शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 (RTE Act)
शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act) भारत में 6-14 वर्ष के हर बच्चे को निःशुल्क व अनिवार्य प्रारंभिक शिक्षा का कानूनी अधिकार देता है। REET में इसकी प्रमुख धाराओं (जैसे धारा 24, 29) और शिक्षक की जिम्मेदारियों पर प्रश्न पूछे जाते हैं।
- REET 2024 में 3 प्रश्न
- शिक्षक-प्रशिक्षण स्तर
- 6 मिनट पढ़ें
REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET 2024 में RTE Act से तीनों प्रश्न धारा-आधारित (section-based) थे — शिक्षक के मूल्यांकन संबंधी कर्तव्य, धारा 29 का विषय-क्षेत्र, और शिक्षा के माध्यम (मातृभाषा) संबंधी प्रावधान। इसलिए महत्वपूर्ण धाराओं (12, 21, 23, 24, 29) के मुख्य विषय को क्रमबद्ध याद रखना ज़रूरी है।
अधिनियम की मूल जानकारी
- पूरा नाम
- निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (Right of Children to Free and Compulsory Education Act, 2009)
- संसद में पारित
- अगस्त 2009
- लागू हुआ
- 1 अप्रैल 2010 से, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21-A को क्रियान्वित करते हुए
- आयु-वर्ग
- 6 से 14 वर्ष तक के सभी बच्चे
पृष्ठभूमि व महत्व
भारतीय संविधान में 86वें संशोधन (2002) द्वारा अनुच्छेद 21-A जोड़ा गया, जिसने 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए शिक्षा को मौलिक अधिकार बना दिया। इसी अनुच्छेद को व्यावहारिक रूप देने के लिए RTE अधिनियम, 2009 बनाया गया, जो विश्व के उन गिने-चुने कानूनों में है जो शिक्षा को स्पष्ट रूप से बच्चे का कानूनी अधिकार घोषित करते हैं, न कि केवल राज्य की नीति।
इस अधिनियम से पहले भारत में शिक्षा 'राज्य नीति के निदेशक सिद्धांत' के अंतर्गत आती थी, जिसे अदालत में लागू नहीं कराया जा सकता था। RTE के बाद कोई भी अभिभावक या नागरिक बच्चे को प्रवेश न मिलने या स्कूल से निकाले जाने की स्थिति में कानूनी उपचार माँग सकता है।
RTE अधिनियम की प्रमुख धाराएँ
| धारा | विषय |
|---|---|
| धारा 12(1)(c) | निजी गैर-सहायता प्राप्त विद्यालयों में प्रवेश स्तर पर आर्थिक व सामाजिक रूप से वंचित वर्ग के बच्चों के लिए 25% सीटें आरक्षित |
| धारा 21 | विद्यालय प्रबंधन समिति (School Management Committee) का गठन |
| धारा 23 | शिक्षकों की न्यूनतम योग्यता एवं नियुक्ति |
| धारा 24 | शिक्षकों के कर्तव्य — नियमितता व समयपालन, पाठ्यक्रम पूरा करना, प्रत्येक बच्चे की सीखने की क्षमता का आकलन कर आवश्यकतानुसार अतिरिक्त अनुदेशन देना |
| धारा 29 | पाठ्यक्रम एवं मूल्यांकन प्रक्रिया — मातृभाषा में शिक्षा (जहाँ तक संभव हो), सतत एवं व्यापक मूल्यांकन, भय-मुक्त व बाल-केंद्रित वातावरण |
REET 2024 में धारा 24 (शिक्षक के मूल्यांकन-कर्तव्य) और धारा 29 (पाठ्यक्रम-माध्यम) दोनों से प्रश्न पूछे गए।
शिक्षकों के अन्य कर्तव्य (धारा 24 का विस्तार)
धारा 24 के अनुसार शिक्षक का कर्तव्य है कि वह नियमित व समय पर विद्यालय आए, निर्धारित पाठ्यक्रम पूरा कराए, अभिभावक-शिक्षक बैठकों में भाग ले, तथा प्रत्येक बच्चे की सीखने की क्षमता का समय-समय पर आकलन कर आवश्यकतानुसार अतिरिक्त अनुदेशन (remedial support) प्रदान करे।
धारा 28 के अनुसार कोई भी शिक्षक निजी ट्यूशन या निजी शिक्षण गतिविधि में संलग्न नहीं हो सकता, ताकि वह अपना पूरा समय व ऊर्जा नियमित विद्यालय-शिक्षण को दे सके और बच्चों के बीच असमानता न बढ़े।
धारा 29 — पाठ्यक्रम एवं मूल्यांकन
धारा 29 के अनुसार पाठ्यक्रम व मूल्यांकन प्रक्रिया राज्य द्वारा अधिसूचित शैक्षणिक प्राधिकरण (जैसे राज्यों में SCERT) तय करेगा।
शिक्षा का माध्यम, जहाँ तक व्यवहार्य हो, बालक की मातृभाषा में होना चाहिए। मूल्यांकन बालक को भय, आघात व चिंता से मुक्त रखते हुए, गतिविधि, खोज व अन्वेषण के माध्यम से सतत एवं व्यापक होना चाहिए।
अन्य महत्वपूर्ण प्रावधान
मूल अधिनियम की धारा 16 में प्रावधान था कि प्रारंभिक शिक्षा पूरी होने तक किसी बच्चे को किसी कक्षा में रोका (detained) या विद्यालय से निकाला (expelled) नहीं जाएगा — इसे 'नो-डिटेंशन नीति' कहा गया।
वर्ष 2019 के संशोधन के बाद राज्यों को यह छूट दी गई कि वे कक्षा 5 और 8 के अंत में परीक्षा लेकर, असफल बच्चे को अतिरिक्त शिक्षण व पुनः-परीक्षा का अवसर देने के बाद, आवश्यकता पड़ने पर रोक सकते हैं। राजस्थान सहित हर राज्य को यह तय करने की स्वतंत्रता है कि वह यह प्रावधान अपनाए या मूल 'नो-डिटेंशन' नीति को जारी रखे।
इसके अतिरिक्त, अधिनियम में विद्यालय के भौतिक ढांचे (जैसे भवन, शौचालय, पेयजल, पुस्तकालय) और शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात (Pupil-Teacher Ratio) के न्यूनतम मानक भी निर्धारित किए गए हैं, ताकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण सुनिश्चित हो सके।
कक्षा में RTE प्रावधानों का उपयोग
| RTE प्रावधान | कक्षा में व्यवहार |
|---|---|
| धारा 24 — सीखने की क्षमता का आकलन | हर बच्चे की प्रगति नियमित रूप से जाँचना और पिछड़ने वाले बच्चे को अतिरिक्त सहयोग देना |
| धारा 29 — मातृभाषा में शिक्षा | शुरुआती कक्षाओं में स्थानीय/मातृभाषा में अवधारणाएँ समझाना, फिर धीरे-धीरे अन्य भाषा जोड़ना |
| शारीरिक दंड पर रोक | अनुशासन के लिए सकारात्मक व अहिंसक तरीके अपनाना, शारीरिक/मानसिक प्रताड़ना न देना |
| धारा 28 — निजी ट्यूशन पर रोक | अपना पूरा समय व ध्यान विद्यालय के सभी बच्चों को समान रूप से देना, किसी बच्चे विशेष के लिए अलग से शुल्क लेकर न पढ़ाना |
REET में RTE Act से जुड़े प्रश्नों का पैटर्न
REET में RTE Act के प्रश्न सामान्यतः तीन रूपों में आते हैं — किसी धारा की संख्या पूछना (जैसे 'कौन-सी धारा शिक्षकों के कर्तव्यों से संबंधित है'), किसी धारा का विषय-वस्तु पूछना (जैसे 'धारा 29 किस बारे में है'), और परिस्थितिजन्य प्रश्न (जैसे 'RTE के अनुसार शिक्षक को किसी स्थिति में क्या करना चाहिए')।
इसलिए केवल धारा संख्याएँ रटना पर्याप्त नहीं है — हर धारा के पीछे की भावना (बच्चे का हित, समानता, गुणवत्तापूर्ण व भय-मुक्त शिक्षा) को भी समझना ज़रूरी है ताकि परिस्थितिजन्य प्रश्नों का सही उत्तर दिया जा सके।
याद रखने की ट्रिक
धाराएँ क्रम से याद रखें: 12 = प्रवेश (25% आरक्षण), 21 = SMC, 23 = शिक्षक योग्यता, 24 = शिक्षक कर्तव्य, 28 = निजी ट्यूशन पर रोक, 29 = पाठ्यक्रम-मूल्यांकन। संख्या बढ़ते क्रम में विषय भी 'भर्ती से लेकर पढ़ाई तक' के क्रम में चलता है — यह याद रखना आसान बना देता है।
REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)
प्रश्न 17
आर.टी.ई. अधिनियम छात्रों के सीखने के मूल्यांकन के लिए शिक्षकों की जिम्मेदारियों के बारे में क्या कहता है ?
