सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE): अर्थ, क्षेत्र, उपकरण एवं आकलन के प्रकार
इस पेज में सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) का अर्थ, इसके 'सतत' और 'व्यापक' पक्ष, शैक्षिक व सह-शैक्षिक क्षेत्र, आकलन के प्रकार, मूल्यांकन के उपकरण और RTE 2009, NCF 2005 व NEP 2020 में इसका स्थान परीक्षा की दृष्टि से दिया गया है। REET 2024 में इस टॉपिक से 5 प्रश्न आए, इसलिए इसकी शब्दावली साफ़ होना ज़रूरी है।
- REET 2024 में 5 प्रश्न
- शिक्षक-प्रशिक्षण स्तर
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REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET 2024 के 5 प्रश्न सीधे अवधारणा पर थे: CCE में 'व्यापक' का फोकस (संज्ञानात्मक, शारीरिक, सामाजिक-भावनात्मक — समग्र विकास), NCF 2005 में तनाव घटाने के लिए कौन-सी पद्धति (CCE), उपलब्धि परीक्षण बनाने का पहला कदम (निर्देशात्मक उद्देश्यों की पहचान), रूब्रिक्स का लाभ (प्रदर्शन आँकने के स्पष्ट मानदंड) और किसी मात्रा को संख्यात्मक सूचकांक देना (मापन)। यानी परिभाषा और 'सबसे उपयुक्त कथन' वाले प्रश्न आते हैं; 'केवल', 'सिर्फ़' वाले विकल्प प्रायः गलत होते हैं।
CCE का अर्थ
सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (Continuous and Comprehensive Evaluation) विद्यालय-आधारित मूल्यांकन की वह व्यवस्था है जो विद्यार्थी के विकास के सभी पक्षों को शामिल करती है। इसका उद्देश्य बच्चे को पास-फेल में बाँटना नहीं, बल्कि सीखने की प्रक्रिया के दौरान ही उसकी प्रगति जानकर शिक्षण सुधारना है।
'सतत' (Continuous) का अर्थ है कि मूल्यांकन शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में ही गुँथा हुआ हो और पूरे सत्र में नियमित रूप से चले — केवल वर्ष के अंत में एक परीक्षा नहीं। इसमें सीखने के दौरान होने वाला रचनात्मक आकलन और इकाई/सत्र के अंत का योगात्मक आकलन दोनों आते हैं। नियमित आकलन से कमियों का निदान होता है, उपचारात्मक शिक्षण होता है और बच्चा स्व-मूल्यांकन सीखता है।
'व्यापक' (Comprehensive) का अर्थ है कि मूल्यांकन शैक्षिक (Scholastic) और सह-शैक्षिक (Co-scholastic) दोनों पक्षों को समेटे — यानी संज्ञानात्मक, शारीरिक, सामाजिक-भावनात्मक विकास, जीवन कौशल, अभिवृत्तियाँ और मूल्य। 'व्यापक' का मतलब केवल विषयों या केवल सह-शैक्षिक गतिविधियों पर ध्यान देना नहीं, बल्कि समग्र विकास है।
शैक्षिक और सह-शैक्षिक क्षेत्र
| क्षेत्र | क्या शामिल है | उदाहरण |
|---|---|---|
| शैक्षिक (Scholastic) | विषय-विशेष ज्ञान, समझ, अनुप्रयोग, विश्लेषण, मूल्यांकन, सृजन | गणित, भाषा, EVS, विज्ञान की उपलब्धि |
| सह-शैक्षिक: जीवन कौशल | सोचने, सामाजिक और संवेगात्मक कौशल | समस्या समाधान, निर्णय लेना, सहानुभूति, तनाव प्रबंधन |
| सह-शैक्षिक: सह-पाठ्य गतिविधियाँ | खेल, कला, संगीत, नृत्य, साहित्यिक गतिविधियाँ | बाल सभा, खेलकूद, चित्रकला |
| सह-शैक्षिक: अभिवृत्तियाँ व मूल्य | शिक्षकों, सहपाठियों, विद्यालय और पर्यावरण के प्रति दृष्टिकोण | सहयोग, ईमानदारी, स्वच्छता |
| स्वास्थ्य व शारीरिक शिक्षा | शारीरिक विकास और स्वस्थ आदतें | योग, व्यायाम, पोषण |
CBSE के CCE मैनुअल के अनुसार 'व्यापक' का अर्थ शैक्षिक और सह-शैक्षिक — दोनों पक्षों को शामिल करना है।[स्रोत 1]
आकलन के प्रकार
| प्रकार | कब | उद्देश्य |
|---|---|---|
| रचनात्मक (Formative) | शिक्षण के दौरान | प्रतिपुष्टि देना, कमियों का निदान, शिक्षण में तुरंत बदलाव |
| योगात्मक (Summative) | इकाई/सत्र के अंत में | कुल उपलब्धि जानना, ग्रेड/प्रमाण देना |
| निदानात्मक (Diagnostic) | बार-बार कठिनाई दिखने पर | कठिनाई का कारण खोजना, फिर उपचारात्मक शिक्षण |
| सीखने का आकलन (Assessment of Learning) | सीखने के बाद | कितना सीखा — योगात्मक स्वरूप |
| सीखने के लिए आकलन (Assessment for Learning) | सीखने के दौरान | शिक्षक आकलन की सूचना से शिक्षण सुधारता है — रचनात्मक स्वरूप |
| सीखने के रूप में आकलन (Assessment as Learning) | सीखने के दौरान, स्वयं विद्यार्थी द्वारा | स्व-आकलन और अधिसंज्ञान; बच्चा अपनी सीख पर स्वयं विचार करता है |
मापन, आकलन, मूल्यांकन, परीक्षण — अंतर
| शब्द | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| परीक्षण (Test) | सूचना जुटाने का एक उपकरण | 20 प्रश्नों का इकाई टेस्ट |
| मापन (Measurement) | किसी गुण या मात्रा को संख्यात्मक सूचकांक देना | टेस्ट में 16/20 अंक |
| आकलन (Assessment) | विविध स्रोतों से सीखने के बारे में सूचना एकत्र करना, प्रायः सुधार के लिए | टेस्ट + अवलोकन + परियोजना से प्रगति जानना |
| मूल्यांकन (Evaluation) | सूचनाओं के आधार पर मूल्य-निर्णय देना | 'बच्चा भिन्न जोड़ सकता है, शाब्दिक प्रश्नों में सहायता चाहिए' |
CCE के उपकरण, उपलब्धि परीक्षण और नीतिगत आधार
CCE के प्रमुख उपकरण: अवलोकन, जाँच सूची (Checklist), रेटिंग स्केल, उपाख्यान अभिलेख (Anecdotal Record — किसी घटना का तथ्यात्मक लेखा), पोर्टफोलियो (बच्चे के कार्यों का समय के साथ संग्रह), परियोजना कार्य, मौखिक प्रश्न, प्रश्नोत्तरी, स्व-आकलन और सहपाठी आकलन।
रूब्रिक (Rubric) अंक देने की एक मार्गदर्शिका है जिसमें मानदंड (जैसे विषय-वस्तु, प्रस्तुति, भाषा) और हर मानदंड के प्रदर्शन स्तर (उत्कृष्ट, अच्छा, सुधार की आवश्यकता) स्पष्ट लिखे होते हैं। रूब्रिक्स छात्रों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए स्पष्ट मानदंड देते हैं, अंकन को निष्पक्ष व एकरूप बनाते हैं और बच्चे को पहले से पता होता है कि उससे क्या अपेक्षित है। ये विस्तृत प्रतिपुष्टि को खत्म नहीं करते, बल्कि उसे आसान बनाते हैं।
उपलब्धि परीक्षण बनाने का पहला कदम निर्देशात्मक (शिक्षण) उद्देश्यों की पहचान है। उसके बाद योजना (भारांक), ब्लूप्रिंट, प्रश्न लेखन, प्रश्नवार विश्लेषण और अंक योजना बनती है।
नीतिगत आधार: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 ने शैक्षिक और गैर-शैक्षिक दोनों पक्षों वाले सतत एवं व्यापक मूल्यांकन की बात कही। NCF 2005 ने परीक्षा सुधार को बच्चों और अभिभावकों पर बढ़ते मानसिक दबाव का उपाय बताया और आंतरिक आकलन तथा रटने की जगह तर्क व सृजनात्मकता पर आधारित मूल्यांकन की सिफ़ारिश की। निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (RTE) 2009 की धारा 29(2)(h) पाठ्यचर्या और मूल्यांकन प्रक्रिया में बच्चे के ज्ञान की समझ और उसे लागू करने की क्षमता के सतत एवं व्यापक मूल्यांकन को शामिल करती है। CBSE ने 2009–10 सत्र से कक्षा 9–10 में CCE लागू किया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 समग्र, 360-डिग्री, बहुआयामी प्रगति कार्ड (Holistic Progress Card) की बात करती है।
कक्षा में इसका उपयोग
| कक्षा की स्थिति | CCE का उपकरण / तरीका | कैसे करें |
|---|---|---|
| कक्षा 3 में पढ़ने की प्रगति देखनी है | पोर्टफोलियो + जाँच सूची | हर माह एक पठन-रिकॉर्डिंग/लेखन नमूना रखें; 'शब्द पहचानता है, वाक्य पढ़ता है' जैसी सूची पर निशान लगाएँ |
| कक्षा 5 का पोस्टर प्रोजेक्ट जाँचना है | रूब्रिक | 3–4 मानदंड (जानकारी, रचनात्मकता, प्रस्तुति, समूह सहयोग) और 3 स्तर पहले ही बच्चों को बता दें |
| कक्षा 7 में खेल के मैदान पर एक बच्चे का सहयोगी व्यवहार | उपाख्यान अभिलेख | घटना की तिथि, क्या हुआ — केवल तथ्य लिखें; राय अलग कॉलम में |
| पाठ के बीच में समझ जाँचनी है | रचनात्मक आकलन | एग्ज़िट कार्ड: 'आज मैंने क्या सीखा, क्या समझ नहीं आया' — अगले दिन इसी से शुरुआत |
| बच्चे अपनी गलतियाँ स्वयं पहचानें | स्व-आकलन व सहपाठी आकलन | उत्तर पुस्तिका अदला-बदली कर रूब्रिक से जाँचें, फिर अपनी सुधार योजना लिखें |
| अभिभावक-शिक्षक बैठक | समग्र प्रगति रिपोर्ट | केवल अंक नहीं — रुचियाँ, सामाजिक व्यवहार, स्वास्थ्य, सुधार के सुझाव साझा करें |
याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप
प्रश्न में 'केवल शैक्षणिक', 'केवल सह-शैक्षिक', 'केवल अंतिम ग्रेड', 'सभी मूल्यांकन को प्रतिस्थापित' जैसे शब्द दिखें तो वह विकल्प CCE की भावना के विरुद्ध है। याद रखें: सतत = 'कब' (पूरे सत्र में, रचनात्मक + योगात्मक), व्यापक = 'क्या' (शैक्षिक + सह-शैक्षिक = समग्र विकास)।
REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)
प्रश्न 7
सतत एवं व्यापक मूल्यांकन के अन्तर्गत “व्यापक” पहलू का मुख्य फोकस क्या है ?
- Aकेवल शैक्षणिक विषय
- Bसमग्र विकास, जिसमें संज्ञानात्मक, शारीरिक और सामाजिक-भावनात्मक पहलू शामिल है
- Cकेवल सह-शैक्षणिक गतिविधियों पर ध्यान केन्द्रित करना
- Dमूल्यांकन को कक्षा की गतिविधियों तक सीमित करना
व्याख्या
सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) में 'व्यापक' (Comprehensive) का अर्थ है बच्चे के सम्पूर्ण विकास का मूल्यांकन — शैक्षिक (संज्ञानात्मक) के साथ-साथ शारीरिक, सामाजिक और भावनात्मक पहलू भी। 'सतत' (Continuous) पहलू मूल्यांकन की निरन्तरता से जुड़ा है। केवल शैक्षणिक या केवल सह-शैक्षणिक गतिविधियों पर ध्यान व्यापकता के विपरीत है।
प्रश्न 22
NCF – 2005 में तनाव को कम करने के लिए किस मूल्यांकन पद्धति पर जोर दिया गया है ?
- Aसमष्टि मूल्यांकन
- Bसतत एवं व्यापक मूल्यांकन
- Cकेवल बहुविकल्पीय परीक्षण
- Dमानकीकृत परीक्षण
व्याख्या
NCF-2005 ने परीक्षा के तनाव को कम करने के लिए सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) पर बल दिया, जिसमें वर्ष भर शैक्षिक व सह-शैक्षिक पक्षों का लगातार आकलन होता है। केवल सत्रांत/समष्टि मूल्यांकन, बहुविकल्पीय या मानकीकृत परीक्षणों पर निर्भरता तनाव बढ़ाती है।
प्रश्न 12
उपलब्धि परीक्षण बनाने में पहला कदम क्या है ?
- Aमूल्यांकन योजना लिखना
- Bनिर्देशात्मक उद्देश्यों की पहचान करना
- Cसीधे ही प्रश्न पत्र तैयार करना
- Dग्रेडिंग प्रणाली का निर्णय करना
व्याख्या
उपलब्धि परीक्षण निर्माण का पहला चरण योजना बनाना है, जिसकी शुरुआत शिक्षण/निर्देशात्मक उद्देश्यों की पहचान और निर्धारण से होती है; इन्हीं के आधार पर ब्लूप्रिंट, प्रश्न और अंकन योजना तैयार होती है। अंकन योजना या ग्रेडिंग प्रणाली बाद के चरण हैं।
प्रश्न 16
मूल्यांकन प्रक्रिया में रूब्रिक्स कैसे लाभकारी होते हैं ?
- Aवे विस्तृत प्रतिक्रिया को समाप्त करके मूल्यांकन को सरल बनाते हैं
- Bवे शिक्षकों के सभी प्रकार के मूल्यांकन को प्रतिस्थापित करते हैं
- Cवे केवल अंतिम श्रेणी पर जोर देते है
- Dवे छात्रों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिये स्पष्ट मानदंड प्रदान करते है
व्याख्या
रूब्रिक (Rubric) एक अंकन-मार्गदर्शिका है जिसमें मूल्यांकन के मानदंड और हर स्तर के प्रदर्शन का स्पष्ट विवरण होता है। इससे छात्रों के प्रदर्शन का वस्तुनिष्ठ और पारदर्शी मूल्यांकन होता है तथा विस्तृत प्रतिक्रिया (feedback) भी मिलती है; यह शिक्षक मूल्यांकन को प्रतिस्थापित नहीं करता।
प्रश्न 26
कौन-सी अवधारणा किसी मात्रा को मापने के लिए संख्यात्मक सूचकांक निर्दिष्ट करने से संबंधित हैं ?
- Aमूल्यांकन
- Bमापन
- Cआकलन
- Dपरीक्षण
व्याख्या
मापन (Measurement) किसी गुण या मात्रा को संख्यात्मक रूप (अंक) देने की प्रक्रिया है। मूल्यांकन (Evaluation) मापन के साथ-साथ मूल्य-निर्णय भी करता है, इसलिए वह व्यापक अवधारणा है।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
CCE में 'सतत' शब्द मुख्य रूप से किस बात पर बल देता है?
- Aवर्ष के अंत में एक परीक्षा
- Bपूरे सत्र में शिक्षण के साथ नियमित मूल्यांकन
- Cकेवल सह-शैक्षिक गतिविधियाँ
- Dकेवल लिखित परीक्षाएँ
व्याख्या
सतत का अर्थ है कि मूल्यांकन शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में शामिल हो और पूरे सत्र चले। सह-शैक्षिक क्षेत्र 'व्यापक' पक्ष से जुड़ा है।
प्रश्न 2
निम्न में से कौन-सा सह-शैक्षिक (Co-scholastic) क्षेत्र का उदाहरण है?
- Aभिन्नों का जोड़
- Bव्याकरण ज्ञान
- Cसहपाठियों के साथ सहयोग की अभिवृत्ति
- Dविज्ञान के सूत्र
व्याख्या
अभिवृत्तियाँ, मूल्य, जीवन कौशल और सह-पाठ्य गतिविधियाँ सह-शैक्षिक क्षेत्र हैं। बाकी तीनों विषय-ज्ञान (शैक्षिक क्षेत्र) हैं।
प्रश्न 3
RTE अधिनियम 2009 की किस धारा में सतत एवं व्यापक मूल्यांकन का उल्लेख है?
- Aधारा 12(1)(c)
- Bधारा 17
- Cधारा 29(2)(h)
- Dधारा 21
व्याख्या
धारा 29 पाठ्यचर्या और मूल्यांकन प्रक्रिया से संबंधित है और 29(2)(h) में सतत एवं व्यापक मूल्यांकन का उल्लेख है। धारा 17 शारीरिक दंड व मानसिक उत्पीड़न पर रोक से जुड़ी है।
प्रश्न 4
शिक्षक पाठ पढ़ाते समय बीच-बीच में प्रश्न पूछकर देखता है कि बच्चे समझ रहे हैं या नहीं, और आवश्यकता होने पर दोबारा समझाता है। यह है
- Aसीखने का आकलन
- Bसीखने के लिए आकलन
- Cस्थापन आकलन
- Dमानकीकृत परीक्षण
व्याख्या
शिक्षण के दौरान आकलन की सूचना से शिक्षण सुधारना सीखने के लिए आकलन (रचनात्मक) है। सीखने का आकलन अंत में कुल उपलब्धि जानने के लिए होता है।
प्रश्न 5
बच्चे के वर्ष भर के चित्र, लेखन नमूने और परियोजनाओं का व्यवस्थित संग्रह कहलाता है
- Aरेटिंग स्केल
- Bपोर्टफोलियो
- Cउपाख्यान अभिलेख
- Dप्रश्न बैंक
व्याख्या
पोर्टफोलियो समय के साथ बच्चे के कार्यों का संग्रह है, जिससे उसकी प्रगति दिखती है। उपाख्यान अभिलेख किसी विशेष घटना का तथ्यात्मक लेखा है।
प्रश्न 6
किसी विशेष घटना में बच्चे के व्यवहार का संक्षिप्त, तथ्यात्मक लिखित विवरण है
- Aउपाख्यान अभिलेख
- Bसंचयी अभिलेख
- Cजाँच सूची
- Dउपलब्धि परीक्षण
व्याख्या
उपाख्यान अभिलेख (Anecdotal Record) में घटना और व्यवहार का तथ्यात्मक विवरण लिखा जाता है। जाँच सूची में केवल 'हाँ/नहीं' जैसे निशान लगते हैं।
प्रश्न 7
रूब्रिक्स के संबंध में कौन-सा कथन सही है?
- Aये केवल अंतिम ग्रेड पर बल देते हैं
- Bये प्रदर्शन आँकने के स्पष्ट मानदंड और स्तर देते हैं
- Cये शिक्षक के सभी मूल्यांकन को प्रतिस्थापित कर देते हैं
- Dये केवल वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के लिए होते हैं
व्याख्या
रूब्रिक में मानदंड और प्रदर्शन स्तर पहले से स्पष्ट होते हैं, जिससे अंकन निष्पक्ष होता है और बच्चे को अपेक्षा पता रहती है। ये विशेष रूप से परियोजना, लेखन जैसे खुले कार्यों के लिए उपयोगी हैं।
प्रश्न 8
'विविध स्रोतों से सीखने के बारे में सूचना एकत्र करना' किस अवधारणा का अर्थ है?
- Aमापन
- Bआकलन
- Cपरीक्षण
- Dग्रेडिंग
व्याख्या
आकलन में टेस्ट, अवलोकन, परियोजना आदि अनेक स्रोतों से सीखने की सूचना जुटाई जाती है। मापन केवल संख्यात्मक मान देना है और परीक्षण एक उपकरण है।
प्रश्न 9
NCF 2005 के अनुसार परीक्षा सुधार का एक प्रमुख उद्देश्य क्या है?
- Aप्रतियोगिता बढ़ाना
- Bबच्चों व अभिभावकों पर मानसिक दबाव कम करना
- Cरटने पर आधारित प्रश्न बढ़ाना
- Dआंतरिक आकलन समाप्त करना
व्याख्या
NCF 2005 परीक्षा सुधार को बढ़ते मानसिक दबाव का उपाय मानता है और आंतरिक आकलन तथा तर्क व सृजनात्मकता पर आधारित प्रश्नों की सिफ़ारिश करता है।
प्रश्न 10
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 विद्यार्थी की प्रगति बताने के लिए किसकी सिफ़ारिश करती है?
- Aकेवल अंकों वाली अंकतालिका
- Bसमग्र, 360-डिग्री, बहुआयामी प्रगति कार्ड
- Cकेवल वार्षिक बोर्ड परीक्षा
- Dकेवल उपस्थिति रिपोर्ट
व्याख्या
NEP 2020 समग्र प्रगति कार्ड (Holistic Progress Card) की बात करती है जिसमें संज्ञानात्मक, भावात्मक और मनोगत्यात्मक पक्षों की प्रगति के साथ स्व और सहपाठी आकलन भी शामिल हो।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
CCE में 'सतत' और 'व्यापक' का क्या अर्थ है?+
सतत का अर्थ है पूरे सत्र में शिक्षण के साथ नियमित मूल्यांकन; व्यापक का अर्थ है शैक्षिक और सह-शैक्षिक दोनों पक्षों — संज्ञानात्मक, शारीरिक, सामाजिक-भावनात्मक — का मूल्यांकन।
RTE Act 2009 की किस धारा में CCE का उल्लेख है?+
धारा 29(2)(h) में, जो पाठ्यचर्या और मूल्यांकन प्रक्रिया से संबंधित है।
रचनात्मक और योगात्मक आकलन में क्या अंतर है?+
रचनात्मक आकलन शिक्षण के दौरान सुधार और प्रतिपुष्टि के लिए होता है, जबकि योगात्मक आकलन इकाई या सत्र के अंत में कुल उपलब्धि जानने के लिए।
रूब्रिक क्या है?+
रूब्रिक अंकन की मार्गदर्शिका है जिसमें मूल्यांकन के मानदंड और प्रदर्शन के स्तर स्पष्ट लिखे होते हैं, जिससे मूल्यांकन निष्पक्ष और पारदर्शी बनता है।
CCE से REET में कितने प्रश्न आते हैं?+
REET 2024 के प्रश्नपत्रों में इस टॉपिक से 5 प्रश्न आए, जिनमें CCE, रूब्रिक्स, मापन और उपलब्धि परीक्षण से जुड़ी अवधारणाएँ पूछी गईं।
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आधिकारिक स्रोत
बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए