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पेपर I · इकाई III (B) · प्रबंधन

मानव संसाधन प्रबंधन (HRM): अवधारणा और कार्यक्षेत्र

HRM का अर्थ, विकास-क्रम, उद्देश्य, प्रबंधकीय और संचालन कार्य, कार्यक्षेत्र और आज का क़ानूनी संदर्भ, उत्तर-लेखन की दृष्टि से।

  • HRM
  • कार्मिक प्रबंधन
  • प्रबंधकीय कार्य
  • संचालन कार्य
3 अक्टूबर 2026 को सत्यापित

सिलेबस में

RPSC सिलेबस (09-01-2026), पेपर I, इकाई III, भाग B (Management): "Human Resource Management: concept and scope; HR planning, recruitment, selection, placement and training; performance appraisal system; modern trends in HRM." इस पृष्ठ पर "concept and scope" है। योजना, भर्ती, चयन, नियुक्ति, प्रशिक्षण और मूल्यांकन के अलग पृष्ठ हैं; सरकारी सेवाओं की भर्ती-प्रशिक्षण-पदोन्नति लोक प्रशासन वाले पृष्ठ में है, यहाँ व्यावसायिक संगठनों का HRM पढ़ा जाता है।

इस विषय को क्यों पढ़ें

याद रखें

  • सिलेबस में HRM की सूची इसी अवधारणा से शुरू होती है; योजना से मूल्यांकन तक हर पृष्ठ इसी ढाँचे (कर्मचारी का जीवन-चक्र) पर टिका है।
  • 2013-2024 के उपलब्ध पेपरों में "HRM की अवधारणा और कार्यक्षेत्र" पर सीधा प्रश्न नहीं देखा गया। HRM की शब्दावली से सबसे नज़दीकी प्रश्न 2016 का 2 अंक का "Define Induction" है, यानी HR की शब्दावली 2 अंक की परिभाषा के रूप में पूछी जा सकती है। परिभाषा, उद्देश्य और कार्य तैयार हों तो ऐसा प्रश्न तुरंत सध जाता है।
  • प्रबंधकीय बनाम संचालन कार्य और HRM बनाम कार्मिक प्रबंधन की तालिकाएँ 5 और 10 अंक के उत्तरों का तैयार ढाँचा हैं।

सरल भाषा में: HR विभाग असल में क्या करता है

एक निजी बस-सेवा की कल्पना कीजिए। बसें, डीज़ल, रूट-परमिट और टिकट-मशीनें सब हों, तब भी बस तभी चलती है जब सही चालक, परिचालक और मैकेनिक समय पर मिलें, अपना काम जानते हों, ठीक से काम करें और टिके रहें। संगठन में पैसा, मशीन और सामग्री निर्जीव संसाधन हैं। इन्हें चलाने वाले लोग ही असली पूँजी हैं। ऐसे लोगों को ढूँढ़ना, चुनना, काम पर लगाना, सिखाना, परखना, उचित वेतन और सुविधाएँ देना और उन्हें संगठन से जोड़े रखना, इन सबका सुनियोजित प्रबंध ही मानव संसाधन प्रबंधन (Human Resource Management, HRM) है।

NCERT की पाठ्यपुस्तक इसे "सही व्यक्ति, सही पद पर" की शर्त से समझाती है: संगठन अपने उद्देश्य तभी पा सकता है जब हर पद पर उपयुक्त व्यक्ति हो। इसीलिए वह स्टाफ़िंग को सरल शब्दों में "लोगों को काम पर लगाना" कहती है, जो कार्य-बल के नियोजन से शुरू होकर भर्ती, चयन, प्रशिक्षण, विकास, पदोन्नति, पारिश्रमिक और मूल्यांकन तक फैला है।

परिभाषा: उत्तर में क्या लिखें

परीक्षा-योग्य परिभाषा इस रूप में लिखी जा सकती है: मानव संसाधन प्रबंधन प्रबंधन का वह कार्य है जिसके अंतर्गत संगठन के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए कर्मचारियों की भर्ती, चयन, प्रशिक्षण, विकास, मूल्यांकन और पारिश्रमिक का नियोजन, संगठन, निर्देशन और नियंत्रण किया जाता है। OpenStax की पाठ्य-सामग्री भी इसे लोगों को नियुक्त करने, विकसित करने, प्रेरित करने और उनका मूल्यांकन करने की प्रक्रिया बताती है।

INFLIBNET (UGC) की ई-पुस्तक सामग्री में एडविन फ़्लिप्पो (Edwin B. Flippo) के नाम से यह परिभाषा उद्धृत है: मानव संसाधन प्रबंधन मानव संसाधनों की प्राप्ति (procurement), विकास, क्षतिपूर्ति (compensation), एकीकरण (integration), रखरखाव (maintenance) और पृथक्करण (separation) का नियोजन, संगठन, निर्देशन और नियंत्रण है, ताकि व्यक्तिगत, संगठनात्मक और सामाजिक उद्देश्य पूरे हों। इसी सामग्री में भारतीय कार्मिक प्रबंधन संस्थान (Indian Institute of Personnel Management) की परिभाषा भी दी गई है, जिसके अनुसार HRM उन सबकी ज़िम्मेदारी है जो लोगों का प्रबंध करते हैं और साथ ही विशेषज्ञ के रूप में नियुक्त लोगों के काम का वर्णन भी है।

दोनों परिभाषाओं का साझा बिंदु यही है कि HRM सिर्फ़ HR विभाग का काम नहीं, हर प्रबंधक की ज़िम्मेदारी भी है। NCERT के शब्दों में स्टाफ़िंग एक ओर प्रबंधन का सामान्य कार्य है (योजना, संगठन, निर्देशन, नियंत्रण की तरह), तो दूसरी ओर विपणन या वित्त की तरह एक अलग कार्यात्मक क्षेत्र भी। इसलिए उसे लाइन और स्टाफ़, दोनों रूपों वाली गतिविधि कहा गया है: प्रबंधक के रूप में आवश्यक काम और HR विभाग की सलाहकार भूमिका।

NCERT के अनुसार स्टाफ़िंग प्रबंधन का वह भाग है जो संतोषजनक और संतुष्ट कार्य-बल को प्राप्त करने, उसका उपयोग करने और उसे बनाए रखने से जुड़ा है। नए उद्यम में योजना और संगठन के बाद ही पता चलता है कि किस स्तर पर कितने और कैसे लोग चाहिए, तब भर्ती, चयन और प्रशिक्षण शुरू होते हैं। चालू उद्यम में यह निरंतर प्रक्रिया है, क्योंकि नए पद बनते रहते हैं और कुछ कर्मचारी संगठन छोड़ते रहते हैं। आज स्टाफ़िंग में दिहाड़ी मज़दूर, सलाहकार और अनुबंध पर रखे कर्मचारी, सब किसी न किसी संयोजन में आ सकते हैं।

NCERT सही स्टाफ़िंग के पाँच लाभ गिनाता है। पहला, विभिन्न पदों के लिए सक्षम कर्मचारी खोजना और पाना। दूसरा, सही व्यक्ति को सही काम पर रखकर प्रदर्शन ऊँचा करना। तीसरा, प्रबंधकों की उत्तराधिकार-योजना के ज़रिये संगठन का निरंतर अस्तित्व और विकास सुनिश्चित करना। चौथा, मानव संसाधन का अधिकतम उपयोग: ज़रूरत से ज़्यादा लोग रखने से बचकर श्रम-लागत और कम उपयोग रोकना, और कमी का पहले से संकेत देकर काम में रुकावट रोकना। पाँचवाँ, वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन और उचित पुरस्कार से कर्मचारियों का संतोष और मनोबल सुधारना। NCERT यह भी कहता है कि सही लोग न मिलें तो सामग्री, समय और ऊर्जा की बर्बादी होती है, उत्पादकता गिरती है और उद्यम अपना माल लाभ पर बेच नहीं पाता।

विकास-क्रम: कल्याण अधिकारी से HR प्रबंधक तक

NCERT के अनुसार HRM ने श्रम-कल्याण और कार्मिक प्रबंधन की पुरानी धारणा की जगह ली है, और इसकी जड़ें औद्योगिक क्रांति तक जाती हैं। ट्रेड यूनियन आंदोलन के बाद मालिकों और मज़दूरों के बीच कड़ी बनने वाले श्रम-कल्याण अधिकारी की ज़रूरत पड़ी, जिसकी भूमिका न्यूनतम कल्याण-कार्यों तक सीमित थी। फ़ैक्ट्री-प्रणाली में हज़ारों लोग एक छत के नीचे काम करने लगे, तो भर्ती, चयन और नियुक्ति एक व्यक्ति को सौंपी गई; यहीं से पहले कार्मिक अधिकारी और फिर कार्मिक प्रबंधक का पद आया। मानवीय संबंध (Human Relations) की सोच ने मनुष्य को सफलता का सबसे अहम साधन माना और तेज़ तकनीकी बदलाव ने नए कौशलों की माँग की। लोग एक ऐसे संसाधन के रूप में पहचाने गए जिसे और विकसित किया जा सकता है, और कार्मिक प्रबंधक की जगह मानव संसाधन प्रबंधक आया।

OpenStax इसी विकास को चार "तरंगों" में बाँटकर समझाती है। नीचे की तालिका उसका सार है।

HR की भूमिका की चार तरंगें

तरंगमुख्य ध्यानHR की साख किससे बनती है
पहलीप्रशासनिक काम: सेवा-शर्तें, HR सेवाओं की आपूर्ति, नियमों का पालनप्रशासनिक प्रक्रियाओं को ठीक चलाने से
दूसरीवेतन-भत्ते, सीखना, संवाद और भर्ती जैसे क्षेत्रों में नई HR पद्धतियाँसर्वोत्तम HR समाधान देने से
तीसरीHR रणनीति को व्यावसायिक रणनीति से जोड़नारणनीतिक चर्चा में HR की भागीदारी से
चौथीग्राहक, निवेशक और समुदाय को देखकर सफलता तय करना ("बाहर से भीतर" दृष्टि)ग्राहक-हिस्सेदारी, निवेशक-विश्वास और सामुदायिक छवि को सहारा देने से

HRM बनाम कार्मिक प्रबंधन

उत्तर में अंतर लिखने के लिए नीचे की तालिका काम आती है। यह NCERT और OpenStax के विवरण का संक्षेप है, इसलिए इसे विश्लेषण के रूप में पढ़ें। कई पाठ्यपुस्तकें HRM को कार्मिक प्रबंधन का नया नाम भी मानती हैं (INFLIBNET सामग्री के अनुसार HRM शब्द 1970 के दशक में प्रचलित हुआ और बहुत से लोग अब भी उसे कार्मिक प्रबंधन कहते हैं), इसलिए उत्तर में "अधिकांश लेखकों के अनुसार" या "दृष्टिकोण के स्तर पर" जैसी सावधानी अच्छी रहती है।

कार्मिक प्रबंधन और HRM में अंतर (विश्लेषण)

आधारकार्मिक प्रबंधन (परंपरागत)मानव संसाधन प्रबंधन
लोगों को देखने की दृष्टिश्रम-बल, जिसे नियंत्रित और संभाला जाएमूल्यवान संसाधन, जिसे विकसित किया जा सकता है
मुख्य ध्यानकल्याण, भर्ती, अभिलेख और प्रशासनिक कामविकास, करियर, प्रतिभा और संगठन की रणनीति
ज़िम्मेदारी किसकीमुख्यतः कार्मिक अधिकारी या विभाग कीसभी प्रबंधकों की साझा ज़िम्मेदारी, साथ में विशेषज्ञ HR विभाग
समय-दृष्टितात्कालिक, समस्या आने पर प्रतिक्रियादीर्घकालिक, पहले से योजना
व्यवसाय से रिश्तासहायक कार्यव्यावसायिक रणनीति का साझेदार
प्रमुख उपकरणअनुशासन, नियम, अभिलेखप्रशिक्षण, मूल्यांकन, प्रेरणा, उत्तराधिकार-योजना

आधार: NCERT अध्याय 6 और OpenStax, Principles of Management 11.1; विश्लेषण

HRM के उद्देश्य

INFLIBNET की पाठ्य-सामग्री में HRM का मूल उद्देश्य यह बताया गया है कि संगठन को सक्षम और इच्छुक कार्य-बल उपलब्ध रहे। इसके साथ चार उद्देश्य गिनाए गए हैं, जिन्हें नीचे के उदाहरणों के साथ याद रखना आसान है।

HRM के चार उद्देश्य

उद्देश्यअर्थउदाहरण
सामाजिक (Societal)समाज की ज़रूरतों और चुनौतियों के प्रति नैतिक और ज़िम्मेदार रहनाभर्ती में आरक्षण संबंधी नियमों और भेदभाव-निषेध क़ानूनों का पालन
संगठनात्मक (Organisational)संगठन की प्रभावशीलता बढ़ाना; HR विभाग बाक़ी संगठन की सेवा के लिए हैसमय पर सही संख्या में प्रशिक्षित कर्मचारी उपलब्ध कराना
कार्यात्मक (Functional)विभाग का योगदान संगठन की ज़रूरत के अनुरूप रखना; न कम, न अनावश्यक रूप से ज़्यादाछोटी इकाई में सरल HR प्रक्रिया, बड़ी इकाई में विशेषज्ञ प्रकोष्ठ
व्यक्तिगत (Personal)कर्मचारियों के निजी लक्ष्यों में उतनी मदद, जितनी संगठन के योगदान से मेल खाएकरियर की राह, उचित वेतन, सीखने के अवसर

आधार: INFLIBNET, HRM अध्याय 1 (वर्गीकरण उसी सामग्री का है)

HRM के कार्य: प्रबंधकीय और संचालन

HR प्रबंधक भी एक प्रबंधक है, इसलिए अपने विभाग के लिए उसे योजना, संगठन, निर्देशन और नियंत्रण करना पड़ता है। ये प्रबंधकीय कार्य (managerial functions) हैं। इनके साथ विभाग को सौंपे गए विशिष्ट काम संचालन कार्य (operative functions) कहलाते हैं। तीसरा, सलाहकार कार्य है, जिसमें HR विशेषज्ञ शीर्ष प्रबंधन और विभाग-प्रमुखों को सलाह देता है।

प्रबंधकीय कार्यों को HR के संदर्भ में ऐसे समझें। योजना में हर पद-श्रेणी की माँग और आपूर्ति का पूर्वानुमान, कमी या अधिकता का आकलन और उसे दूर करने की योजनाएँ आती हैं। संगठन में कार्यों का समूहन, कार्य-बँटवारा, अधिकार का प्रत्यायोजन और तालमेल आता है। निर्देशन का अर्थ है लोगों को इच्छा से और प्रभावी ढंग से लक्ष्य की ओर लगाना; इसके साधन हैं करियर-नियोजन, वेतन-प्रशासन, मनोबल और कल्याण। नियंत्रण में परिणामों की मानकों से तुलना, मूल्यांकन, कार्मिक-अभिलेखों की जाँच और कार्मिक-अंकेक्षण (audit) आते हैं।

संचालन कार्य: एक नज़र में

कार्यक्या होता है
रोज़गार / प्राप्ति (Employment)मानव-शक्ति की ज़रूरत तय करना, भर्ती, चयन, नियुक्ति और अभिमुखीकरण
विकास (Development)नए और पुराने कर्मचारियों का प्रशिक्षण, ऊँचे पदों के लिए तैयारी
पारिश्रमिक (Compensation)उचित और न्यायसंगत वेतन, प्रोत्साहन और लाभ तय करना; इसके लिए पद-मूल्यांकन और कार्य-मूल्यांकन काम आते हैं
रखरखाव (Maintenance)कामकाजी परिस्थितियाँ, स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण-सेवाएँ
प्रेरणा (Motivation)वित्तीय और ग़ैर-वित्तीय पुरस्कार की प्रणाली बनाने में विभाग-प्रबंधकों की मदद
कार्मिक अभिलेखप्रशिक्षण, उपलब्धि, स्थानांतरण, पदोन्नति, अनुपस्थिति और श्रम-आवर्तन के रिकॉर्ड
औद्योगिक संबंधसामूहिक सौदेबाज़ी, शिकायत-निवारण, अनुशासन और विवाद-निपटारे में भूमिका
पृथक्करण (Separation)सेवानिवृत्ति, त्यागपत्र, सेवा-समाप्ति और उनके लाभों का समय पर भुगतान

आधार: INFLIBNET, HRM अध्याय 1; NCERT अध्याय 6 में गिनाए गए HR के विशिष्ट कार्य भी यही तस्वीर देते हैं

कार्यक्षेत्र: कर्मचारी के पूरे जीवन-चक्र तक

HRM का दायरा बहुत बड़ा है, क्योंकि कर्मचारी के संगठन में आने से लेकर जाने तक के सारे प्रमुख काम इसमें आते हैं। INFLIBNET सामग्री में भारतीय कार्मिक प्रबंधन संस्थान के हवाले से दायरे के तीन पहलू बताए गए हैं: कार्मिक या श्रम पहलू (मानव-शक्ति नियोजन, भर्ती, चयन, प्रशिक्षण, पदोन्नति, पारिश्रमिक और प्रोत्साहन), कल्याण पहलू (कैंटीन, क्रेच, आवास, चिकित्सा, सुरक्षा) और औद्योगिक संबंध पहलू (यूनियन-प्रबंधन संबंध, सामूहिक सौदेबाज़ी, शिकायत और विवाद)।

OpenStax इसी दायरे को आधुनिक भाषा में कर्मचारी-जीवन-चक्र के पाँच क्षेत्रों में रखती है: HR अनुपालन, चयन-भर्ती-ऑनबोर्डिंग, प्रदर्शन-प्रबंधन, पारिश्रमिक और लाभ, तथा प्रतिभा-विकास और उत्तराधिकार-योजना। परीक्षा की दृष्टि से दोनों वर्गीकरण एक-दूसरे के पूरक हैं: पहला पारंपरिक है, दूसरा आधुनिक।

HR विभाग: छोटा संगठन बनाम बड़ा संगठन, और आज की चुनौतियाँ

NCERT के अनुसार छोटे संगठन में प्रबंधक ही वेतन, कल्याण और कामकाजी परिस्थितियों से जुड़े सारे काम सँभाल लेते हैं। संगठन बड़ा होने और कर्मचारी बढ़ने पर अलग मानव संसाधन विभाग बनता है, जिसमें लोगों के प्रबंधन के विशेषज्ञ होते हैं। बहुत बड़ी कंपनी में विभाग के भीतर भी हर कार्य के लिए अलग विशेषज्ञ होते हैं, और HR विशेषज्ञों की संख्या तथा विभाग का आकार व्यवसाय के आकार का संकेत माना जाता है। फिर भी भर्ती किसे करनी है, प्रशिक्षण से कौन-सा काम सधेगा या कौन-सा कर्मचारी पदोन्नति के लायक़ है, इन निर्णयों में सीधे संबंधित प्रबंधक की राय निर्णायक रहती है।

INFLIBNET सामग्री आज के HR प्रबंधक की चुनौतियों में वैश्वीकरण, कार्य-बल की विविधता (आयु, लिंग, शारीरिक क्षमता, शैक्षणिक पृष्ठभूमि आदि), तकनीकी बदलाव, राजनीतिक और क़ानूनी परिवेश में परिवर्तन, आर्थिक परिवेश और प्रशिक्षण की लागत बनाम ज़रूरत गिनाती है। इन चुनौतियों को परिवेश का हिस्सा समझें: यूनियन, संगठन की संस्कृति और जलवायु जैसे भीतरी कारक तथा क़ानून, श्रम-बाज़ार और अर्थव्यवस्था जैसे बाहरी कारक HR की हर गतिविधि पर असर डालते हैं। आधुनिक प्रवृत्तियों का अलग पृष्ठ है।

आज का संदर्भ: क़ानूनी अनुपालन और श्रम संहिताएँ

HR का अनुपालन वाला क्षेत्र हाल में बदला है। भारत सरकार ने चार श्रम संहिताएँ 21 नवंबर 2025 से प्रभावी की हैं: वेतन संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य तथा कार्य-दशा संहिता 2020। श्रम और रोज़गार मंत्रालय की प्रेस-विज्ञप्ति के अनुसार ये 29 मौजूदा श्रम क़ानूनों को युक्तिसंगत बनाती हैं। HR की दृष्टि से इनका सबसे सीधा असर यह है कि सभी श्रमिकों को नियुक्ति-पत्र देना अनिवार्य हुआ है; अनुपालन की सूची में इसे अब जोड़ना होगा। संहिताओं की विस्तृत धाराएँ इस पृष्ठ की सीमा से बाहर हैं।

