विशेष आवश्यकता वाले बालक (CWSN) एवं समावेशी शिक्षा
इस पेज में विशेष आवश्यकता वाले बालकों के प्रकार, पृथक्-एकीकृत-समावेशी शिक्षा का अंतर, दिव्यांगता से जुड़े कानून व संस्थाएँ और हर प्रकार के बच्चे के लिए कक्षा-रणनीतियाँ दी गई हैं। REET 2024 में इस टॉपिक से 5 प्रश्न आए और सिलेबस में 'समावेशी शिक्षा' स्पष्ट रूप से शामिल है, इसलिए यह हर पाली में पूछा जाने वाला क्षेत्र है।
- REET 2024 में 5 प्रश्न
- शिक्षक-प्रशिक्षण स्तर
- 10 मिनट पढ़ें
REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET 2024 के 5 प्रश्नों में तीन तरह की बातें पूछी गईं: (1) तथ्य — RPwD अधिनियम 2016 में कितनी दिव्यांगताएँ (21) और विशेष शिक्षा के कार्यक्रम कौन-सी संस्था नियमित करती है (भारतीय पुनर्वास परिषद्); (2) पहचान/कारण — प्रमस्तिष्क पक्षाघात का सामान्य कारण, अलाभान्वित बच्चों की भावनात्मक चुनौती (हीनता ग्रंथि); (3) शिक्षण रणनीति — ADHD वाले बच्चों के लिए दृश्य संकेतों का उपयोग। यानी संख्याएँ और संस्थाएँ रटें, पर साथ ही यह समझें कि किस बच्चे के लिए कौन-सा शिक्षण तरीका उपयुक्त है।
विशेष आवश्यकता वाले बालक कौन हैं?
विशेष आवश्यकता वाले बालक (Children with Special Needs – CWSN) वे बच्चे हैं जो शारीरिक, मानसिक, संवेगात्मक या सामाजिक किसी भी दृष्टि से सामान्य (औसत) बच्चों से इतने भिन्न होते हैं कि उनकी शैक्षिक आवश्यकताएँ केवल सामान्य कक्षा-व्यवस्था से पूरी नहीं हो पातीं और उन्हें अतिरिक्त सहायता, अनुकूलित सामग्री या बदली हुई शिक्षण विधि की आवश्यकता होती है। ध्यान दें — 'विशेष आवश्यकता' केवल दिव्यांगता नहीं है; प्रतिभाशाली और सृजनशील बच्चे भी विशेष आवश्यकता वाले माने जाते हैं।
मुख्य वर्ग: (1) प्रतिभाशाली (Gifted) बालक; (2) पिछड़े या मंद अधिगमकर्ता (Slow learners); (3) अधिगम अक्षमता वाले बालक — डिस्लेक्सिया (पढ़ना), डिस्ग्राफिया (लिखना), डिस्कैलकुलिया (गणित); (4) शारीरिक दिव्यांग — दृष्टि, श्रवण, वाक् और गामक (चलने-फिरने) संबंधी; (5) बौद्धिक दिव्यांगता; (6) ध्यान अभाव अतिसक्रियता विकार (ADHD) और स्वलीनता (Autism Spectrum Disorder); (7) अलाभान्वित/वंचित बालक — आर्थिक, सामाजिक या भौगोलिक अभाव वाले बच्चे, जिन्हें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 सामाजिक-आर्थिक रूप से वंचित समूह (SEDGs) कहती है।
अलाभान्वित बच्चों की सबसे बड़ी भावनात्मक चुनौती हीनता ग्रंथि (Inferiority complex) और नकारात्मकता है, क्योंकि उन्हें बार-बार उपेक्षा और असफलता का अनुभव होता है। प्रमस्तिष्क पक्षाघात (Cerebral Palsy) का सामान्य कारण जन्म से पहले, जन्म के दौरान या उसके तुरंत बाद विकासशील मस्तिष्क को होने वाली क्षति है, जिससे गति और मांसपेशियों का नियंत्रण प्रभावित होता है।
शिक्षा के तीन मॉडल: पृथक्, एकीकृत और समावेशी
| आधार | पृथक्कृत (Segregated) | एकीकृत (Integrated) | समावेशी (Inclusive) |
|---|---|---|---|
| कहाँ पढ़ता है | अलग विशेष विद्यालय में | सामान्य विद्यालय में | सामान्य विद्यालय की सामान्य कक्षा में, सभी के साथ |
| कौन बदलता है | — | बच्चे को विद्यालय के अनुसार ढलना पड़ता है | विद्यालय स्वयं को बच्चे की आवश्यकता के अनुसार बदलता है |
| दृष्टिकोण | दिव्यांगता को कमी मानकर अलग रखना | उपस्थिति पर ज़ोर, सहभागिता पर कम | हर बच्चे की भिन्नता को स्वाभाविक मानना; अधिकार आधारित |
| उदाहरण | केवल दृष्टिबाधित बच्चों का आवासीय विद्यालय | सामान्य विद्यालय में अलग संसाधन कक्ष में अधिकांश समय | रैम्प, ब्रेल पुस्तक, संकेत भाषा सहायता के साथ सबका एक ही कक्ष |
RPwD अधिनियम 2016 समावेशी शिक्षा को ऐसी व्यवस्था बताता है जिसमें दिव्यांग और बिना दिव्यांगता वाले विद्यार्थी साथ पढ़ें और शिक्षण-अधिगम को विभिन्न दिव्यांगताओं की आवश्यकताओं के अनुरूप ढाला जाए।[स्रोत 1]
कानून, नीतियाँ और संस्थाएँ — एक नज़र में
- दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम (RPwD Act), 2016
- 21 प्रकार की दिव्यांगताएँ; पुराने PwD अधिनियम 1995 में केवल 7 थीं[स्रोत 1]
- बेंचमार्क दिव्यांगता
- कम से कम 40% निर्दिष्ट दिव्यांगता[स्रोत 1]
- निःशुल्क शिक्षा (RPwD 2016)
- बेंचमार्क दिव्यांगता वाले 6 से 18 वर्ष के प्रत्येक बच्चे को[स्रोत 1]
- आरक्षण (RPwD 2016)
- सरकारी व सहायता प्राप्त उच्च शिक्षण संस्थानों में कम से कम 5% सीटें; सरकारी रिक्तियों में कम से कम 4%[स्रोत 1]
- भारतीय पुनर्वास परिषद् (RCI)
- 1986 में पंजीकृत संस्था (सोसाइटी); सितंबर 1992 में संसद द्वारा पारित RCI अधिनियम के तहत 22 जून 1993 से वैधानिक संस्था; 2000 में संशोधन। पुनर्वास व विशेष शिक्षा के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का नियमन और केंद्रीय पुनर्वास रजिस्टर (CRR) का रखरखाव[स्रोत 2]
- राष्ट्रीय न्यास अधिनियम, 1999
- स्वलीनता, प्रमस्तिष्क पक्षाघात, बौद्धिक दिव्यांगता और बहु-दिव्यांगता वाले व्यक्तियों के कल्याण हेतु
- संयुक्त राष्ट्र दिव्यांगजन अधिकार अभिसमय (UNCRPD), 2006
- RPwD अधिनियम 2016 इसी अभिसमय को लागू करने के लिए बनाया गया
RPwD अधिनियम 2016 की 21 दिव्यांगताएँ
| क्रम | दिव्यांगता | क्रम | दिव्यांगता |
|---|---|---|---|
| 1 | दृष्टिहीनता (Blindness) | 12 | दीर्घकालिक तंत्रिका संबंधी स्थितियाँ |
| 2 | अल्प दृष्टि (Low vision) | 13 | विशिष्ट अधिगम अक्षमता |
| 3 | कुष्ठ रोग से मुक्त व्यक्ति | 14 | मल्टीपल स्क्लेरोसिस |
| 4 | श्रवण बाधिता (बधिर व कम सुनने वाले) | 15 | वाक् एवं भाषा दिव्यांगता |
| 5 | गामक (चलन) दिव्यांगता | 16 | थैलेसीमिया |
| 6 | बौनापन | 17 | हीमोफीलिया |
| 7 | बौद्धिक दिव्यांगता | 18 | सिकल सेल रोग |
| 8 | मानसिक रुग्णता | 19 | बधिर-अंधता सहित बहु-दिव्यांगता |
| 9 | स्वलीनता स्पेक्ट्रम विकार (Autism) | 20 | तेज़ाब हमला पीड़ित |
| 10 | प्रमस्तिष्क पक्षाघात (Cerebral Palsy) | 21 | पार्किंसन रोग |
| 11 | मस्कुलर डिस्ट्रॉफी |
नई जुड़ी रक्त-संबंधी तीन दिव्यांगताएँ (थैलेसीमिया, हीमोफीलिया, सिकल सेल) और तेज़ाब हमला पीड़ित — ये चारों अक्सर विकल्पों में आती हैं।[स्रोत 1]
कक्षा में इसका उपयोग
| बच्चे का प्रकार | कक्षा में उपयुक्त रणनीति |
|---|---|
| दृष्टिबाधित | आगे की सीट, ब्रेल लिपि (लुई ब्रेल) व बड़े अक्षरों वाली सामग्री, स्पर्शनीय मॉडल, ऑडियो सामग्री; बोर्ड पर लिखी बात बोलकर भी बताएँ। |
| श्रवणबाधित | ऐसी जगह बैठाएँ जहाँ से शिक्षक का चेहरा दिखे; बोलते समय बोर्ड की ओर पीठ न करें; चित्र, चार्ट, लिखित निर्देश और संकेत भाषा का सहारा लें। |
| ADHD | छोटे-छोटे कार्य, स्पष्ट एक-एक चरण के निर्देश, बहुत सारे चित्र और दृश्य संकेत, बीच-बीच में गतिविधि-विराम; ध्यान भटकाने वाली चीज़ों से दूर बैठाएँ। |
| मंद अधिगमकर्ता | छोटे चरणों में सिखाना, बार-बार अभ्यास, ठोस उदाहरण, उपचारात्मक शिक्षण (Remedial teaching) और तुरंत सकारात्मक पुनर्बलन। |
| प्रतिभाशाली | संवर्धन (Enrichment) — अधिक चुनौतीपूर्ण, खोजपूर्ण कार्य; त्वरण (Acceleration) — अपनी गति से आगे बढ़ने का अवसर; सहपाठी-शिक्षण में भूमिका। |
| गामक दिव्यांग / प्रमस्तिष्क पक्षाघात | रैम्प व सुलभ बैठक, सहायक उपकरण, लिखने के लिए अतिरिक्त समय या मौखिक उत्तर का विकल्प। |
| अलाभान्वित बालक | भेदभाव रहित व्यवहार, छोटी सफलताओं की प्रशंसा, स्थानीय अनुभवों से जोड़कर पढ़ाना, छात्रवृत्ति व योजनाओं की जानकारी देना ताकि हीनता की भावना न पनपे। |
| सभी के लिए | व्यक्तिगत शिक्षा योजना (IEP), सहयोगी व सहपाठी अधिगम, बहु-माध्यम (देखना-सुनना-करना) शिक्षण और लचीला मूल्यांकन। |
याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप
संख्याओं की जोड़ी याद रखें — '7 से 21' (PwD 1995 → RPwD 2016), '40-6-18' (बेंचमार्क 40%, निःशुल्क शिक्षा 6 से 18 वर्ष) और '5-4' (उच्च शिक्षा 5%, नौकरी 4%)। संस्था वाले प्रश्न में नियम: विशेष शिक्षा/पुनर्वास के शिक्षक-प्रशिक्षण = RCI; सामान्य शिक्षक-प्रशिक्षण = NCTE; पाठ्यचर्या व अनुसंधान = NCERT।
REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)
प्रश्न 14
अलाभान्वित बच्चों के लिए मुख्य भावनात्मक चुनौती क्या है ?
- Aहीनता ग्रंथि और नकारात्मकता
- Bअति-आत्मविश्वास
- Cअत्यधिक सक्रियता
- Dदूरदर्शिता
व्याख्या
अलाभान्वित (disadvantaged) बच्चे आर्थिक-सामाजिक अभाव के कारण प्रायः उपेक्षा और असफलता का अनुभव करते हैं, जिससे उनमें हीनता ग्रंथि (inferiority complex) और नकारात्मकता की भावना विकसित हो सकती है। अति-आत्मविश्वास या दूरदर्शिता उनकी भावनात्मक चुनौती नहीं मानी जाती।
प्रश्न 21
ADHD वाले छात्रों की सीखने में मदद के लिए कौन-सा शिक्षण तरीका सुझाया गया है ?
- Aकेवल मौखिक निर्देशों का उपयोग करना
- Bलंबे असाइनमेंट देना
- Cकिसी भी दृश्य सामग्री के उपयोग से बचना
- Dबहुत सारी तस्वीरों और दृश्य संकेतों का उपयोग करना
व्याख्या
ADHD (Attention Deficit Hyperactivity Disorder) वाले छात्रों का ध्यान जल्दी भटकता है, इसलिए चित्रों और दृश्य संकेतों (visual clues) का उपयोग उनका ध्यान बनाए रखने और सीखने में सहायक होता है। केवल मौखिक निर्देश या लंबे असाइनमेंट उनके लिए कठिन होते हैं, अतः छोटे कार्य और दृश्य सामग्री उपयुक्त मानी जाती है।
प्रश्न 6
विशिष्ट शिक्षा के क्षेत्र के अकाडमिक कार्यक्रम निम्नलिखित में से कौन-सी संस्था द्वारा नियमित एवं नियंत्रित होते है ?
- Aभारतीय पुनर्वास परिषद्
- Bभारतीय विशेष शिक्षा परिषद्
- Cराष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद्
- Dराष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद्
व्याख्या
भारतीय पुनर्वास परिषद् (Rehabilitation Council of India – RCI) एक वैधानिक संस्था है जो पुनर्वास और विशेष शिक्षा के क्षेत्र में प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों को नियमित व मानकीकृत करती है तथा पेशेवरों का पंजीकरण रखती है। NCTE सामान्य अध्यापक शिक्षा का नियमन करती है और NCERT पाठ्यचर्या व अनुसंधान का कार्य करती है। 'भारतीय विशेष शिक्षा परिषद्' नाम की कोई ऐसी नियामक संस्था नहीं है।
प्रश्न 20
दिव्यांगजन अधिकार, 2016 में कितनी नि:सक्तताओं को शामिल किया था ?
- A12
- B10
- C16
- D21
व्याख्या
दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम (RPwD Act), 2016 में 21 प्रकार की दिव्यांगताओं को शामिल किया गया है, जबकि इससे पहले के PwD अधिनियम, 1995 में केवल 7 दिव्यांगताएँ थीं। अतः सही उत्तर 21 है।
प्रश्न 27
मस्तिष्क पक्षाघात का सामान्य कारण क्या है ?
- Aजन्म से पहले या जन्म के दौरान मस्तिष्क की क्षति
- Bआनुवंशिक विकार
- Cखराब पोषण
- Dपर्यावरणीय कारक
व्याख्या
प्रमस्तिष्क पक्षाघात (Cerebral palsy) का सामान्य कारण जन्म से पहले, जन्म के दौरान या तुरंत बाद विकासशील मस्तिष्क को होने वाली क्षति है, जिससे गति और मांसपेशियों का नियंत्रण प्रभावित होता है।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
PwD अधिनियम 1995 में कितनी दिव्यांगताएँ शामिल थीं?
- A5
- B7
- C14
- D21
व्याख्या
PwD अधिनियम 1995 में 7 दिव्यांगताएँ थीं। RPwD अधिनियम 2016 ने इन्हें बढ़ाकर 21 कर दिया।
प्रश्न 2
RPwD अधिनियम 2016 के अनुसार 'बेंचमार्क दिव्यांगता' के लिए न्यूनतम कितने प्रतिशत दिव्यांगता आवश्यक है?
- A20%
- B33%
- C40%
- D50%
व्याख्या
कम से कम 40% निर्दिष्ट दिव्यांगता वाला व्यक्ति बेंचमार्क दिव्यांगता वाला माना जाता है। आरक्षण और निःशुल्क शिक्षा जैसे लाभ इसी आधार पर मिलते हैं।
प्रश्न 3
RPwD अधिनियम 2016 के अनुसार बेंचमार्क दिव्यांगता वाले बच्चों को किस आयु तक निःशुल्क शिक्षा का अधिकार है?
- A6 से 14 वर्ष
- B3 से 14 वर्ष
- C6 से 18 वर्ष
- D5 से 16 वर्ष
व्याख्या
RPwD अधिनियम बेंचमार्क दिव्यांगता वाले 6 से 18 वर्ष के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा का अधिकार देता है। 6 से 14 वर्ष की सीमा सामान्य RTE अधिनियम 2009 की है।
प्रश्न 4
निम्नलिखित में से कौन-सी दिव्यांगता RPwD अधिनियम 2016 की 21 दिव्यांगताओं में शामिल है?
- Aमधुमेह
- Bथैलेसीमिया
- Cउच्च रक्तचाप
- Dदमा
व्याख्या
थैलेसीमिया, हीमोफीलिया और सिकल सेल रोग RPwD 2016 में शामिल रक्त-संबंधी दिव्यांगताएँ हैं। मधुमेह, उच्च रक्तचाप और दमा इस सूची में नहीं हैं।
प्रश्न 5
जिस व्यवस्था में विद्यालय अपनी शिक्षण विधि, सामग्री और वातावरण को हर बच्चे की आवश्यकता के अनुसार बदलता है, उसे क्या कहते हैं?
- Aपृथक्कृत शिक्षा
- Bएकीकृत शिक्षा
- Cसमावेशी शिक्षा
- Dविशिष्ट शिक्षा
व्याख्या
समावेशी शिक्षा में विद्यालय बच्चे के अनुसार ढलता है। एकीकृत शिक्षा में बच्चे को विद्यालय के अनुसार ढलना पड़ता है, और पृथक्कृत शिक्षा में दिव्यांग बच्चे अलग विद्यालयों में पढ़ते हैं।
प्रश्न 6
भारतीय पुनर्वास परिषद् (RCI) किस वर्ष से वैधानिक संस्था बनी?
- A1986
- B1993
- C1999
- D2016
व्याख्या
RCI 1986 में पंजीकृत संस्था के रूप में बनी और RCI अधिनियम 1992 के तहत 22 जून 1993 से वैधानिक संस्था बनी। 1999 राष्ट्रीय न्यास अधिनियम और 2016 RPwD अधिनियम का वर्ष है।
प्रश्न 7
कक्षा में एक प्रतिभाशाली बालक दिया गया कार्य बहुत जल्दी पूरा कर लेता है। शिक्षक को क्या करना चाहिए?
- Aउसी कार्य को दोबारा करवाना
- Bउसे खोजपूर्ण और चुनौतीपूर्ण संवर्धन कार्य देना
- Cउसे चुपचाप बैठने को कहना
- Dउसे कक्षा से बाहर खेलने भेज देना
व्याख्या
प्रतिभाशाली बालकों के लिए संवर्धन (Enrichment) कार्यक्रम उपयुक्त है, जिससे उनकी क्षमता का पूरा उपयोग हो और वे ऊबें नहीं। वही कार्य दोहराना या खाली बैठाना उनकी रुचि घटाता है।
प्रश्न 8
श्रवणबाधित बच्चे वाली कक्षा में शिक्षक के लिए कौन-सा व्यवहार सबसे अनुचित है?
- Aबोर्ड की ओर मुँह करके बोलते हुए समझाना
- Bचित्र और चार्ट का उपयोग करना
- Cनिर्देश लिखकर भी देना
- Dबच्चे को सामने की ओर बैठाना
व्याख्या
श्रवणबाधित बच्चा शिक्षक के होंठ और चेहरे के भाव देखकर समझता है, इसलिए बोर्ड की ओर मुँह करके बोलना अनुचित है। बाकी तीनों कदम सहायक हैं।
प्रश्न 9
राष्ट्रीय न्यास अधिनियम, 1999 किन व्यक्तियों के कल्याण से संबंधित है?
- Aकेवल दृष्टिबाधिता
- Bस्वलीनता, प्रमस्तिष्क पक्षाघात, बौद्धिक दिव्यांगता और बहु-दिव्यांगता
- Cकेवल गामक दिव्यांगता
- Dकेवल अधिगम अक्षमता
व्याख्या
राष्ट्रीय न्यास अधिनियम 1999 स्वलीनता, प्रमस्तिष्क पक्षाघात, बौद्धिक दिव्यांगता और बहु-दिव्यांगता वाले व्यक्तियों के कल्याण के लिए है। अन्य विकल्प इस अधिनियम के दायरे को गलत रूप से केवल एक दिव्यांगता तक सीमित करते हैं।
प्रश्न 10
कक्षा 3 का एक मंद अधिगमकर्ता बार-बार गुणा की अवधारणा में पिछड़ जाता है। सबसे उपयुक्त रणनीति कौन-सी है?
- Aउसे अगली कक्षा के कठिन प्रश्न देना
- Bठोस वस्तुओं से छोटे चरणों में दोबारा सिखाना और अभ्यास करवाना
- Cउसे कमज़ोर बच्चों के अलग समूह में स्थायी रूप से बैठा देना
- Dउसकी तुलना होशियार बच्चों से करके प्रेरित करना
व्याख्या
मंद अधिगमकर्ता के लिए उपचारात्मक शिक्षण — ठोस सामग्री, छोटे चरण और बार-बार अभ्यास — सबसे प्रभावी है। स्थायी अलगाव और तुलना से हीनता की भावना बढ़ती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
REET में विशेष आवश्यकता वाले बालकों से कितने प्रश्न आते हैं?+
संख्या तय नहीं है, लेकिन REET 2024 की पालियों को मिलाकर इस टॉपिक से 5 प्रश्न आए। अधिगम अक्षमता और समायोजन जैसे जुड़े टॉपिकों को मिलाने पर यह हिस्सा और बड़ा हो जाता है।
समावेशी शिक्षा और एकीकृत शिक्षा में क्या अंतर है?+
एकीकृत शिक्षा में दिव्यांग बच्चा सामान्य विद्यालय में आता है पर उसे विद्यालय के अनुसार ढलना पड़ता है; समावेशी शिक्षा में विद्यालय स्वयं अपनी शिक्षण विधि, सामग्री और वातावरण को हर बच्चे की आवश्यकता के अनुसार बदलता है।
RPwD अधिनियम 2016 में कितनी दिव्यांगताएँ हैं?+
21 प्रकार की दिव्यांगताएँ। इससे पहले के PwD अधिनियम 1995 में 7 दिव्यांगताएँ शामिल थीं।
विशेष शिक्षा के शिक्षकों का प्रशिक्षण कौन-सी संस्था नियमित करती है?+
भारतीय पुनर्वास परिषद् (RCI), जो RCI अधिनियम 1992 के तहत वैधानिक संस्था है और पुनर्वास व विशेष शिक्षा के पेशेवरों का केंद्रीय पुनर्वास रजिस्टर रखती है।
ADHD वाले बच्चे को कैसे पढ़ाएँ?+
छोटे कार्य और स्पष्ट निर्देश दें, चित्र व दृश्य संकेतों का भरपूर उपयोग करें, बीच में छोटे विराम दें और अच्छे व्यवहार को तुरंत प्रोत्साहित करें। केवल मौखिक निर्देश और लंबे असाइनमेंट से बचें।
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आधिकारिक स्रोत
बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए