समायोजन (Adjustment) एवं मानसिक स्वास्थ्य: कुंठा, द्वंद्व और रक्षा युक्तियाँ
इस पेज में समायोजन और कुसमायोजन का अर्थ, कुंठा व द्वंद्व के प्रकार, समायोजन की प्रत्यक्ष विधियाँ, सभी प्रमुख रक्षा युक्तियाँ उदाहरण सहित और विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य में शिक्षक की भूमिका दी गई है। REET 2024 में इस टॉपिक से 6 प्रश्न आए, जिनमें ज़्यादातर रक्षा युक्तियों की पहचान पर थे।
- REET 2024 में 6 प्रश्न
- शिक्षक-प्रशिक्षण स्तर
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REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET 2024 के 6 प्रश्नों में से 5 समायोजन तंत्रों (रक्षा युक्तियों) की पहचान पर थे: किसी और के गुण अपनाना = पहचान (तादात्म्य), हताशा का दोष बाहर डालना = बहिर्दण्डात्मक, नशे से दुश्चिंता से बचना = पलायन द्वारा समायोजन, भावनाओं को अभिव्यक्ति का अवसर = अतिरेचन, और नकारात्मकता-आक्रामकता जैसे तंत्रों का विवरण से मिलान। एक प्रश्न समायोजन के मूल अर्थ पर था — स्व और पर्यावरण के बीच सामंजस्य। यानी परिभाषा से ज़्यादा 'स्थिति पढ़कर युक्ति पहचानना' पूछा जाता है।
समायोजन का अर्थ
समायोजन (Adjustment) वह निरंतर प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति अपनी आवश्यकताओं और वातावरण की माँगों के बीच संतुलन बनाता है। इसका मुख्य लक्ष्य स्व (self) और पर्यावरण के बीच सामंजस्य स्थापित करना है — न केवल जैविक ज़रूरतें पूरी करना, न सामाजिक माँगों की अनदेखी करना और न ही बिना रोक-टोक हर इच्छा पूरी करना।
समायोजन दो तरह से होता है: व्यक्ति स्वयं को बदले (जैसे नए विद्यालय के नियम सीखना) या परिस्थिति को बदले (जैसे पढ़ाई के लिए शांत कोना बनाना)। जब व्यक्ति संतुलन नहीं बना पाता, तो कुसमायोजन (Maladjustment) होता है, जिसके लक्षण हैं — लगातार चिंता, चिड़चिड़ापन, झूठ बोलना, कक्षा से भागना, अकेले रहना, आक्रामक व्यवहार या पढ़ाई में अचानक गिरावट।
सुसमायोजित बालक की पहचान: वह अपनी क्षमताओं और सीमाओं को स्वीकार करता है, भावनाओं पर नियंत्रण रखता है, दूसरों से अच्छे संबंध बनाता है, असफलता को सहन कर दोबारा प्रयास करता है और यथार्थवादी लक्ष्य बनाता है।
कुसमायोजन के कारण: कुंठा, द्वंद्व, तनाव
| अवधारणा | अर्थ | उदाहरण / प्रकार |
|---|---|---|
| कुंठा / हताशा (Frustration) | लक्ष्य प्राप्ति में बाधा आने से उत्पन्न असंतोष की अवस्था | बाधा बाहरी (गरीबी, नियम) या आंतरिक (कम योग्यता, शारीरिक कमी) हो सकती है |
| द्वंद्व / संघर्ष (Conflict) | दो या अधिक विरोधी इच्छाओं या लक्ष्यों के बीच खिंचाव | कर्ट लेविन के तीन प्रकार — नीचे देखें |
| उपागम–उपागम | दो आकर्षक लक्ष्यों में से एक चुनना | मेला देखने जाएँ या क्रिकेट मैच — दोनों पसंद |
| परिहार–परिहार | दो अप्रिय विकल्पों में से एक चुनना | गृहकार्य करो या सज़ा भुगतो |
| उपागम–परिहार | एक ही लक्ष्य में आकर्षण और अप्रियता दोनों | मिठाई खाना है पर दाँत दर्द का डर |
| तनाव (Stress) व दुश्चिंता (Anxiety) | खतरे या दबाव की अनुभूति से शारीरिक-मानसिक बेचैनी | परीक्षा का डर, तुलना, अत्यधिक अपेक्षाएँ |
कुंठा पर प्रतिक्रिया (रोजेनज्विग) और समायोजन की प्रत्यक्ष विधियाँ
| प्रकार | क्या होता है | उदाहरण |
|---|---|---|
| बहिर्दण्डात्मक (Extrapunitive) | हताशा का दोष बाहरी व्यक्ति/वस्तु पर डालना | 'पेपर ही गलत बना था', 'टीचर पक्षपाती है' |
| अंतःदण्डात्मक (Intropunitive) | दोष स्वयं पर लेना, खुद को कोसना | 'मैं ही बेकार हूँ' |
| अदण्डात्मक (Impunitive) | किसी को दोष न देना, परिस्थिति मान लेना | 'ऐसा हो जाता है, अगली बार देखेंगे' |
| प्रत्यक्ष विधि: बाधा दूर करना / प्रयास बढ़ाना | समस्या का सीधा सामना | फेल होने पर अधिक अभ्यास |
| प्रत्यक्ष विधि: अन्य मार्ग खोजना | लक्ष्य वही, रास्ता नया | ट्यूशन न मिले तो पुस्तकालय व साथियों की मदद |
| प्रत्यक्ष विधि: लक्ष्य प्रतिस्थापन | अप्राप्य लक्ष्य की जगह निकट का लक्ष्य | डॉक्टर न बन सके तो नर्सिंग/फार्मेसी |
| प्रत्यक्ष विधि: विश्लेषण व निर्णय | विकल्पों का तर्कपूर्ण मूल्यांकन कर चुनाव | दो विषयों में से रुचि व योग्यता देखकर चयन |
प्रत्यक्ष विधियाँ सचेत और समस्या-केंद्रित होती हैं; रक्षा युक्तियाँ अप्रत्यक्ष, प्रायः अचेतन होती हैं और तात्कालिक राहत देती हैं। कुंठा-प्रतिक्रिया का यह वर्गीकरण सॉल रोजेनज्विग (Saul Rosenzweig) का है।[स्रोत 2]
रक्षा युक्तियाँ / समायोजन तंत्र (Defence Mechanisms)
| युक्ति | अर्थ | पहचान वाला उदाहरण |
|---|---|---|
| दमन (Repression) | दुखद इच्छा या स्मृति को अचेतन में धकेल देना | दुर्घटना की घटना याद ही न आना |
| युक्तिकरण / औचित्य स्थापन (Rationalisation) | असफलता के लिए तर्कसंगत दिखने वाला बहाना | 'अंगूर खट्टे हैं' — चयन न हुआ तो कहना 'वह नौकरी अच्छी थी ही नहीं' |
| प्रक्षेपण (Projection) | अपने दोष या भावनाएँ दूसरों पर आरोपित करना | नकल करने वाला छात्र कहे 'सब नकल करते हैं' |
| तादात्म्य / पहचान (Identification) | किसी अन्य (आदर्श) के गुण-व्यवहार स्वयं अपना लेना | बच्चा अपने प्रिय शिक्षक या खिलाड़ी जैसा बोलना-चलना |
| क्षतिपूर्ति / प्रतिपूरण (Compensation) | एक क्षेत्र की कमी को दूसरे क्षेत्र में उत्कृष्टता से पूरा करना | पढ़ाई में कमजोर छात्र खेल में आगे निकलना |
| उदात्तीकरण / शोधन (Sublimation) | अस्वीकार्य आवेग को समाज-स्वीकृत दिशा देना | आक्रामक स्वभाव वाला बच्चा मुक्केबाज़ी/कबड्डी में ऊर्जा लगाना |
| प्रतिगमन (Regression) | तनाव में पिछली अवस्था जैसा व्यवहार | छोटे भाई के जन्म पर बड़ा बच्चा फिर अँगूठा चूसने लगे |
| विस्थापन (Displacement) | क्रोध को कमज़ोर या सुरक्षित लक्ष्य पर निकालना | डाँट खाकर घर आकर छोटे भाई पर गुस्सा |
| प्रतिक्रिया निर्माण (Reaction Formation) | वास्तविक भावना के ठीक उलट व्यवहार दिखाना | मन में ईर्ष्या, पर बाहर अत्यधिक प्रशंसा |
| दिवास्वप्न / कल्पना (Fantasy) | अधूरी इच्छा कल्पना में पूरी करना | कक्षा में बैठे-बैठे खुद को हीरो सोचना |
| पलायन / वापसी (Withdrawal, Escape) | कठिन परिस्थिति से भाग जाना; नशे आदि से दुश्चिंता से बचना | विद्यालय से गायब रहना, शराब/नशीले पदार्थ का सहारा |
| बीमारी द्वारा समायोजन | बीमारी का बहाना या तनाव से वास्तविक शारीरिक लक्षण | परीक्षा के दिन पेट दर्द |
| आक्रामकता (Aggression) | कुंठा को मारपीट, तोड़फोड़, अपशब्द से निकालना | हारने पर खिलाड़ी से झगड़ा |
| नकारात्मकता (Negativism) | ध्यान आकर्षित करने के लिए दूसरों के सुझावों का अतार्किक व प्रबल विरोध | हर निर्देश का उलटा करना |
संवेगों को सँभालने के तरीके भी पूछे जाते हैं: अतिरेचन/रेचन (Catharsis) — मूल प्रवृत्तिजन्य या संवेगात्मक शक्ति को अभिव्यक्ति का अवसर देना, जैसे खुलकर घुलने-मिलने, खेलने या बात करने की स्वतंत्रता; मार्गान्तरीकरण (Redirection) — संवेग को किसी दूसरी गतिविधि की ओर मोड़ना।
मानसिक स्वास्थ्य
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार मानसिक स्वास्थ्य मानसिक कल्याण की वह अवस्था है जो व्यक्ति को जीवन के तनावों का सामना करने, अपनी क्षमताओं को पहचानने, अच्छी तरह सीखने व काम करने और अपने समुदाय में योगदान देने में सक्षम बनाती है। अर्थात् मानसिक स्वास्थ्य केवल मानसिक रोग का न होना नहीं है।
मानसिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति के लक्षण: स्वयं को स्वीकार करना, संवेगात्मक संतुलन, यथार्थ का सामना, सामाजिक समायोजन, कार्य में संतोष, निर्णय लेने की क्षमता और असफलता सहन करने की शक्ति। समायोजन और मानसिक स्वास्थ्य एक-दूसरे से जुड़े हैं — सुसमायोजित व्यक्ति प्रायः मानसिक रूप से स्वस्थ होता है।
विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले विद्यालयी कारक: शारीरिक दंड और अपमान, दूसरों से तुलना, भारी पाठ्यभार, परीक्षा का भय, भेदभाव, खेल व रचनात्मक गतिविधियों की कमी। NCF 2005 भी बोझ और तनाव घटाने तथा सीखने को आनंदपूर्ण बनाने पर ज़ोर देता है। कोविड-19 काल में शिक्षा मंत्रालय ने विद्यार्थियों को मनोसामाजिक सहायता देने के लिए 'मनोदर्पण' पहल शुरू की।
कक्षा में इसका उपयोग
| कक्षा की स्थिति | संभावित युक्ति / कारण | शिक्षक क्या करे |
|---|---|---|
| कक्षा 4 का बच्चा हर बार कहता है 'टीचर मुझे ही गलत नंबर देती हैं' | बहिर्दण्डात्मक प्रतिक्रिया / प्रक्षेपण | अंक देने के मानदंड (रूब्रिक) दिखाएँ, उसकी गलतियाँ साथ बैठकर समझाएँ |
| झगड़ालू और बहुत ऊर्जावान बच्चा | उदात्तीकरण का अवसर चाहिए | खेल, नाटक, कक्षा मॉनिटर जैसी ज़िम्मेदारी देकर ऊर्जा को सकारात्मक दिशा दें |
| परीक्षा के दिन बार-बार सिरदर्द | बीमारी द्वारा समायोजन / परीक्षा दुश्चिंता | कम दबाव वाले छोटे आकलन, अभिभावक से बातचीत, तुलना बंद करें |
| नया प्रवेश लिया, चुपचाप अकेला बैठता है | पलायन / वापसी | साथी (बडी) जोड़ें, समूह कार्य में छोटी भूमिका दें |
| पढ़ाई में कमजोर पर चित्रकला में बहुत अच्छा | क्षतिपूर्ति | चित्रकला की प्रशंसा करें और उसी के सहारे विषय पढ़ाएँ (जैसे चित्र-कहानी) |
| कक्षा में हर निर्देश का उलटा करना | नकारात्मकता — ध्यान पाने की चाह | सकारात्मक व्यवहार पर ध्यान दें, सार्वजनिक टकराव से बचें, विकल्प देकर निर्णय में शामिल करें |
याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप
दोष की दिशा से याद रखें: बाहर डाला → बहि(र्)दण्डात्मक; अंदर (खुद पर) → अंतःदण्डात्मक; किसी पर नहीं → अदण्डात्मक। और युक्तियों का सूत्र: 'दूसरे पर डाला = प्रक्षेपण, दूसरे जैसा बना = तादात्म्य, दूसरे क्षेत्र में भरपाई = क्षतिपूर्ति, समाज-स्वीकृत दिशा = उदात्तीकरण, बहाना = युक्तिकरण।'
REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)
प्रश्न 3
किसी अन्य के व्यवहार या व्यक्तित्व लक्षणों को स्वयं द्वारा अपनाने को क्या कहते हैं ?
- Aउदात्तीकरण
- Bपहचान
- Cप्रक्षेपण
- Dक्षतिपूर्ति
व्याख्या
पहचान या तादात्मीकरण (Identification) एक रक्षा युक्ति है जिसमें व्यक्ति किसी अन्य (जैसे आदर्श व्यक्ति) के व्यवहार या व्यक्तित्व लक्षणों को अपना मान कर अपना लेता है। प्रक्षेपण (Projection) में व्यक्ति अपने दोष दूसरों पर डालता है, उदात्तीकरण (Sublimation) में दमित इच्छाओं को सामाजिक रूप से स्वीकार्य दिशा दी जाती है और क्षतिपूर्ति (Compensation) में एक कमी को दूसरे क्षेत्र में सफलता से पूरा किया जाता है।
प्रश्न 8
कौन-सा समायोजन तंत्र हताशा को बाहरी स्रोतों पर थोपता है ?
- Aबहिर्दण्डात्मक
- Bअंत:दण्डात्मक
- Cप्रतिपूरक
- Dउदात्तीकरण
व्याख्या
रोजेनज़्वाइग (Rosenzweig) के अनुसार हताशा की प्रतिक्रिया में जब व्यक्ति दोष बाहरी व्यक्तियों या परिस्थितियों पर डालता है तो उसे बहिर्दण्डात्मक (Extrapunitive) प्रतिक्रिया कहते हैं। जब व्यक्ति स्वयं को दोष देता है तो वह अंत:दण्डात्मक (Intropunitive) प्रतिक्रिया है। अतः सही उत्तर बहिर्दण्डात्मक है।
प्रश्न 28
समायोजन तन्त्र और उसके विवरण (आशय) का सही मिलान कौन-सा है ? I. नकारात्मकता a. एक व्यक्ति अन्य व्यक्तियों का ध्यान आकर्षित करता है और दूसरों के सुझावों को स्वीकार करने में मजबूत और अतार्किक प्रतिरोध विकसित करता है II. आक्रामकता b. एक व्यक्ति अपने असंतोष को बाहरी व्यक्तियों या चीजों पर आक्रामक रूप से थोपता है III. प्रक्षेपण c. दूसरों में अपने ही आवेगों और विशेषताओं को आरोपित करना और उनका अवलोकन करना IV. युक्ति संगतता d. एक व्यक्ति अपने विश्वासों और कार्यों को उन कारणों के माध्यम से उचित ठहराता है जो उन्हें प्रेरित या सक्रिय करने वाले नहीं थे नीचे दिये गये कूट में से चयन कीजिये : I II III IV
- Aa b c d
- Bc b a d
- Cb c d a
- Dc d a b
व्याख्या
नकारात्मकता में व्यक्ति ध्यान आकर्षित करने हेतु दूसरों के सुझावों का अतार्किक विरोध करता है (a); आक्रामकता में वह अपनी कुंठा का दोष आक्रामक रूप से बाहरी व्यक्तियों/वस्तुओं पर डालता है (b); प्रक्षेपण में अपने ही आवेग व गुण दूसरों पर आरोपित करता है (c); युक्तिकरण (Rationalization) में वह अपने व्यवहार के वास्तविक कारणों के स्थान पर तर्कसंगत लगने वाले कारण देता है (d)। अतः सही मिलान a b c d (विकल्प A) है।
प्रश्न 29
“मनुष्य की मूल प्रवृत्तिजन्य या संवेगात्मक शक्ति को अभिव्यक्त होने का अवसर देना जैसे-एक-दूसरे से घुलने-मिलने की स्वतंत्रता”, कहलाती है
- Aअतिरेचन
- Bशोधन
- Cमार्गान्तरीकरण
- Dविरोध या प्रतिपक्ष भावना
व्याख्या
मूल प्रवृत्तियों या दबे हुए संवेगों को सुरक्षित रूप से अभिव्यक्त होने का अवसर देना, जिससे मन का भार हल्का हो जाए, अतिरेचन या रेचन (Catharsis) कहलाता है। शोधन/उदात्तीकरण (Sublimation) में मूल प्रवृत्ति को समाज-स्वीकृत दिशा में मोड़ा जाता है और मार्गान्तरीकरण (Redirection) में ऊर्जा को दूसरे लक्ष्य की ओर ले जाया जाता है।
प्रश्न 11
समायोजन की प्रक्रिया मुख्य रूप से किसे प्राप्त करने का प्रयास करती है ?
- Aस्व और पर्यावरण के बीच सामंजस्य स्थापित करना
- Bकेवल जैविक आवश्यकताओं को पूरा करना
- Cसामाजिक मांगों की अनदेखी करना
- Dबिना किसी प्रतिबंध के सभी इच्छाओं को पूरा करना
व्याख्या
समायोजन (Adjustment) वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा व्यक्ति अपनी आवश्यकताओं और पर्यावरण की माँगों के बीच संतुलन व सामंजस्य स्थापित करता है। केवल जैविक आवश्यकताएँ पूरी करना, सामाजिक माँगों की अनदेखी या बिना प्रतिबंध इच्छाएँ पूरी करना कुसमायोजन की ओर ले जाते हैं।
प्रश्न 22
कौन-सा समायोजन तंत्र शराब या नशीले पदार्थों का उपयोग दुश्चिंता से बचने के लिए करता है ?
- Aपरिहार तंत्र
- Bसंज्ञानात्मक पुनर्गठन
- Cपलायन द्वारा समायोजन
- Dबीमारी द्वारा समायोजन
व्याख्या
पलायन द्वारा समायोजन (Adjustment by escape) में व्यक्ति समस्या या दुश्चिंता का सामना करने के बजाय उससे भागने का प्रयास करता है, जैसे शराब या नशीले पदार्थों का सेवन करना। बीमारी द्वारा समायोजन में व्यक्ति बीमारी का सहारा लेता है, जबकि संज्ञानात्मक पुनर्गठन एक स्वस्थ रणनीति है।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
परीक्षा में कम अंक आने पर एक छात्र कहता है, "प्रश्न पत्र ही पाठ्यक्रम से बाहर का था।" यह किस रक्षा युक्ति का उदाहरण है?
- Aयुक्तिकरण
- Bतादात्म्य
- Cप्रतिगमन
- Dउदात्तीकरण
व्याख्या
असफलता के लिए तर्कसंगत दिखने वाला बहाना बनाना युक्तिकरण (औचित्य स्थापन) है। यहाँ छात्र अपनी तैयारी की कमी को स्वीकार नहीं कर रहा।
प्रश्न 2
दो अप्रिय विकल्पों में से किसी एक को चुनने की मजबूरी से उत्पन्न द्वंद्व है
- Aउपागम–उपागम
- Bपरिहार–परिहार
- Cउपागम–परिहार
- Dदोहरा उपागम
व्याख्या
दोनों विकल्प अप्रिय हों (जैसे गृहकार्य करो या सज़ा लो) तो परिहार–परिहार द्वंद्व होता है। दो आकर्षक विकल्पों में उपागम–उपागम द्वंद्व होता है।
प्रश्न 3
छोटी बहन के जन्म के बाद 7 वर्ष का राहुल फिर से तुतलाकर बोलने और बिस्तर गीला करने लगा। यह है
- Aप्रक्षेपण
- Bप्रतिगमन
- Cक्षतिपूर्ति
- Dविस्थापन
व्याख्या
तनाव की स्थिति में विकास की पिछली अवस्था जैसा व्यवहार करना प्रतिगमन है। बच्चा ध्यान और सुरक्षा पाने के लिए ऐसा करता है।
प्रश्न 4
रोजेनज्विग के अनुसार जो व्यक्ति कुंठा में किसी को भी दोष नहीं देता, उसकी प्रतिक्रिया कहलाती है
- Aबहिर्दण्डात्मक
- Bअंतःदण्डात्मक
- Cअदण्डात्मक
- Dआक्रामक
व्याख्या
दोष बाहर डालना बहिर्दण्डात्मक, स्वयं पर लेना अंतःदण्डात्मक और किसी पर न डालना अदण्डात्मक (Impunitive) प्रतिक्रिया है।
प्रश्न 5
पिता से डाँट खाने के बाद सुमित अपने छोटे भाई पर गुस्सा निकालता है। यह किस युक्ति का उदाहरण है?
- Aविस्थापन
- Bदमन
- Cतादात्म्य
- Dप्रतिक्रिया निर्माण
व्याख्या
भावना को उसके वास्तविक स्रोत के बजाय किसी सुरक्षित या कमज़ोर लक्ष्य पर निकालना विस्थापन है।
प्रश्न 6
WHO के अनुसार मानसिक स्वास्थ्य के संबंध में कौन-सा कथन सही है?
- Aयह केवल मानसिक रोग का न होना है
- Bयह कल्याण की वह अवस्था है जिसमें व्यक्ति जीवन के तनावों का सामना कर पाता है
- Cयह केवल बुद्धि पर निर्भर है
- Dयह केवल वयस्कों से संबंधित है
व्याख्या
WHO मानसिक स्वास्थ्य को मानसिक कल्याण की वह अवस्था मानता है जो जीवन के तनावों से निपटने, क्षमताओं को पहचानने, सीखने-काम करने और समुदाय में योगदान देने में सक्षम बनाती है।
प्रश्न 7
एक बच्चा कक्षा में बहुत झगड़ता है। शिक्षक उसे कबड्डी टीम का कप्तान बना देता है और उसका व्यवहार सुधरने लगता है। शिक्षक ने किस प्रक्रिया का उपयोग किया?
- Aदमन
- Bउदात्तीकरण
- Cप्रक्षेपण
- Dपलायन
व्याख्या
अस्वीकार्य आक्रामक ऊर्जा को समाज-स्वीकृत गतिविधि (खेल) की दिशा देना उदात्तीकरण है। दमन में भावना को दबाया जाता है, जो स्वस्थ उपाय नहीं है।
प्रश्न 8
मन में सहपाठी के प्रति ईर्ष्या होते हुए भी सबके सामने उसकी अत्यधिक प्रशंसा करना है
- Aक्षतिपूर्ति
- Bप्रतिक्रिया निर्माण
- Cयुक्तिकरण
- Dदिवास्वप्न
व्याख्या
वास्तविक भावना के ठीक विपरीत व्यवहार दिखाना प्रतिक्रिया निर्माण है।
प्रश्न 9
निम्न में से कौन-सी समायोजन की प्रत्यक्ष (Direct) विधि है?
- Aदिवास्वप्न
- Bबाधा को दूर करने के लिए प्रयास बढ़ाना
- Cप्रक्षेपण
- Dदमन
व्याख्या
प्रत्यक्ष विधियाँ सचेत और समस्या-केंद्रित होती हैं, जैसे प्रयास बढ़ाना या नया मार्ग खोजना। दिवास्वप्न, प्रक्षेपण और दमन अप्रत्यक्ष रक्षा युक्तियाँ हैं।
प्रश्न 10
एक विद्यार्थी हर परीक्षा के दिन सुबह पेट दर्द की शिकायत करता है, पर छुट्टी के दिन ठीक रहता है। शिक्षक के लिए सबसे उपयुक्त कदम है
- Aउसे बहानेबाज़ कहकर सबके सामने डाँटना
- Bपरीक्षा दुश्चिंता के कारण समझकर अभिभावक से बात करना और कम दबाव वाले आकलन अपनाना
- Cउसे परीक्षा से स्थायी छूट देना
- Dदूसरे बच्चों से उसकी तुलना करना
व्याख्या
यह बीमारी द्वारा समायोजन और परीक्षा दुश्चिंता का संकेत है। अपमान या तुलना से दुश्चिंता बढ़ती है, जबकि कारण समझना और दबाव घटाना स्वस्थ समायोजन में मदद करता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
समायोजन का मुख्य उद्देश्य क्या है?+
स्व (अपनी आवश्यकताओं) और पर्यावरण (सामाजिक-भौतिक माँगों) के बीच सामंजस्य स्थापित करना — REET 2024 में यही उत्तर था।
प्रक्षेपण और तादात्म्य में क्या अंतर है?+
प्रक्षेपण में व्यक्ति अपने दोष दूसरों पर डालता है, जबकि तादात्म्य (पहचान) में वह दूसरों के गुण या व्यवहार स्वयं अपना लेता है।
उदात्तीकरण और क्षतिपूर्ति में क्या अंतर है?+
उदात्तीकरण में अस्वीकार्य आवेग को समाज-स्वीकृत रूप दिया जाता है (आक्रामकता → खेल), जबकि क्षतिपूर्ति में एक क्षेत्र की कमी को दूसरे क्षेत्र की सफलता से पूरा किया जाता है।
द्वंद्व के प्रकार किसने बताए?+
कर्ट लेविन ने द्वंद्व के तीन मुख्य प्रकार बताए — उपागम-उपागम, परिहार-परिहार और उपागम-परिहार।
समायोजन से REET में कितने प्रश्न आते हैं?+
REET 2024 के प्रश्नपत्रों में इस टॉपिक से 6 प्रश्न आए, जिनमें से 5 रक्षा युक्तियों व समायोजन तंत्रों पर थे।
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आधिकारिक स्रोत
बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए