समूह-गतिकी (Group Dynamics): प्रकार, विकास के चरण, संसक्ति, सामाजिक आलस्य और संघर्ष-उद्दीपन
समूह के प्रकार, टकमैन के चरण, संसक्ति, सामाजिक आलस्य, समूह-चिंतन और संघर्ष-उद्दीपन; 2024 के दोनों प्रश्न हल सहित, सरकारी उदाहरणों के साथ।
- टकमैन
- संसक्ति
- सामाजिक आलस्य
- संघर्ष-उद्दीपन
- समूह-चिंतन
सिलेबस में
RPSC सिलेबस (09-01-2026), पेपर I, इकाई III, भाग ख (प्रबंधन): "Organisational behaviour: nature and scope, perception, motivation (concepts and theories), group dynamics and team building, organisational climate and culture." इस पृष्ठ पर समूह-गतिकी है; टीम-निर्माण अलग पृष्ठ पर है।
इस विषय को क्यों पढ़ें
याद रखें
- उपलब्ध पेपरों में यह विषय 2024 में दो बार पूछा गया: 2 अंक में 'Social Loafing' और 5 अंक में चार संघर्ष-उद्दीपन तकनीकें।
- दोनों प्रश्न सीधी परिभाषा और सूची के हैं; इसलिए सामाजिक आलस्य के कारण-उपाय और उद्दीपन की चार तकनीकें याद रखना पर्याप्त है।
- संसक्ति, समूह-चिंतन और संघर्ष एक-दूसरे से जुड़े हैं; तुलनात्मक प्रश्न में इन्हें एक साथ लिखना उत्तर को गहरा बनाता है।
समूह का अर्थ और लोग समूह में क्यों जुड़ते हैं
समूह दो या अधिक ऐसे व्यक्तियों का मेल है जो किसी साझा उद्देश्य के लिए परस्पर क्रिया करते और एक-दूसरे पर निर्भर रहते हैं। समूह-गतिकी इस बात का अध्ययन है कि समूह के भीतर कौन-सी शक्तियाँ काम करती हैं: समूह कैसे बनता है, कैसे विकसित होता है, उसके सदस्य कैसा व्यवहार करते हैं और उसका प्रदर्शन किन बातों पर निर्भर है। संगठन का काम व्यक्तियों से अधिक समूहों के ज़रिए होता है, इसलिए प्रबंधक के लिए यह विषय आवश्यक है।
INFLIBNET के अनुसार लोग समूह में कई कारणों से जुड़ते हैं: साथ और अपनापन, सुरक्षा, पहचान और प्रतिष्ठा, शक्ति और लक्ष्यों की उपलब्धि। यह सूची मास्लो की आवश्यकताओं से मेल खाती है; सामाजिक और सुरक्षा की आवश्यकताएँ समूह की सदस्यता से पूरी होती हैं, जो अभिप्रेरणा के पृष्ठ से जुड़ता है। INFLIBNET समूह की संरचना के घटक भी बताती है: भूमिकाएँ, मानदंड (norms), मूल्य, संचार के ढर्रे और हैसियत।
समूहों के प्रकार
INFLIBNET संगठन की आधिकारिक रचना से बने समूहों को औपचारिक और अनौपचारिक रचना से बने समूहों को अनौपचारिक कहती है। औपचारिक समूह दो प्रकार के हैं: आदेश समूह, जिन्हें संगठन-चार्ट तय करता है (जैसे एक अधिकारी और उसके सीधे अधीनस्थ), और कार्य समूह, जो किसी कार्य को पूरा करने के लिए साथ काम करते हैं और जिनकी सीमा तात्कालिक वरिष्ठ तक सीमित नहीं होती, वे आदेश-शृंखला पार कर सकते हैं। अनौपचारिक समूह भी दो प्रकार के हैं: रुचि समूह, जिनमें लोग किसी साझा सामाजिक उद्देश्य के लिए जुड़ते हैं, और मैत्री समूह, जो एक या अधिक साझा विशेषताओं से बनते हैं और अक्सर कार्यस्थल के बाहर भी चलते हैं। अनौपचारिक समूह सदस्यों की सामाजिक आवश्यकताएँ पूरी करते हैं।
INFLIBNET औपचारिक कार्य-समूहों के भी कई प्रकार गिनाती है, जैसे उत्पादन, सेवा, प्रबंधन, परियोजना, कार्रवाई (action) और सलाहकार समूह। परीक्षा में पहले चार मुख्य प्रकार लिखना पर्याप्त है और उदाहरण सरकारी लें (विश्लेषण): विभाग का शाखा-स्तरीय अनुक्रम आदेश समूह है, किसी योजना की समीक्षा के लिए बनी समिति कार्य समूह है, एक ही भर्ती-बैच के अधिकारियों का आपसी जुड़ाव मैत्री समूह है और किसी साझा माँग के लिए बना कर्मचारी-संघ रुचि समूह की ओर झुकता है।
समूहों के प्रकार: एक नज़र में
| वर्ग | प्रकार | आधार | सरकारी उदाहरण (विश्लेषण) |
|---|---|---|---|
| औपचारिक | आदेश समूह | संगठन-चार्ट से तय | कलेक्टर और उसके अधीनस्थ अधिकारी |
| औपचारिक | कार्य समूह | किसी कार्य या परियोजना के लिए | योजना-समीक्षा या जाँच समिति |
| अनौपचारिक | रुचि समूह | साझा सामाजिक उद्देश्य | कर्मचारी-संघ की किसी माँग के लिए जुटे लोग |
| अनौपचारिक | मैत्री समूह | साझा विशेषताएँ, आपसी लगाव | साथ चाय पीने वाले सहकर्मी या एक ही बैच के अधिकारी |
वर्गीकरण INFLIBNET (Types of groups) से; अंतिम स्तंभ समझाने के लिए जोड़ा गया विश्लेषण है।
टकमैन का समूह-विकास मॉडल
ब्रूस टकमैन का मॉडल 1965 में Psychological Bulletin के खंड 63 में छपे लेख Developmental sequence in small groups से आया (Bauer-Erdogan भी यही वर्ष देती हैं)। इसमें समूह चार चरणों से गुज़रता है, जिनमें बाद में पाँचवाँ चरण जुड़ा। INFLIBNET के अनुसार पाँचवाँ चरण टकमैन ने 1977 में जोड़ा; परीक्षा में मूल वर्ष 1965 के साथ चार चरण लिखना पर्याप्त है।
प्रारंभ (forming) में सदस्य पहली बार मिलते हैं; औपचारिकता, संकोच और अनिश्चितता रहती है, और वे पूछते हैं कि मेरी भूमिका क्या होगी और सत्ता किसके पास है। संघर्ष (storming) में सदस्य खुलकर असहमत होते हैं, अपना प्रभाव आज़माते हैं और काम के तरीक़े तथा ज़िम्मेदारी पर बहस होती है। Bauer-Erdogan इस चरण को स्वाभाविक मानती हैं और सुझाती हैं कि संघर्ष को सामान्य मानें, सबको सुना जाए और समूह को जल्दी में न धकेला जाए। मानदंड-निर्माण (norming) में समूह अपने नियम और कार्य-प्रक्रिया तय करता है; सदस्य अधिक सहयोगी और प्रतिबद्ध हो जाते हैं। निष्पादन (performing) में साझा दृष्टि और आपसी निर्भरता के साथ समूह पूरी गति से काम करता है और काम के साथ यह भी देखता है कि काम कैसे हो रहा है। समापन (adjourning) में परियोजना पूरी होने या पुनर्गठन से समूह भंग होता है।
Bauer-Erdogan के अनुसार नेतृत्व-शैली भी चरण के साथ बदलती है: आरंभ में अधिक निर्देशक, फिर प्रशिक्षक और अंत में सहायक। नेतृत्व स्वयं अलग पृष्ठ का विषय है, पर यह बिंदु टकमैन के उत्तर में एक पंक्ति के रूप में जुड़ सकता है। मॉडल की सीमा यह है कि वास्तविक समूह इस क्रम का कठोरता से पालन नहीं करते। INFLIBNET कहती है कि संघर्ष का चरण कम तो हो सकता है, पर पूरी तरह मिटता नहीं और आगे के चरणों में भी चलता रहता है। इसी से दूसरा मॉडल निकला: विराम-संतुलन (punctuated equilibrium), जिसे Bauer-Erdogan कॉनी गर्सिक के अध्ययन से जोड़ती हैं। इसके अनुसार समूह लंबे स्थिर दौर के बाद किसी व्यवधान (नई तकनीक, नया प्रमुख) से अचानक बदलता है, और टकमैन के क्रम में पीछे भी लौट सकता है।
टकमैन के पाँच चरण
प्रारंभ (Forming)
अनिश्चितता, औपचारिकता
संघर्ष (Storming)
असहमति, शक्ति की परख
मानदंड (Norming)
नियम और प्रतिबद्धता
निष्पादन (Performing)
साझा दृष्टि, पूरी गति
समापन (Adjourning)
परियोजना पूर्ण, समूह भंग
समूह की संसक्ति
संसक्ति (cohesion) समूह का सामाजिक गोंद है: सदस्य एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं और एक इकाई की तरह काम करते हैं। INFLIBNET इसे सदस्यों के परस्पर आकर्षण और समूह में बने रहने की इच्छा की मात्रा कहती है। Bauer-Erdogan के अनुसार संसक्ति पाँच कारकों से प्रभावित होती है: समानता (सदस्यों में मिलते-जुलते गुण), स्थायित्व (समूह जितना लंबा साथ रहे), आकार (छोटे समूहों में अधिक संसक्ति), सहयोग और संतोष (सदस्य एक-दूसरे के प्रदर्शन और व्यवहार से संतुष्ट हों)।
संसक्ति और उत्पादकता का रिश्ता सीधा नहीं है। INFLIBNET के अनुसार यह समूह के प्रदर्शन-संबंधी मानदंडों पर निर्भर है: यदि मानदंड ऊँचे हों तो संसक्त समूह अधिक उत्पादक होता है, और यदि संसक्ति ऊँची पर मानदंड नीचे हों तो उत्पादकता कम रहती है। Bauer-Erdogan भी कहती हैं कि ऊँची संसक्ति और काम के प्रति ऊँची प्रतिबद्धता वाले समूह सबसे प्रभावी होते हैं। संसक्ति बढ़ाने के लिए INFLIBNET सीमित और समान दृष्टिकोण वाले छोटे समूह, लक्ष्य पर सहमति, साथ बिताया अधिक समय, स्वस्थ अंतर-समूह प्रतिस्पर्धा और समूह के प्रयास को पुरस्कृत करना गिनाती है।
संसक्ति की अधिकता का भी ख़तरा है। Bauer-Erdogan के अनुसार सदस्य अपनेपन को सबसे ऊपर रखने लगें तो अनुरूपता का दबाव बनता है, लोग टकराव से बचकर एक-दूसरे को ख़ुश रखने लगते हैं, और समूह का लक्ष्य संगठन के लक्ष्य से भटक सकता है। यहीं से समूह-चिंतन का मार्ग खुलता है।
संसक्ति और प्रदर्शन-मानदंड
| प्रदर्शन-मानदंड ऊँचे | प्रदर्शन-मानदंड नीचे | |
|---|---|---|
| संसक्ति ऊँची | उत्पादकता ऊँची | उत्पादकता नीची |
| संसक्ति नीची | मध्यम उत्पादकता (विश्लेषण) | उत्पादकता नीची (विश्लेषण) |
ऊपर की पंक्ति INFLIBNET के कथन पर आधारित है; नीचे की पंक्ति पाठ में स्पष्ट नहीं है, इसलिए विश्लेषण के रूप में रखी गई है।
सामाजिक आलस्य (Social Loafing)
सामाजिक आलस्य व्यक्ति की वह प्रवृत्ति है जिसमें वह अकेले काम करने की तुलना में समूह में काम करते समय कम प्रयास लगाता है (Bauer-Erdogan)। INFLIBNET इसे साझा लक्ष्य के लिए समय और ऊर्जा देने में सम्मिलित प्रयास की कमी कहती है, जिसमें व्यक्ति दूसरों की सफलता का लाभ बिना योगदान के उठा लेता है। इसे रिंगेलमान प्रभाव भी कहते हैं; Bauer-Erdogan के अनुसार फ़्रांसीसी कृषि-इंजीनियर मैक्स रिंगेलमान ने 1913 में रस्सी खींचने के प्रयोग में पाया कि खींचने वाले बढ़ने पर समूह का कुल बल, अकेले-अकेले नापे गए बलों के योग से कम रहा। इस विषय का मूल प्रयोगात्मक लेख लातने, विलियम्स और हार्किंस का है, जो 1979 में Journal of Personality and Social Psychology के खंड 37 में छपा। Bauer-Erdogan के अनुसार यह प्रभाव अनेक कार्यों और देशों में मिलता है, और वे 1993 की मेटा-समीक्षा (Karau और Williams, JPSP खंड 65) भी उद्धृत करती हैं।
कारण: Bauer-Erdogan कहती हैं कि यह आलस से अधिक यह धारणा है कि समूह सफल हो तो अपना उचित हिस्सा नहीं मिलेगा और असफल हो तो दोष भी नहीं आएगा। व्यक्ति सोचता है कि मेरे प्रयास का परिणाम पर कम असर है, दूसरे अपना काम नहीं कर रहे तो मैं क्यों करूँ, या मेरा योगदान किसी को दिखेगा ही नहीं। INFLIBNET के अनुसार यह तब होता है जब योगदान सीधे मापा या देखा नहीं जा सकता, व्यक्ति अलग-थलग महसूस करता है या उसे समूह में असमता लगती है।
उपाय: INFLIBNET के अनुसार हर व्यक्ति का योगदान पहचानें, व्यक्तिगत ज़िम्मेदारी तय करें और सौंपी ज़िम्मेदारियों पर स्व-मूल्यांकन लें। Bauer-Erdogan जोड़ती हैं कि समूह का आकार छोटा रखें (10 या अधिक सदस्य हों तो छिपना आसान है), पूरे समूह को काम देने के बजाय प्रत्येक सदस्य को विशिष्ट लक्ष्य दें, सदस्यों के बीच परस्पर प्रतिपुष्टि रखें, और संसक्ति बनाएँ। निष्पक्षता की अनुभूति भी आलस्य घटाती है। यह उपाय अभिप्रेरणा के पृष्ठ पर समझाए एडम्स के समता सिद्धांत से जुड़ता है।
समूह-चिंतन (Groupthink)
समूह-चिंतन समूह द्वारा पसंद किए गए विचारों का आलोचनात्मक मूल्यांकन टालने की प्रवृत्ति है। Bauer-Erdogan इरविंग जेनिस की 1972 की पुस्तक Victims of Groupthink का हवाला देकर इसके आठ लक्षण गिनाती हैं: अजेयता का भ्रम, सामूहिक युक्तिकरण, समूह की नैतिकता में अटल विश्वास, बाहरी समूहों के रूढ़ विचार, असहमत सदस्य पर सीधा दबाव, आत्म-सेंसर, सर्वसम्मति का भ्रम और स्वयंभू 'मनःरक्षक' जो समूह को विपरीत सूचना से बचाते हैं। परीक्षा में दो-तीन लक्षण उदाहरण-सहित लिखना पर्याप्त है।
Bauer-Erdogan के अनुसार समूह-चिंतन अत्यधिक संसक्त समूहों में सबसे आम है। बचाव के उपायों में वे बारी-बारी से 'शैतान का वकील' (devil's advocate) नियुक्त करना, बाहर के विशेषज्ञों से प्रतिक्रिया लेना और मतभेद की संस्कृति रखना बताती हैं। यही शैतान का वकील आगे संघर्ष-उद्दीपन की तकनीक के रूप में भी आता है, यानी एक ही उपाय असहमति की कमी वाली दो समस्याओं का हल है।
संघर्ष और उसका उद्दीपन
संघर्ष को आम तौर पर बुरा माना जाता है, पर Bauer-Erdogan के अनुसार यदि समूह में बिल्कुल संघर्ष न हो तो इसका अर्थ यह भी हो सकता है कि लोग अपनी राय दबा रहे हैं। सार्थक चर्चा में अलग-अलग मत स्वाभाविक हैं; राय दबे तो अंतिम समाधान सर्वश्रेष्ठ नहीं रहता। Bauer-Erdogan (खंड 10.2) यह भी कहती हैं कि कार्य-संबंधी संघर्ष (task conflict) निर्णय के आरंभिक चरण में रचनात्मकता बढ़ा सकता है, पर जटिल कार्य में लंबे समय में बाधा बन सकता है। संघर्ष का स्तर बहुत कम या बहुत अधिक, दोनों दशाओं में प्रदर्शन घटता है; मध्यम स्तर श्रेयस्कर है। INFLIBNET संघर्ष को कार्यात्मक और अकार्यात्मक में बाँटती है; अकार्यात्मक संघर्ष लक्ष्य-प्राप्ति रोकता और मनोबल घटाता है।
संघर्ष-उद्दीपन (conflict stimulation) का अर्थ है ठहरे हुए या मौन समूह में विचारों का स्वस्थ टकराव जान-बूझकर पैदा करना। Bauer-Erdogan चार-पाँच तकनीकें देती हैं: (1) लोगों को प्रतिशोध के भय के बिना मुद्दे उठाने और यथास्थिति से असहमत होने के लिए प्रोत्साहित करना; (2) शैतान का वकील नियुक्त करना ताकि वैकल्पिक दृष्टिकोण सामने आएँ; (3) ठहरी हुई इकाई में नए लोग लाना ताकि पुराना ढर्रा हिले; (4) टीमों में प्रतिस्पर्धा कराना और सबसे अच्छा समाधान देने वाली टीम को पुरस्कृत करना; और (5) प्रक्रिया में कुछ अस्पष्टता रखना, ताकि लोग अपने ढंग से काम पूरा करने के विचार सोचें। पाठ्यपुस्तकों में सूची थोड़ी बदलती है, इसलिए प्रश्न में संख्या चार हो तो इनमें से कोई भी चार स्पष्टीकरण सहित लिखें।
सरकारी संदर्भ (विश्लेषण): वर्षों से एक ही ढर्रे पर चलती शाखा में नए पदस्थ अधिकारी का आना, फ़ाइल-नोटिंग में खुली असहमति को प्रोत्साहन देना और समीक्षा-बैठक में किसी एक अधिकारी से योजना की कमज़ोरियाँ गिनवाना उद्दीपन के उदाहरण हैं। संघर्ष-उद्दीपन का उद्देश्य झगड़ा नहीं, बेहतर निर्णय है; इसलिए इसे कार्य और विचारों तक सीमित रखा जाता है, व्यक्तिगत टकराव तक नहीं।
संघर्ष-उद्दीपन की तकनीकें
| तकनीक | क्या करें | सरकारी उदाहरण (विश्लेषण) |
|---|---|---|
| भय-रहित असहमति | राय देने पर दंड न मिलने का भरोसा बनाएँ | बैठक में कनिष्ठ अधिकारी से पहले राय माँगना |
| शैतान का वकील | किसी को प्रस्ताव की कमज़ोरियाँ गिनाने का दायित्व दें | योजना-प्रस्ताव पर एक अधिकारी का विरोधी पक्ष लेना |
| नए लोग लाना | ठहरी इकाई में नई सोच वाले जोड़ें | शाखा में बाहर से अनुभवी अधिकारी का स्थानांतरण |
| टीमों में प्रतिस्पर्धा | दो टीमों को एक ही समस्या दें, श्रेष्ठ समाधान पर पुरस्कार | दो ब्लॉक-टीमों में श्रेष्ठ कार्य-योजना की प्रतियोगिता |
| अस्पष्टता | कार्य-विधि पूरी तरह तय न करें | परिणाम बताना, तरीक़ा अधिकारी पर छोड़ना |
पहले दो स्तंभ Bauer-Erdogan (खंड 10.4) की सूची पर आधारित हैं; तीसरा स्तंभ समझाने के लिए जोड़ा गया विश्लेषण है।
मानचित्र: समूह-गतिकी
समूह-गतिकी
समूह के प्रकार
- औपचारिक: आदेश, कार्य
- अनौपचारिक: रुचि, मैत्री
समूह का विकास
- टकमैन (1965)
- विराम-संतुलन
समूह-व्यवहार
- संसक्ति
- सामाजिक आलस्य
- समूह-चिंतन
संघर्ष
- कार्यात्मक-अकार्यात्मक
- उद्दीपन की तकनीकें
मुख्य तथ्य
- टकमैन का मूल लेख
- 1965, Psychological Bulletin, खंड 63
- टकमैन का पाँचवाँ चरण
- समापन (adjourning), बाद में जुड़ा; INFLIBNET 1977 बताती है
- सामाजिक आलस्य का मूल लेख
- लातने, विलियम्स, हार्किंस, 1979, JPSP, खंड 37
- सामाजिक आलस्य की मेटा-समीक्षा
- Karau और Williams, 1993, JPSP, खंड 65
- रिंगेलमान प्रभाव
- रस्सी खींचने का प्रयोग, 1913 (केवल Bauer-Erdogan का संदर्भ)
- औपचारिक समूह
- आदेश समूह और कार्य समूह
- अनौपचारिक समूह
- रुचि समूह और मैत्री समूह
- संसक्ति के कारक
- समानता, स्थायित्व, आकार, सहयोग, संतोष
- समूह-चिंतन का स्रोत
- जेनिस, Victims of Groupthink, 1972 (Bauer-Erdogan का संदर्भ)
- अंतिम जाँच
- 2 अक्टूबर 2026
उत्तर लिखते समय आम ग़लतियाँ
याद रखें
- सामाजिक आलस्य को केवल कामचोरी लिखना: स्रोतों के अनुसार यह योगदान न दिखने और अपने हिस्से के प्रतिफल की चिंता से उपजा व्यवहार है।
- ऊँची संसक्ति को हमेशा अच्छा बताना: प्रदर्शन-मानदंड नीचे हों तो उत्पादकता नीची रहती है, और अधिकता से समूह-चिंतन का ख़तरा है।
- संघर्ष को हर रूप में बुरा बताना: कार्यात्मक संघर्ष लाभकारी है और उद्दीपन की तकनीकें इसी पर टिकी हैं।
- टकमैन के पाँच चरणों का वर्ष 1965 लिख देना: 1965 का मूल लेख चार चरणों का था; पाँचवाँ बाद में जुड़ा।
- संघर्ष-उद्दीपन में व्यक्तिगत टकराव को शामिल करना: उद्देश्य विचारों और कार्य-पद्धति पर स्वस्थ असहमति है।
- रिंगेलमान के वर्ष और जेनिस के आठ लक्षणों को याद के भरोसे बढ़ाकर लिखना: इन्हें संक्षेप में और उदाहरण-सहित लिखें।
कार्य-उदाहरण (कल्पित): समूह-कार्य बनाम व्यक्तिगत उत्तरदायित्व
हल सहित उदाहरणपाँच अधिकारियों की समिति और 100 फ़ाइलों की समीक्षा
दिया है
- यह उदाहरण समझाने के लिए गढ़ा गया है; संख्याएँ वास्तविक नहीं हैं।
- एक ज़िला कार्यालय में पाँच अधिकारियों की समिति को 100 लंबित फ़ाइलों की समीक्षा सौंपी गई।
- स्थिति क: 'समिति मिलकर निपटाए'। स्थिति ख: 'हर अधिकारी 20 फ़ाइलों का ज़िम्मेदार और सप्ताह के अंत में अपनी सूची जमा करेगा'।
- 1चरण 1: स्थिति क में किसी का हिस्सा तय नहीं है। मान लें दो अधिकारी 5 फ़ाइलें देखते हैं और तीन 3-3, कुल 5 + 5 + 3 + 3 + 3 = 19 फ़ाइलें। शेष 100 − 19 = 81 फ़ाइलें लंबित।
- 2चरण 2: कारण किसी का योगदान अलग से नहीं दिखता, इसलिए तीन अधिकारी मान लेते हैं कि दूसरे कर लेंगे। यही सामाजिक आलस्य का तर्क है।
- 3चरण 3: स्थिति ख में हर अधिकारी का हिस्सा 100 ÷ 5 = 20 फ़ाइलें तय है और योगदान मापा जा सकता है। मान लें चारों अधिकारी 15-15 और एक 10 पूरी करता है, कुल 4 × 15 + 10 = 70 फ़ाइलें।
- 4चरण 4: तुलना 70 − 19 = 51 फ़ाइलें अधिक निपटीं, यानी स्थिति क से लगभग 3.7 गुना। वही पाँच लोग हैं, केवल जवाबदेही का ढाँचा बदला है।
निष्कर्ष: समूह को सामूहिक काम देने के बजाय हर सदस्य का हिस्सा तय करने से योगदान दिखाई देता है और सामाजिक आलस्य घटता है। संख्याएँ केवल तर्क समझाने के लिए हैं।
केस स्टडी (कल्पित): हमेशा सहमत समिति
उदाहरण (काल्पनिक)समूह-चिंतन और संघर्ष-उद्दीपन
यह केस समझाने के लिए गढ़ा गया है; पात्र और विभाग वास्तविक नहीं हैं। एक ज़िले की सड़क-रखरखाव समिति में सात अधिकारी हैं, जिनमें से पाँच आठ वर्ष से साथ हैं। पिछले दो वर्षों में समिति ने हर प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया। इस वर्ष एक ठेकेदार-चयन की प्रक्रिया में गड़बड़ी निकली, पर बैठक में किसी ने आपत्ति नहीं उठाई थी।
- संसक्ति
- पाँच अधिकारियों की लंबी साझेदारी से संसक्ति ऊँची है; यह अच्छा भी है और जोखिम भी।
- समूह-चिंतन के संकेत
- असहमति पर दबाव (वरिष्ठ का टोकना), आत्म-सेंसर (नए सदस्य चुप) और सर्वसम्मति का भ्रम (कोई आपत्ति नहीं, अतः सब सही)।
- कारण
- असहमति सुनने का तंत्र नहीं था; सबको लगता था कि विरोध बिना ज़रूरत के टकराव है।
- उपाय
- बारी-बारी से एक सदस्य को शैतान के वकील की भूमिका, दो नए सदस्यों का समावेश, और ठेकेदार-चयन पर दूसरे ब्लॉक की समिति से समीक्षा।
- सावधानी
- विरोध कार्य और तथ्यों तक सीमित रहे, व्यक्तिगत नहीं; अन्यथा अकार्यात्मक संघर्ष हो जाएगा।
सीख
सर्वसम्मति हमेशा अच्छे निर्णय का प्रमाण नहीं है। ऊँची संसक्ति वाले समूह में असहमति की जगह बनाना और उसे नियमित करना आवश्यक है।
पिछले वर्षों के प्रश्न (हल सहित)
2024RAS मुख्य परीक्षापेपर I2 अंक
Social Loafing
आदर्श उत्तर
अकेले काम करने की तुलना में समूह में कम प्रयास लगाने की प्रवृत्ति सामाजिक आलस्य है।
2024RAS मुख्य परीक्षापेपर I5 अंक
List and explain four Conflict-Stimulation Techniques.
आदर्श उत्तर
संघर्ष-उद्दीपन से मौन समूह में स्वस्थ असहमति जगाई जाती है। चार तकनीकें: भय-रहित असहमति को प्रोत्साहन; शैतान के वकील की नियुक्ति; ठहरी इकाई में नए लोग लाना; और टीमों में श्रेष्ठ समाधान की प्रतिस्पर्धा। इनका उद्देश्य निर्णय बेहतर बनाना है, झगड़ा बढ़ाना नहीं; इसलिए असहमति कार्य और विचारों तक रहे।
अभ्यास प्रश्न (अपने)
अभ्यास प्रश्नलगभग 15 शब्द
अनौपचारिक समूह किसे कहते हैं?
आदर्श उत्तर
अनौपचारिक समूह संगठन की औपचारिक रचना से नहीं, सदस्यों की रुचि या मित्रता से बने समूह हैं।
अभ्यास प्रश्नलगभग 50 शब्द
समूह-संसक्ति को प्रभावित करने वाले कारक लिखिए।
आदर्श उत्तर
समूह-संसक्ति पाँच कारकों से प्रभावित होती है: सदस्यों में समानता, समूह का स्थायित्व, छोटा आकार, आपसी सहयोग और एक-दूसरे के व्यवहार से संतोष। संसक्ति तभी उत्पादक होती है जब समूह के प्रदर्शन-मानदंड ऊँचे हों। नीचे मानदंडों वाले संसक्त समूह की उत्पादकता कम रहती है, और अत्यधिक संसक्ति से समूह-चिंतन का ख़तरा बनता है।
अभ्यास प्रश्नलगभग 50 शब्द
सामाजिक आलस्य के कारण और उसे घटाने के उपाय लिखिए।
आदर्श उत्तर
सामाजिक आलस्य तब बढ़ता है जब योगदान दिखाई न दे या व्यक्ति को लगे कि उसके प्रयास का असर कम है। उपाय: व्यक्तिगत योगदान की पहचान, हर सदस्य को विशिष्ट लक्ष्य, छोटा समूह, परस्पर प्रतिपुष्टि और निष्पक्षता की अनुभूति। एक सरकारी समिति में हर अधिकारी को अलग-अलग फ़ाइलें सौंपना इसका सरल उदाहरण है।
अभ्यास प्रश्नलगभग 100 शब्द
टकमैन के समूह-विकास मॉडल के चरण संक्षेप में समझाइए।
आदर्श उत्तर
टकमैन (1965) के अनुसार समूह चरणों से गुज़रता है। प्रारंभ में सदस्य अनिश्चित और औपचारिक रहते हैं। संघर्ष में असहमति और शक्ति की परख होती है। मानदंड-निर्माण में नियम और प्रतिबद्धता बनती है, और निष्पादन में समूह साझा दृष्टि से पूरी गति से काम करता है।
बाद में पाँचवाँ चरण, समापन, जुड़ा, जिसमें परियोजना पूरी होने पर समूह भंग होता है। वास्तविक समूह इस क्रम का कठोरता से पालन नहीं करते; विराम-संतुलन मॉडल के अनुसार वे व्यवधान पर पीछे भी लौट सकते हैं। प्रबंधक के लिए सीख यह है कि संघर्ष के चरण को स्वाभाविक मानकर सबको सुनें और समूह को जल्दी में न धकेलें, ताकि वह निष्पादन तक पहुँचे।
उत्तर कैसे लिखें (10 अंक, 100 शब्द)
भूमिका
प्रश्न का नमूना: "समूह-संसक्ति और सामाजिक आलस्य की चर्चा कीजिए।" पहली पंक्ति में दोनों की परिभाषा लिखें। (5 अंक के प्रश्न में यही ढाँचा 50 शब्दों में लिखें।)
मुख्य भाग
- संसक्ति: परिभाषा, पाँच कारक, प्रदर्शन-मानदंड से संबंध, अधिकता का ख़तरा
- सामाजिक आलस्य: परिभाषा, कारण, उपाय
- एक सरकारी उदाहरण, जैसे समिति को फ़ाइलें सौंपना
निष्कर्ष
निष्कर्ष: ऊँची संसक्ति और व्यक्तिगत उत्तरदायित्व साथ हों तो ही समूह प्रभावी होता है।
अतिरिक्त मूल्य
- सरकारी उदाहरण (समिति, शाखा) जोड़ें
- समूह-चिंतन का एक वाक्य जोड़ें
- तालिका या सूची से उत्तर को व्यवस्थित करें
त्वरित पुनरावृत्ति
- समूह: औपचारिक (आदेश, कार्य) और अनौपचारिक (रुचि, मैत्री)
- टकमैन (1965): प्रारंभ, संघर्ष, मानदंड, निष्पादन; बाद में समापन; वैकल्पिक: विराम-संतुलन
- संसक्ति के पाँच कारक: समानता, स्थायित्व, आकार, सहयोग, संतोष
- संसक्ति और ऊँचे मानदंड मिलकर उत्पादकता बढ़ाते हैं; अधिक संसक्ति से समूह-चिंतन
- सामाजिक आलस्य: समूह में कम प्रयास; उपाय: व्यक्तिगत योगदान की पहचान, छोटा आकार, विशिष्ट लक्ष्य
- समूह-चिंतन: असहमति का दमन; उपाय: शैतान का वकील, बाहरी विशेषज्ञ
- संघर्ष-उद्दीपन: भय-रहित असहमति, शैतान का वकील, नए लोग, टीम-प्रतिस्पर्धा, अस्पष्टता
- दोनों पिछले प्रश्न 2024 के: सामाजिक आलस्य (2 अंक) और चार उद्दीपन तकनीकें (5 अंक)
- अकार्यात्मक संघर्ष लक्ष्य रोकता है; कार्यात्मक संघर्ष सुधार लाता है
याद रखने योग्य शब्द
- समूह-गतिकी
- टकमैन
- संसक्ति
- सामाजिक आलस्य
- समूह-चिंतन
- संघर्ष-उद्दीपन