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पेपर III · इकाई II

फ़्रांस का प्रशासनिक तंत्र

प्रीफ़ेक्ट-प्रणाली, 1982 का विकेंद्रीकरण, Conseil d'État और प्रशासनिक क़ानून, ENA की जगह INSP (2022) और लोकसेवा के ताज़ा आँकड़े।

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  • प्रीफ़ेक्ट
  • Conseil d'État
  • INSP
3 अक्टूबर 2026 को सत्यापित

सिलेबस में

RPSC सिलेबस (09-01-2026), पेपर III, इकाई II: "Comparative Public Administration. Features of administrative systems of U.S.A., U.K., France and China." इस पृष्ठ पर केवल फ़्रांस है; अमेरिका, ब्रिटेन और चीन के अलग पृष्ठ हैं।

इस विषय को क्यों पढ़ें

याद रखें

  • संकलित छह पेपरों (2013, 2016, 2018, 2021, 2023, 2024) में फ़्रांस पर सीधा प्रश्न नहीं मिला; तुलनात्मक प्रशासन केवल 2024 के रिग्स वाले प्रश्न में दिखा। यह पृष्ठ अभ्यास-आधारित है।
  • फ़्रांस की तीन पहचानें सिलेबस की पंक्ति से जुड़ती हैं और बार-बार लिखी जा सकती हैं: प्रीफ़ेक्ट-प्रणाली (केंद्र का स्थानीय प्रतिनिधि), प्रशासनिक क़ानून और Conseil d'État, तथा उच्च लोकसेवा-प्रशिक्षण (ENA से INSP)।
  • ENA की जगह INSP 1 जनवरी 2022 से आया है। अधिकांश पुरानी पुस्तकों में अब भी ENA लिखा है, इसलिए यहाँ सही और ताज़ा नाम तथा तारीख़ें दी गई हैं।

पहले सरल भाषा में: ऊपर से बँधा, पर नीचे तक फैला ढाँचा

सोचिए एक बड़ी रेल कंपनी है, जिसका मुख्यालय राजधानी में है और हर इलाक़े में मुख्यालय का एक भरोसेमंद प्रतिनिधि बैठता है। स्थानीय निर्वाचित परिषदें अपने काम चलाती हैं, पर मुख्यालय का प्रतिनिधि यह देखता है कि नियम न टूटें। फ़्रांस का प्रशासन ऐतिहासिक रूप से कुछ ऐसा ही रहा है: मज़बूत केंद्र, ज़िलों में प्रीफ़ेक्ट, और अलग से प्रशासनिक अदालतों का अपना क़ानून।

परिभाषा (परीक्षा के लिए): फ़्रांस की पाँचवीं गणराज्य (1958) की शासन-व्यवस्था अर्ध-अध्यक्षीय है, और संविधान के अनुच्छेद 1 के अनुसार देश का संगठन "विकेंद्रीकृत आधार पर" है। पर प्रशासनिक परंपरा एकात्मक (unitary) है, जिसमें प्रीफ़ेक्ट-प्रणाली, प्रशासनिक क़ानून (droit administratif) और ग्रांड्ज़ एकोल से निकले उच्च अधिकारी-वर्ग मुख्य स्तंभ हैं (वर्गीकरण विश्लेषण; अनुच्छेद 1 का पाठ संविधान के आधिकारिक अंग्रेज़ी अनुवाद से)।

1. संविधान में कार्यपालिका और सिविल सेवा

संविधान का अनुच्छेद 20 कहता है कि सरकार के पास सिविल सेवा (administration) "अपने निपटान में" है। अनुच्छेद 13 के अनुसार Conseil d'État के सदस्य, प्रीफ़ेक्ट और केंद्रीय प्रशासन के निदेशक मंत्रिपरिषद में नियुक्त होते हैं। अनुच्छेद 34 सिविल सेवकों की मूल गारंटियाँ क़ानून से तय करने का काम संसद को देता है। अनुच्छेद 47-2 कहता है कि Cour des comptes (लेखा-परीक्षा न्यायालय) संसद और सरकार की सहायता करता है (संविधान का अंग्रेज़ी पाठ)।

1789 की मानव और नागरिक अधिकारों की घोषणा का अनुच्छेद 6 कहता है कि सभी नागरिक अपनी योग्यता, गुणों और प्रतिभा के अनुसार सभी उच्च पदों और सार्वजनिक नियुक्तियों के लिए समान रूप से पात्र हैं। यही योग्यता-आधारित भर्ती का संवैधानिक आधार है, और संविधान की प्रस्तावना के ज़रिये यह आज भी प्रभावी माना जाता है (यह अंतिम बात सामान्य संवैधानिक जानकारी है)।

2. प्रीफ़ेक्ट-प्रणाली और विकेंद्रीकरण

प्रीफ़ेक्ट (préfet) की जड़ें 28 प्लुविओज़ वर्ष VIII के क़ानून में हैं, जो 17 फ़रवरी 1800 की तारीख़ है; इसी से नेपोलियन के समय प्रशासन का प्रांतीय ढाँचा बना (Napoleon.org)। प्रीफ़ेक्ट को केंद्र सरकार नियुक्त करती है। संविधान के अनुच्छेद 72 में कहा है कि राज्य का प्रतिनिधि "राष्ट्रीय हितों, प्रशासनिक पर्यवेक्षण और क़ानून के पालन" के लिए ज़िम्मेदार है।

सबसे बड़ा मोड़ 2 मार्च 1982 का डेफ़ेर क़ानून था (Sénat अभिलेखागार)। इसने प्रीफ़ेक्ट की पहले से स्वीकृति देने वाली प्रशासनिक और वित्तीय निगरानी (tutelle) की जगह बाद की न्यायिक जाँच रखी, क्षेत्रीय लेखा-परीक्षा चैंबर बनाए, क्षेत्रों (regions) को पूर्ण स्थानीय निकाय बनाया और ज़िले की कार्यपालिका प्रीफ़ेक्ट से लेकर जनरल काउंसिल (अब conseil départemental) के अध्यक्ष को दी। इस क़ानून के अनुच्छेद 1 ने सिद्धांत रखा कि कम्यून, डिपार्टमेंट और क्षेत्र निर्वाचित परिषदों के ज़रिये स्वयं ("s'administrent librement") अपना प्रशासन चलाते हैं।

आज संविधान के अनुच्छेद 72 में निकाय हैं: कम्यून, डिपार्टमेंट, क्षेत्र और अन्य। INSEE की परिभाषा के अनुसार (5 दिसंबर 2023 को अद्यतन) कुल 18 क्षेत्र हैं, जिनमें 13 महानगरीय और 5 विदेशी हैं; और DGCL की "Les collectivités locales en chiffres 2025" के अनुसार 1 जनवरी 2025 को 18 क्षेत्र, 101 डिपार्टमेंट और 34,875 कम्यून थे।

प्रीफ़ेक्ट-काल बनाम 1982 के बाद

1982 से पहले

स्थानीय बजट और निर्णयप्रीफ़ेक्ट की पूर्व स्वीकृति (tutelle)

ज़िले की कार्यपालिकाप्रीफ़ेक्ट

क्षेत्र (region)पूर्ण स्थानीय निकाय नहीं

प्रीफ़ेक्ट की भूमिकानिगरानी और कार्यपालन

1982 के बाद

स्थानीय बजट और निर्णयबाद में न्यायिक नियंत्रण

ज़िले की कार्यपालिकाजनरल काउंसिल का अध्यक्ष

क्षेत्र (region)पूर्ण स्थानीय निकाय

प्रीफ़ेक्ट की भूमिकाराज्य का प्रतिनिधि: राष्ट्रीय हित, पर्यवेक्षण, क़ानून का पालन

Sénat अभिलेखागार और संविधान का अनुच्छेद 72।

3. Conseil d'État और प्रशासनिक क़ानून

मान लीजिए आपकी ज़मीन पर सरकारी गाड़ी से नुक़सान हो जाए। सामान्य अदालत में जाएँ या प्रशासनिक अदालत में? फ़्रांस में सार्वजनिक सेवा से हुए नुक़सान के लिए राज्य की ज़िम्मेदारी का फ़ैसला प्रशासनिक न्यायाधीश करता है। यह सिद्धांत 8 फ़रवरी 1873 के ब्लैंको निर्णय (Tribunal des conflits) से जुड़ा है, जिसे Conseil d'État की सामग्री प्रशासनिक क़ानून की नींव कहती है।

Conseil d'État का जन्म 22 फ़्रिमेयर वर्ष VIII (13 दिसंबर 1799) के संविधान के अनुच्छेद 52 से हुआ और वह 25 दिसंबर 1799 को स्थापित हुआ; शुरू में उसका काम क़ानून और विनियम का मसौदा बनाना और प्रशासनिक विवादों पर राय देना था, यानी वह केवल सलाहकार था। 3 मार्च 1849 के क़ानून ने "प्रतिनिधिक न्याय" (justice déléguée) शुरू किया, जिसे 24 मई 1872 को बहाल किया गया। 13 दिसंबर 1889 का कादो निर्णय (Conseil d'État का अपना इतिहास-पृष्ठ इसे 19 दिसंबर लिखता है, पर न्यायिक अभिलेखों और पाठ्य-सामग्री में 13 दिसंबर प्रचलित है; परीक्षा में वर्ष 1889 लिखना सुरक्षित है) उसे पहली बार में सुनवाई योग्य बनाता है ("मंत्री-न्यायाधीश" का अंत)। 1953 में प्रशासनिक ट्राइब्यूनल, 1987 में प्रशासनिक अपील अदालतें और 2008 के संशोधन से अनुच्छेद 61-1 आया (सभी तथ्य Conseil d'État का अपना इतिहास-पृष्ठ; एकल संस्थागत स्रोत)।

आज संविधान का अनुच्छेद 39 कहता है कि सरकारी विधेयक मंत्रिपरिषद में Conseil d'État की सलाह के बाद विचारित होते हैं, और अनुच्छेद 61-1 के तहत Conseil d'État या Cour de cassation संवैधानिक परिषद को प्राथमिकता वाले प्रश्न (QPC) भेजते हैं। यानी यही संस्था सलाहकार भी है और सर्वोच्च प्रशासनिक न्यायालय भी।

4. उच्च अधिकारी-वर्ग: ENA से INSP तक

भारत में आईएएस के लिए मसूरी की अकादमी है; फ़्रांस में उच्च पदों के लिए एक विशेष संस्थान रहा। ENA (École nationale d'administration) 9 अक्तूबर 1945 को अस्थायी सरकार के अध्यादेश से बनी, जनरल द गॉल के नेतृत्व में, और 1991 में उसे स्ट्रासबर्ग ले जाने का निर्णय हुआ (पूरी पढ़ाई स्ट्रासबर्ग में पहली बार 2005-07 की टुकड़ी ने की) (INSP का इतिहास-पृष्ठ)। इसके पूर्व छात्र दशकों तक "ग्रां कोर" (grands corps) जैसे Conseil d'État, Cour des comptes और वित्त निरीक्षण में जाते रहे; ग्रां कोर की यह बात सामान्य जानकारी है।

8 अप्रैल 2021 को राष्ट्रपति ने सुधार की घोषणा की। 2 जून 2021 का अध्यादेश संख्या 2021-702 उच्च सिविल सेवा के ढाँचे को बदलता है; INSP का संगठन 1 दिसंबर 2021 के आदेश 2021-1556 से तय हुआ, और "राज्य के प्रशासक" (administrateurs de l'État) का नया कोर 1 दिसंबर 2021 के आदेश 2021-1550 से बना। 1 जनवरी 2022 से INSP ने ENA की जगह ली (INSP की ENA-पुनर्निर्देशन वाली सामग्री, जो 26 अगस्त 2025 को अद्यतन हुई; दूसरा स्रोत Zepros Territorial)।

DGAFP के अनुसार अध्यादेश ने पढ़ाई के बाद की "निकासी रैंकिंग" (classement de sortie) से पद तय होने की व्यवस्था समाप्त की। 1 जनवरी 2022 से पुराने सिविल प्रशासक और आर्थिक सलाहकार इस कोर में आए, और 1 जनवरी 2023 से प्रीफ़ेक्ट और उप-प्रीफ़ेक्ट, राजनयिक कोर, सार्वजनिक वित्त प्रशासक, निरीक्षण-कोर और आर्थिक-सामाजिक परिषद के प्रशासक भी विकल्प के अधिकार के साथ इसमें गए (DGAFP; Sénat की प्रेस-सामग्री)।

ENA बनाम INSP

ENA

स्थापना9 अक्तूबर 1945

आधारअस्थायी सरकार का अध्यादेश

निकासी रैंकिंगपद-चयन में निर्णायक

अगला कोरअलग-अलग ग्रां कोर

INSP

स्थापना1 जनवरी 2022 से ENA की जगह

आधारअध्यादेश 2021-702 (2 जून 2021); आदेश 2021-1556 (1 दिसंबर 2021)

निकासी रैंकिंगसमाप्त (DGAFP)

अगला कोरराज्य के प्रशासकों का कोर (आदेश 2021-1550)

INSP का इतिहास-पृष्ठ और DGAFP का सुधार-पृष्ठ।

फ़्रांस और भारत: प्रशासनिक ढाँचे की तुलना (विश्लेषण)

फ़्रांस

ज़िले में केंद्र का प्रतिनिधिप्रीफ़ेक्ट, जो केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त है

प्रशासनिक विवादअलग प्रशासनिक न्याय-तंत्र, शीर्ष पर Conseil d'État

उच्च अधिकारी का प्रशिक्षणENA, 2022 से INSP

स्थानीय स्वशासनअनुच्छेद 1 और 72; 1982 का डेफ़ेर क़ानून

भारत (सामान्य जानकारी)

ज़िले में केंद्र का प्रतिनिधिज़िला कलेक्टर, जो राज्य सेवा का भाग है

प्रशासनिक विवादसामान्य न्यायपालिका के साथ प्रशासनिक अधिकरण

उच्च अधिकारी का प्रशिक्षणअखिल भारतीय सेवाओं का प्रशिक्षण (जैसे मसूरी की अकादमी)

स्थानीय स्वशासनभाग IX और IXA; 73वाँ और 74वाँ संशोधन

फ़्रांसीसी स्तंभ संविधान और ऊपर के स्रोतों पर; भारतीय स्तंभ तुलना के लिए सामान्य जानकारी है।

उत्तर में तुलना कैसे जोड़ें

तीन वाक्य काफ़ी हैं: पहला, फ़्रांस में केंद्र का प्रतिनिधि प्रीफ़ेक्ट है, जबकि भारत में कलेक्टर राज्य की व्यवस्था में आता है। दूसरा, फ़्रांस में सार्वजनिक सेवा से हुए विवाद पर प्रशासनिक न्यायाधीश निर्णय देता है, जैसा ब्लैंको (1873) में तय हुआ। तीसरा, फ़्रांस ने 2022 में अपने उच्च प्रशिक्षण-संस्थान ENA को INSP से बदला और रैंकिंग-आधारित पद-चयन समाप्त किया।

5. फ़्रांस की लोकसेवा (fonction publique)

फ़्रांस की लोकसेवा तीन हिस्सों में बँटी है: राज्य, क्षेत्रीय/स्थानीय और अस्पताल। DGAFP की संख्याओं के अनुसार 31 दिसंबर 2023 को कुल 58.04 लाख एजेंट थे: राज्य में 25.70 लाख, क्षेत्रीय में 19.94 लाख और अस्पताल में 12.39 लाख (दोनों DGAFP दस्तावेज़ INSEE के Siasp आँकड़ों पर आधारित हैं, इसलिए यह एक ही मूल स्रोत है)। 24 नवंबर 2021 के अध्यादेश 2021-1574 से "Code général de la fonction publique" बना; उसका विधायी हिस्सा 1 मार्च 2022 से लागू है, और DGAFP के अनुसार वह 13 जुलाई 1983, 11 जनवरी 1984, 26 जनवरी 1984 और 9 जनवरी 1986 के ले पोर्स क़ानूनों को समेटता है। 6 अगस्त 2019 के क़ानून ने निदेशक पदों को संविदा वालों के लिए खोला (DGAFP)।

विश्लेषण: फ़्रांस का "कैरियर प्रणाली" वाला ढाँचा भारत की स्थायी सेवा से मिलता है, पर वहाँ अधिकारी-वर्ग (corps) की पहचान सेवा से भी ऊपर चलती है; इसी वजह से 2021-23 का सुधार कोरों को एकीकृत करने पर केंद्रित रहा।

समय-रेखा: फ़्रांसीसी प्रशासन

  1. 26 अगस्त 1789

    मानव और नागरिक अधिकारों की घोषणा; अनुच्छेद 6 में योग्यता

  2. 13 दिसंबर 1799

    वर्ष VIII का संविधान; Conseil d'État का जन्म (स्थापना 25 दिसंबर 1799)

  3. 17 फ़रवरी 1800

    प्रीफ़ेक्ट-क़ानून (28 प्लुविओज़ वर्ष VIII)

  4. 8 फ़रवरी 1873

    ब्लैंको निर्णय

  5. 9 अक्तूबर 1945

    ENA की स्थापना

  6. 4 अक्तूबर 1958

    पाँचवीं गणराज्य का संविधान

  7. 2 मार्च 1982

    डेफ़ेर क़ानून

  8. 1 जनवरी 2022

    INSP ने ENA की जगह ली

  9. 1 जनवरी 2023

    प्रीफ़ेक्ट आदि राज्य-प्रशासकों के कोर में

एक नज़र में: फ़्रांस का प्रशासन

फ़्रांसीसी प्रशासन

संविधान

  • अनुच्छेद 1: विकेंद्रीकृत संगठन
  • अनुच्छेद 20: सरकार के पास प्रशासन
  • अनुच्छेद 72: राज्य का प्रतिनिधि

प्रीफ़ेक्ट

  • क़ानून 17 फ़रवरी 1800
  • डेफ़ेर 2 मार्च 1982

प्रशासनिक क़ानून

  • Conseil d'État 1799
  • ब्लैंको 1873
  • कादो 1889
  • अनुच्छेद 61-1 (QPC)

उच्च सेवा

  • ENA 1945
  • INSP 1-1-2022
  • निकासी रैंकिंग समाप्त

लोकसेवा

  • तीन हिस्से
  • CGFP: 1-3-2022
  • 58.04 लाख (2023)

मुख्य तथ्य

अनुच्छेद 1 (1958)
संगठन "विकेंद्रीकृत आधार" पर
1789 की घोषणा, अनुच्छेद 6
योग्यता के अनुसार सभी उच्च पदों के लिए समान पात्रता
प्रीफ़ेक्ट का क़ानून
28 प्लुविओज़ वर्ष VIII (17 फ़रवरी 1800)
डेफ़ेर क़ानून
2 मार्च 1982
ब्लैंको
8 फ़रवरी 1873 (Tribunal des conflits)
ENA की स्थापना
9 अक्तूबर 1945
INSP
1 जनवरी 2022 से ENA की जगह
अध्यादेश 2021-702
2 जून 2021 (उच्च सिविल सेवा का सुधार)
Code général de la fonction publique
अध्यादेश 24 नवंबर 2021; विधायी भाग 1 मार्च 2022 से
लोकसेवा के एजेंट (31-12-2023)
58.04 लाख: राज्य 25.70, क्षेत्रीय 19.94, अस्पताल 12.39 लाख
स्थानीय निकाय (1-1-2025)
18 क्षेत्र, 101 डिपार्टमेंट, 34,875 कम्यून
अंतिम जाँच
1 अक्टूबर 2026

राजस्थान का पहलू

यह तुलनात्मक विषय है और इसमें राजस्थान-विशेष कोई दावा नहीं है। भारतीय संदर्भ के रूप में एक पंक्ति काफ़ी है: ज़िले में कलेक्टर की तुलना प्रीफ़ेक्ट से की जा सकती है, पर दोनों की क़ानूनी स्थिति अलग है (विश्लेषण)।

परीक्षा में आम ग़लतियाँ

याद रखें

  • आज भी "ENA" को चालू संस्था बताना: 1 जनवरी 2022 से INSP ने उसकी जगह ली है।
  • प्रीफ़ेक्ट को निर्वाचित अधिकारी लिखना: वह केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त राज्य का प्रतिनिधि है।
  • डेफ़ेर क़ानून को 1958 के संविधान के साथ मिला देना: संविधान 1958 का है और विकेंद्रीकरण का क़ानून 2 मार्च 1982 का है।
  • Conseil d'État को केवल अदालत बताना: वह सरकार का सलाहकार भी है (अनुच्छेद 39) और सर्वोच्च प्रशासनिक न्यायालय भी।
  • 58.04 लाख के आँकड़े को बिना तारीख़ के लिखना: यह 31 दिसंबर 2023 की स्थिति है।