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पेपर I · इकाई III (B) · प्रबंधन

मानव संसाधन नियोजन: प्रक्रिया, पूर्वानुमान और कार्य-विश्लेषण

HR नियोजन के छह चरण, माँग और आपूर्ति के पूर्वानुमान की विधियाँ, कार्य-विश्लेषण, कार्य-विवरण और कार्य-विनिर्देश, एक हल उदाहरण के साथ।

  • HR नियोजन
  • डेल्फ़ी
  • ट्रेंड विश्लेषण
  • कार्य-विवरण
3 अक्टूबर 2026 को सत्यापित

सिलेबस में

RPSC सिलेबस (09-01-2026), पेपर I, इकाई III, भाग B (Management): "Human Resource Management: concept and scope; HR planning, recruitment, selection, placement and training; performance appraisal system; modern trends in HRM." इस पृष्ठ पर "HR planning" है: योजना की प्रक्रिया, माँग और आपूर्ति का पूर्वानुमान, तथा उसकी बुनियाद कार्य-विश्लेषण, कार्य-विवरण और कार्य-विनिर्देश।

इस विषय को क्यों पढ़ें

याद रखें

  • HR नियोजन भर्ती, चयन और प्रशिक्षण, तीनों से पहले आता है; इसे समझे बिना बाक़ी पृष्ठ रटंत बनकर रह जाते हैं।
  • 2013-2024 के उपलब्ध पेपरों में इस शीर्षक पर सीधा प्रश्न नहीं देखा गया। फिर भी "कार्य-विवरण बनाम कार्य-विनिर्देश" और "माँग-आपूर्ति का मिलान" जैसे 2 और 5 अंक के प्रश्न इसी पृष्ठ से बन सकते हैं।
  • ऊँचे अंक का उत्तर तब बनता है जब प्रक्रिया के छह चरण, डेल्फ़ी और ट्रेंड विश्लेषण जैसी विधियाँ और एक छोटा गणनात्मक उदाहरण साथ में लिखा हो।

सरल भाषा में: शादी का खाना और HR नियोजन

किसी बड़े विवाह-भोज के लिए रसोइया पहले अंदाज़ा लगाता है कि कितने मेहमान आएँगे, कितने बच्चे होंगे, कौन-सी चीज़ ज़्यादा खाई जाएगी। अंदाज़ा ग़लत हो तो या तो खाना बरबाद होता है या मेहमान भूखे रह जाते हैं। संगठन में भी यही होता है: ज़रूरत से ज़्यादा लोग हों तो वेतन का बोझ और बेकार बैठा श्रम; कम हों तो काम रुकता है और बचे हुए कर्मचारी दबाव में आते हैं। NCERT भी साफ़ कहती है कि न अधिक कर्मचारी वाली स्थिति (overstaffing) ठीक है, न कम कर्मचारी वाली (understaffing)।

मानव संसाधन नियोजन (Human Resource Planning) इसी अंदाज़े को वैज्ञानिक रूप देता है: संगठन की आगे की योजनाओं के हिसाब से कितने और कैसे लोग चाहिए, आज कितने और कैसे लोग हैं, और दोनों के बीच जो अंतर है उसे कैसे पाटा जाए।

अर्थ और परिभाषा

परीक्षा-योग्य परिभाषा: मानव संसाधन नियोजन वह प्रक्रिया है जिसमें संगठन अपनी भावी माँग के अनुसार सही संख्या में और सही प्रकार के लोगों की आवश्यकता का अनुमान लगाता है, उपलब्ध मानव-शक्ति से उसका मिलान करता है और अंतर पाटने की योजना बनाता है। इसे मानव-शक्ति नियोजन (manpower planning) भी कहा जाता है।

OpenStax इसी बात को यों कहती है: HR नियोजन का अर्थ है सही संख्या में, सही प्रशिक्षण वाले लोग सही कामों पर हों, ताकि लक्ष्य पूरे हों। INFLIBNET की सामग्री में के. अस्वथप्पा के नाम से परिभाषा दी गई है कि HR नियोजन फ़र्म की भावी माँग और सही प्रकार के लोगों की सही संख्या में आपूर्ति का पूर्वानुमान है। NCERT की भाषा में इसका व्यावहारिक रूप कार्यभार-विश्लेषण (workload analysis) और कार्य-बल विश्लेषण (workforce analysis) है: पहला बताता है कि कितने और किस प्रकार के लोग चाहिए, दूसरा बताता है कि कितने और किस प्रकार के उपलब्ध हैं, और दोनों मिलकर बताते हैं कि संगठन कम कर्मचारियों वाला है, अधिक वाला है या ठीक-ठीक।

HR नियोजन की प्रक्रिया: छह चरण

INFLIBNET की सामग्री में प्रक्रिया छह चरणों में दी गई है। प्रवाह-चित्र आगे है; पहले तालिका से हर चरण का काम समझें।

चरण, काम और छोटा उदाहरण

चरणक्या किया जाता हैउदाहरण (सरल)
1. परिवेश-स्कैनिंगबाहरी (प्रतिस्पर्धी, श्रम-बाज़ार, क़ानून) और भीतरी (रणनीति, तकनीक, संस्कृति) कारकों का अध्ययननई मशीन आने वाली है, तो उसे चलाने वाले कुशल ऑपरेटर कहाँ मिलेंगे, यह देखना
2. श्रम-माँग का पूर्वानुमानव्यावसायिक ज़रूरतों से आगे की HR माँग का अनुमान; गुणात्मक और मात्रात्मक विधियाँअगले तीन वर्ष में उत्पादन दुगुना होगा, तो कितने कर्मचारी चाहिए
3. श्रम-आपूर्ति का पूर्वानुमानभीतरी आपूर्ति (वर्तमान कर्मचारी) और बाहरी आपूर्ति (श्रम-बाज़ार) का अनुमानअगले साल कितने लोग सेवानिवृत्त होंगे या छोड़ेंगे, और कितने बाज़ार से मिल सकते हैं
4. अंतर-विश्लेषण (gap analysis)माँग और आपूर्ति का मिलान; कमी या अधिकता की पहचानमाँग 175, आपूर्ति 148: कमी 27
5. कार्य-योजना (action programming)पिछले चरणों के निर्णयों को क्रम से लागू करने की रूपरेखाकमी पूरी करने के लिए भर्ती, प्रशिक्षण और स्थानांतरण का समय-क्रम
6. नियंत्रण और मूल्यांकनयोजना की प्रभावशीलता पर नज़र; विचलन पहचानकर सुधारछह महीने बाद देखना कि भर्ती लक्ष्य के मुताबिक़ हुई या नहीं

आधार: INFLIBNET, मानव संसाधन नियोजन अध्याय; उदाहरण काल्पनिक हैं

HR नियोजन की प्रक्रिया

  1. परिवेश-स्कैनिंग

    बाहरी और भीतरी कारक

  2. माँग का पूर्वानुमान

    गुणात्मक और मात्रात्मक विधियाँ

  3. आपूर्ति का पूर्वानुमान

    भीतरी और बाहरी

  4. अंतर-विश्लेषण

    कमी या अधिकता

  5. कार्य-योजना

    भर्ती, प्रशिक्षण, स्थानांतरण

  6. नियंत्रण और मूल्यांकन

    फ़ीडबैक और सुधार

छह चरण; अंतिम चरण का फ़ीडबैक अगली योजना में लौटता है

माँग का पूर्वानुमान: गुणात्मक और मात्रात्मक विधियाँ

माँग का पूर्वानुमान बताता है कि व्यावसायिक ज़रूरतें HR की ज़रूरतों को कैसे बदलेंगी। INFLIBNET सामग्री इसके लिए गुणात्मक विधियों (डेल्फ़ी, नामित समूह) और मात्रात्मक विधियों (ट्रेंड विश्लेषण, सरल और बहु-प्रतिगमन विश्लेषण) का उल्लेख करती है।

डेल्फ़ी तकनीक (Delphi technique) में विशेषज्ञ कई दौर में अपने अनुमान देते हैं, पर आमने-सामने नहीं मिलते। बीच में एक संयोजक होता है, जो अनुमान और उनकी धारणाएँ बिना नाम बताए सबको भेजता है। हर विशेषज्ञ अकेले में अपना अनुमान संशोधित करता है; संयोजक सबका सार बनाकर फिर बाँटता है। यह चक्र तब तक चलता है जब तक अंतिम सहमति न बन जाए। नामित समूह तकनीक (nominal group technique) में विशेषज्ञ बैठक में अपने विचार लिखकर बारी-बारी से रखते हैं, एक साझा सूची बनती है, चर्चा होती है और मतदान से प्राथमिकता तय होती है। दोनों विधियाँ व्यक्तिपरक और समय-साध्य हैं।

मात्रात्मक विधियाँ मानती हैं कि भविष्य अतीत का ही विस्तार है। ट्रेंड विश्लेषण (trend analysis) में कर्मचारियों की संख्या से जुड़ा कोई व्यावसायिक कारक (जैसे उत्पादित इकाइयाँ या बिक्री) चुना जाता है और उत्पादकता का अनुपात (प्रति कर्मचारी प्रति वर्ष औसत उत्पादन) निकालकर लक्ष्य-वर्ष का अनुमान लगाया जाता है। सामग्री इसके छह चरण गिनाती है: सही व्यावसायिक कारक चुनना, उसका और कार्य-बल के आकार का ऐतिहासिक आलेख बनाना, उत्पादकता अनुपात निकालना, प्रवृत्ति तय करना, अतीत और भविष्य के अनुसार समायोजन करना, और लक्ष्य-वर्ष तक प्रक्षेपण करना। सही कारक का चुनाव इस विधि की सफलता की कुंजी है।

परिवेश-स्कैनिंग का महत्त्व INFLIBNET सामग्री के एक उदाहरण से समझें: कंपनी अपने विकास-अनुमान को पूरा करने के लिए बड़ा और महँगा ग्राहक-सेवा केंद्र बनाने की सोच सकती है, पर अध्ययन से यह भी दिख सकता है कि वही लक्ष्य किसी कम लागत वाली जगह के छोटे केंद्र से मिल जाएगा। सामग्री के अनुसार ऐसे ही एक बड़ी इंटरनेट-कंपनी (अमेज़न) ने अच्छे विकास-अनुमान के बावजूद सिएटल का एक बड़ा और महँगा ग्राहक-सेवा केंद्र बंद किया, क्योंकि भारत का कम लागत वाला केंद्र वही लक्ष्य पूरा कर सकता था। यह उदाहरण केवल इसी एक स्रोत में मिला है, इसलिए परीक्षा-उत्तर में इसे "एक अध्ययन-सामग्री के अनुसार" लिखना ही उचित है। सीख: माँग का पूर्वानुमान केवल अपने भीतर के आँकड़ों से नहीं, बाहरी लागत और श्रम-बाज़ार को देखकर भी बनता है।

डेल्फ़ी बनाम नामित समूह तकनीक

डेल्फ़ी तकनीक

आमना-सामनानहीं; बीच में संयोजक

पहचानअनुमान गुमनाम रहते हैं

प्रक्रियाकई दौर, संशोधन और सार

सीमाव्यक्तिपरक, समय-साध्य

नामित समूह तकनीक

आमना-सामनाहाँ; विशेषज्ञ बैठक में मिलते हैं

पहचानविचार सबके सामने रखे जाते हैं

प्रक्रियालिखित सूची, चर्चा, मतदान से क्रम

सीमाव्यक्तिपरक, समय-साध्य

आधार: INFLIBNET, मानव संसाधन नियोजन अध्याय

आपूर्ति का पूर्वानुमान और अंतर-विश्लेषण

आपूर्ति के पूर्वानुमान का अर्थ है यह देखना कि संगठन के पास भविष्य में कितने लोग और कौन-सी क्षमताएँ उपलब्ध रहेंगी। इसकी दो श्रेणियाँ हैं। भीतरी आपूर्ति में संगठन में पहले से काम कर रहे लोग आते हैं; इसके लिए HR सूचना-प्रणाली (HRIS) में हर कर्मचारी का पुराना अनुभव, कौशल, शिक्षा, प्रमाणपत्र, करियर-रुचि, प्रदर्शन और उपस्थिति दर्ज रखी जाती है। OpenStax भी इसी "आंतरिक आपूर्ति पूर्वानुमान" की बात करती है। बाहरी आपूर्ति में श्रम-बाज़ार के वे लोग आते हैं जिन्हें भर्ती किया जा सकता है। INFLIBNET सामग्री के अनुसार उच्च-कुशल पदों के लिए पूरा देश या विश्व भी प्रासंगिक बाज़ार हो सकता है, जबकि अकुशल कामों के लिए स्थानीय समुदाय।

अंतर-विश्लेषण माँग और आपूर्ति को साथ रखकर कौशल, कर्मचारी और दक्षताओं की कमी या अधिकता निकालता है। NCERT के शब्दों में अधिकता की स्थिति में कर्मचारियों को हटाने या कहीं और स्थानांतरित करने की ज़रूरत पड़ती है, जबकि कमी की स्थिति में भर्ती शुरू करनी पड़ती है। उसके पहले ज़रूरतों को कार्य-विवरण और उम्मीदवार के प्रोफ़ाइल (योग्यता, अनुभव, व्यक्तित्व आदि) में बदला जाता है, क्योंकि वही भर्ती का आधार बनता है। OpenStax अस्थायी या अनुबंधित कर्मचारी (contingent worker) और उत्तराधिकार-योजना (succession planning) को भी इसी योजना के औज़ार बताती है।

अंतर के तीनों नतीजों को एक साथ याद रखें। कमी (understaffing) में काम का बोझ बचे हुए कर्मचारियों पर पड़ता है, उत्पादन रुकता है और भर्ती की प्रक्रिया शुरू करनी पड़ती है। अधिकता (overstaffing) में वेतन का बोझ बढ़ता है और लोगों की क्षमता का कम उपयोग होता है, इसलिए NCERT के अनुसार स्थानांतरण या हटाने जैसे क़दम उठाने पड़ते हैं। ठीक-ठीक कर्मचारी (optimal staffing) वाली स्थिति में नियोजन का काम अगले साल की माँग और सेवानिवृत्ति से बनने वाली रिक्तियों पर नज़र रखना रह जाता है। विश्लेषण (स्रोत का दावा नहीं): सरकारी या निजी, किसी भी संगठन में यह तीन-तरफ़ा वर्गीकरण उत्तर को व्यवस्थित बनाता है, क्योंकि हर स्थिति का उपाय अलग है: कमी में भर्ती और प्रशिक्षण, अधिकता में स्थानांतरण या छँटनी, और संतुलन में उत्तराधिकार-योजना।

HR नियोजन को प्रभावित करने वाले कारक

कारकअसर
संगठन का प्रकार और रणनीतिउत्पादन-प्रक्रिया और ज़रूरी लोगों की संख्या और प्रकार तय होते हैं; विस्तार में भर्ती, अधिग्रहण या विलय में अनावश्यक पदों की छँटनी की योजना
संगठन का विकास-चक्रबढ़त के दौर में नियोजन की ज़रूरत बढ़ती है; परिपक्व दौर में सेवानिवृत्ति पर ध्यान; गिरावट में छँटनी की योजना
आउटसोर्सिंगपर्याप्त श्रम न मिले तो ग़ैर-महत्त्वपूर्ण काम बाहर देना आंतरिक ज़रूरत बदल देता है
परिवेश की अनिश्चिततालचीले घंटे, कार्य-साझेदारी जैसे कार्यक्रम अनिश्चितता से निपटाते हैं
भरे जाने वाले पदों की प्रकृतिकारख़ाने के श्रमिक आसानी से मिलते हैं; ऊँचे पदों के लिए बहुत प्रयास और स्रोत चाहिए
पूर्वानुमान की जानकारी की गुणवत्ताजनगणना बुनियादी स्रोत है; इसके अलावा कार्य-विश्लेषण और श्रम-बल सर्वेक्षण भी काम आते हैं
समय-सीमाअस्थिर परिवेश (जैसे कंप्यूटर और सॉफ़्टवेयर) में छोटी अवधि का नियोजन; स्थिर परिवेश (जैसे विश्वविद्यालय) में लंबी अवधि का

आधार: INFLIBNET, मानव संसाधन नियोजन अध्याय

HR नियोजन का महत्त्व और सफलता की शर्तें

महत्त्व कई स्तरों पर दिखता है। भविष्य की ज़रूरत का अनुमान होने से संगठन का काम सहज चलता है। परिवेश के बदलाव (तकनीक, राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था) से निपटने में मदद मिलती है। प्रतिभाशाली लोगों की भर्ती के लिए समय और आधार मिलता है। कौन-सा कौशल कम पड़ रहा है, यह दिखे तो प्रशिक्षण की दिशा तय होती है। मानव-शक्ति का समुचित उपयोग लागत घटाता है। असंतुलन अनियंत्रित होने से पहले दिख जाते हैं, इसलिए कार्मिक लागत भी क़ाबू में रहती है।

सफल नियोजन की शर्तें: HR नियोजन को कंपनी के कुल नियोजन का अभिन्न अंग माना जाए; शीर्ष प्रबंधन का समर्थन हो; ज़िम्मेदारी केंद्रीकृत रहे ताकि प्रबंधन-स्तरों में तालमेल बने; HR अभिलेख पूरे और अद्यतन हों; योजना की अवधि इतनी लंबी हो कि समाधान निकल सके; और आँकड़े, तकनीकें तथा योजनाएँ अनुभव के आधार पर लगातार सुधारी जाएँ।

नींव: कार्य-विश्लेषण, कार्य-विवरण और कार्य-विनिर्देश

HR नियोजन तभी ठोस बनता है जब यह स्पष्ट हो कि हर पद पर असल में क्या काम होता है। यह जानकारी कार्य-विश्लेषण (job analysis) से मिलती है। INFLIBNET सामग्री के अनुसार यह वह प्रक्रिया है जिसमें किसी पद के कर्तव्यों और प्रकृति तथा उस पर रखे जाने वाले लोगों के कौशल और अनुभव का निर्धारण किया जाता है। OpenStax भी इसे किसी काम को अच्छी तरह करने के लिए ज़रूरी कार्यों का अध्ययन कहती है। इसके दो सीधे उत्पाद हैं: कार्य-विवरण और कार्य-विनिर्देश।

कार्य-विवरण (job description) में पद का शीर्षक, स्थान, कर्तव्य, उत्तरदायित्व, कामकाजी परिस्थितियाँ और जोखिम लिखे जाते हैं; यह पद के बारे में है, पद-धारक के बारे में नहीं। कार्य-विनिर्देश (job specification) पद-धारक में ज़रूरी न्यूनतम योग्यता, कौशल, ज्ञान और क्षमताओं का विवरण है। एक को "क्या काम है" और दूसरे को "कैसा व्यक्ति चाहिए" से याद रखें।

कार्य-विवरण बनाम कार्य-विनिर्देश

कार्य-विवरण

केंद्रपद या काम

क्या बताता हैकर्तव्य, उत्तरदायित्व, रिपोर्टिंग, स्थान, कामकाजी स्थितियाँ

मूल प्रश्नकाम क्या है?

मुख्य उपयोगकार्य-मूल्यांकन, प्रदर्शन-मानक, प्रशिक्षण-सामग्री, भर्ती-विज्ञापन

उदाहरण (कल्पित)जयपुर के एक शोरूम में बिक्री-कार्यकारी: ग्राहक से संवाद, स्टॉक-रजिस्टर, बिल बनाना

कार्य-विनिर्देश

केंद्रपद पर आने वाला व्यक्ति

क्या बताता हैयोग्यता, अनुभव, कौशल, ज्ञान, क्षमताएँ

मूल प्रश्नकाम के लिए कैसा व्यक्ति चाहिए?

मुख्य उपयोगछँटाई, चयन के मानदंड, साक्षात्कार के प्रश्न

उदाहरण (कल्पित)स्नातक; दो वर्ष का बिक्री-अनुभव; हिंदी और अंग्रेज़ी में संवाद; बुनियादी कंप्यूटर ज्ञान

आधार: INFLIBNET, Job Analysis अध्याय और OpenStax Introduction to Business 8.1; उदाहरण कल्पित

कार्य-विश्लेषण के चरण और आँकड़े जुटाने की विधियाँ

INFLIBNET सामग्री कार्य-विश्लेषण के चरण इस क्रम में देती है: (1) जानकारी के उपयोग का निर्धारण, (2) पृष्ठभूमि जानकारी का संग्रह (संगठन-चार्ट, मौजूदा विवरण आदि), (3) विश्लेषण के लिए पदों का चयन, क्योंकि हर पद का विश्लेषण महँगा और समय-साध्य है, (4) कार्य-आँकड़ों का संग्रह, (5) जानकारी का प्रसंस्करण, (6) कार्य-विवरण और वर्गीकरण तैयार करना, (7) कार्य-विनिर्देश बनाना।

आँकड़े जुटाने की प्रचलित विधियाँ ये हैं: कर्मचारी की दैनिक डायरी या लॉग; व्यक्तिगत, समूह और पर्यवेक्षक साक्षात्कार; क्रांतिक घटना विधि (critical incidents); प्रश्नावली, जिसमें पद-विश्लेषण प्रश्नावली (PAQ) जैसे मानकीकृत रूप भी हैं; तकनीकी सम्मेलन विधि, जिसमें अनुभवी पर्यवेक्षक राय देते हैं; स्वयं काम करके देखना; कार्यात्मक कार्य-विश्लेषण; और प्रत्यक्ष अवलोकन। अवलोकन उन कामों के लिए ठीक है जो हाथ से किए जाते हैं, मानकीकृत हैं और जिनका चक्र छोटा है। हर विधि की अपनी कमी है, जैसे डायरी में समय लगता है और प्रश्नावली में लोग अधूरा या ग़लत भरते हैं, इसलिए अक्सर दो-तीन विधियाँ साथ अपनाई जाती हैं।

कार्य-विश्लेषण से मिली जानकारी केवल भर्ती में नहीं, संगठन-रचना, मानव-शक्ति नियोजन, प्रशिक्षण की विषय-वस्तु, कार्य-मूल्यांकन और वेतन, प्रदर्शन-मूल्यांकन के मानकों, स्वास्थ्य और सुरक्षा (जोखिम की पहचान) तथा कर्मचारी-परामर्श में भी काम आती है।

कार्य-विश्लेषण से HR के काम तक

कार्य-विश्लेषण

कार्य-विवरण

  • क्या काम है
  • कर्तव्य और उत्तरदायित्व

कार्य-विनिर्देश

  • कैसा व्यक्ति चाहिए
  • योग्यता, कौशल, अनुभव

उपयोग

  • भर्ती और चयन
  • प्रशिक्षण
  • वेतन और मूल्यांकन
  • सुरक्षा

आँकड़ों की विधियाँ

  • डायरी
  • साक्षात्कार
  • प्रश्नावली
  • अवलोकन
कार्य-विश्लेषण के दो उत्पाद और उनके उपयोग

मुख्य तथ्य

HR नियोजन का अर्थ
भावी माँग और आपूर्ति का पूर्वानुमान; मानव-शक्ति नियोजन का पर्याय (INFLIBNET)
प्रक्रिया
परिवेश-स्कैनिंग, माँग-पूर्वानुमान, आपूर्ति-पूर्वानुमान, अंतर-विश्लेषण, कार्य-योजना, नियंत्रण और मूल्यांकन
माँग-पूर्वानुमान की विधियाँ
गुणात्मक: डेल्फ़ी, नामित समूह; मात्रात्मक: ट्रेंड विश्लेषण, प्रतिगमन
कार्यभार और कार्य-बल विश्लेषण
आवश्यकता और उपलब्धता का आकलन; अधिक, कम या ठीक कर्मचारी की स्थिति (NCERT)
दो पूर्वानुमान (OpenStax)
HR माँग का पूर्वानुमान और भीतरी आपूर्ति का पूर्वानुमान; दोनों से अधिशेष या कमी पता चलती है
कार्य-विश्लेषण के उत्पाद
कार्य-विवरण (कार्य) और कार्य-विनिर्देश (व्यक्ति की योग्यता)
अंतिम जाँच
2 अक्टूबर 2026

पिछले वर्षों के प्रश्नों पर टिप्पणी

2013-2024 के उपलब्ध RAS मुख्य पेपरों में HR नियोजन पर सीधा प्रश्न नहीं देखा गया, इसलिए यहाँ हल किए गए पिछले प्रश्न नहीं हैं। नीचे के प्रश्न मौलिक अभ्यास-प्रश्न हैं।

परीक्षा में आम ग़लतियाँ

याद रखें

  • कार्य-विवरण और कार्य-विनिर्देश को आपस में उलट देना; विवरण पद का है, विनिर्देश व्यक्ति का।
  • HR नियोजन को केवल भर्ती का पर्याय लिख देना; भर्ती नियोजन के बाद की क्रिया है और कमी पाटने का एक तरीक़ा है।
  • माँग-पूर्वानुमान में केवल एक विधि लिखना; गुणात्मक और मात्रात्मक, दोनों के कम से कम एक-एक उदाहरण दें।
  • अधिकता (surplus) की स्थिति भूल जाना; योजना में कमी और अधिकता, दोनों के उपाय आते हैं।
  • सरकारी भर्ती-नियोजन को यहाँ मिला देना; वह लोक प्रशासन के अलग पृष्ठ में है।