रणनीति-निर्माण (Strategy Formulation)
कॉर्पोरेट रणनीतियाँ, Ansoff, BCG और GE मैट्रिक्स तथा Porter की सामान्य रणनीतियाँ, कल्पित समूह के उदाहरण के साथ, उत्तर-लेखन की दृष्टि से।
- कॉर्पोरेट रणनीति
- Ansoff
- BCG
- Porter
सिलेबस में
RPSC सिलेबस (09-01-2026), पेपर I, इकाई III, भाग B (Management): "Strategic Management: concept and scope; business environment and SWOT analysis; strategy formulation and implementation; strategic control and evaluation." इस पृष्ठ पर "strategy formulation" है; implementation का अलग पृष्ठ है।
इस विषय को क्यों पढ़ें
याद रखें
- रणनीति-निर्माण में चार नाम बार-बार आते हैं: Ansoff का मैट्रिक्स, BCG मैट्रिक्स, GE मैट्रिक्स और Porter की सामान्य रणनीतियाँ। इन्हें तालिका बनाकर लिखने की क्षमता उत्तर को आकार देती है।
- 2013 से 2024 तक के RAS मुख्य परीक्षा प्रश्न-पत्रों में इस उप-विषय पर सीधा प्रश्न नहीं पूछा गया है, इसलिए यह क्षेत्र अपेक्षाकृत कम तैयार किया जाता है; थोड़ी-सी स्पष्ट तैयारी भी बढ़त देती है।
- विस्तार, स्थिरता और छँटनी वाली कॉर्पोरेट रणनीतियाँ सरकारी उपक्रमों के पुनर्गठन, विनिवेश और विस्तार की चर्चा में सीधे काम आती हैं (विश्लेषण)।
पहले सरल भाषा में: दुकानदार के तीन रास्ते
मान लीजिए आपकी एक चलती हुई मिठाई की दुकान है। साल के अंत में आप तीन रास्तों में से एक चुन सकते हैं: दुकान बढ़ाना (नई शाखा, नए सामान), जैसी है वैसी ही मज़बूती से चलाना, या घाटे वाला कोना बंद करके ख़र्च घटाना। बढ़ना, ठहरना और सिकुड़ना, यही रणनीति-निर्माण (strategy formulation) के तीन बुनियादी विकल्प हैं। बड़ी कंपनी में कई दुकानें होती हैं, इसलिए सवाल यह भी बन जाता है कि किस दुकान में पैसा लगाएँ और किससे निकलें। (यह समझाने के लिए गढ़ा गया दृश्य है।)
ICAI के अनुसार रणनीति-निर्माण में संगठन के उद्देश्य, हितधारकों और संसाधनों के आवंटन से जुड़े सुविचारित निर्णय आते हैं, और विभिन्न व्यावसायिक इकाइयों की रणनीतियों में तालमेल बिठाया जाता है ताकि सम्मिलित परिणाम सर्वोत्तम हो। शीर्ष प्रबंधन रणनीतिक निर्णय लेता है, जो फिर मध्य और कार्यात्मक स्तर पर उतरते हैं।
कॉर्पोरेट रणनीतियों के चार वर्ग
ICAI कॉर्पोरेट रणनीतियों को चार वर्गों में बाँटती है: स्थिरता (stability), विस्तार या वृद्धि (growth/expansion), छँटनी (retrenchment) और संयोजन (combination)। OpenStax इन्हीं को "grand strategy" के नाम से तीन रूपों में रखती है: वृद्धि, स्थिरता और रक्षात्मक; संयोजन उन तीनों का मेल है।
स्थिरता रणनीति में संगठन अपने मौजूदा कारोबार और बाज़ार में टिके रहकर प्रयास का वर्तमान स्तर बनाए रखता है और केवल क्रमिक वृद्धि से संतुष्ट रहता है। ICAI के अनुसार यह अक्सर उन उत्पादों के लिए उपयुक्त है जो उत्पाद-जीवन-चक्र की परिपक्वता अवस्था में हैं। OpenStax जोड़ती है कि सूचीबद्ध कंपनियाँ शायद ही केवल यथास्थिति चुनती हैं, क्योंकि शेयरधारक वृद्धि को पुरस्कृत करते हैं।
विस्तार रणनीति में संगठन महत्त्वपूर्ण वृद्धि चाहता है, चाहे मौजूदा व्यवसाय में, संबंधित नए व्यवसाय में या असंबंधित व्यवसाय में। इसके दो मार्ग हैं: आंतरिक वृद्धि और बाहरी वृद्धि। आंतरिक वृद्धि दो रास्तों से होती है: तीव्रीकरण (intensification) और विविधीकरण (diversification)। बाहरी वृद्धि विलय और अधिग्रहण (mergers and acquisitions), संयुक्त उपक्रम और रणनीतिक गठबंधन जैसे सहयोग-रूपों से होती है। विलय में दो संगठन मिलकर एक नई इकाई बनाते हैं; अधिग्रहण में एक संगठन दूसरे को अपने नियंत्रण में ले लेता है।
छँटनी रणनीति तब आती है जब संगठन कुछ गतिविधियाँ घटाता या छोड़ता है। ICAI इसके तीन रूप बताती है। पहला, पुनरुद्धार (turnaround): आंतरिक कुशलता सुधारकर घाटे से उबरने की कोशिश। दूसरा, विनिवेश (divestment): किसी इकाई, प्रभाग या SBU को बेचना, जो प्रायः तब होता है जब पुनरुद्धार आज़माकर असफल हो चुका हो। तीसरा, परिसमापन (liquidation): पूरे व्यवसाय को बंद करके संपत्तियाँ बेच देना। ICAI इसे "रणनीतिक निकास" (strategic exit) कहती है: पहले समस्या के क्षेत्र और कारण खोजे जाते हैं, फिर क़दम उठते हैं; पुनरुद्धार और विनिवेश से बात न बने तो परिसमापन अंतिम विकल्प रहता है।
चार कॉर्पोरेट रणनीतियाँ: एक नज़र में
| रणनीति | मूल भाव | कब उपयुक्त | उप-रूप |
|---|---|---|---|
| स्थिरता | वर्तमान स्थिति बनाए रखना | परिपक्व उत्पाद, पर्याप्त बाज़ार-हिस्सेदारी | क्रमिक वृद्धि तक सीमित |
| विस्तार (वृद्धि) | महत्त्वपूर्ण वृद्धि | बढ़ता बाज़ार, क्षमता और संसाधन उपलब्ध | आंतरिक: तीव्रीकरण, विविधीकरण; बाहरी: विलय-अधिग्रहण, गठबंधन |
| छँटनी | गतिविधियाँ घटाना या छोड़ना | घाटा, बाज़ार में कमज़ोर स्थिति, तकनीकी अप्रचलन | पुनरुद्धार, विनिवेश, परिसमापन |
| संयोजन | ऊपर के तीनों का मिश्रण | बहु-व्यवसाय समूह, जिनकी इकाइयों की स्थिति अलग-अलग | कुछ इकाइयों में वृद्धि, कुछ में स्थिरता, कुछ में छँटनी |
आधार: ICAI अध्याय 4 और OpenStax 9.4; "कब उपयुक्त" स्तंभ सार-रूप है (विश्लेषण)।
Ansoff का उत्पाद-बाज़ार मैट्रिक्स
एच. इगोर एंसॉफ़ (Ansoff) ने Harvard Business Review के 1957 के लेख "Strategies for Diversification" में कहा कि किसी व्यवसाय के पास वृद्धि के चार बुनियादी विकल्प हैं: बाज़ार-प्रवेश (market penetration), बाज़ार-विकास (market development), उत्पाद-विकास (product development) और विविधीकरण (diversification)। लेख बताता है कि विविधीकरण में पुराने ढर्रे और परंपरा से अलग हटकर नए और अनजाने रास्ते पर जाना पड़ता है, इसीलिए उसकी समस्याएँ बाक़ी तीन से अलग हैं। ICAI उसे जोखिम भरा इसलिए कहती है कि वह न किसी सफल उत्पाद पर टिकता है, न स्थापित बाज़ार की स्थिति पर।
ICAI इसी ढाँचे को दो-बाई-दो तालिका के रूप में समझाती है, जिसकी दो धुरियाँ उत्पाद (मौजूदा या नए) और बाज़ार (मौजूदा या नए) हैं। चारों ख़ाने इस तरह भरते हैं।
Ansoff का मैट्रिक्स
| मौजूदा उत्पाद | नए उत्पाद | |
|---|---|---|
| मौजूदा बाज़ार | बाज़ार-प्रवेश: बाज़ार-हिस्सेदारी और उपयोग की मात्रा बढ़ाना, नए उपयोग खोजना | उत्पाद-विकास: उत्पाद में नई ख़ूबियाँ, अगली पीढ़ी का उत्पाद, उसी बाज़ार के लिए नया उत्पाद |
| नए बाज़ार | बाज़ार-विकास: नए भौगोलिक क्षेत्र, नए ग्राहक-वर्ग, नए वितरण-माध्यम | विविधीकरण: नए उत्पाद और नए बाज़ार; संबंधित या असंबंधित |
ख़ानों की व्याख्या ICAI अध्याय 4 के अनुसार; उदाहरण-वाक्य सामान्य हैं।
तीव्रीकरण, विविधीकरण और एकीकरण
ICAI बाज़ार-प्रवेश, बाज़ार-विकास और उत्पाद-विकास को "तीव्रीकरण" कहती है, क्योंकि इनमें संगठन अपनी भीतरी क्षमता को गहरा करके बढ़ता है। विविधीकरण नए उत्पाद-बाज़ार में उतरना है। संबंधित (related) विविधीकरण में नया क्षेत्र मौजूदा व्यवसाय से तकनीक, वितरण या ग्राहक के स्तर पर जुड़ा होता है; असंबंधित (unrelated) में कोई कड़ी नहीं होती। संबंधित का एक विशेष रूप एकीकरण है: पीछे की ओर (backward, आपूर्ति की ओर), आगे की ओर (forward, वितरण की ओर) और समतल (horizontal, उसी चरण के प्रतिस्पर्धी को साथ लेकर)।
विविधीकरण का तर्क जोखिम बाँटने का है: एक ही बाज़ार पर निर्भर संगठन उसके ठहराव में फँस जाता है। पर इसका नुक़सान यह है कि नए क्षेत्र में अनुभव और संसाधन अक्सर कम पड़ते हैं। इसीलिए ICAI और OpenStax दोनों मूल क्षमता और पोर्टफ़ोलियो-संतुलन की बात करती हैं (विश्लेषण)।
BCG का वृद्धि-हिस्सेदारी मैट्रिक्स
बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (BCG) के संस्थापक ब्रूस हेंडरसन ने 1970 में यह मैट्रिक्स प्रस्तुत किया; BCG की अपनी प्रकाशित सामग्री इसे "The Product Portfolio" (1970) से जोड़ती है। इसकी दो धुरियाँ हैं: खड़ी धुरी बाज़ार की वृद्धि-दर (बाज़ार का आकर्षण) है और क्षैतिज धुरी सापेक्ष बाज़ार-हिस्सेदारी (संगठन की ताक़त)। सापेक्ष हिस्सेदारी को सामान्यतः अपनी हिस्सेदारी और सबसे बड़े प्रतिस्पर्धी की हिस्सेदारी के अनुपात के रूप में लिया जाता है (विश्लेषण)।
इसी से चार प्रकार के व्यवसाय बनते हैं, जिनके लिए ICAI ने साफ़ वर्णन दिया है। सितारे (Stars) तेज़ी से बढ़ने वाले बाज़ार में ऊँची हिस्सेदारी वाले हैं; उन्हें बढ़त बनाए रखने के लिए भारी निवेश चाहिए। नक़दी-गायें (Cash Cows) धीमी वृद्धि पर ऊँची हिस्सेदारी वाले हैं; वे नक़दी पैदा करते हैं और कम निवेश माँगते हैं। प्रश्न-चिह्न (Question Marks) तेज़ बाज़ार में कम हिस्सेदारी वाले हैं; इन्हें बहुत नक़दी चाहिए और अनदेखा किए जाने पर वे नक़दी निगलने वाले गड्ढे बन सकते हैं। कुत्ते (Dogs) धीमे बाज़ार में कम हिस्सेदारी वाले हैं; वे अपना ख़र्च चला सकते हैं पर भविष्य सीमित है, और उन्हें घटाना या बेचना आम सलाह है। BCG की सामग्री इन्हीं चारों को "pets" शब्द से भी बताती है।
इस मैट्रिक्स का असली संदेश संतुलन है: नक़दी-गायों से कमाई, सितारों और चुने हुए प्रश्न-चिह्नों में निवेश, ताकि आज के सितारे कल की नक़दी-गाय बनें। OpenStax भी यही कहती है और याद दिलाती है कि यह उपकरण केवल बहु-इकाई समूहों के लिए है, एक ही व्यवसाय वाली कंपनी पर लागू नहीं होता।
वर्गीकरण के बाद हर इकाई की भूमिका तय होती है। ICAI चार विकल्प बताती है: निर्माण (Build), जिसमें बाज़ार-हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए अल्पकालिक कमाई छोड़ी जाती है; बनाए रखना (Hold), जिसमें मौजूदा हिस्सेदारी बचाई जाती है; दोहन (Harvest), जिसमें दीर्घकालिक असर की परवाह किए बिना अल्पकालिक नक़दी बढ़ाई जाती है; और विनिवेश (Divest), जिसमें इकाई बेची या बंद की जाती है। मैट्रिक्स की सीमाएँ भी ICAI गिनाती है: इसे लागू करना कठिन, समय-साध्य और महँगा हो सकता है, इकाइयों और बाज़ार-हिस्सेदारी की परिभाषा तय करना मुश्किल है, यह वर्तमान व्यवसायों का वर्गीकरण करता है पर भविष्य की योजना पर कम सलाह देता है, और बाज़ार-हिस्सेदारी की वृद्धि पर ज़्यादा ज़ोर नई जोखिम भरी परियोजनाओं में जल्दबाज़ी या स्थापित इकाइयों की जल्दी बिक्री तक पहुँचा सकता है।
BCG मैट्रिक्स: चार ख़ाने
| ऊँची सापेक्ष हिस्सेदारी | नीची सापेक्ष हिस्सेदारी | |
|---|---|---|
| ऊँची वृद्धि-दर | Star: बढ़त बनाए रखने को भारी निवेश; भविष्य की नक़दी-गाय | Question Mark: बहुत नक़दी चाहिए; चुनकर बढ़ाएँ या छोड़ें |
| नीची वृद्धि-दर | Cash Cow: नक़दी पैदा करती है, कम निवेश; समूह की कमाई | Dog: सीमित भविष्य; घटाना, समेटना या बेचना |
ICAI अध्याय 4 के वर्णन के अनुसार; BCG की अपनी सामग्री 1970 और 'pets' शब्द की पुष्टि करती है।
GE (स्टॉप-लाइट) मैट्रिक्स
ICAI के अनुसार यह मॉडल जनरल इलेक्ट्रिक कंपनी ने सलाहकार फ़र्म मैकिन्से की मदद से विकसित किया; इसे नौ-ख़ाने वाला मैट्रिक्स या बिज़नेस प्लानिंग मैट्रिक्स भी कहते हैं। नाम ट्रैफ़िक-लाइट से आया है: हरा बढ़ो, पीला सावधानी से चुनो, लाल रुको। इसकी दोनों धुरियाँ BCG से अधिक विस्तृत हैं: खड़ी धुरी बाज़ार-आकर्षण (आकार, वृद्धि-दर, उद्योग का मुनाफ़ा, प्रतिस्पर्धा की तीव्रता, जोखिम आदि अनेक कारकों का सम्मिलित आकलन) और क्षैतिज धुरी व्यवसाय की ताक़त (बाज़ार-हिस्सेदारी, ब्रांड, लागत-स्थिति, तकनीकी क्षमता, प्रबंधन की गुणवत्ता आदि)।
हरे क्षेत्र (ऊँचा आकर्षण और मज़बूत ताक़त) में निवेश और विस्तार की सलाह है। पीले क्षेत्र में विवेक से चयन और चुनी हुई कमाई। लाल क्षेत्र में छँटनी, विनिवेश या परिसमापन। ICAI के अनुसार BCG से इसका अंतर दो बातों में है: बाज़ार-वृद्धि की जगह बाज़ार-आकर्षण का व्यापक पैमाना, और बाज़ार-हिस्सेदारी की जगह प्रतिस्पर्धी ताक़त का व्यापक पैमाना।
BCG और GE मैट्रिक्स की तुलना
BCG
ख़ानेचार
खड़ी धुरीबाज़ार की वृद्धि-दर
क्षैतिज धुरीसापेक्ष बाज़ार-हिस्सेदारी
सलाह का रूपनिवेश, कमाई, चुनना या बेचना
सीमादो ही चर; बाक़ी कारक छूटते हैं
GE (स्टॉप-लाइट)
ख़ानेनौ
खड़ी धुरीबाज़ार-आकर्षण (कई कारक)
क्षैतिज धुरीव्यवसाय की ताक़त (कई कारक)
सलाह का रूपहरा: निवेश; पीला: चयन; लाल: कटाई या विनिवेश
सीमाआकलन में व्यक्तिनिष्ठता; वज़न तय करना कठिन (विश्लेषण)
व्यावसायिक स्तर की सामान्य रणनीतियाँ (Porter)
ICAI के अनुसार पोर्टर ने कहा कि संगठन प्रतिस्पर्धी बढ़त तीन आधारों से पा सकते हैं: लागत-नेतृत्व (cost leadership), विभेदीकरण (differentiation) और फ़ोकस (focus)। इन्हें "सामान्य" इसलिए कहा गया कि किसी भी आकार या प्रकार की संस्था, यहाँ तक कि ग़ैर-लाभकारी संस्था भी, इन्हें अपना सकती है। फ़ोकस के दो रूप हैं: लागत-फ़ोकस और विभेदीकरण-फ़ोकस। UGC-INFLIBNET की सामग्री भी कहती है कि प्रतिस्पर्धी बढ़त के आर्थिक तर्क में दो कारक निर्णायक हैं: प्रतिस्पर्धियों से कम लागत-ढाँचा, और ऐसा उत्पाद जिसे ग्राहक दूसरों से अलग माने; और फ़र्म इन्हें पूरे लक्ष्य-बाज़ार में या केंद्रित बाज़ार में अपना सकती है।
लागत-नेतृत्व में उत्पाद मानकीकृत और बड़े पैमाने पर बनते हैं, ताकि प्रति इकाई लागत बहुत कम रहे और मूल्य-संवेदनशील ग्राहक आकर्षित हों। विभेदीकरण में उत्पाद या सेवा उद्योग भर में अनोखी मानी जाती है (डिज़ाइन, ब्रांड, तकनीक, सेवा) और ग्राहक ऊँची क़ीमत देने को तैयार रहते हैं। फ़ोकस में कम संख्या के विशिष्ट रुचि वाले ग्राहक-वर्ग पर ध्यान रहता है। ICAI के अनुसार बड़ी फ़र्में प्रायः लागत-नेतृत्व या विभेदीकरण पर चलती हैं और छोटी फ़र्में फ़ोकस पर।
हर रास्ते के जोखिम होते हैं। लागत-नेतृत्व की बढ़त की नक़ल हो सकती है, नई तकनीक उसे बेकार कर सकती है और ग्राहक की रुचि क़ीमत से हटकर दूसरी विशेषताओं पर जा सकती है। ICAI यह भी बताती है कि ये तीनों रणनीतियाँ अलग-अलग संगठनात्मक ढाँचे, नियंत्रण-व्यवस्था और प्रोत्साहन माँगती हैं। इसी वजह से रणनीति-निर्माण और कार्यान्वयन अलग नहीं किए जा सकते।
तीन सामान्य रणनीतियाँ
| रणनीति | ग्राहक-लक्ष्य | आधार | मुख्य जोखिम |
|---|---|---|---|
| लागत-नेतृत्व | व्यापक बाज़ार, मूल्य-संवेदनशील | कम इकाई लागत, मानकीकरण, पैमाने की बचत | नक़ल; तकनीकी बदलाव; ग्राहक की रुचि का हटना |
| विभेदीकरण | व्यापक बाज़ार, मूल्य-असंवेदनशील | अनोखी विशेषता: डिज़ाइन, ब्रांड, तकनीक, सेवा | विशिष्टता की लागत; नक़ल से अंतर घटना |
| फ़ोकस | छोटा, विशिष्ट ग्राहक-वर्ग | लागत या विभेदीकरण, पर संकरे लक्ष्य पर | छोटा बाज़ार; बड़े खिलाड़ियों का प्रवेश |
आधार: ICAI अध्याय 3 और OpenStax 9.4; जोखिम-स्तंभ विश्लेषण-सार है।
रणनीति का चुनाव: कैसे तय हो
विकल्प पहचान लेने के बाद चुनाव आता है। ICAI के संदर्भ में चुनाव उद्देश्यों, संसाधनों, बाहरी अवसरों-ख़तरों और आंतरिक शक्तियों-कमज़ोरियों के मिलान पर टिकता है, यानी पिछले पृष्ठ का पर्यावरण-विश्लेषण यहाँ काम आता है। व्यावहारिक रूप से तीन प्रश्न पूछे जा सकते हैं: क्या यह विकल्प संगठन की स्थिति के अनुकूल है (उपयुक्तता), क्या संसाधन और क्षमता उसे चला सकते हैं (व्यवहार्यता), और क्या हितधारक उसे स्वीकार करेंगे (स्वीकार्यता)? ये तीन कसौटियाँ शिक्षण-सुविधा के लिए रखी गई विश्लेषणात्मक व्यवस्था हैं (विश्लेषण)।
जीवन-चक्र की अवस्था भी दिशा देती है। ICAI के अनुसार प्रवेश या आरंभ की अवस्था में बाज़ार-प्रवेश की रणनीति, वृद्धि की अवस्था में विस्तार, परिपक्वता में स्थिरता और गिरावट में छँटनी या पुनरुद्धार स्वाभाविक विकल्प हैं।
रणनीति-निर्माण का रास्ता
1. विश्लेषण
पर्यावरण और SWOT से अवसर, ख़तरे, शक्तियाँ, कमज़ोरियाँ
2. कॉर्पोरेट विकल्प
स्थिरता, विस्तार, छँटनी या संयोजन
3. पोर्टफ़ोलियो-उपकरण
BCG और GE से हर इकाई का स्थान
4. विकास की दिशा
Ansoff: प्रवेश, बाज़ार-विकास, उत्पाद-विकास, विविधीकरण
5. व्यावसायिक विकल्प
लागत-नेतृत्व, विभेदीकरण, फ़ोकस
6. चुनाव
उपयुक्तता, व्यवहार्यता, स्वीकार्यता; फिर कार्यान्वयन
एक नज़र में: रणनीति-निर्माण
रणनीति-निर्माण
कॉर्पोरेट
- स्थिरता
- विस्तार: आंतरिक + बाहरी
- छँटनी: पुनरुद्धार, विनिवेश, परिसमापन
- संयोजन
Ansoff (1957)
- बाज़ार-प्रवेश
- बाज़ार-विकास
- उत्पाद-विकास
- विविधीकरण
BCG (1970)
- Star
- Cash Cow
- Question Mark
- Dog
GE
- नौ ख़ाने
- बाज़ार-आकर्षण × व्यवसाय-ताक़त
- हरा, पीला, लाल
Porter
- लागत-नेतृत्व
- विभेदीकरण
- फ़ोकस
मुख्य तथ्य
- Ansoff, HBR
- "Strategies for Diversification", 1957; चार वृद्धि-विकल्प
- Ansoff लेख की पुष्टि
- Internet Archive अभिलेख में शीर्षक में 1957 HBR दर्ज
- BCG मैट्रिक्स
- ब्रूस हेंडरसन, 1970; खड़ी धुरी वृद्धि-दर, क्षैतिज धुरी सापेक्ष हिस्सेदारी
- BCG की मूल सामग्री
- "The Product Portfolio", 1970 पुनर्मुद्रण
- चार कॉर्पोरेट रणनीतियाँ
- स्थिरता, विस्तार, छँटनी, संयोजन
- छँटनी के रूप
- पुनरुद्धार, विनिवेश, परिसमापन
- GE मैट्रिक्स
- जनरल इलेक्ट्रिक द्वारा मैकिन्से की मदद से; बाज़ार-आकर्षण × व्यवसाय-ताक़त; हरा-पीला-लाल
- Porter की सामान्य रणनीतियाँ
- लागत-नेतृत्व, विभेदीकरण, फ़ोकस
- grand strategy (OpenStax)
- वृद्धि, स्थिरता, रक्षात्मक; तीनों स्तरों पर
पिछले वर्षों के प्रश्नों पर टिप्पणी
2013 से 2024 तक के RAS मुख्य परीक्षा प्रश्न-पत्रों में "रणनीति-निर्माण" पर सीधा प्रश्न नहीं पूछा गया है, इसलिए इस पृष्ठ में हल किए गए पिछले प्रश्न नहीं हैं। नीचे के अभ्यास-प्रश्न मौलिक रूप से बनाए गए हैं, पिछले प्रश्न-पत्रों के नहीं।
परीक्षा में आम ग़लतियाँ
याद रखें
- BCG में Dog और Question Mark को उलट देना; Question Mark में वृद्धि ऊँची और हिस्सेदारी नीची है, Dog में दोनों नीची।
- Ansoff के मैट्रिक्स में विविधीकरण को सबसे सुरक्षित बताना; Ansoff के लेख में वह पुराने ढर्रे से अलग नए रास्ते पर जाना है और ICAI उसे जोखिम भरा बताती है।
- छँटनी को केवल "बंद करना" लिख देना; पुनरुद्धार, विनिवेश और परिसमापन तीनों अलग रूप हैं।
- Porter के पाँच बलों और सामान्य रणनीतियों को मिला देना; पहला उद्योग का विश्लेषण है, दूसरा बढ़त पाने का रास्ता।
- BCG और GE को एक-जैसा लिख देना; ख़ानों की संख्या और धुरियों का अंतर तालिका में अवश्य दिखाएँ।
अभ्यास-प्रकरण: काल्पनिक 'मरु समूह' का पोर्टफ़ोलियो
उदाहरण (काल्पनिक)चार व्यवसाय, चार अलग रणनीतियाँ
यह प्रकरण कल्पित है; समूह, उसके व्यवसाय और संख्याएँ केवल अभ्यास के लिए बनाई गई हैं और किसी वास्तविक कंपनी का वर्णन नहीं। मान लीजिए एक राजस्थानी समूह के पास चार इकाइयाँ हैं।
- सीमेंट
- बाज़ार धीमा बढ़ रहा है, समूह की हिस्सेदारी सबसे बड़ी: नक़दी-गाय। रणनीति: कमाई निकालना, मशीनें टिकाऊ रखना।
- सौर-ऊर्जा
- बाज़ार तेज़ी से बढ़ रहा है, समूह अग्रणी: सितारा। रणनीति: भारी निवेश से बढ़त बचाना।
- ई-वाणिज्य मंच
- बाज़ार तेज़ है पर समूह का हिस्सा छोटा: प्रश्न-चिह्न। रणनीति: पहले परखो कि सितारा बन सकता है या नहीं।
- पुराना कपड़ा-कारख़ाना
- बाज़ार धीमा और समूह का हिस्सा कम: कुत्ता। रणनीति: विनिवेश या परिसमापन पर विचार।
सीख
कॉर्पोरेट स्तर पर सवाल "कहाँ निवेश करें" है; इसलिए एक ही समूह में स्थिरता, विस्तार और छँटनी, यानी संयोजन-रणनीति, साथ-साथ चल सकती है।
कार्य-उदाहरण: BCG में इकाई को किस ख़ाने में रखें
हल सहित उदाहरणसापेक्ष हिस्सेदारी निकालकर वर्गीकरण
दिया है
- संख्याएँ कल्पित हैं।
- रेखाएँ उदाहरण के लिए चुनी गई हैं: वृद्धि-दर 10% से ऊपर "ऊँची", सापेक्ष हिस्सेदारी 1.0 से ऊपर "ऊँची" (वास्तविक विश्लेषण में रेखाएँ उद्योग के अनुसार तय होती हैं)।
- इकाई A: बाज़ार वृद्धि 4%, समूह की हिस्सेदारी 30%, सबसे बड़े प्रतिस्पर्धी की 15%।
- इकाई B: बाज़ार वृद्धि 18%, समूह की हिस्सेदारी 8%, सबसे बड़े प्रतिस्पर्धी की 20%।
- 1चरण 1: A की सापेक्ष हिस्सेदारी 30 ÷ 15 = 2.0, यानी ऊँची।
- 2चरण 2: A का वर्गीकरण वृद्धि 4% (नीची) और हिस्सेदारी ऊँची: नक़दी-गाय।
- 3चरण 3: B की सापेक्ष हिस्सेदारी 8 ÷ 20 = 0.4, यानी नीची।
- 4चरण 4: B का वर्गीकरण वृद्धि 18% (ऊँची) और हिस्सेदारी नीची: प्रश्न-चिह्न।
- 5चरण 5: नक़दी का बहाव A से बनी नक़दी का एक भाग B जैसी इकाई को बढ़ाने में लगाया जा सकता है, यदि B के सितारा बनने की संभावना दिखे।
निष्कर्ष: A नक़दी देने वाली इकाई है और B निवेश माँगने वाली; चुनाव यह है कि B में पैसा लगाएँ या नहीं। यही BCG मैट्रिक्स का व्यावहारिक सार है (संख्याएँ कल्पित)।
अभ्यास के प्रश्न
अभ्यास प्रश्नलगभग 15 शब्द
BCG मैट्रिक्स की दो धुरियाँ लिखिए।
आदर्श उत्तर
BCG मैट्रिक्स की खड़ी धुरी बाज़ार की वृद्धि-दर और क्षैतिज धुरी सापेक्ष बाज़ार-हिस्सेदारी है।
अभ्यास प्रश्नलगभग 50 शब्द
छँटनी रणनीति के तीन रूप समझाइए।
आदर्श उत्तर
छँटनी में संगठन गतिविधियाँ घटाता या छोड़ता है। पुनरुद्धार में आंतरिक कुशलता सुधारकर घाटे से उबरने का प्रयास होता है। विनिवेश में किसी इकाई या प्रभाग को बेचा जाता है, प्रायः पुनरुद्धार विफल होने पर। परिसमापन में पूरा व्यवसाय बंद करके संपत्तियाँ बेची जाती हैं।
अभ्यास प्रश्नलगभग 50 शब्द
Ansoff के उत्पाद-बाज़ार मैट्रिक्स के चारों ख़ाने उदाहरण सहित बताइए।
आदर्श उत्तर
Ansoff के चार विकल्प हैं। बाज़ार-प्रवेश: मौजूदा उत्पाद की बिक्री मौजूदा बाज़ार में बढ़ाना, जैसे विज्ञापन बढ़ाना। बाज़ार-विकास: वही उत्पाद नए क्षेत्र या ग्राहक-वर्ग में ले जाना, जैसे दूसरे ज़िले में बेचना। उत्पाद-विकास: उसी बाज़ार के लिए नया या सुधरा उत्पाद, जैसे नया स्वाद। विविधीकरण: नया उत्पाद नए बाज़ार में, जो जोखिम भरा है।
अभ्यास प्रश्नलगभग 100 शब्द
कॉर्पोरेट और व्यावसायिक स्तर की रणनीतियों के उदाहरण देते हुए BCG मैट्रिक्स और Porter की सामान्य रणनीतियों का परिचय दीजिए।
आदर्श उत्तर
कॉर्पोरेट रणनीति तय करती है कि समूह किन व्यवसायों में रहे। BCG मैट्रिक्स इसमें मदद करता है: सितारों में निवेश, नक़दी-गायों से कमाई, प्रश्न-चिह्नों पर सावधानी से निर्णय और कुत्तों का विनिवेश। व्यावसायिक रणनीति तय करती है कि चुने हुए बाज़ार में कैसे जीतें। Porter के अनुसार तीन सामान्य रास्ते हैं: लागत-नेतृत्व, जिसमें कम इकाई लागत से मूल्य-संवेदनशील ग्राहक जोड़े जाते हैं; विभेदीकरण, जिसमें अनोखी विशेषता के बल पर ऊँची क़ीमत मिलती है; और फ़ोकस, जिसमें छोटे विशिष्ट ग्राहक-वर्ग पर ध्यान रहता है। दोनों स्तर साथ मिलकर रणनीति पूरी करते हैं।
उत्तर कैसे लिखें (10 अंक, 100 शब्द)
भूमिका
प्रश्न: "रणनीति-निर्माण के विभिन्न विकल्पों की विवेचना कीजिए।" पहले वाक्य में रणनीति-निर्माण को उपलब्ध विकल्पों में से सुविचारित चुनाव बताएँ।
मुख्य भाग
- कॉर्पोरेट: स्थिरता, विस्तार, छँटनी, संयोजन
- विस्तार की दिशा: Ansoff (1957): प्रवेश, बाज़ार-विकास, उत्पाद-विकास, विविधीकरण
- पोर्टफ़ोलियो: BCG (1970) चार ख़ाने; GE नौ ख़ाने
- व्यावसायिक: Porter की तीन सामान्य रणनीतियाँ
- चुनाव: पर्यावरण-विश्लेषण से मिलान; जीवन-चक्र की अवस्था
निष्कर्ष
निष्कर्ष: कोई एक रणनीति सब पर लागू नहीं; सही चुनाव संगठन की स्थिति, संसाधन और बाज़ार के मिलान से निकलता है।
अतिरिक्त मूल्य
- BCG की तालिका या छोटा रेखाचित्र
- छँटनी के तीन रूपों का नाम
- एक कल्पित उदाहरण, स्पष्ट रूप से लिखा हुआ
त्वरित पुनरावृत्ति
- कॉर्पोरेट रणनीति: स्थिरता, विस्तार, छँटनी, संयोजन (ICAI)
- विस्तार: आंतरिक (तीव्रीकरण, विविधीकरण) और बाहरी (विलय-अधिग्रहण, संयुक्त उपक्रम, गठबंधन)
- छँटनी: पुनरुद्धार, विनिवेश, परिसमापन
- Ansoff, HBR 1957: बाज़ार-प्रवेश, बाज़ार-विकास, उत्पाद-विकास, विविधीकरण
- BCG, 1970, हेंडरसन: Star, Cash Cow, Question Mark, Dog; धुरियाँ: वृद्धि-दर और सापेक्ष हिस्सेदारी
- GE: नौ ख़ाने; बाज़ार-आकर्षण और व्यवसाय-ताक़त; हरा, पीला, लाल
- Porter: लागत-नेतृत्व, विभेदीकरण, फ़ोकस; बड़ी फ़र्में प्रायः पहले दो, छोटी फ़ोकस
- BCG केवल बहु-इकाई समूह पर लागू होता है (OpenStax)
- जीवन-चक्र: आरंभ में प्रवेश, वृद्धि में विस्तार, परिपक्वता में स्थिरता, गिरावट में छँटनी
याद रखने योग्य शब्द
- कॉर्पोरेट रणनीति
- विस्तार
- छँटनी
- Ansoff
- BCG
- GE मैट्रिक्स
- लागत-नेतृत्व
- विभेदीकरण
- फ़ोकस