शिक्षण-अधिगम रणनीतियाँ (Teaching-Learning Strategies): अवस्थाएँ, विधियाँ, अधिसंज्ञान एवं संकल्पना मानचित्र
इस पेज में शिक्षण की तीन अवस्थाएँ, शिक्षण के स्तर, शिक्षक-केंद्रित और बाल-केंद्रित प्रमुख विधियाँ, अधिसंज्ञानात्मक कौशल, संकल्पना मानचित्र और NCERT के सीखने के प्रतिफल (Learning Outcomes) परीक्षा की दृष्टि से दिए गए हैं। REET 2024 में इस टॉपिक से 5 प्रश्न आए और ये सब आधुनिक कक्षा-प्रक्रियाओं पर आधारित थे।
- REET 2024 में 5 प्रश्न
- शिक्षक-प्रशिक्षण स्तर
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REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET 2024 के 5 प्रश्न नई शब्दावली पर केंद्रित थे: संकल्पना मानचित्र की संरचना (लेबल वाले नोड्स और जोड़ने वाली रेखाएँ) और शिक्षक के लिए उसका उपयोग (उपयुक्त अनुदेशनात्मक सामग्री का चयन), अधिसंज्ञान में 'निगरानी' का अर्थ ('क्या यह समझ में आ रहा है?' पूछना), पूर्व-क्रियात्मक अवस्था में कौन-सा निर्णय नहीं आता (विद्यार्थियों का मूल्यांकन) और NCERT के 'प्रारंभिक स्तर पर सीखने के प्रतिफल' का उद्देश्य (आयु-उपयुक्त दक्षताएँ)। यानी सिद्धांतकार के नाम कम, अवधारणा का व्यावहारिक अर्थ ज़्यादा पूछा जाता है।
विधि, रणनीति और युक्ति में अंतर
शिक्षण विधि (Method) पढ़ाने का सामान्य तरीका है, जैसे व्याख्यान विधि या परियोजना विधि। शिक्षण रणनीति (Strategy) पूरी योजना है — कौन-सा उद्देश्य, किस क्रम में, किन विधियों, सामग्री और समूह-व्यवस्था से प्राप्त करना है। शिक्षण युक्ति (Tactic) रणनीति के भीतर छोटे-छोटे कदम हैं, जैसे प्रश्न पूछना, उदाहरण देना, पुनर्बलन देना, बोर्ड पर चित्र बनाना।
अच्छी रणनीति बच्चे को सक्रिय बनाती है, उसके पूर्व ज्ञान से शुरू करती है, कक्षा की विविधता का ध्यान रखती है और सीखने के लक्ष्य स्पष्ट रखती है। NCF 2005 ज्ञान को बाहरी जीवन से जोड़ने, रटंत प्रणाली से मुक्ति और बच्चों द्वारा ज्ञान के सृजन (रचनावाद) पर ज़ोर देता है।
शिक्षण की अवस्थाएँ और स्तर
| अवस्था / स्तर | क्या होता है | मुख्य बातें |
|---|---|---|
| पूर्व-क्रियात्मक (Pre-active) | कक्षा में जाने से पहले की योजना | उद्देश्य तय करना, विषय-वस्तु का चयन व क्रम, शिक्षण विधि व सामग्री का चयन, कालांश की अवधि व समय-योजना |
| अंतःक्रियात्मक (Interactive) | वास्तविक कक्षा शिक्षण | कक्षा का आकार भाँपना, बच्चों के पूर्व ज्ञान का निदान, प्रश्न पूछना, प्रतिपुष्टि व पुनर्बलन |
| उत्तर-क्रियात्मक (Post-active) | पढ़ाने के बाद | विद्यार्थियों का मूल्यांकन, परिणाम के आधार पर शिक्षण में बदलाव, स्वयं का चिंतन |
| स्मृति स्तर — हरबर्ट | तथ्यों को याद करना | शिक्षक केंद्र में; सबसे निम्न स्तर |
| बोध स्तर — मॉरिसन | अर्थ, संबंध और सिद्धांत समझना | स्मृति स्तर के बाद आता है |
| चिंतन स्तर — हंट | समस्या पर स्वयं विचार कर हल खोजना | सबसे उच्च स्तर; छात्र सबसे सक्रिय |
शिक्षण को पूर्व-क्रियात्मक और अंतःक्रियात्मक चरणों में बाँटने का विचार फिलिप जैक्सन की पुस्तक 'Life in Classrooms' (1968) से जुड़ा है। 'विद्यार्थियों का मूल्यांकन' पूर्व-क्रियात्मक नहीं, उत्तर-क्रियात्मक अवस्था का कार्य है।[स्रोत 3]
प्रमुख शिक्षण-अधिगम विधियाँ
| विधि / रणनीति | मुख्य विचार | कब उपयोगी |
|---|---|---|
| व्याख्यान (Lecture) | शिक्षक बोलता है, छात्र सुनते हैं | कम समय में बहुत जानकारी; छोटे बच्चों के लिए कम उपयुक्त |
| प्रदर्शन (Demonstration) | शिक्षक करके दिखाता है | विज्ञान प्रयोग, रचना, कौशल |
| चर्चा / वाद-विवाद | विचारों का आदान-प्रदान | बड़ी कक्षाएँ, सामाजिक मुद्दे, तर्कशक्ति |
| विचार-मंथन (Brainstorming) | बिना आलोचना के अधिक से अधिक विचार; एलेक्स ऑसबोर्न से जुड़ी | रचनात्मकता, नए समाधान |
| परियोजना विधि | वास्तविक जीवन का उद्देश्यपूर्ण कार्य; विलियम एच. किलपैट्रिक | 'करके सीखना', समूह कार्य |
| समस्या-समाधान / खोज (Inquiry) | छात्र प्रश्न, परिकल्पना, जाँच और निष्कर्ष तक स्वयं पहुँचता है | विज्ञान, गणित, EVS |
| भूमिका निर्वाह (Role Play) | किसी पात्र की भूमिका निभाकर समझना | भाषा, सामाजिक अध्ययन, मूल्य शिक्षा |
| सहयोगात्मक अधिगम (Cooperative) | छोटे विविध समूह साझा लक्ष्य पर; जैसे जिग्सॉ | सामाजिक कौशल, समावेशी कक्षा |
| सहपाठी शिक्षण (Peer Tutoring) | एक बच्चा दूसरे को सिखाता है | बहुकक्षा/बहुस्तरीय कक्षाएँ |
| पाड़ / आलंबन (Scaffolding) | ज़रूरत भर सहायता, फिर धीरे-धीरे हटाना; वाइगोत्सकी के समीपस्थ विकास क्षेत्र (ZPD) से जुड़ा | नई और कठिन अवधारणा |
| 5E मॉडल | संलग्न करना → खोज → व्याख्या → विस्तार → मूल्यांकन | रचनावादी पाठ योजना |
अधिसंज्ञान और संकल्पना मानचित्र
अधिसंज्ञान (Metacognition) का अर्थ है 'अपने सोचने के बारे में सोचना' — यह जानना कि मैं कैसे सीखता हूँ, मुझे क्या समझ आया और क्या नहीं। इस शब्द के आधुनिक प्रयोग का श्रेय जॉन फ्लेवेल को दिया जाता है। अधिसंज्ञानात्मक कौशल के तीन चरण हैं: (1) योजना बनाना (Planning) — लक्ष्य तय करना, किस कार्य को कितना समय देना है, कौन-सी रणनीति अपनानी है; (2) निगरानी (Monitoring) — काम करते हुए स्वयं से पूछना 'क्या यह समझ में आ रहा है?', 'क्या मैं सही दिशा में हूँ?'; (3) मूल्यांकन (Evaluating) — अंत में देखना कि रणनीति कितनी सफल रही और अगली बार क्या बदलें।
संकल्पना मानचित्र (Concept Map) किसी विषय की अवधारणाओं और उनके आपसी संबंधों का चित्रात्मक रूप है। इसकी मूल संरचना लेबल वाले नोड्स (खानों/गोलों में लिखी अवधारणाएँ) और उन्हें जोड़ने वाली रेखाएँ हैं, जिन पर संबंध बताने वाले शब्द लिखे होते हैं — जैसे 'पौधे → (बनाते हैं) → भोजन'। शिक्षक इससे बच्चों का पूर्व ज्ञान और भ्रांतियाँ जान सकते हैं, पाठ को क्रम दे सकते हैं, उपयुक्त अनुदेशनात्मक सामग्री चुन सकते हैं और आकलन कर सकते हैं। यह पाठ-योजना को समाप्त नहीं करता, बल्कि उसे बेहतर बनाता है।
माइंड मैप में केंद्र से शाखाएँ निकलती हैं और यह प्रायः विचार-संग्रह के लिए होता है, जबकि संकल्पना मानचित्र में संबंधों को शब्दों से स्पष्ट लिखना मुख्य है।
सीखने के प्रतिफल (Learning Outcomes) — NCERT
- दस्तावेज़
- 'प्रारंभिक स्तर पर सीखने के प्रतिफल' (Learning Outcomes at the Elementary Stage), NCERT, 2017[स्रोत 1]
- उद्देश्य
- यह सुनिश्चित करना कि हर कक्षा के अंत तक बच्चे आयु और कक्षा के उपयुक्त दक्षताएँ प्राप्त करें[स्रोत 1]
- स्वरूप
- कक्षावार व विषयवार, आकलन योग्य और प्रक्रिया-आधारित कथन; साथ में सुझाई गई शिक्षण प्रक्रियाएँ[स्रोत 1]
- किसके लिए
- शिक्षक, अभिभावक, विद्यालय प्रबंधन और शिक्षा प्रशासक — गुणवत्ता की ज़िम्मेदारी तय करने के लिए[स्रोत 1]
- क्या नहीं है
- एक समान शिक्षण विधि थोपना, रटने को बढ़ावा देना या केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर ध्यान देना
कक्षा में इसका उपयोग
| कक्षा की स्थिति | उपयुक्त रणनीति | कैसे करें |
|---|---|---|
| कक्षा 4, EVS: 'पानी के स्रोत' — बच्चों का पूर्व ज्ञान जानना है | संकल्पना मानचित्र | बोर्ड पर 'पानी' लिखें, बच्चे नोड जोड़ें (कुआँ, बावड़ी, नल, वर्षा) और रेखाओं पर संबंध लिखें; भ्रांतियाँ तुरंत दिखती हैं |
| कक्षा 7, विज्ञान: कुछ बच्चे बहुत आगे, कुछ पीछे | सहपाठी शिक्षण + सहयोगात्मक समूह | मिश्रित समूह बनाएँ, हर सदस्य की भूमिका तय करें (पढ़ने वाला, लिखने वाला, प्रस्तुत करने वाला) |
| कक्षा 5, गणित: शाब्दिक प्रश्न हल करते समय बच्चे अटकते हैं | अधिसंज्ञान — स्व-प्रश्न | हल से पहले 'क्या दिया है, क्या पूछा है', बीच में 'क्या उत्तर समझदार लग रहा है?' और अंत में 'दूसरा तरीका?' पूछना सिखाएँ |
| कक्षा 8, सामाजिक विज्ञान: ग्राम पंचायत | भूमिका निर्वाह | बच्चे सरपंच, वार्ड पंच, ग्रामीण बनकर ग्राम सभा का मंचन करें |
| नई कठिन अवधारणा: भिन्नों का जोड़ | आलंबन (Scaffolding) | पहले चित्र-पट्टी से मिलकर करें, फिर संकेत दें, अंत में बच्चा स्वयं करे |
| पाठ योजना बनाते समय | पूर्व-क्रियात्मक निर्णय | सीखने के प्रतिफल देखकर उद्देश्य, सामग्री, विधि और समय पहले तय करें; मूल्यांकन के परिणाम बाद में योजना सुधारें |
याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप
तीन अवस्थाओं को 'पहले – दौरान – बाद' से याद रखें: योजना (पूर्व), पढ़ाना (अंतः), जाँचना (उत्तर)। स्तरों के लिए 'स्मृति–बोध–चिंतन = हरबर्ट–मॉरिसन–हंट' और क्रम 'H–M–H'। अधिसंज्ञान में 'बीच में खुद से पूछना' = निगरानी।
REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)
प्रश्न 25
एन.सी.ई.आर.टी. के दस्तावेज “प्रारंभिक स्तर पर सीखने के प्रतिफल” सीखने के प्रतिफलों के उद्देश्य के बारे में क्या कहता है ?
- Aविद्यालयों में एक समान शिक्षण विधियों को बढ़ावा देना
- Bअवधारणाओं को रटने की प्रवृत्ति को प्राथमिकता देना
- Cयह सुनिश्चित करना कि छात्र आयु उपयुक्त दक्षताओं को प्राप्त करें
- Dकेवल सैद्धान्तिक ज्ञान पर ध्यान केन्द्रित करना
व्याख्या
NCERT के दस्तावेज 'प्रारंभिक स्तर पर सीखने के प्रतिफल' (Learning Outcomes at the Elementary Stage) का उद्देश्य प्रत्येक कक्षा व विषय के लिए अपेक्षित दक्षताएँ तय करना है ताकि यह सुनिश्चित हो कि बच्चे अपनी आयु/कक्षा के अनुरूप दक्षताएँ प्राप्त करें। यह रटने या केवल सैद्धान्तिक ज्ञान पर बल नहीं देता और एक समान शिक्षण विधि थोपने के लिए भी नहीं है।
प्रश्न 30
अधिसंज्ञानात्मक कौशलों के अन्तर्गत ‘निगरानी’ में क्या शामिल है ?
- Aकिसी कार्य को कितना समय देना है इसका निर्णय लेना
- Bप्रश्न पूछना जैसे “क्या यह समझ में आ रहा है ?”
- Cप्रतिक्रिया के बिना कार्य पूरा करना
- Dकार्य की कठिनाई को अनदेखा करना
व्याख्या
अधिसंज्ञान (Metacognition) के कौशलों में योजना बनाना, निगरानी (monitoring) और मूल्यांकन शामिल हैं। निगरानी में सीखने के दौरान स्वयं से प्रश्न पूछना आता है, जैसे 'क्या यह समझ में आ रहा है?'। किसी कार्य को कितना समय देना है, यह तय करना योजना (planning) का भाग है।
प्रश्न 7
पूर्व-क्रियात्मक अवस्था में शिक्षक द्वारा लिये जाने वाला निर्णय नहीं है
- Aशिक्षण विधियों का चयन
- Bशिक्षण सामग्री का चयन
- Cविद्यार्थियों का मूल्यांकन करना
- Dकक्षा शिक्षण की अवधि
व्याख्या
जैक्सन (Jackson) के अनुसार शिक्षण की तीन अवस्थाएँ हैं – पूर्व-क्रियात्मक (योजना), अन्तःक्रियात्मक (कक्षा में शिक्षण) और उत्तर-क्रियात्मक (मूल्यांकन)। शिक्षण विधि, सामग्री और कक्षा की अवधि का निर्णय शिक्षण से पहले, यानी पूर्व-क्रियात्मक अवस्था में लिया जाता है। विद्यार्थियों का मूल्यांकन उत्तर-क्रियात्मक अवस्था का कार्य है, इसलिए C सही उत्तर है।
प्रश्न 24
संकल्पना मानचित्रण शिक्षकों की किस प्रकार मदद करता है ?
- Aउपयुक्त अनुदेशनात्मक सामग्री का चयन
- Bशिक्षण समय को कम करना
- Cछात्रों के लेखन कौशलों को बढ़ाना
- Dपाठ-योजना को समाप्त करना
व्याख्या
संकल्पना मानचित्रण (Concept mapping) में विषय की अवधारणाओं और उनके आपसी सम्बन्धों को चित्र रूप में दिखाया जाता है। इससे शिक्षक को विषयवस्तु की संरचना स्पष्ट होती है और वह उपयुक्त अनुदेशनात्मक सामग्री व क्रम का चयन कर पाता है। यह पाठ-योजना को समाप्त नहीं करता (D), बल्कि योजना बनाने में सहायक है।
प्रश्न 29
कॉन्सेप्ट मैप की प्राथमिक संरचना क्या है ?
