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REET L1+L2 · बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र

क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research)

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क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) वह प्रक्रिया है जिसमें शिक्षक स्वयं अपनी कक्षा की किसी समस्या का समाधान खोजने के लिए व्यवस्थित अध्ययन करता है। REET में इससे इसकी प्रकृति, चरणों और सांख्यिकीय तरीकों पर प्रश्न पूछे जाते हैं।

  • REET 2024 में 3 प्रश्न
  • शिक्षक-प्रशिक्षण स्तर
  • 6 मिनट पढ़ें
16 सितंबर 2026 को सत्यापित · स्रोत: Action Research in Education – Structural Learning

REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

REET 2024 में क्रियात्मक अनुसंधान से तीन तरह के प्रश्न आए — इसकी प्रकृति/विशेषता (गतिशील प्रक्रिया), शोध-अभिकल्प (पूर्व परीक्षण-पश्च परीक्षण एकल समूह प्रारूप) और आँकड़ा-विश्लेषण में प्रयुक्त सांख्यिकीय परीक्षण। यानी परिभाषा के साथ-साथ इसकी प्रक्रिया/पद्धति भी अच्छी तरह समझनी होगी।

अर्थ एवं परिभाषा

क्रियात्मक अनुसंधान वह शोध है जो शिक्षक द्वारा अपनी ही कक्षा या विद्यालय की किसी तात्कालिक, व्यावहारिक समस्या (जैसे किसी विषय में बच्चों का कमज़ोर प्रदर्शन, अनुशासन की समस्या) को हल करने के लिए किया जाता है।

यह मौलिक अनुसंधान (fundamental research) से अलग है, जो सामान्य सिद्धांत बनाने के लिए किया जाता है। क्रियात्मक अनुसंधान का उद्देश्य तत्काल, स्थानीय समस्या का व्यावहारिक समाधान ढूँढना है, व्यापक सामान्यीकरण नहीं।

क्रियात्मक अनुसंधान की अवधारणा को सामाजिक मनोवैज्ञानिक कर्ट लेविन (Kurt Lewin) ने 1940 के दशक में विकसित किया था। शिक्षा के क्षेत्र में यह इसलिए लोकप्रिय हुआ क्योंकि यह शिक्षक को केवल 'सूचना का उपयोगकर्ता' नहीं बल्कि 'ज्ञान का निर्माता' (teacher as researcher) बनाता है — शिक्षक स्वयं अपने अनुभव व कक्षा-आँकड़ों के आधार पर बेहतर शिक्षण-निर्णय ले सकता है।

यह शोध सहभागी (participatory) होता है — इसमें अक्सर शिक्षक के साथ-साथ विद्यार्थी, अभिभावक या सहकर्मी शिक्षक भी शामिल हो सकते हैं, जिससे समाधान अधिक व्यावहारिक व स्वीकार्य बनता है।

क्रियात्मक अनुसंधान बनाम मौलिक अनुसंधान

क्रियात्मक अनुसंधान

उद्देश्यतात्कालिक कक्षा-समस्या का समाधान

करने वालाशिक्षक स्वयं (practitioner)

परिणाम का दायरासीमित, अपनी कक्षा/विद्यालय तक

प्रकृतिगतिशील व चक्रीय (cyclical)

नमूना (sample)छोटा — एक कक्षा या कुछ विद्यार्थी

समय-सीमाअपेक्षाकृत कम, कुछ सप्ताह से कुछ माह

मौलिक (मूल) अनुसंधान

उद्देश्यसामान्य सिद्धांत/ज्ञान का निर्माण

करने वालाविशेषज्ञ शोधकर्ता

परिणाम का दायराव्यापक, सामान्यीकरण योग्य

प्रकृतिअधिक औपचारिक व लंबी अवधि

नमूना (sample)बड़ा व प्रतिनिधित्वपूर्ण नमूना

समय-सीमाप्रायः लंबी अवधि तक चलता है

क्रियात्मक अनुसंधान के चरण (Lewin मॉडल)

1. योजना (Planning)
समस्या की पहचान करना और समाधान की रणनीति बनाना
2. क्रिया (Action)
योजनाबद्ध रणनीति को कक्षा में लागू करना
3. अवलोकन (Observation)
आँकड़े एकत्र कर परिणामों का अवलोकन करना
4. चिंतन/पुनरीक्षण (Reflection)
परिणामों का विश्लेषण कर अगला कदम तय करना — चक्र दोहराया जा सकता है

क्रियात्मक अनुसंधान के चरणों का विस्तृत विवरण

समस्या की पहचान: सबसे पहले शिक्षक कक्षा में देखी गई किसी वास्तविक कठिनाई (जैसे कुछ बच्चे भिन्न-भिन्नात्मक संख्याओं में भ्रमित होते हैं) को स्पष्ट रूप से परिभाषित करता है और इससे जुड़े संभावित कारणों पर विचार करता है।

परिकल्पना व योजना: समस्या के आधार पर शिक्षक एक कार्ययोजना (जैसे मूर्त सामग्री/मॉडल का प्रयोग) बनाता है और यह तय करता है कि सुधार कैसे मापा जाएगा।

क्रियान्वयन व आँकड़ा संकलन: योजना को वास्तविक कक्षा में लागू करते हुए अवलोकन, परीक्षण या कार्य-नमूनों के माध्यम से आँकड़े एकत्र किए जाते हैं।

विश्लेषण, निष्कर्ष व रिपोर्टिंग: एकत्रित आँकड़ों का विश्लेषण कर यह देखा जाता है कि हस्तक्षेप कारगर रहा या नहीं, और निष्कर्षों को सहकर्मियों के साथ साझा किया जाता है ताकि वे भी लाभ उठा सकें।

पूर्व परीक्षण-पश्च परीक्षण एकल समूह प्रारूप

क्रियात्मक अनुसंधान में सबसे सामान्य प्रयोगात्मक अभिकल्प है — 'एकल समूह पूर्व परीक्षण-पश्च परीक्षण प्रारूप' (One-group pretest-posttest design)। इसमें एक ही समूह (जैसे एक कक्षा) का उपचार/हस्तक्षेप (जैसे नई शिक्षण विधि) से पहले परीक्षण किया जाता है, फिर उपचार दिया जाता है, और अंत में फिर परीक्षण करके दोनों अंकों की तुलना की जाती है।

चूँकि एक ही समूह के पूर्व व पश्च अंकों की तुलना करनी होती है, इसलिए आँकड़ा-विश्लेषण के लिए सहसंबद्ध/युग्मित टी-परीक्षण (correlated/paired t-test) का प्रयोग किया जाता है।

इस अभिकल्प की एक सीमा यह है कि इसमें कोई नियंत्रण समूह (control group) नहीं होता, इसलिए यह पूरी तरह निश्चित नहीं कहा जा सकता कि सुधार केवल हस्तक्षेप (जैसे नई शिक्षण विधि) के कारण हुआ या किसी अन्य कारक (जैसे बच्चों की सामान्य परिपक्वता) के कारण भी। फिर भी कक्षा-स्तर पर व्यावहारिक सुधार दिखाने के लिए यह अभिकल्प पर्याप्त व सुविधाजनक माना जाता है।

कक्षा में क्रियात्मक अनुसंधान का उपयोग

कक्षा-समस्याक्रियात्मक अनुसंधान से समाधान
बच्चे वर्तनी (spelling) में गलतियाँ करते हैंएक माह तक रोज़ाना श्रुतलेख अभ्यास करवाकर पूर्व-पश्च परीक्षण से सुधार मापना
कक्षा में पढ़ने में रुचि कम हैकहानी-आधारित शिक्षण अपनाकर रुचि व पठन-स्तर में बदलाव मापना
गणित के किसी अध्याय में औसत अंक कम आते हैंशिक्षण सहायक सामग्री का प्रयोग कर पूर्व-पश्च परीक्षण से प्रभाव जाँचना
कक्षा में कुछ बच्चे बार-बार अनुपस्थित रहते हैंअनुपस्थिति के कारण जानने के लिए अभिभावकों से बात करना और एक माह तक विशेष प्रोत्साहन देकर उपस्थिति में बदलाव मापना

क्रियात्मक अनुसंधान की रिपोर्ट कैसे लिखें

एक अच्छी क्रियात्मक अनुसंधान रिपोर्ट में सामान्यतः समस्या का विवरण, समस्या के संभावित कारण, अपनाई गई कार्ययोजना/हस्तक्षेप, प्रयुक्त उपकरण (जैसे परीक्षण, प्रश्नावली), पूर्व व पश्च परिणामों की तुलना, तथा निष्कर्ष व आगे के सुझाव शामिल होते हैं।

REET परीक्षा में कभी-कभी यह भी पूछा जाता है कि किसी दी गई परिस्थिति में शिक्षक को कौन-सा कदम पहले उठाना चाहिए — ऐसे प्रश्नों में सही क्रम हमेशा समस्या की स्पष्ट पहचान → कारण विश्लेषण → कार्ययोजना → क्रियान्वयन → मूल्यांकन होता है।

याद रखने की ट्रिक

क्रियात्मक अनुसंधान के 4 चरण याद रखें: 'योजना बनाओ, क्रिया करो, अवलोकन करो, चिंतन करो' (PAOR)। ध्यान रखें — यह हमेशा शिक्षक स्वयं करता है, अपनी ही कक्षा के लिए, इसलिए विकल्पों में 'बाहरी विशेषज्ञ' या 'व्यापक सामान्यीकरण' जैसे शब्द अक्सर गलत विकल्प होते हैं।

REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)

प्रश्न 4

“क्रियात्मक अनुसंधान” की मुख्य विशेषता क्या है ?

  1. Aयह एक गतिशील प्रक्रिया है
  2. Bयह एक सैद्धान्तिक प्रक्रिया है
  3. Cयह समस्या समाधान दृष्टिकोण से बचता है
  4. Dयह केवल स्व-मूल्यांकन पर निर्भर करता है

व्याख्या

क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) कक्षा या विद्यालय की तात्कालिक समस्याओं के समाधान हेतु शिक्षक द्वारा किया जाने वाला अनुसंधान है। इसमें योजना, क्रिया, अवलोकन और चिन्तन का चक्र लगातार चलता रहता है, इसलिए यह एक गतिशील (dynamic) प्रक्रिया है। यह सैद्धान्तिक नहीं बल्कि व्यावहारिक और समस्या-समाधान केन्द्रित होता है।

प्रश्न 12

क्रियात्मक अनुसंधान में “पूर्व परीक्षण-पश्च परीक्षण एकल समूह प्रारूप” से क्या आशय है ?

  1. Aएक डिजाइन जहाँ कई समूहों की तुलना की जाती है
  2. Bएक डिजाइन जहाँ एक समूह का उपचार से पहले और उपचार के बाद में परीक्षण किया जाता है
  3. Cएक डिजाइन, जिसमें पूर्व परीक्षण शामिल नहीं होता
  4. Dएक डिजाइन, जो निष्कर्षों को सामान्य करता है

व्याख्या

पूर्व परीक्षण-पश्च परीक्षण एकल समूह प्रारूप (One group pre-test post-test design) में केवल एक ही समूह होता है; उपचार (treatment/intervention) से पहले उसका परीक्षण किया जाता है और उपचार के बाद फिर परीक्षण करके दोनों अंकों की तुलना की जाती है। इसमें कई समूहों की तुलना (A) नहीं होती और पूर्व परीक्षण अनिवार्य रूप से शामिल होता है, इसलिए C भी गलत है।

प्रश्न 7एक से अधिक उत्तर मान्य

क्रियात्मक अनुसंधान में डेटा विश्लेषण के लिए कौन-सा सांख्यिकीय परीक्षण आमतौर पर उपयोग किया जाता है ?

  1. Aसहसंबंध टी-परीक्षण
  2. Bस्वतन्त्र टी-परीक्षण
  3. Cकाई-वर्ग परीक्षण
  4. Dप्रतिगमन विश्लेषण

व्याख्या

क्रियात्मक अनुसंधान (action research) प्रायः कक्षा की किसी समस्या के समाधान हेतु छोटे समूह पर किया जाता है, जिसमें उपचार से पहले और बाद (pre-test/post-test) के अंकों की तुलना होती है। एक ही समूह के पूर्व और पश्च अंकों की तुलना के लिए सहसंबद्ध/युग्मित टी-परीक्षण (paired t-test) उपयुक्त है, इसलिए (A) सही है। BSER की अंतिम कुंजी ने प्रतिगमन विश्लेषण (D) को भी स्वीकार किया है; बोर्ड ने इसका कारण स्पष्ट नहीं किया।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

क्रियात्मक अनुसंधान मुख्य रूप से किसके द्वारा किया जाता है?

  1. Aबाहरी विशेषज्ञ शोधकर्ता
  2. Bशिक्षक स्वयं अपनी कक्षा के लिए
  3. Cकेवल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर
  4. Dसरकारी अधिकारी

व्याख्या

क्रियात्मक अनुसंधान (action research) शिक्षक स्वयं अपनी कक्षा या विद्यालय की व्यावहारिक समस्या को हल करने के लिए करता है।

प्रश्न 2

क्रियात्मक अनुसंधान का मुख्य उद्देश्य क्या है?

  1. Aसामान्य वैज्ञानिक सिद्धांत बनाना
  2. Bकक्षा की तात्कालिक समस्या का व्यावहारिक समाधान खोजना
  3. Cराष्ट्रीय स्तर पर नीति बनाना
  4. Dकेवल आँकड़े एकत्र करना

व्याख्या

क्रियात्मक अनुसंधान का उद्देश्य मौलिक सिद्धांत बनाना नहीं, बल्कि किसी विशिष्ट कक्षा/विद्यालय की तात्कालिक समस्या का समाधान ढूँढना है।

प्रश्न 3

क्रियात्मक अनुसंधान चक्र (Lewin मॉडल) में सही क्रम क्या है?

  1. Aक्रिया-योजना-चिंतन-अवलोकन
  2. Bयोजना-क्रिया-अवलोकन-चिंतन
  3. Cचिंतन-योजना-क्रिया-अवलोकन
  4. Dअवलोकन-चिंतन-योजना-क्रिया

व्याख्या

क्रियात्मक अनुसंधान का चक्र योजना (Planning) → क्रिया (Action) → अवलोकन (Observation) → चिंतन (Reflection) के क्रम में चलता है, और यह चक्र दोहराया जा सकता है।

प्रश्न 4

क्रियात्मक अनुसंधान मौलिक अनुसंधान से किस प्रकार भिन्न है?

  1. Aयह अधिक व्यापक सामान्यीकरण देता है
  2. Bयह किसी विशिष्ट, स्थानीय समस्या के समाधान पर केंद्रित होता है
  3. Cयह हमेशा प्रयोगशाला में होता है
  4. Dइसमें शिक्षक की कोई भूमिका नहीं होती

व्याख्या

मौलिक अनुसंधान सामान्य सिद्धांत बनाता है, जबकि क्रियात्मक अनुसंधान किसी विशिष्ट कक्षा/स्थिति की तात्कालिक समस्या के समाधान पर केंद्रित होता है।

प्रश्न 5

'एकल समूह पूर्व परीक्षण-पश्च परीक्षण प्रारूप' में कितने समूहों का प्रयोग होता है?

  1. Aदो
  2. Bतीन
  3. Cएक
  4. Dचार

व्याख्या

इस प्रारूप में केवल एक ही समूह होता है, जिसका उपचार से पहले और उपचार के बाद परीक्षण करके तुलना की जाती है।

प्रश्न 6

एकल समूह के पूर्व व पश्च परीक्षण अंकों की तुलना के लिए सामान्यतः कौन-सा सांख्यिकीय परीक्षण उपयुक्त होता है?

  1. Aस्वतंत्र नमूना टी-परीक्षण
  2. Bसहसंबद्ध/युग्मित टी-परीक्षण
  3. Cकाई-वर्ग परीक्षण
  4. DANOVA

व्याख्या

चूँकि दोनों माप एक ही समूह के हैं (पूर्व व पश्च), इसलिए सहसंबद्ध या युग्मित टी-परीक्षण (paired/correlated t-test) उपयुक्त सांख्यिकीय विधि है।

प्रश्न 7

क्रियात्मक अनुसंधान को 'गतिशील प्रक्रिया' क्यों कहा जाता है?

  1. Aक्योंकि इसमें एक ही बार डेटा एकत्र किया जाता है
  2. Bक्योंकि योजना-क्रिया-अवलोकन-चिंतन का चक्र लगातार दोहराया जा सकता है
  3. Cक्योंकि इसमें कोई योजना नहीं बनानी पड़ती
  4. Dक्योंकि यह हमेशा असफल होता है

व्याख्या

क्रियात्मक अनुसंधान में सुधार की प्रक्रिया एक बार में समाप्त नहीं होती; एक चक्र से मिली सीख अगले चक्र में उपयोग होती है, इसलिए यह गतिशील (dynamic) मानी जाती है।

प्रश्न 8

एक शिक्षिका को लगता है कि उसकी कक्षा के बच्चे वर्तनी में बहुत गलतियाँ करते हैं। वह एक माह तक नई विधि अपनाकर सुधार जाँचना चाहती है। यह किस प्रकार का शोध है?

  1. Aमौलिक अनुसंधान
  2. Bक्रियात्मक अनुसंधान
  3. Cऐतिहासिक अनुसंधान
  4. Dसर्वेक्षण अनुसंधान

व्याख्या

अपनी ही कक्षा की तात्कालिक समस्या (वर्तनी की गलतियाँ) के समाधान हेतु शिक्षक द्वारा किया गया यह अध्ययन क्रियात्मक अनुसंधान का उदाहरण है।

प्रश्न 9

क्रियात्मक अनुसंधान की 'क्रिया (action)' अवस्था में शिक्षक क्या करता है?

  1. Aसमस्या की पहचान करता है
  2. Bयोजनाबद्ध रणनीति को कक्षा में लागू करता है
  3. Cकेवल परिणामों का विश्लेषण करता है
  4. Dअगला शोध विषय चुनता है

व्याख्या

'क्रिया' अवस्था में शिक्षक पहले से बनाई गई योजना/रणनीति को वास्तव में कक्षा में लागू करता है; समस्या-पहचान योजना अवस्था में होती है।

प्रश्न 10

क्रियात्मक अनुसंधान के परिणामों का दायरा सामान्यतः कैसा होता है?

  1. Aपूरे देश पर लागू होने योग्य
  2. Bसीमित — मुख्यतः संबंधित कक्षा/विद्यालय तक
  3. Cअंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामान्यीकरण योग्य
  4. Dसभी विषयों पर समान रूप से लागू

व्याख्या

चूँकि क्रियात्मक अनुसंधान किसी विशिष्ट कक्षा/स्थिति के लिए किया जाता है, इसके परिणाम मुख्यतः उसी संदर्भ तक सीमित होते हैं, व्यापक सामान्यीकरण के लिए नहीं होते।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्रियात्मक अनुसंधान क्या है?+

क्रियात्मक अनुसंधान वह शोध है जो शिक्षक अपनी कक्षा/विद्यालय की किसी तात्कालिक व्यावहारिक समस्या को हल करने के लिए स्वयं करता है।

क्रियात्मक अनुसंधान के चरण कौन-से हैं?+

सामान्यतः इसके चार चरण हैं — योजना, क्रिया, अवलोकन और चिंतन — जो एक चक्र के रूप में दोहराए जा सकते हैं।

क्रियात्मक अनुसंधान मौलिक अनुसंधान से कैसे अलग है?+

मौलिक अनुसंधान सामान्य सिद्धांत बनाने के लिए होता है, जबकि क्रियात्मक अनुसंधान किसी विशिष्ट, स्थानीय समस्या के तत्काल समाधान पर केंद्रित होता है।

एकल समूह पूर्व-पश्च परीक्षण प्रारूप में कौन-सा सांख्यिकीय परीक्षण उपयोग होता है?+

चूँकि एक ही समूह के दो माप (पूर्व व पश्च) की तुलना की जाती है, इसलिए सहसंबद्ध/युग्मित टी-परीक्षण उपयुक्त माना जाता है।

क्रियात्मक अनुसंधान की अवधारणा किसने दी?+

क्रियात्मक अनुसंधान की अवधारणा सामाजिक मनोवैज्ञानिक कर्ट लेविन (Kurt Lewin) ने 1940 के दशक में विकसित की, जिसे बाद में शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक रूप से अपनाया गया।

क्रियात्मक अनुसंधान में कौन-कौन शामिल हो सकते हैं?+

मुख्यतः शिक्षक स्वयं इसे करता है, पर यह सहभागी (participatory) प्रक्रिया है, जिसमें विद्यार्थी, अभिभावक या सहकर्मी शिक्षक भी शामिल हो सकते हैं।

क्या क्रियात्मक अनुसंधान में नियंत्रण समूह (control group) होता है?+

सामान्यतः नहीं। अधिकांश क्रियात्मक अनुसंधान एकल-समूह अभिकल्प पर आधारित होते हैं, इसलिए इनके निष्कर्ष कक्षा-स्तर पर उपयोगी तो होते हैं पर पूर्णतः वैज्ञानिक रूप से निर्णायक नहीं माने जाते।

क्रियात्मक अनुसंधान की रिपोर्ट में क्या-क्या शामिल होना चाहिए?+

समस्या का विवरण, संभावित कारण, अपनाई गई कार्ययोजना, प्रयुक्त उपकरण, पूर्व-पश्च परिणामों की तुलना और निष्कर्ष व सुझाव — ये सभी एक अच्छी क्रियात्मक अनुसंधान रिपोर्ट के अनिवार्य भाग हैं।

क्या क्रियात्मक अनुसंधान के परिणाम अन्य शिक्षकों के लिए उपयोगी हो सकते हैं?+

हाँ, हालाँकि परिणाम मुख्यतः संबंधित कक्षा तक सीमित होते हैं, फिर भी समान परिस्थिति वाले अन्य शिक्षक इनसे विचार व दिशा ले सकते हैं और अपनी कक्षा में परीक्षण कर सकते हैं।

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आधिकारिक स्रोत

  1. Action Research in Education – Structural Learning

बदलाव लॉग

  • 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए