीं मिला, इसलिए नए विषय के रूप में पहले से तैयारी की जाए तो यह कम भीड़ वाला फ़ायदा देता है।
  • SEO, SEM, सोशल मीडिया, ईमेल, कंटेंट और इन्फ़्लुएंसर, और CTR, CPC, CPA जैसे मेट्रिक्स, बहुविकल्पी, 2 अंक और 5 अंक, तीनों रूपों के लिए पर्याप्त सामग्री देते हैं।
  • भारत का नियामक पक्ष (DPDP अधिनियम 2023, डार्क-पैटर्न दिशानिर्देश, प्रभावक-समर्थन के नियम) उत्तर को सामान्य विपणन से हटाकर भारतीय संदर्भ देता है।

पहले सरल भाषा में: मोहल्ले की दुकान से फ़ोन की स्क्रीन तक

पहले मोहल्ले का दुकानदार अपने ग्राहकों को पहचानता था: किसे कौन-सा बिस्कुट पसंद है, कौन उधार पर लेता है। जब वह पर्चा बाँटता था तो हर घर को एक-सा पर्चा जाता था। अब मान लीजिए वही दुकानदार अपने ग्राहकों के फ़ोन पर संदेश भेजता है: “आपका पसंदीदा बिस्कुट आ गया है, आज की छूट सिर्फ़ आपके लिए।” किसी ने संदेश खोला या नहीं, किसने क्लिक किया, किसने ऑर्डर किया, यह सब गिना जा सकता है। यही डिजिटल मार्केटिंग का बड़ा बदलाव है: तेज़, लक्षित और मापने योग्य।

पर इसी के साथ दो नई ज़िम्मेदारियाँ भी हैं। एक, ग्राहक के आँकड़े (फ़ोन नंबर, पसंद, ख़रीद का इतिहास) बिना उसकी इजाज़त के इस्तेमाल नहीं हो सकते। दो, छूट, “सिर्फ़ दो पीस बचे” जैसे संदेश या झूठी तात्कालिकता से ग्राहक को चकमा नहीं दिया जा सकता। भारत के क़ानून इन्हीं दो बिंदुओं पर बने हैं।

डिजिटल मार्केटिंग क्या है और इसके दायरे में क्या आता है

डिजिटल मार्केटिंग इंटरनेट और डिजिटल तकनीक के ज़रिये ग्राहकों तक पहुँचने का विपणन है। OpenStax (13.1) संवर्द्धन मिश्रण में इंटरनेट या डिजिटल विपणन को ऐसे रूप में गिनता है जिसमें तकनीक के प्रयोग से ग्राहकों तक उनके संपर्क के कई बिंदुओं पर पहुँचा जाता है। इसके प्रमुख रूप हैं: वेबसाइट विपणन, खोज-इंजन विपणन (SEO और SEM), सोशल मीडिया विपणन, ईमेल विपणन, कंटेंट विपणन, ऑनलाइन वीडियो, ब्लॉग, इन्फ़्लुएंसर विपणन और मोबाइल विपणन।

पारंपरिक विज्ञापन (अख़बार, टीवी) से इसका सबसे बड़ा अंतर है कि यहाँ प्रतिक्रिया तुरंत और मापने योग्य है, और संदेश को हर ग्राहक-वर्ग के अनुसार बदला जा सकता है। NCERT के अनुसार पारंपरिक विज्ञापन में सीधी प्रतिक्रिया नहीं मिलती; डिजिटल माध्यम इस कमी को काफ़ी हद तक दूर करता है।