- Aप्रत्येक बच्चे की सीखने की क्षमता का मूल्यांकन करें और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त निर्देश दें
- Bछात्र क्षमताओं का मूल्यांकन किए बिना केवल पाठ्यक्रम पूरा करने पर ध्यान केंन्द्रित करें
- Cकेवल शैक्षणिक वर्ष के अंत में मूल्यांकन करें
- Dछात्रों के साथ बातचीत को कक्षा शिक्षण तक सीमित रखें
व्याख्या
RTE अधिनियम 2009 की धारा 24 के अनुसार शिक्षक का कर्तव्य है कि वह प्रत्येक बच्चे की सीखने की क्षमता का आकलन करे और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त निर्देश (additional instructions) दे। केवल पाठ्यक्रम पूरा करना या केवल वर्ष के अंत में मूल्यांकन करना अधिनियम की सतत एवं व्यापक मूल्यांकन की भावना के विपरीत है।
प्रश्न 14
नि:शुल्क एवं अनिवार्य प्रारंभिक शिक्षा का अधिकार – 2009 की धारा – 29 मुख्य रूप से संबंधित है
- Aपाठ्यक्रम एवं मूल्यांकन प्रक्रियाएँ
- Bप्रवेश प्रक्रिया
- Cशिक्षकों की योग्यताएँ
- Dअल्पसंख्यक संस्थानों के अधिकार
व्याख्या
RTE अधिनियम 2009 की धारा 29 'पाठ्यक्रम और मूल्यांकन प्रक्रिया' (Curriculum and evaluation procedure) से सम्बन्धित है; इसके तहत समुचित सरकार शैक्षिक प्राधिकारी अधिसूचित करती है और बाल-केन्द्रित शिक्षा, भय-मुक्त वातावरण तथा सतत एवं व्यापक मूल्यांकन का प्रावधान है। शिक्षकों की योग्यता धारा 23 में है।
प्रश्न 21
RTE एक्ट, 2009 की धारा 29 के तहत शिक्षा का माध्यम प्राथमिक रूप से होना चाहिए
- Aकेवल वैश्विक भाषाएँ
- Bसभी चरणों के लिए केवल अंग्रेजी
- Cप्रारंभिक चरणों में क्षेत्रीय और मातृभाषा
- Dडिजिटल प्लैटफॉर्म
व्याख्या
RTE अधिनियम, 2009 की धारा 29(2)(f) के अनुसार शिक्षा का माध्यम, जहाँ तक व्यवहार्य हो, बच्चे की मातृभाषा होनी चाहिए। अतः प्रारंभिक चरणों में मातृभाषा/क्षेत्रीय भाषा पर बल देना सही है।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
RTE अधिनियम, 2009 किस आयु-वर्ग के बच्चों को निःशुल्क व अनिवार्य शिक्षा का अधिकार देता है?
- A3 से 6 वर्ष
- B6 से 14 वर्ष
- C14 से 18 वर्ष
- D0 से 6 वर्ष
व्याख्या
RTE अधिनियम, 2009 भारत में 6 से 14 वर्ष तक के सभी बच्चों को निःशुल्क व अनिवार्य प्रारंभिक शिक्षा का कानूनी अधिकार देता है।
प्रश्न 2
RTE अधिनियम भारत में कब लागू हुआ?
- A26 जनवरी 2009
- B1 अप्रैल 2010
- C2 अक्टूबर 2010
- D1 जनवरी 2009
व्याख्या
RTE अधिनियम अगस्त 2009 में संसद द्वारा पारित हुआ और 1 अप्रैल 2010 से पूरे देश में लागू हुआ।
प्रश्न 3
RTE अधिनियम की धारा 12(1)(c) किससे संबंधित है?
- Aशिक्षकों की योग्यता
- Bनिजी विद्यालयों में 25% सीटों का आरक्षण
- Cपाठ्यक्रम निर्माण
- Dविद्यालय प्रबंधन समिति
व्याख्या
धारा 12(1)(c) के अनुसार निजी गैर-सहायता प्राप्त विद्यालयों को प्रवेश स्तर पर 25% सीटें आर्थिक व सामाजिक रूप से वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित करनी होती हैं।
प्रश्न 4
RTE अधिनियम की धारा 24 मुख्यतः किससे संबंधित है?
- Aशिक्षकों की योग्यता
- Bशिक्षकों के कर्तव्य
- Cविद्यालय प्रबंधन समिति
- Dपाठ्यक्रम निर्माण
व्याख्या
धारा 24 शिक्षकों के कर्तव्यों से संबंधित है — जैसे नियमितता, पाठ्यक्रम पूरा करना और हर बच्चे की सीखने की क्षमता का आकलन कर आवश्यकतानुसार अतिरिक्त अनुदेशन देना।
प्रश्न 5
RTE अधिनियम की धारा 29 के अनुसार शिक्षा का माध्यम प्रारंभिक चरण में क्या होना चाहिए?
- Aकेवल अंग्रेजी
- Bबालक की मातृभाषा, जहाँ तक व्यवहार्य हो
- Cकेवल हिंदी
- Dकेवल संस्कृत
व्याख्या
धारा 29(2)(f) के अनुसार शिक्षा का माध्यम, जहाँ तक व्यवहार्य हो, बालक की मातृभाषा होनी चाहिए।
प्रश्न 6
RTE अधिनियम की धारा 21 किससे संबंधित है?
- Aविद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) का गठन
- Bशिक्षकों की भर्ती
- Cपरीक्षा प्रणाली
- Dमध्याह्न भोजन
व्याख्या
धारा 21 प्रत्येक सरकारी/सहायता प्राप्त विद्यालय में विद्यालय प्रबंधन समिति (School Management Committee) के गठन का प्रावधान करती है।
प्रश्न 7
RTE अधिनियम, 2009 के अनुसार मूल्यांकन प्रक्रिया कैसी होनी चाहिए?
- Aभय व दबाव पर आधारित
- Bसतत, व्यापक व बालक को भय-मुक्त रखने वाली
- Cकेवल वार्षिक परीक्षा पर आधारित
- Dकेवल मौखिक परीक्षा तक सीमित
व्याख्या
धारा 29 के अनुसार मूल्यांकन बालक को भय, आघात व चिंता से मुक्त रखते हुए गतिविधि व खोज के माध्यम से सतत एवं व्यापक होना चाहिए।
प्रश्न 8
एक शिक्षक हर बच्चे की सीखने की क्षमता का नियमित आकलन कर कमज़ोर बच्चों को अतिरिक्त सहयोग देता है। यह RTE अधिनियम की किस धारा के अनुरूप है?
- Aधारा 12
- Bधारा 24
- Cधारा 21
- Dधारा 23
व्याख्या
यह RTE अधिनियम की धारा 24 (शिक्षकों के कर्तव्य) के अनुरूप है, जिसमें प्रत्येक बच्चे की सीखने की क्षमता का आकलन कर आवश्यकतानुसार अतिरिक्त अनुदेशन देने की जिम्मेदारी शिक्षक की है।
प्रश्न 9
RTE अधिनियम के अनुसार कक्षा में अनुशासन बनाए रखने के लिए शिक्षक को क्या करना चाहिए?
- Aशारीरिक दंड का प्रयोग करना
- Bसकारात्मक व अहिंसक अनुशासन-विधियाँ अपनाना
- Cबच्चे को कक्षा से निकाल देना
- Dबच्चे को सार्वजनिक रूप से अपमानित करना
व्याख्या
RTE अधिनियम शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना (corporal punishment) पर रोक लगाता है, इसलिए शिक्षक को सकारात्मक व अहिंसक अनुशासन-विधियाँ अपनानी चाहिए।
प्रश्न 10
RTE अधिनियम, 2009 भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद को क्रियान्वित करता है?
- Aअनुच्छेद 21-A
- Bअनुच्छेद 14
- Cअनुच्छेद 19
- Dअनुच्छेद 32
व्याख्या
RTE अधिनियम, 2009 भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21-A (जो शिक्षा को मौलिक अधिकार बनाता है) को क्रियान्वित करने के लिए बनाया गया था।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
RTE अधिनियम, 2009 किन बच्चों पर लागू होता है?+
यह अधिनियम भारत में 6 से 14 वर्ष तक के सभी बच्चों को निःशुल्क व अनिवार्य प्रारंभिक शिक्षा का अधिकार देता है।
RTE अधिनियम की धारा 24 किससे संबंधित है?+
धारा 24 शिक्षकों के कर्तव्यों से संबंधित है, जिसमें नियमितता, पाठ्यक्रम पूरा करना और हर बच्चे की सीखने की क्षमता का आकलन कर अतिरिक्त सहायता देना शामिल है।
RTE अधिनियम की धारा 29 किस विषय पर है?+
धारा 29 पाठ्यक्रम व मूल्यांकन प्रक्रिया से संबंधित है, जिसमें मातृभाषा में शिक्षा और सतत-व्यापक, भय-मुक्त मूल्यांकन पर बल दिया गया है।
RTE अधिनियम कब लागू हुआ?+
यह अधिनियम अगस्त 2009 में संसद द्वारा पारित हुआ और 1 अप्रैल 2010 से पूरे देश में लागू हुआ।
RTE अधिनियम में निजी विद्यालयों के लिए क्या प्रावधान है?+
धारा 12(1)(c) के तहत निजी गैर-सहायता प्राप्त विद्यालयों को प्रवेश स्तर पर 25% सीटें आर्थिक व सामाजिक रूप से वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित करनी होती हैं।
क्या RTE अधिनियम के तहत शिक्षक निजी ट्यूशन पढ़ा सकते हैं?+
नहीं, धारा 28 के अनुसार कोई भी शिक्षक निजी ट्यूशन या निजी शिक्षण गतिविधि में संलग्न नहीं हो सकता।
RTE अधिनियम भारतीय संविधान के किस संशोधन से जुड़ा है?+
86वें संविधान संशोधन (2002) ने अनुच्छेद 21-A जोड़कर शिक्षा को मौलिक अधिकार बनाया; RTE अधिनियम, 2009 इसी अनुच्छेद को व्यावहारिक रूप देने के लिए बनाया गया कानून है।
RTE अधिनियम विद्यालय के भौतिक ढांचे पर क्या कहता है?+
अधिनियम विद्यालय भवन, शौचालय, पेयजल, पुस्तकालय व उचित शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात जैसे न्यूनतम मानक तय करता है, ताकि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण मिल सके।
RTE अधिनियम के तहत विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) की भूमिका क्या है?+
SMC विद्यालय की कार्यप्रणाली की निगरानी करती है, विद्यालय विकास योजना बनाती है और यह सुनिश्चित करती है कि अधिनियम के प्रावधान स्थानीय स्तर पर सही ढंग से लागू हों।
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आधिकारिक स्रोत
बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए