टीम-निर्माण (Team Building): टीम बनाम समूह, टीम के प्रकार, प्रभावी टीम के लक्षण और बेल्बिन की नौ भूमिकाएँ
टीम और समूह का अंतर, टीम के प्रकार, प्रभावी टीम के लक्षण, टीम-निर्माण की प्रक्रिया और बेल्बिन की नौ भूमिकाएँ; सरकारी उदाहरण और अभ्यास प्रश्न सहित।
- टीम बनाम समूह
- टीम के प्रकार
- प्रभावी टीम
- बेल्बिन
सिलेबस में
RPSC सिलेबस (09-01-2026), पेपर I, इकाई III, भाग ख (प्रबंधन): "Organisational behaviour: nature and scope, perception, motivation (concepts and theories), group dynamics and team building, organisational climate and culture." इस पृष्ठ पर टीम-निर्माण है; समूह-गतिकी अलग पृष्ठ पर है।
पिछले प्रश्नों की स्थिति
2013 से 2024 के उपलब्ध पेपरों में इस विषय पर सीधा प्रश्न दर्ज नहीं है। नीचे के प्रश्न अभ्यास के लिए बनाए गए हैं; ये पिछले वर्षों के प्रश्न नहीं हैं।
इस विषय को क्यों पढ़ें
याद रखें
- सिलेबस की पंक्ति में समूह-गतिकी के साथ टीम-निर्माण का स्पष्ट उल्लेख है, इसलिए इस पर 5 या 10 अंक का प्रश्न आ सकता है, भले अब तक नहीं आया।
- सबसे संभावित प्रश्न: टीम और समूह का अंतर, प्रभावी टीम के लक्षण और टीम के प्रकार; तीनों के लिए नीचे तालिका और सूची है।
- सरकारी कार्यालयों में समितियाँ, कार्य-बल और अंतर-विभागीय दल रोज़ बनते हैं; इसलिए उत्तर में इनके उदाहरण सहज जुड़ते हैं।
टीम का अर्थ और टीम बनाम समूह
INFLIBNET के अनुसार टीम दो या अधिक लोगों का ऐसा समूह है जो परस्पर प्रभाव डालते हैं, पर साधारण समूह से कुछ गुण अधिक मात्रा में रखता है: साझा लक्ष्यों के प्रति ऊँची प्रतिबद्धता और उच्च परस्पर निर्भरता। संक्षेप में, टीम वह समूह है जो ऐसे उद्देश्य पूरे करने के लिए संगठित है जिन्हें अकेले व्यक्ति प्रभावी ढंग से पूरा नहीं कर सकते। Bauer-Erdogan कैट्ज़ेनबाख और स्मिथ की परिभाषा उद्धृत करती हैं: टीम पूरक कौशल वाले थोड़े-से लोग हैं जो साझा उद्देश्य, प्रदर्शन-लक्ष्यों और कार्य-पद्धति के प्रति प्रतिबद्ध हैं और जिन्हें परस्पर जवाबदेही है। इसी से कहा जाता है कि हर टीम समूह है, पर हर समूह टीम नहीं।
Bauer-Erdogan समूह और टीम का एक व्यावहारिक भेद भी बताती हैं: समूह में हर व्यक्ति अपने ही क्षेत्र के लिए ज़िम्मेदार होता है, जबकि टीम में साझा लक्ष्य के साथ सहयोगी कार्य होते हैं, पुरस्कार साझा परिणाम से जुड़ते हैं और सदस्य साझा हित के लिए अपने सीमित संसाधन छोड़ने को तैयार रहते हैं। वे यह भी चेताती हैं कि टीम हर समस्या की दवा नहीं है; टीम तब उपयोगी है जब कार्य में विविध कौशल चाहिए, कार्यों की परस्पर निर्भरता हो और साझा लक्ष्य से लाभ हो।
समूह और टीम में अंतर
| आधार | साधारण समूह | टीम |
|---|---|---|
| लक्ष्य | सदस्यों के अलग या साझे हित | साझा उद्देश्य और प्रदर्शन-लक्ष्य |
| ज़िम्मेदारी | हर सदस्य अपने क्षेत्र का ज़िम्मेदार | परस्पर जवाबदेही |
| कौशल | भिन्न या समान, पर पूरक होना आवश्यक नहीं | पूरक कौशल आवश्यक |
| निर्भरता | कम | उच्च परस्पर निर्भरता और सहयोगी कार्य |
| पुरस्कार | प्रायः व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर | साझा परिणाम के आधार पर |
| आकार | कोई सीमा नहीं | अपेक्षाकृत छोटा |
भेद INFLIBNET (Team dynamics) और Bauer-Erdogan (खंड 9.3) पर आधारित है; पंक्तियों का संयोजन परीक्षा-सुविधा के लिए है।
टीम क्यों काम करती है
INFLIBNET के अनुसार टीम का मूल तर्क व्यक्तियों की सामूहिक ऊर्जा, क्षमता, ज्ञान और रचनात्मकता का ऐसे कार्यों में उपयोग है जो अकेले नहीं हो सकते, क्योंकि वे बड़े, जटिल और एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। संगठन को सशक्त और सहयोगी कार्यबल का लाभ मिलता है। व्यक्ति को दो लाभ मिलते हैं: मनोवैज्ञानिक आत्मीयता (सुरक्षा और भावनात्मक सहारा) और समन्वित सहभागिता (सामाजिक पहचान और अपनी क्षमता की मान्यता)। Bauer-Erdogan के अनुसार प्रौद्योगिकी से व्यवस्थाएँ अधिक जटिल हुई हैं, जिनमें अनेक लोगों का योगदान चाहिए, और टीम-आधारित संगठनों में प्रेरणा और सहभागिता अधिक देखी जाती है।
टीम के प्रकार
INFLIBNET सबसे प्रमुख प्रकार चार बताती है। स्व-प्रबंधित (self-managed) टीम परस्पर निर्भर व्यक्तियों की ऐसी टीम है जो अपने कार्य का बड़ा भाग स्वयं नियंत्रित करती है: उसे कार्य पूरा करने की पूरी ज़िम्मेदारी और कार्य-संबंधी मुद्दों पर स्वायत्तता मिलती है, और सदस्य अपने प्रदर्शन को स्वयं नियमित करके एक-दूसरे को प्रतिपुष्टि देते हैं। आभासी (virtual) टीम के सदस्य एक साझा कार्य पर काम करते हैं पर अलग-अलग स्थानों पर होते हैं; यह वैश्विक विशेषज्ञता तक पहुँच देती है, पर साझा समझ और व्यक्तिगत संपर्क की कमी इसकी चुनौती है, और Bauer-Erdogan के अनुसार इसमें भरोसा बनाना और प्रदर्शन को परिणाम से आँकना ज़रूरी है। बहु-कार्यात्मक (cross-functional) टीम में अलग-अलग कार्य-क्षेत्रों (जैसे विपणन, वित्त, उत्पादन, सूचना-प्रौद्योगिकी) के विशेषज्ञ किसी विशिष्ट उद्देश्य के लिए जुड़ते हैं और अक्सर अस्थायी होते हैं। सदस्य अपने मूल कार्य-क्षेत्र से अधिक पहचान रखते हैं, यह इसकी चुनौती है।
चौथा प्रकार गुणवत्ता-मंडल (quality circle) है: कर्मचारियों का छोटा स्वैच्छिक समूह जो समय-समय पर कार्य-संबंधी समस्याओं पर चर्चा के लिए मिलता है। INFLIBNET इसे निचले स्तर पर कर्मचारियों की सहभागिता का महत्त्वपूर्ण मानव-संसाधन-विकास साधन कहती है और कुछ सार्वजनिक-निजी उपक्रमों और बैंकों के प्रयोगों का उल्लेख करती है। Bauer-Erdogan अस्थायी टीमों में कार्य-बल (task force) का भी उल्लेख करती हैं, जो किसी विशिष्ट समस्या के हल होने तक बनता है; इसके अलावा उत्पाद-विकास टीम और शीर्ष प्रबंधन टीम भी उनकी सूची में हैं।
सरकारी संदर्भ (विश्लेषण): किसी ज़िले में योजना-क्रियान्वयन के लिए राजस्व, पंचायत, स्वास्थ्य और अभियांत्रिकी के अधिकारियों की बनी टीम बहु-कार्यात्मक है; किसी आपदा के बाद बना जाँच-दल कार्य-बल है; राज्य-स्तर की बैठक में वीडियो से जुड़े अलग-अलग ज़िलों के अधिकारियों की समन्वय-टीम आभासी है।
टीम के प्रकार: एक नज़र में
| प्रकार | मुख्य विशेषता | चुनौती | सरकारी उदाहरण (विश्लेषण) |
|---|---|---|---|
| स्व-प्रबंधित | कार्य और अनुशासन पर स्वायत्तता | पूरे संगठन के लक्ष्य से जुड़ाव | स्वयं-सहायता समूह का संघ |
| आभासी | अलग-अलग स्थानों पर साझा कार्य | साझा समझ और भरोसा | वीडियो-बैठक से जुड़ी ज़िला-समन्वय टीम |
| बहु-कार्यात्मक | अलग विशेषज्ञता, अस्थायी, विशिष्ट उद्देश्य | अपने कार्य-क्षेत्र से अधिक जुड़ाव | योजना-क्रियान्वयन के लिए अंतर-विभागीय दल |
| गुणवत्ता-मंडल | स्वैच्छिक, नियमित बैठक | निरंतर समर्थन की आवश्यकता | शाखा के कर्मचारियों का सेवा-सुधार समूह |
| कार्य-बल | किसी विशिष्ट समस्या के हल तक | समय-सीमा | दुर्घटना जाँच-दल |
पहले चार प्रकार INFLIBNET से और कार्य-बल Bauer-Erdogan से लिए गए हैं। अंतिम स्तंभ विश्लेषण है।
प्रभावी टीम के लक्षण
INFLIBNET प्रभावी टीमों के आठ लक्षण गिनाती है: शीर्ष प्रबंधन का सशक्त समर्थन और कुशल नेतृत्व; छोटा आकार (आदर्श 6 से 8 सदस्य); लक्ष्यों की स्पष्ट घोषणा; सीमित संसाधनों में काम करने की क्षमता; पूरक कौशल; विशिष्ट कार्य-शैली और पद्धति; आवश्यक प्रशिक्षण; और प्रदर्शन के लिए पुरस्कार और मान्यता।
आकार पर Bauer-Erdogan कहती हैं कि सामान्य नियम 2 से 20 सदस्यों का है, पर अधिकतर टीमें 10 या उससे छोटी होती हैं, क्योंकि बड़ी टीम में समन्वय कठिन होता है और जवाबदेही घटती है; 20 से अधिक सदस्यों में सहयोग कम पाया गया है। यह वही बिंदु है जो समूह-गतिकी के पृष्ठ में सामाजिक आलस्य के साथ आया है। दोनों आँकड़े एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं: पहला आदर्श आकार बताता है और दूसरा सामान्य दायरा (यह विश्लेषण है)। उत्तर में लिखें कि कार्य की जटिलता और विविध कौशल की ज़रूरत के अनुसार आकार तय होता है।
हैकमैन के अनुसार टीमों के कार्य तीन वर्गों के होते हैं: उत्पादन-कार्य, विचार-सृजन-कार्य और समस्या-समाधान-कार्य (Bauer-Erdogan)। टीम की रचना कार्य के वर्ग के अनुरूप हो: विचार-सृजन में विविध पृष्ठभूमि लाभदायक है, जबकि उत्पादन में स्पष्ट भूमिकाएँ और समन्वय अधिक चाहिए (यह विश्लेषण है)।
INFLIBNET टीम-प्रभावशीलता का एक मॉडल देती है जिसमें तीन प्रक्रियाएँ हैं: टीम-परिभाषा की प्रक्रियाएँ (मिशन, रणनीति और लक्ष्य तय करना), क्रियान्वयन की प्रक्रियाएँ (कार्य-निगरानी, समन्वय और एक-दूसरे को सहारा) और अंतर-वैयक्तिक प्रक्रियाएँ (प्रेरणा, संघर्ष-प्रबंधन और भावनाओं का प्रबंधन)।
टीम-प्रभावशीलता की तीन प्रक्रियाएँ
टीम-परिभाषा
मिशन, रणनीति, लक्ष्य
क्रियान्वयन
निगरानी, समन्वय, सहारा
अंतर-वैयक्तिक
प्रेरणा, संघर्ष, भावनाएँ
टीम-निर्माण की प्रक्रिया
टीम-निर्माण का अर्थ है टीम बनाने, उसे साझा लक्ष्य की ओर जोड़ने और प्रभावी बनाने की सोची-समझी प्रक्रिया। INFLIBNET इसे औद्योगिक और सरकारी संगठनों के प्रबंधन सुधारने का लोकप्रिय हस्तक्षेप कहती है। टीम-निर्माण के चरण इस क्रम में समझे जा सकते हैं। (1) टीम की ज़रूरत जाँचना: कार्य में विविध कौशल, परस्पर निर्भरता और साझा लक्ष्य चाहिए या नहीं (Bauer-Erdogan)। (2) मिशन, रणनीति और लक्ष्य स्पष्ट शब्दों में तय करना और उनमें सदस्यों को शामिल करना (INFLIBNET)। (3) पूरक कौशल वाले सदस्य चुनना और आकार नियंत्रित रखना।
(4) मानदंड और टीम-अनुबंध बनाना। Bauer-Erdogan के अनुसार जो टीमें ग्राउंड-रूल, लक्ष्य और भूमिकाएँ तय करके टीम-अनुबंध बनाती हैं वे चुनौतियों का बेहतर सामना करती हैं। अनुबंध में साझा मूल्य और लक्ष्य, कौन क्या करेगा, छोटे-बड़े निर्णय कैसे होंगे, संवाद कैसे चलेगा और अच्छा प्रदर्शन क्या है, ये प्रश्न शामिल होते हैं। वे यह भी कहती हैं कि अनुबंध सफलता की गारंटी नहीं है, पर भटकने पर नक्शे का काम करता है। (5) बैठकों का अनुशासन: समय पर शुरू करना, एजेंडा पर चलना, सबकी भागीदारी सुनिश्चित करना और कार्य-बिंदुओं के साथ ज़िम्मेदारी तय करके समाप्त करना (Bauer-Erdogan)। (6) सामाजिक आलस्य, संघर्ष और समूह-चिंतन पर नज़र रखना। (7) प्रशिक्षण, पुरस्कार और मान्यता देना (INFLIBNET)।
एक पुरानी कथा के रूप में INFLIBNET हंसों की V-उड़ान से सीख देती है: बारी-बारी से अगुवाई, एक-दूसरे को प्रोत्साहन और संकट में साथ देना। इस कथा के प्रतिशत-आँकड़े लोक-प्रचलित हैं, इसलिए उत्तर में केवल तीन सीखें लिखें: साझा दिशा, अगुवाई की साझेदारी और परस्पर प्रोत्साहन। हंसों की कथा रूपक है, कोई प्रमाण नहीं।
सरकारी संगठन में टीम का उपयोग (विश्लेषण)
सरकारी कार्यालय की रचना पदानुक्रम और विभागीय सीमाओं पर टिकी होती है, इसलिए अंतर-विभागीय कार्य प्रायः टीम या समिति के रूप में चलता है। यहाँ टीम-निर्माण की तीन चुनौतियाँ स्पष्ट हैं। पहली, सदस्य अपने विभाग की पहचान से बँधे रहते हैं, जो बहु-कार्यात्मक टीम की सामान्य चुनौती है। दूसरी, समिति में सदस्य अलग-अलग पद-स्तर के हों तो कनिष्ठ अधिकारी खुलकर राय नहीं रखते, जिससे समूह-चिंतन और सामाजिक आलस्य का ख़तरा बढ़ता है। तीसरी, पुरस्कार और मान्यता की व्यवस्था प्रायः व्यक्तिगत होती है, जबकि टीम को साझा परिणाम पर पुरस्कार चाहिए।
इन चुनौतियों के उपाय ऊपर के सूत्रों से निकलते हैं: आरंभ में साझा लक्ष्य और टीम-अनुबंध, भूमिकाओं का स्पष्ट बँटवारा, बैठकों में सबसे राय माँगने का नियम और समीक्षा में टीम के परिणाम को मान्यता देना। उत्तर में इन्हें पहले चुनौती और फिर उपाय के क्रम में लिखें, ताकि विश्लेषण का भाग साफ़ दिखे।
टीम में भूमिकाएँ और बेल्बिन की नौ भूमिकाएँ
Bauer-Erdogan के अनुसार प्रारंभिक शोध में टीमों की भूमिकाएँ दो वर्गों में आईं: कार्य से जुड़ी और टीम के कार्य-संचालन से जुड़ी। केवल उत्पादन पर ध्यान देने वाली टीम अल्पकाल में सफल हो सकती है, पर यदि सदस्यों की भावनाओं की उपेक्षा हो तो उसमें छोड़कर जाने वालों की संख्या बढ़ती है। इसलिए टीम-निर्माण में कार्य और संबंध, दोनों का संतुलन चाहिए।
मेरेडिथ बेल्बिन ने अपने शोध से नौ टीम-भूमिकाएँ तय कीं। Belbin की आधिकारिक साइट के अनुसार नौ व्यवहार-गुच्छे सफल टीम के लिए चाहिए, और सबसे सफल टीमें विविध व्यवहारों के मेल से बनीं। साइट के अनुसार हर भूमिका की ताकत और 'स्वीकार्य कमज़ोरी' होती है, यानी ताकत का दूसरा पहलू। सभी भूमिकाएँ एक साथ हर व्यक्ति में नहीं होतीं; टीम में भूमिकाओं का मेल चाहिए। परीक्षा में भूमिकाओं के नाम और एक पंक्ति की ताकत लिखना पर्याप्त है।
बेल्बिन की नौ टीम-भूमिकाएँ
| वर्ग | भूमिका | ताकत (संक्षेप में) | स्वीकार्य कमज़ोरी |
|---|---|---|---|
| सामाजिक | संसाधन-अन्वेषक (Resource Investigator) | बहिर्मुखी, उत्साही, अवसर और संपर्क खोजता है | अति-आशावादी, उत्साह घटने पर रुचि खो सकता है |
| सामाजिक | टीमवर्कर (Teamworker) | सहयोगी, कूटनीतिक, टकराव घटाता है | निर्णायक क्षणों में अनिर्णय |
| सामाजिक | समन्वयक (Co-ordinator) | परिपक्व, प्रतिभा पहचानता, लक्ष्य स्पष्ट करता है | चालाक लग सकता है, काम बाँटकर बच सकता है |
| चिंतन | प्लांट (Plant) | रचनात्मक, विचार देता, कठिन समस्याएँ सुलझाता है | छोटी बातों की उपेक्षा, संवाद में कमी |
| चिंतन | मॉनिटर-मूल्यांकक (Monitor Evaluator) | संयत, रणनीतिक, विकल्पों को तौलता है | प्रेरित करने की कमी, अति-आलोचक |
| चिंतन | विशेषज्ञ (Specialist) | एकनिष्ठ, स्व-प्रेरित, गहन ज्ञान देता है | संकीर्ण दायरा, तकनीकी बारीकियों में अटकना |
| कार्य | शेपर (Shaper) | चुनौती देने वाला, दबाव में फलता, बाधाएँ तोड़ता है | उकसावे में आना, दूसरों को आहत करना |
| कार्य | कार्यान्वयनकर्ता (Implementer) | व्यावहारिक, भरोसेमंद, विचार को कार्य बनाता है | कुछ अड़ियल, नई संभावनाओं पर धीमा |
| कार्य | पूर्णकर्ता (Completer Finisher) | सावधान, त्रुटियाँ खोजता, काम परिष्कृत करता है | अनावश्यक चिंता, काम सौंपने में हिचक |
नाम, वर्ग और ताकत-कमज़ोरी Belbin की आधिकारिक साइट से हैं; हिंदी में सार लिखा गया है।
मानचित्र: टीम-निर्माण
टीम-निर्माण
टीम बनाम समूह
- साझा लक्ष्य
- पूरक कौशल
- परस्पर जवाबदेही
प्रकार
- स्व-प्रबंधित
- आभासी
- बहु-कार्यात्मक
- गुणवत्ता-मंडल
प्रभावी टीम
- छोटा आकार
- स्पष्ट लक्ष्य
- प्रशिक्षण और पुरस्कार
निर्माण के साधन
- टीम-अनुबंध
- बैठक-अनुशासन
- बेल्बिन की भूमिकाएँ
मुख्य तथ्य
- टीम की परिभाषा
- पूरक कौशल वाले थोड़े लोग, साझा उद्देश्य और परस्पर जवाबदेही (कैट्ज़ेनबाख-स्मिथ, Bauer-Erdogan के हवाले से)
- टीम के मुख्य प्रकार
- स्व-प्रबंधित, आभासी, बहु-कार्यात्मक, गुणवत्ता-मंडल
- आदर्श आकार
- 6 से 8 (INFLIBNET); सामान्य दायरा 2 से 20 (Bauer-Erdogan)
- हैकमैन के कार्य-वर्ग
- उत्पादन, विचार-सृजन, समस्या-समाधान
- टीम-अनुबंध के प्रश्न
- मूल्य और लक्ष्य, भूमिकाएँ, निर्णय, संवाद, प्रदर्शन
- बेल्बिन की भूमिकाएँ
- नौ: तीन सामाजिक, तीन चिंतन, तीन कार्य
- अंतिम जाँच
- 2 अक्टूबर 2026
उत्तर लिखते समय आम ग़लतियाँ
याद रखें
- टीम और समूह को पर्यायवाची लिखना: हर टीम समूह है, पर टीम में साझा जवाबदेही, पूरक कौशल और अधिक निर्भरता चाहिए।
- बड़ी टीम को बेहतर बताना: बड़े आकार में समन्वय कठिन होता है और जवाबदेही घटती है; आकार कार्य के अनुसार हो।
- बेल्बिन की सभी नौ भूमिकाएँ किसी एक व्यक्ति में मानना: साइट के अनुसार टीम में भूमिकाओं का मेल चाहिए, और हर व्यक्ति की कुछ भूमिकाएँ प्रबल होती हैं।
- हंसों की उड़ान के प्रतिशत आँकड़े उत्तर में लिखना: ये लोक-प्रचलित आँकड़े हैं; केवल सीख लिखें।
- टीम को हर समस्या का हल बताना: टीम तब सार्थक है जब कार्य में विविध कौशल और परस्पर निर्भरता हो।
- नेतृत्व और संचार के प्रश्न इसी पृष्ठ में घुसाना: वे व्यवहार इकाई के विषय हैं; यहाँ टीम-रचना और टीम-निर्माण तक सीमित रहें।
कार्य-उदाहरण (कल्पित): टीम का आकार और संवाद-संबंध
हल सहित उदाहरणसदस्य बढ़ने से आपसी संबंध कितने बढ़ते हैं
दिया है
- यह उदाहरण समझाने के लिए गढ़ा गया है; यह गणितीय गिनती है, किसी स्रोत का आँकड़ा नहीं।
- मान लें टीम में n सदस्य हैं और हर सदस्य सबसे सीधे संवाद करता है। दो सदस्यों के बीच एक संबंध बनता है, इसलिए कुल संबंध = n × (n − 1) ÷ 2।
- 1चरण 1: 6 सदस्य 6 × 5 ÷ 2 = 15 संबंध।
- 2चरण 2: 10 सदस्य 10 × 9 ÷ 2 = 45 संबंध।
- 3चरण 3: 20 सदस्य 20 × 19 ÷ 2 = 190 संबंध।
- 4चरण 4: तुलना सदस्य 6 से 20 हुए, यानी लगभग 3.3 गुना, पर संबंध 15 से 190 हुए, यानी लगभग 12.7 गुना। इसीलिए बड़ी टीम में समन्वय कठिन होता है।
निष्कर्ष: सदस्य बढ़ने पर समन्वय का बोझ उससे कहीं तेज़ी से बढ़ता है, जो छोटे आकार के पक्ष में तर्क है। यह तर्क गणना-आधारित विश्लेषण है।
केस स्टडी (कल्पित): ज़िले की अंतर-विभागीय टीम
उदाहरण (काल्पनिक)बहु-कार्यात्मक टीम बनाना और भूमिकाएँ संतुलित करना
यह केस समझाने के लिए गढ़ा गया है; पात्र और विभाग वास्तविक नहीं हैं। एक ज़िला-कलेक्टर ने सूखा-राहत की योजना के लिए राजस्व, जल-संसाधन, कृषि, पंचायत और स्वास्थ्य के पाँच अधिकारियों की टीम बनाई। पहली दो बैठकों में पाँचों अपने विभाग की माँगें रखते रहे और कोई कार्य-योजना नहीं बनी।
- निदान
- बहु-कार्यात्मक टीम में सदस्य अपने कार्य-क्षेत्र से अधिक पहचान रखते हैं; साझा लक्ष्य और टीम-अनुबंध नहीं था।
- मिशन और लक्ष्य
- सबने मिलकर लक्ष्य लिखे: 30 दिन में सभी प्रभावित गाँवों की आपूर्ति-सूची तैयार करना।
- टीम-अनुबंध
- कौन क्या करेगा, निर्णय कैसे होंगे, बैठक कब होगी और रिपोर्ट किसे जाएगी, यह तय हुआ।
- भूमिका-संतुलन
- समन्वय और लक्ष्य स्पष्ट करने का दायित्व एक अधिकारी को, विकल्पों की जाँच दूसरे को और अंतिम जाँच तीसरे को दिया गया; कार्य और संबंध की दोनों भूमिकाएँ भरीं।
- निगरानी
- हर बैठक के अंत में कार्य-बिंदु और ज़िम्मेदारी लिखी गई; जो कम बोलता था उससे सीधे राय माँगी गई।
सीख
टीम केवल लोगों को जोड़ने से नहीं बनती; साझा लक्ष्य, स्पष्ट भूमिकाएँ, नियम और जवाबदेही मिलकर उसे बनाते हैं।
अभ्यास प्रश्न (अपने)
अभ्यास प्रश्नलगभग 15 शब्द
टीम और समूह में एक अंतर लिखिए।
आदर्श उत्तर
समूह में सदस्य अपने क्षेत्र के ज़िम्मेदार होते हैं; टीम में साझा जवाबदेही होती है।
अभ्यास प्रश्नलगभग 50 शब्द
बहु-कार्यात्मक टीम को उदाहरण सहित समझाइए।
आदर्श उत्तर
बहु-कार्यात्मक टीम में संगठन के अलग-अलग कार्य-क्षेत्रों के विशेषज्ञ किसी विशिष्ट उद्देश्य के लिए जुड़ते हैं और अक्सर अस्थायी होते हैं। उदाहरण के लिए सूखा-राहत योजना के लिए राजस्व, कृषि, जल और स्वास्थ्य के अधिकारियों का दल। चुनौती यह है कि सदस्य अपने विभाग से अधिक जुड़े रहते हैं।
अभ्यास प्रश्नलगभग 50 शब्द
प्रभावी टीम के लक्षण लिखिए।
आदर्श उत्तर
प्रभावी टीम में शीर्ष प्रबंधन का समर्थन, छोटा आकार, स्पष्ट लक्ष्य, पूरक कौशल, विशिष्ट कार्य-पद्धति, आवश्यक प्रशिक्षण और प्रदर्शन पर पुरस्कार होते हैं। INFLIBNET आदर्श आकार 6 से 8 सदस्य बताती है। टीम के पास पर्याप्त संसाधन न हों तो भी उसे सीमित बजट में काम करना आना चाहिए।
अभ्यास प्रश्नलगभग 100 शब्द
टीम-निर्माण की प्रक्रिया के चरण समझाइए और सरकारी उदाहरण दीजिए।
आदर्श उत्तर
टीम-निर्माण में पहले यह जाँचा जाता है कि कार्य को विविध कौशल और परस्पर निर्भरता चाहिए या नहीं। फिर मिशन और लक्ष्य स्पष्ट शब्दों में तय किए जाते हैं और पूरक कौशल वाले सदस्य चुने जाते हैं। इसके बाद ग्राउंड-रूल और भूमिकाओं का टीम-अनुबंध बनता है, और बैठकें एजेंडा के अनुसार समय पर चलती हैं।
अंत में सामाजिक आलस्य, संघर्ष और समूह-चिंतन पर नज़र रखी जाती है तथा प्रशिक्षण, पुरस्कार और मान्यता दी जाती है। उदाहरण के लिए ज़िले की सूखा-राहत टीम में अलग-अलग विभागों के अधिकारियों को साझा लक्ष्य, स्पष्ट ज़िम्मेदारी और नियमित समीक्षा मिले तो वह प्रभावी बनती है।
उत्तर कैसे लिखें (10 अंक, 100 शब्द)
भूमिका
प्रश्न का नमूना: "टीम और समूह में अंतर स्पष्ट करते हुए प्रभावी टीम के लक्षण बताइए।" पहली पंक्ति में टीम की परिभाषा लिखें। (5 अंक के प्रश्न में यही ढाँचा 50 शब्दों में लिखें।)
मुख्य भाग
- अंतर के तीन बिंदु: लक्ष्य, जवाबदेही, कौशल
- प्रभावी टीम के चार-पाँच लक्षण: समर्थन, छोटा आकार, स्पष्ट लक्ष्य, पूरक कौशल, पुरस्कार
- एक सरकारी उदाहरण, जैसे अंतर-विभागीय दल
निष्कर्ष
निष्कर्ष: टीम की सफलता साझा लक्ष्य, पूरक कौशल और जवाबदेही के मेल पर निर्भर है।
अतिरिक्त मूल्य
- तालिका में अंतर दिखाएँ
- टीम-अनुबंध का एक वाक्य जोड़ें
- बेल्बिन के दो-तीन नाम उदाहरण-सहित लिखें
त्वरित पुनरावृत्ति
- टीम: साझा लक्ष्य, पूरक कौशल, परस्पर जवाबदेही; हर टीम समूह है, हर समूह टीम नहीं
- प्रकार: स्व-प्रबंधित, आभासी, बहु-कार्यात्मक, गुणवत्ता-मंडल; अस्थायी: कार्य-बल
- प्रभावी टीम: समर्थन, छोटा आकार (6-8), स्पष्ट लक्ष्य, पूरक कौशल, प्रशिक्षण, पुरस्कार
- हैकमैन: उत्पादन, विचार-सृजन, समस्या-समाधान कार्य
- टीम-प्रभावशीलता: टीम-परिभाषा, क्रियान्वयन, अंतर-वैयक्तिक प्रक्रियाएँ
- टीम-अनुबंध: मूल्य-लक्ष्य, भूमिकाएँ, निर्णय, संवाद, प्रदर्शन
- बेल्बिन की नौ भूमिकाएँ: सामाजिक, चिंतन, कार्य
- आकार बढ़ने पर संबंध n(n−1)/2 की रफ़्तार से बढ़ते हैं (विश्लेषण)
- इस विषय पर अब तक सीधा पिछला प्रश्न दर्ज नहीं है
याद रखने योग्य शब्द
- टीम बनाम समूह
- बहु-कार्यात्मक टीम
- टीम-अनुबंध
- बेल्बिन भूमिकाएँ