खोज-इंजन विपणन: SEO और SEM

जब कोई उपयोगकर्ता खोज-इंजन में कुछ खोजता है तो परिणाम का पन्ना SERP (Search Engine Results Page) कहलाता है। OpenStax (16.3) के अनुसार SERP पर दो तरह की सूचियाँ दिखती हैं। एक, भुगतान की हुई (Paid Search): विपणनकर्ता खोज-इंजन को पैसा देकर अपने विज्ञापन SERP के ऊपर या नीचे “प्रायोजित” जगहों पर लगवाते हैं। वे “की-वर्ड” पर नीलामी में बोली लगाते हैं, और बोली पर्याप्त ऊँची हो तो ऊपर की जगह मिल जाती है। दूसरी, जैविक (Organic Search): जिन वेबसाइटों के लिए किसी ने भुगतान नहीं किया, और जिन्हें खोज-इंजन अपने एल्गोरिद्म से खोजे गए शब्दों के लिए प्रासंगिक मानकर दिखाता है।

इसी विभाजन से दोनों शब्द बनते हैं। खोज-इंजन विपणन (Search Engine Marketing, SEM): MSU की सामग्री इसे भुगतान किए गए खोज-इंजन परिणामों के ज़रिये ब्रांड का प्रचार कहती है, जिसमें की-वर्ड पर बोली लगाकर खोज-परिणाम में ऊपर दिखा जाता है। इसमें प्रत्येक क्लिक पर विज्ञापनदाता को शुल्क देना पड़ता है। खोज-इंजन अनुकूलन (Search Engine Optimization, SEO): अपनी वेबसाइट को इस तरह सुधारना कि वह जैविक (अवैतनिक) परिणामों में ऊपर दिखे। उसमें क्लिक पर सीधा भुगतान नहीं होता।

Google की “SEO Starter Guide” के अनुसार Google मुख्यतः उन पन्नों तक पहुँचता है जो पहले से खोजे गए पन्नों में लिंक के रूप में मौजूद हों, इसलिए दूसरी साइटों से लिंक मिलना अहम है; साइट का सारा ज़रूरी अंश (जैसे CSS और JavaScript) खोज-इंजन को वैसे ही दिखना चाहिए जैसे सामान्य उपयोगकर्ता को; और सुधारों के असर का आकलन करने के लिए कुछ सप्ताह रुकना चाहिए। यानी SEO धीमी पर टिकाऊ प्रक्रिया है, जबकि SEM से तुरंत दृश्यता मिलती है, पर भुगतान चलते रहने तक ही।

SEO बनाम SEM

SEO

प्रकृतिजैविक, अवैतनिक परिणाम

क्लिक पर शुल्कनहीं

गतिधीमी; असर में सप्ताह लग सकते हैं

साधनपन्नों की गुणवत्ता, लिंक, तकनीकी पहुँच

स्थायित्वअपेक्षाकृत टिकाऊ

SEM

प्रकृतिभुगतान किए गए खोज-विज्ञापन

क्लिक पर शुल्कहाँ (लागत-प्रति-क्लिक, CPC)

गतितुरंत दृश्यता

साधनकी-वर्ड पर बोली और विज्ञापन

स्थायित्वभुगतान रुकते ही विज्ञापन ग़ायब

सोशल मीडिया, मोबाइल, ईमेल, कंटेंट और इन्फ़्लुएंसर

सोशल मीडिया विपणन: OpenStax (16.2) के अनुसार सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्मों के ज़रिये ऐसी सामग्री पहुँचाना जो ब्रांड के प्रति जुड़ाव बढ़ाए। इसके लाभ हैं: अत्यधिक लक्षित (उम्र, लिंग, स्थान जैसी जनसांख्यिकी और रुचि जैसी मनोवैज्ञानिक विशेषताओं के आधार पर), उपयोगकर्ताओं का आपस में और कंपनी की सामग्री से संवाद, कंपनी की वेबसाइट पर ट्रैफ़िक लाना और आसानी से मापा जा सकना। मुख्य हानि यह है कि संदेश पर कंपनी का पूरा नियंत्रण नहीं रहता, क्योंकि उपभोक्ता कोई भी टिप्पणी कर सकते हैं, और निरंतर नई सामग्री बनाने और टिप्पणियों पर नज़र रखने में समय और धन लगता है।

ईमेल विपणन: OpenStax (16.1) के अनुसार यह अत्यंत वैयक्तिक प्रत्यक्ष विपणन है जो संबंध बनाने के लिए होता है और बहुत कम लागत पर लक्षित ग्राहकों तक पहुँचाता है। ईमेल दो प्रकार के होते हैं: ट्रांज़ैक्शनल (ख़रीद या वापसी के बाद की पुष्टि) और मार्केटिंग (प्रचार और सामग्री)। इसे अनुमति-आधारित विपणन भी कहते हैं, क्योंकि प्रचार भेजने से पहले उपभोक्ता की सहमति (opt-in) चाहिए और बाद में वह “सदस्यता समाप्त” (opt-out) का विकल्प पा सकता है।

कंटेंट विपणन: ग्राहकों के लिए मूल्यवान और प्रासंगिक सामग्री बनाना और बाँटना। OpenStax के अनुसार इसके असरदार होने के लिए सामग्री उपयोगी, प्रासंगिक, उच्च गुणवत्ता की और रोचक होनी चाहिए। चुनौती यह है कि यह निरंतर बदलता रहता है और कंपनी को लगातार नई कहानियाँ कहनी पड़ती हैं। इसी में ऑनलाइन वीडियो और ब्लॉग भी आते हैं।

इन्फ़्लुएंसर विपणन: PIB (उपभोक्ता मामले विभाग, 20 जनवरी 2023) के अनुसार कोई भी सेलिब्रिटी, इन्फ़्लुएंसर या वर्चुअल इन्फ़्लुएंसर जिसके पास दर्शक-वर्ग है और जो ख़रीद-निर्णयों को प्रभावित कर सकता है, उसे विज्ञापनदाता से अपने किसी भी वास्तविक संबंध (पैसा, मुफ़्त उत्पाद, यात्रा, छूट, उपहार, पारिवारिक या रोज़गार संबंध) का स्पष्ट खुलासा करना चाहिए। MSU की सामग्री भी इन्फ़्लुएंसर विपणन को डिजिटल विपणन के रूपों में गिनती है।

OpenStax (16.2) के अनुसार मोबाइल विपणन (Mobile Marketing) में स्मार्टफ़ोन और टैबलेट तक पहुँचने के लिए कई डिजिटल चैनलों का प्रयोग होता है। मोबाइल पर उपभोक्ता अधिक वैयक्तिक अनुभव की अपेक्षा करते हैं, इसलिए सफल रणनीति में रिस्पॉन्सिव वेब-डिज़ाइन, मोबाइल-अनुकूल ईमेल, ऐप-विकास और आसानी से याद रहने वाले वेब-पते शामिल होने चाहिए।

डिजिटल मार्केटिंग के प्रमुख रूप

रूपमूल विचारमुख्य लाभमुख्य चुनौती
SEOजैविक खोज-परिणामों में दिखनाबिना क्लिक-शुल्क के ट्रैफ़िकधीमा असर
SEMभुगतान किए खोज-विज्ञापनतुरंत दृश्यताहर क्लिक का ख़र्च
सोशल मीडियाप्लेटफ़ॉर्म पर सामग्री और विज्ञापनलक्षित, संवादात्मक, मापने योग्यसंदेश पर नियंत्रण कम
ईमेलअनुमति-आधारित व्यक्तिगत संदेशकम लागत, संबंध-निर्माणसहमति और सदस्यता-समाप्ति का पालन
कंटेंटउपयोगी सामग्री का निर्माण और वितरणविश्वास और जुड़ावनिरंतर नई सामग्री की ज़रूरत
इन्फ़्लुएंसरप्रभावशाली व्यक्ति के ज़रिये प्रचारभरोसे का लाभ, दर्शक-वर्ग तक पहुँचसंबंध का खुलासा अनिवार्य

बिक्री की कीप: जागरूकता से ख़रीद तक

  1. जागरूकता

    ट्रैफ़िक: खोज, सोशल, विज्ञापन

  2. रुचि और विचार

    वेबसाइट, पन्ने, सामग्री

  3. रूपांतरण

    ख़रीद, फ़ॉर्म-भरना या साइन-अप

  4. पुनः ख़रीद

    ईमेल और वफ़ादारी

OpenStax (16.3) बिक्री की कीप (Sales Funnel) को जागरूकता से ख़रीद तक की ग्राहक-यात्रा का दृश्य रूप कहता है; शीर्ष पर सबसे अधिक लोग होते हैं और नीचे घटते जाते हैं। चौथा चरण पृष्ठ का अपना जोड़ है।

डिजिटल मार्केटिंग के मेट्रिक्स

डिजिटल विपणन की ताक़त यह है कि इसे मापा जा सकता है। OpenStax (16.3) के अनुसार मेट्रिक्स वे लक्ष्य हैं जिन तक विपणनकर्ता पहुँचना चाहते हैं और वे मुख्यतः मात्रात्मक होते हैं। मुख्य मेट्रिक्स ये हैं। वेबसाइट ट्रैफ़िक: वेबसाइट पर कुल आगंतुक। स्रोत के अनुसार ट्रैफ़िक: आगंतुक कहाँ से आए, जैसे ईमेल, भुगतान किया खोज, जैविक खोज, भुगतान किया सोशल या एफ़िलिएट (वे लोग जो ट्रैफ़िक लाकर कमीशन पाते हैं)। रूपांतरण (Conversion): जब आगंतुक ग्राहक बन जाए, जैसे ख़रीद या साइन-अप।

क्लिक-थ्रू दर (CTR): विज्ञापन देखने वालों में से क्लिक करने वालों का प्रतिशत, जो बताता है कि विज्ञापन कितना आकर्षित कर पाया। लागत-प्रति-क्लिक (CPC): खोज-इंजन को हर क्लिक के लिए दी जाने वाली राशि, जो नीलामी की प्रतिस्पर्धा से बदलती रहती है। लागत-प्रति-अधिग्रहण (CPA): एक ग्राहक पाने की कुल लागत, यानी अभियान पर ख़र्च ÷ रूपांतरणों की संख्या; CPA जितना कम, अभियान उतना प्रभावी। इन तीनों के अलावा बाउंस दर (एक पन्ना देखकर लौट जाने वाले आगंतुकों का प्रतिशत), नए बनाम लौटने वाले आगंतुक, औसत सत्र-अवधि, पृष्ठ-दृश्य और सोशल एंगेजमेंट (लाइक, शेयर, कमेंट) भी गिने जाते हैं।

एक सावधानी OpenStax ख़ुद देता है: CPA की गणना अभियान की सामग्री बनाने और उसे चलाने में लगे संसाधनों को शामिल नहीं करती, इसलिए यह गुमराह भी कर सकती है। मेट्रिक्स का मतलब सुधार के लिए प्रयोग करना है, केवल संख्या गिनना नहीं।

मेट्रिक्स: सूत्र और अर्थ

मेट्रिकसूत्र / परिभाषाक्या बताता है
CTRक्लिक ÷ इम्प्रेशन × 100विज्ञापन कितना आकर्षक है
CPCविज्ञापन पर ख़र्च ÷ क्लिकएक आगंतुक लाने की लागत
रूपांतरण दररूपांतरण ÷ क्लिक या आगंतुक × 100कितने आगंतुक ग्राहक बने
CPAअभियान का ख़र्च ÷ रूपांतरण (OpenStax)एक ग्राहक पाने की लागत
बाउंस दरएक पन्ना देखकर लौटे ÷ कुल आगंतुक × 100पन्ना या ट्रैफ़िक कितना उपयुक्त है

CTR, CPC, CPA की परिभाषाएँ OpenStax 16.3 से; CTR और रूपांतरण दर के सूत्र का रूप उसी परिभाषा का गणितीय लेखन है।

भारत में डिजिटल विपणन का संदर्भ: कितने लोग जुड़े हैं

डिजिटल मार्केटिंग का आधार इंटरनेट की पहुँच है। TRAI की प्रेस विज्ञप्ति सं. 63/2026 (26 मई 2026) के अनुसार भारत में कुल ब्रॉडबैंड ग्राहक अप्रैल 2026 के अंत में 1073.44 मिलियन थे, जो मार्च 2026 के अंत में 1065.88 मिलियन थे। PIB में वही आँकड़ा वायरलेस और वायरलाइन के योग के रूप में दिया गया है।

भुगतान की दृष्टि से PIB (वित्त मंत्रालय, 20 जुलाई 2026) के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में UPI से 24,161.69 करोड़ लेन-देन हुए। विश्लेषण (स्रोत का दावा नहीं): ऑनलाइन ख़रीदने का अंतिम चरण, यानी भुगतान, आम उपभोक्ता के लिए आसान हो गया है, जिससे रूपांतरण की संभावना बढ़ सकती है।

नैतिक मुद्दे और भारतीय कानूनी ढाँचा

OpenStax (16.4) के अनुसार डिजिटल विपणन की लक्षित क्षमता के कारण कंपनियों के पास नाम, ईमेल, फ़ोन, रुचियाँ और ख़रीद-व्यवहार जैसे बहुत से निजी आँकड़े होते हैं, और उपभोक्ता निजता को लेकर चिंतित हैं। इसलिए पारदर्शिता (कौन-सा आँकड़ा, किसलिए) और उपभोक्ता का नियंत्रण प्रमुख नैतिक प्रश्न हैं। ग्राहक-समीक्षाएँ भी महत्त्वपूर्ण हैं क्योंकि उपभोक्ता उन्हें कंपनी के अपने संदेशों से अधिक विश्वसनीय मानते हैं।

भारत में डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 (DPDP Act) अधिनियम सं. 22 है, जिसे 11 अगस्त 2023 को अनुमति मिली। धारा 6(1) के अनुसार डेटा-प्रिंसिपल की सहमति स्वतंत्र, विशिष्ट, सूचित, बिना शर्त और स्पष्ट सकारात्मक कार्रवाई के साथ होनी चाहिए, और केवल उसी व्यक्तिगत डेटा तक सीमित जो निर्दिष्ट उद्देश्य के लिए आवश्यक हो। धारा 9(3) के अनुसार डेटा फ़िड्यूशियरी बच्चों की ट्रैकिंग या व्यवहार-निगरानी या उनके लिए लक्षित विज्ञापन नहीं कर सकता (धारा 9(4) में कुछ वर्गों और प्रयोजनों के लिए निर्धारित शर्तों के साथ छूट की व्यवस्था है)। PIB के अनुसार DPDP नियम, 2025 14 नवंबर 2025 को अधिसूचित हुए और उनमें अठारह माह की चरणबद्ध अनुपालन-अवधि है।

उपभोक्ता-संरक्षण के लिए केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने भ्रामक विज्ञापन और भ्रामक विज्ञापनों के समर्थन की रोकथाम के दिशानिर्देश, 2022 (9 जून 2022) और डार्क पैटर्न की रोकथाम और नियमन के दिशानिर्देश, 2023 (30 नवंबर 2023) जारी किए। PIB के अनुसार डार्क पैटर्न वे डिज़ाइन-चालें हैं जो उपभोक्ता को उसके हित के विरुद्ध चुनाव करने को भ्रमित, विवश या प्रभावित करती हैं (जैसे ड्रिप प्राइसिंग, छिपे विज्ञापन, बेट-एंड-स्विच, झूठी तात्कालिकता), और ये उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत अनुचित व्यापार व्यवहार हैं। दिशानिर्देशों में 13 डार्क पैटर्न गिनाए गए हैं। उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम, 2020 भी ई-कॉमर्स इकाइयों के दायित्व तय करते हैं।

समय-रेखा: भारत में डिजिटल विपणन के नियम

  1. 9 जून 2022

    भ्रामक विज्ञापन दिशानिर्देश

  2. 20 जनवरी 2023

    प्रभावकों के लिए Endorsements Know-hows!

  3. 11 अगस्त 2023

    DPDP अधिनियम को अनुमति

  4. 30 नवंबर 2023

    डार्क पैटर्न दिशानिर्देश

  5. 14 नवंबर 2025

    DPDP नियम अधिसूचित

तारीख़ें अलग-अलग विभागों की हैं: उपभोक्ता मामले और MeitY। क्रमबद्ध रूप से याद रखने के लिए समय-रेखा।

डिजिटल मार्केटिंग: एक नज़र में

डिजिटल मार्केटिंग

रूप

  • SEO
  • SEM
  • सोशल मीडिया
  • ईमेल
  • कंटेंट
  • इन्फ़्लुएंसर

मेट्रिक्स

  • ट्रैफ़िक
  • CTR
  • CPC
  • CPA
  • रूपांतरण
  • बाउंस दर

भारतीय संदर्भ

  • ब्रॉडबैंड ग्राहक 1073.44 मिलियन (अप्रैल 2026)
  • UPI
  • DPDP अधिनियम

नैतिकता और नियम

  • निजता और सहमति
  • डार्क पैटर्न
  • प्रभावकों का खुलासा
चार शाखाएँ: रूप, मेट्रिक्स, भारतीय संदर्भ, नैतिकता-नियम।

मुख्य तथ्य

SEO बनाम SEM
SEO जैविक (अवैतनिक); SEM भुगतान किए खोज-विज्ञापन
CPA का सूत्र (OpenStax)
अभियान का ख़र्च ÷ रूपांतरणों की संख्या
भारत के कुल ब्रॉडबैंड ग्राहक (अप्रैल 2026 के अंत)
1073.44 मिलियन
UPI लेन-देन, वित्त वर्ष 2025-26
24,161.69 करोड़
DPDP अधिनियम, 2023
अधिनियम सं. 22, अनुमति 11 अगस्त 2023
DPDP धारा 9(3)
बच्चों की ट्रैकिंग, व्यवहार-निगरानी और लक्षित विज्ञापन निषिद्ध
DPDP नियम
14 नवंबर 2025 को अधिसूचित; 18 माह का चरणबद्ध अनुपालन
डार्क पैटर्न दिशानिर्देश, 2023
30 नवंबर 2023; 13 निर्दिष्ट डार्क पैटर्न
प्रभावकों के लिए गाइड
'Endorsements Know-hows!', 20 जनवरी 2023

परीक्षा में आम ग़लतियाँ

याद रखें

  • SEO और SEM को एक ही मान लेना। SEO जैविक (अवैतनिक) है; SEM भुगतान-आधारित।
  • CTR और रूपांतरण दर में उलझ जाना। CTR विज्ञापन पर क्लिक की दर है; रूपांतरण दर क्लिक या आगंतुक में से ख़रीदने वालों की दर।
  • डिजिटल मार्केटिंग का उत्तर केवल सोशल मीडिया तक सीमित रखना। SEO, SEM, ईमेल, कंटेंट, इन्फ़्लुएंसर और मेट्रिक्स भी लिखें।
  • भारतीय क़ानून का नाम या वर्ष ग़लत लिखना। DPDP अधिनियम 2023 का है, DPDP नियम 2025 के हैं; डार्क-पैटर्न दिशानिर्देश 2023 के हैं।
  • बिना सहमति ईमेल या एसएमएस भेजने को “सामान्य” बताना। ईमेल मार्केटिंग अनुमति-आधारित है और DPDP के अनुसार सहमति स्वतंत्र, विशिष्ट और सूचित होनी चाहिए।

पिछले वर्षों के प्रश्न

2013-2024 के उपलब्ध पेपरों में इस विषय का कोई सीधा प्रश्न नहीं मिला। इसलिए नीचे दिए गए अभ्यास प्रश्न केवल अभ्यास के लिए बनाए गए हैं, PYQ नहीं हैं।