HRM एक नज़र में

मानव संसाधन प्रबंधन

उद्देश्य

  • सामाजिक
  • संगठनात्मक
  • कार्यात्मक
  • व्यक्तिगत

प्रबंधकीय कार्य

  • योजना
  • संगठन
  • निर्देशन
  • नियंत्रण

संचालन कार्य

  • प्राप्ति
  • विकास
  • पारिश्रमिक
  • रखरखाव
  • औद्योगिक संबंध
  • पृथक्करण

सलाहकार कार्य

  • शीर्ष प्रबंधन को सलाह
  • विभाग-प्रमुखों को सलाह

कार्यक्षेत्र

  • कार्मिक पहलू
  • कल्याण पहलू
  • औद्योगिक संबंध पहलू
HRM के उद्देश्य, कार्य और कार्यक्षेत्र का सार

मुख्य तथ्य

स्टाफ़िंग का अर्थ (NCERT)
सरल शब्दों में "लोगों को काम पर लगाना"; कार्य-बल के नियोजन से शुरू होकर भर्ती, चयन, प्रशिक्षण, विकास, पदोन्नति, पारिश्रमिक और मूल्यांकन तक
HR के विशिष्ट कार्य (NCERT)
भर्ती, कार्य-विश्लेषण और विवरण, पारिश्रमिक और प्रोत्साहन योजनाएँ, प्रशिक्षण और विकास, श्रम-संबंध, शिकायत-निवारण, सामाजिक सुरक्षा और कल्याण, क़ानूनी जटिलताओं से बचाव
HRM की परिभाषा (Flippo)
प्राप्ति, विकास, क्षतिपूर्ति, एकीकरण, रखरखाव और पृथक्करण का नियोजन, संगठन, निर्देशन और नियंत्रण (INFLIBNET सामग्री में उद्धृत)
HRM के उद्देश्य
सामाजिक, संगठनात्मक, कार्यात्मक, व्यक्तिगत
HRM के कार्य
प्रबंधकीय, संचालन, सलाहकार
कर्मचारी-जीवन-चक्र के क्षेत्र
अनुपालन; चयन-भर्ती-ऑनबोर्डिंग; प्रदर्शन-प्रबंधन; पारिश्रमिक-लाभ; प्रतिभा-विकास और उत्तराधिकार-योजना
चार श्रम संहिताएँ
21 नवंबर 2025 से प्रभावी; 29 श्रम क़ानूनों को युक्तिसंगत बनाती हैं; सभी श्रमिकों को नियुक्ति-पत्र अनिवार्य (PIB, 21 नवंबर 2025)
अंतिम जाँच
2 अक्टूबर 2026

पिछले वर्षों के प्रश्नों पर टिप्पणी

2013-2024 के उपलब्ध RAS मुख्य पेपरों में "HRM की अवधारणा और कार्यक्षेत्र" पर सीधा प्रश्न नहीं देखा गया, इसलिए इस पृष्ठ पर हल किए गए पिछले प्रश्न नहीं हैं। नीचे के अभ्यास-प्रश्न मौलिक रूप से बनाए गए हैं और किसी पेपर के नहीं हैं।

परीक्षा में आम ग़लतियाँ

याद रखें

  • HRM को केवल भर्ती और वेतन का विभाग बता देना; प्रशिक्षण, मूल्यांकन, संबंध और कल्याण छूट जाते हैं।
  • प्रबंधकीय और संचालन कार्यों को आपस में मिला देना: योजना, संगठन, निर्देशन, नियंत्रण प्रबंधकीय हैं; प्राप्ति, विकास, पारिश्रमिक आदि संचालन।
  • HRM और कार्मिक प्रबंधन को "बिल्कुल अलग" या "बिल्कुल एक" लिख देना; सही संतुलन है कि दृष्टिकोण और दायरा बदला है, पर विकास-क्रम एक ही है।
  • चार उद्देश्यों में "कार्यात्मक" का अर्थ न लिख पाना; सरल रूप में: विभाग का स्तर संगठन की ज़रूरत के अनुसार रखना।
  • सरकारी सेवा की भर्ती-प्रशिक्षण-पदोन्नति को यहाँ के HRM के साथ घोल देना; वह लोक प्रशासन का अलग विषय है।