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पेपर I · इकाई III · भाग ख

समूह-गतिकी (Group Dynamics): प्रकार, विकास के चरण, संसक्ति, सामाजिक आलस्य और संघर्ष-उद्दीपन

समूह के प्रकार, टकमैन के चरण, संसक्ति, सामाजिक आलस्य, समूह-चिंतन और संघर्ष-उद्दीपन; 2024 के दोनों प्रश्न हल सहित, सरकारी उदाहरणों के साथ।

  • टकमैन
  • संसक्ति
  • सामाजिक आलस्य
  • संघर्ष-उद्दीपन
  • समूह-चिंतन
3 अक्टूबर 2026 को सत्यापित

सिलेबस में

RPSC सिलेबस (09-01-2026), पेपर I, इकाई III, भाग ख (प्रबंधन): "Organisational behaviour: nature and scope, perception, motivation (concepts and theories), group dynamics and team building, organisational climate and culture." इस पृष्ठ पर समूह-गतिकी है; टीम-निर्माण अलग पृष्ठ पर है।

इस विषय को क्यों पढ़ें

याद रखें

  • उपलब्ध पेपरों में यह विषय 2024 में दो बार पूछा गया: 2 अंक में 'Social Loafing' और 5 अंक में चार संघर्ष-उद्दीपन तकनीकें।
  • दोनों प्रश्न सीधी परिभाषा और सूची के हैं; इसलिए सामाजिक आलस्य के कारण-उपाय और उद्दीपन की चार तकनीकें याद रखना पर्याप्त है।
  • संसक्ति, समूह-चिंतन और संघर्ष एक-दूसरे से जुड़े हैं; तुलनात्मक प्रश्न में इन्हें एक साथ लिखना उत्तर को गहरा बनाता है।

समूह का अर्थ और लोग समूह में क्यों जुड़ते हैं

समूह दो या अधिक ऐसे व्यक्तियों का मेल है जो किसी साझा उद्देश्य के लिए परस्पर क्रिया करते और एक-दूसरे पर निर्भर रहते हैं। समूह-गतिकी इस बात का अध्ययन है कि समूह के भीतर कौन-सी शक्तियाँ काम करती हैं: समूह कैसे बनता है, कैसे विकसित होता है, उसके सदस्य कैसा व्यवहार करते हैं और उसका प्रदर्शन किन बातों पर निर्भर है। संगठन का काम व्यक्तियों से अधिक समूहों के ज़रिए होता है, इसलिए प्रबंधक के लिए यह विषय आवश्यक है।

INFLIBNET के अनुसार लोग समूह में कई कारणों से जुड़ते हैं: साथ और अपनापन, सुरक्षा, पहचान और प्रतिष्ठा, शक्ति और लक्ष्यों की उपलब्धि। यह सूची मास्लो की आवश्यकताओं से मेल खाती है; सामाजिक और सुरक्षा की आवश्यकताएँ समूह की सदस्यता से पूरी होती हैं, जो अभिप्रेरणा के पृष्ठ से जुड़ता है। INFLIBNET समूह की संरचना के घटक भी बताती है: भूमिकाएँ, मानदंड (norms), मूल्य, संचार के ढर्रे और हैसियत।

समूहों के प्रकार

INFLIBNET संगठन की आधिकारिक रचना से बने समूहों को औपचारिक और अनौपचारिक रचना से बने समूहों को अनौपचारिक कहती है। औपचारिक समूह दो प्रकार के हैं: आदेश समूह, जिन्हें संगठन-चार्ट तय करता है (जैसे एक अधिकारी और उसके सीधे अधीनस्थ), और कार्य समूह, जो किसी कार्य को पूरा करने के लिए साथ काम करते हैं और जिनकी सीमा तात्कालिक वरिष्ठ तक सीमित नहीं होती, वे आदेश-शृंखला पार कर सकते हैं। अनौपचारिक समूह भी दो प्रकार के हैं: रुचि समूह, जिनमें लोग किसी साझा सामाजिक उद्देश्य के लिए जुड़ते हैं, और मैत्री समूह, जो एक या अधिक साझा विशेषताओं से बनते हैं और अक्सर कार्यस्थल के बाहर भी चलते हैं। अनौपचारिक समूह सदस्यों की सामाजिक आवश्यकताएँ पूरी करते हैं।

INFLIBNET औपचारिक कार्य-समूहों के भी कई प्रकार गिनाती है, जैसे उत्पादन, सेवा, प्रबंधन, परियोजना, कार्रवाई (action) और सलाहकार समूह। परीक्षा में पहले चार मुख्य प्रकार लिखना पर्याप्त है और उदाहरण सरकारी लें (विश्लेषण): विभाग का शाखा-स्तरीय अनुक्रम आदेश समूह है, किसी योजना की समीक्षा के लिए बनी समिति कार्य समूह है, एक ही भर्ती-बैच के अधिकारियों का आपसी जुड़ाव मैत्री समूह है और किसी साझा माँग के लिए बना कर्मचारी-संघ रुचि समूह की ओर झुकता है।

समूहों के प्रकार: एक नज़र में

वर्गप्रकारआधारसरकारी उदाहरण (विश्लेषण)
औपचारिकआदेश समूहसंगठन-चार्ट से तयकलेक्टर और उसके अधीनस्थ अधिकारी
औपचारिककार्य समूहकिसी कार्य या परियोजना के लिएयोजना-समीक्षा या जाँच समिति
अनौपचारिकरुचि समूहसाझा सामाजिक उद्देश्यकर्मचारी-संघ की किसी माँग के लिए जुटे लोग
अनौपचारिकमैत्री समूहसाझा विशेषताएँ, आपसी लगावसाथ चाय पीने वाले सहकर्मी या एक ही बैच के अधिकारी

वर्गीकरण INFLIBNET (Types of groups) से; अंतिम स्तंभ समझाने के लिए जोड़ा गया विश्लेषण है।

टकमैन का समूह-विकास मॉडल

ब्रूस टकमैन का मॉडल 1965 में Psychological Bulletin के खंड 63 में छपे लेख Developmental sequence in small groups से आया (Bauer-Erdogan भी यही वर्ष देती हैं)। इसमें समूह चार चरणों से गुज़रता है, जिनमें बाद में पाँचवाँ चरण जुड़ा। INFLIBNET के अनुसार पाँचवाँ चरण टकमैन ने 1977 में जोड़ा; परीक्षा में मूल वर्ष 1965 के साथ चार चरण लिखना पर्याप्त है।

प्रारंभ (forming) में सदस्य पहली बार मिलते हैं; औपचारिकता, संकोच और अनिश्चितता रहती है, और वे पूछते हैं कि मेरी भूमिका क्या होगी और सत्ता किसके पास है। संघर्ष (storming) में सदस्य खुलकर असहमत होते हैं, अपना प्रभाव आज़माते हैं और काम के तरीक़े तथा ज़िम्मेदारी पर बहस होती है। Bauer-Erdogan इस चरण को स्वाभाविक मानती हैं और सुझाती हैं कि संघर्ष को सामान्य मानें, सबको सुना जाए और समूह को जल्दी में न धकेला जाए। मानदंड-निर्माण (norming) में समूह अपने नियम और कार्य-प्रक्रिया तय करता है; सदस्य अधिक सहयोगी और प्रतिबद्ध हो जाते हैं। निष्पादन (performing) में साझा दृष्टि और आपसी निर्भरता के साथ समूह पूरी गति से काम करता है और काम के साथ यह भी देखता है कि काम कैसे हो रहा है। समापन (adjourning) में परियोजना पूरी होने या पुनर्गठन से समूह भंग होता है।

Bauer-Erdogan के अनुसार नेतृत्व-शैली भी चरण के साथ बदलती है: आरंभ में अधिक निर्देशक, फिर प्रशिक्षक और अंत में सहायक। नेतृत्व स्वयं अलग पृष्ठ का विषय है, पर यह बिंदु टकमैन के उत्तर में एक पंक्ति के रूप में जुड़ सकता है। मॉडल की सीमा यह है कि वास्तविक समूह इस क्रम का कठोरता से पालन नहीं करते। INFLIBNET कहती है कि संघर्ष का चरण कम तो हो सकता है, पर पूरी तरह मिटता नहीं और आगे के चरणों में भी चलता रहता है। इसी से दूसरा मॉडल निकला: विराम-संतुलन (punctuated equilibrium), जिसे Bauer-Erdogan कॉनी गर्सिक के अध्ययन से जोड़ती हैं। इसके अनुसार समूह लंबे स्थिर दौर के बाद किसी व्यवधान (नई तकनीक, नया प्रमुख) से अचानक बदलता है, और टकमैन के क्रम में पीछे भी लौट सकता है।

टकमैन के पाँच चरण

  1. प्रारंभ (Forming)

    अनिश्चितता, औपचारिकता

  2. संघर्ष (Storming)

    असहमति, शक्ति की परख

  3. मानदंड (Norming)

    नियम और प्रतिबद्धता

  4. निष्पादन (Performing)

    साझा दृष्टि, पूरी गति

  5. समापन (Adjourning)

    परियोजना पूर्ण, समूह भंग

पहले चार चरण 1965 के मूल लेख के हैं; पाँचवाँ बाद में जुड़ा (Bauer-Erdogan; INFLIBNET)।

समूह की संसक्ति

संसक्ति (cohesion) समूह का सामाजिक गोंद है: सदस्य एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं और एक इकाई की तरह काम करते हैं। INFLIBNET इसे सदस्यों के परस्पर आकर्षण और समूह में बने रहने की इच्छा की मात्रा कहती है। Bauer-Erdogan के अनुसार संसक्ति पाँच कारकों से प्रभावित होती है: समानता (सदस्यों में मिलते-जुलते गुण), स्थायित्व (समूह जितना लंबा साथ रहे), आकार (छोटे समूहों में अधिक संसक्ति), सहयोग और संतोष (सदस्य एक-दूसरे के प्रदर्शन और व्यवहार से संतुष्ट हों)।

संसक्ति और उत्पादकता का रिश्ता सीधा नहीं है। INFLIBNET के अनुसार यह समूह के प्रदर्शन-संबंधी मानदंडों पर निर्भर है: यदि मानदंड ऊँचे हों तो संसक्त समूह अधिक उत्पादक होता है, और यदि संसक्ति ऊँची पर मानदंड नीचे हों तो उत्पादकता कम रहती है। Bauer-Erdogan भी कहती हैं कि ऊँची संसक्ति और काम के प्रति ऊँची प्रतिबद्धता वाले समूह सबसे प्रभावी होते हैं। संसक्ति बढ़ाने के लिए INFLIBNET सीमित और समान दृष्टिकोण वाले छोटे समूह, लक्ष्य पर सहमति, साथ बिताया अधिक समय, स्वस्थ अंतर-समूह प्रतिस्पर्धा और समूह के प्रयास को पुरस्कृत करना गिनाती है।

संसक्ति की अधिकता का भी ख़तरा है। Bauer-Erdogan के अनुसार सदस्य अपनेपन को सबसे ऊपर रखने लगें तो अनुरूपता का दबाव बनता है, लोग टकराव से बचकर एक-दूसरे को ख़ुश रखने लगते हैं, और समूह का लक्ष्य संगठन के लक्ष्य से भटक सकता है। यहीं से समूह-चिंतन का मार्ग खुलता है।

संसक्ति और प्रदर्शन-मानदंड

प्रदर्शन-मानदंड ऊँचेप्रदर्शन-मानदंड नीचे
संसक्ति ऊँचीउत्पादकता ऊँचीउत्पादकता नीची
संसक्ति नीचीमध्यम उत्पादकता (विश्लेषण)उत्पादकता नीची (विश्लेषण)

ऊपर की पंक्ति INFLIBNET के कथन पर आधारित है; नीचे की पंक्ति पाठ में स्पष्ट नहीं है, इसलिए विश्लेषण के रूप में रखी गई है।

सामाजिक आलस्य (Social Loafing)

सामाजिक आलस्य व्यक्ति की वह प्रवृत्ति है जिसमें वह अकेले काम करने की तुलना में समूह में काम करते समय कम प्रयास लगाता है (Bauer-Erdogan)। INFLIBNET इसे साझा लक्ष्य के लिए समय और ऊर्जा देने में सम्मिलित प्रयास की कमी कहती है, जिसमें व्यक्ति दूसरों की सफलता का लाभ बिना योगदान के उठा लेता है। इसे रिंगेलमान प्रभाव भी कहते हैं; Bauer-Erdogan के अनुसार फ़्रांसीसी कृषि-इंजीनियर मैक्स रिंगेलमान ने 1913 में रस्सी खींचने के प्रयोग में पाया कि खींचने वाले बढ़ने पर समूह का कुल बल, अकेले-अकेले नापे गए बलों के योग से कम रहा। इस विषय का मूल प्रयोगात्मक लेख लातने, विलियम्स और हार्किंस का है, जो 1979 में Journal of Personality and Social Psychology के खंड 37 में छपा। Bauer-Erdogan के अनुसार यह प्रभाव अनेक कार्यों और देशों में मिलता है, और वे 1993 की मेटा-समीक्षा (Karau और Williams, JPSP खंड 65) भी उद्धृत करती हैं।

कारण: Bauer-Erdogan कहती हैं कि यह आलस से अधिक यह धारणा है कि समूह सफल हो तो अपना उचित हिस्सा नहीं मिलेगा और असफल हो तो दोष भी नहीं आएगा। व्यक्ति सोचता है कि मेरे प्रयास का परिणाम पर कम असर है, दूसरे अपना काम नहीं कर रहे तो मैं क्यों करूँ, या मेरा योगदान किसी को दिखेगा ही नहीं। INFLIBNET के अनुसार यह तब होता है जब योगदान सीधे मापा या देखा नहीं जा सकता, व्यक्ति अलग-थलग महसूस करता है या उसे समूह में असमता लगती है।

उपाय: INFLIBNET के अनुसार हर व्यक्ति का योगदान पहचानें, व्यक्तिगत ज़िम्मेदारी तय करें और सौंपी ज़िम्मेदारियों पर स्व-मूल्यांकन लें। Bauer-Erdogan जोड़ती हैं कि समूह का आकार छोटा रखें (10 या अधिक सदस्य हों तो छिपना आसान है), पूरे समूह को काम देने के बजाय प्रत्येक सदस्य को विशिष्ट लक्ष्य दें, सदस्यों के बीच परस्पर प्रतिपुष्टि रखें, और संसक्ति बनाएँ। निष्पक्षता की अनुभूति भी आलस्य घटाती है। यह उपाय अभिप्रेरणा के पृष्ठ पर समझाए एडम्स के समता सिद्धांत से जुड़ता है।

समूह-चिंतन (Groupthink)

समूह-चिंतन समूह द्वारा पसंद किए गए विचारों का आलोचनात्मक मूल्यांकन टालने की प्रवृत्ति है। Bauer-Erdogan इरविंग जेनिस की 1972 की पुस्तक Victims of Groupthink का हवाला देकर इसके आठ लक्षण गिनाती हैं: अजेयता का भ्रम, सामूहिक युक्तिकरण, समूह की नैतिकता में अटल विश्वास, बाहरी समूहों के रूढ़ विचार, असहमत सदस्य पर सीधा दबाव, आत्म-सेंसर, सर्वसम्मति का भ्रम और स्वयंभू 'मनःरक्षक' जो समूह को विपरीत सूचना से बचाते हैं। परीक्षा में दो-तीन लक्षण उदाहरण-सहित लिखना पर्याप्त है।

Bauer-Erdogan के अनुसार समूह-चिंतन अत्यधिक संसक्त समूहों में सबसे आम है। बचाव के उपायों में वे बारी-बारी से 'शैतान का वकील' (devil's advocate) नियुक्त करना, बाहर के विशेषज्ञों से प्रतिक्रिया लेना और मतभेद की संस्कृति रखना बताती हैं। यही शैतान का वकील आगे संघर्ष-उद्दीपन की तकनीक के रूप में भी आता है, यानी एक ही उपाय असहमति की कमी वाली दो समस्याओं का हल है।

संघर्ष और उसका उद्दीपन

संघर्ष को आम तौर पर बुरा माना जाता है, पर Bauer-Erdogan के अनुसार यदि समूह में बिल्कुल संघर्ष न हो तो इसका अर्थ यह भी हो सकता है कि लोग अपनी राय दबा रहे हैं। सार्थक चर्चा में अलग-अलग मत स्वाभाविक हैं; राय दबे तो अंतिम समाधान सर्वश्रेष्ठ नहीं रहता। Bauer-Erdogan (खंड 10.2) यह भी कहती हैं कि कार्य-संबंधी संघर्ष (task conflict) निर्णय के आरंभिक चरण में रचनात्मकता बढ़ा सकता है, पर जटिल कार्य में लंबे समय में बाधा बन सकता है। संघर्ष का स्तर बहुत कम या बहुत अधिक, दोनों दशाओं में प्रदर्शन घटता है; मध्यम स्तर श्रेयस्कर है। INFLIBNET संघर्ष को कार्यात्मक और अकार्यात्मक में बाँटती है; अकार्यात्मक संघर्ष लक्ष्य-प्राप्ति रोकता और मनोबल घटाता है।

संघर्ष-उद्दीपन (conflict stimulation) का अर्थ है ठहरे हुए या मौन समूह में विचारों का स्वस्थ टकराव जान-बूझकर पैदा करना। Bauer-Erdogan चार-पाँच तकनीकें देती हैं: (1) लोगों को प्रतिशोध के भय के बिना मुद्दे उठाने और यथास्थिति से असहमत होने के लिए प्रोत्साहित करना; (2) शैतान का वकील नियुक्त करना ताकि वैकल्पिक दृष्टिकोण सामने आएँ; (3) ठहरी हुई इकाई में नए लोग लाना ताकि पुराना ढर्रा हिले; (4) टीमों में प्रतिस्पर्धा कराना और सबसे अच्छा समाधान देने वाली टीम को पुरस्कृत करना; और (5) प्रक्रिया में कुछ अस्पष्टता रखना, ताकि लोग अपने ढंग से काम पूरा करने के विचार सोचें। पाठ्यपुस्तकों में सूची थोड़ी बदलती है, इसलिए प्रश्न में संख्या चार हो तो इनमें से कोई भी चार स्पष्टीकरण सहित लिखें।

सरकारी संदर्भ (विश्लेषण): वर्षों से एक ही ढर्रे पर चलती शाखा में नए पदस्थ अधिकारी का आना, फ़ाइल-नोटिंग में खुली असहमति को प्रोत्साहन देना और समीक्षा-बैठक में किसी एक अधिकारी से योजना की कमज़ोरियाँ गिनवाना उद्दीपन के उदाहरण हैं। संघर्ष-उद्दीपन का उद्देश्य झगड़ा नहीं, बेहतर निर्णय है; इसलिए इसे कार्य और विचारों तक सीमित रखा जाता है, व्यक्तिगत टकराव तक नहीं।

संघर्ष-उद्दीपन की तकनीकें

तकनीकक्या करेंसरकारी उदाहरण (विश्लेषण)
भय-रहित असहमतिराय देने पर दंड न मिलने का भरोसा बनाएँबैठक में कनिष्ठ अधिकारी से पहले राय माँगना
शैतान का वकीलकिसी को प्रस्ताव की कमज़ोरियाँ गिनाने का दायित्व देंयोजना-प्रस्ताव पर एक अधिकारी का विरोधी पक्ष लेना
नए लोग लानाठहरी इकाई में नई सोच वाले जोड़ेंशाखा में बाहर से अनुभवी अधिकारी का स्थानांतरण
टीमों में प्रतिस्पर्धादो टीमों को एक ही समस्या दें, श्रेष्ठ समाधान पर पुरस्कारदो ब्लॉक-टीमों में श्रेष्ठ कार्य-योजना की प्रतियोगिता
अस्पष्टताकार्य-विधि पूरी तरह तय न करेंपरिणाम बताना, तरीक़ा अधिकारी पर छोड़ना

पहले दो स्तंभ Bauer-Erdogan (खंड 10.4) की सूची पर आधारित हैं; तीसरा स्तंभ समझाने के लिए जोड़ा गया विश्लेषण है।

मानचित्र: समूह-गतिकी

समूह-गतिकी

समूह के प्रकार

  • औपचारिक: आदेश, कार्य
  • अनौपचारिक: रुचि, मैत्री

समूह का विकास

  • टकमैन (1965)
  • विराम-संतुलन

समूह-व्यवहार

  • संसक्ति
  • सामाजिक आलस्य
  • समूह-चिंतन

संघर्ष

  • कार्यात्मक-अकार्यात्मक
  • उद्दीपन की तकनीकें

मुख्य तथ्य

टकमैन का मूल लेख
1965, Psychological Bulletin, खंड 63
टकमैन का पाँचवाँ चरण
समापन (adjourning), बाद में जुड़ा; INFLIBNET 1977 बताती है
सामाजिक आलस्य का मूल लेख
लातने, विलियम्स, हार्किंस, 1979, JPSP, खंड 37
सामाजिक आलस्य की मेटा-समीक्षा
Karau और Williams, 1993, JPSP, खंड 65
रिंगेलमान प्रभाव
रस्सी खींचने का प्रयोग, 1913 (केवल Bauer-Erdogan का संदर्भ)
औपचारिक समूह
आदेश समूह और कार्य समूह
अनौपचारिक समूह
रुचि समूह और मैत्री समूह
संसक्ति के कारक
समानता, स्थायित्व, आकार, सहयोग, संतोष
समूह-चिंतन का स्रोत
जेनिस, Victims of Groupthink, 1972 (Bauer-Erdogan का संदर्भ)
अंतिम जाँच
2 अक्टूबर 2026

उत्तर लिखते समय आम ग़लतियाँ

याद रखें

  • सामाजिक आलस्य को केवल कामचोरी लिखना: स्रोतों के अनुसार यह योगदान न दिखने और अपने हिस्से के प्रतिफल की चिंता से उपजा व्यवहार है।
  • ऊँची संसक्ति को हमेशा अच्छा बताना: प्रदर्शन-मानदंड नीचे हों तो उत्पादकता नीची रहती है, और अधिकता से समूह-चिंतन का ख़तरा है।
  • संघर्ष को हर रूप में बुरा बताना: कार्यात्मक संघर्ष लाभकारी है और उद्दीपन की तकनीकें इसी पर टिकी हैं।
  • टकमैन के पाँच चरणों का वर्ष 1965 लिख देना: 1965 का मूल लेख चार चरणों का था; पाँचवाँ बाद में जुड़ा।
  • संघर्ष-उद्दीपन में व्यक्तिगत टकराव को शामिल करना: उद्देश्य विचारों और कार्य-पद्धति पर स्वस्थ असहमति है।
  • रिंगेलमान के वर्ष और जेनिस के आठ लक्षणों को याद के भरोसे बढ़ाकर लिखना: इन्हें संक्षेप में और उदाहरण-सहित लिखें।