- Aअध्याय और उप-अध्याय
- Bलेबल वाले नोड्स और कनेक्टिंग लाइन्स
- Cचित्र और एनीमेशन
- Dसमय-रेखाएं और घटनाएं
व्याख्या
कॉन्सेप्ट मैप (अवधारणा मानचित्र) में अवधारणाएँ लेबल वाले नोड्स (बॉक्स/वृत्त) के रूप में होती हैं और उन्हें संबंध बताने वाली जोड़ने वाली रेखाओं (connecting lines) से जोड़ा जाता है। अध्याय सूची या समय-रेखा इसकी संरचना नहीं है।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
शिक्षण की किस अवस्था में शिक्षक पाठ के उद्देश्य और शिक्षण सामग्री तय करता है?
- Aपूर्व-क्रियात्मक
- Bअंतःक्रियात्मक
- Cउत्तर-क्रियात्मक
- Dमूल्यांकन
व्याख्या
कक्षा में जाने से पहले की योजना — उद्देश्य, विषय-वस्तु, विधि और सामग्री का चयन — पूर्व-क्रियात्मक अवस्था में होता है।
प्रश्न 2
'चिंतन स्तर' के शिक्षण से कौन जुड़ा है?
- Aहरबर्ट
- Bमॉरिसन
- Cहंट
- Dब्लूम
व्याख्या
स्मृति स्तर हरबर्ट, बोध स्तर मॉरिसन और चिंतन स्तर हंट से जुड़ा है। चिंतन स्तर शिक्षण का सबसे उच्च स्तर है।
प्रश्न 3
गणित का प्रश्न हल करते समय एक छात्र रुककर स्वयं से पूछता है, "क्या मेरा तरीका सही दिशा में जा रहा है?" यह अधिसंज्ञान का कौन-सा कौशल है?
- Aयोजना
- Bनिगरानी
- Cस्मरण
- Dअनुकरण
व्याख्या
कार्य के दौरान अपनी समझ और प्रगति की जाँच करना निगरानी (Monitoring) है। कार्य से पहले समय और रणनीति तय करना योजना है।
प्रश्न 4
परियोजना विधि का संबंध किससे है?
- Aविलियम एच. किलपैट्रिक
- Bएलेक्स ऑसबोर्न
- Cफिलिप जैक्सन
- Dहरबर्ट
व्याख्या
परियोजना विधि किलपैट्रिक से जुड़ी है। विचार-मंथन एलेक्स ऑसबोर्न और शिक्षण की अवस्थाओं का वर्गीकरण फिलिप जैक्सन से जुड़ा है।
प्रश्न 5
बिना किसी आलोचना के समूह में अधिक से अधिक नए विचार उत्पन्न करने की तकनीक है
- Aव्याख्यान
- Bविचार-मंथन
- Cप्रदर्शन
- Dअभ्यास
व्याख्या
विचार-मंथन (Brainstorming) में पहले विचारों की आलोचना नहीं की जाती ताकि रचनात्मक सोच खुलकर सामने आए।
प्रश्न 6
शिक्षक पहले बच्चे की पूरी मदद करता है और जैसे-जैसे बच्चा सक्षम होता है, मदद धीरे-धीरे कम कर देता है। यह रणनीति कहलाती है
- Aआलंबन (Scaffolding)
- Bदंड
- Cअनुकूलन
- Dपुनरावृत्ति
व्याख्या
ज़रूरत के अनुसार सहायता देकर धीरे-धीरे हटाना आलंबन (पाड़) है, जो वाइगोत्सकी के समीपस्थ विकास क्षेत्र की अवधारणा से जुड़ा है।
प्रश्न 7
संकल्पना मानचित्र (Concept Map) के संबंध में कौन-सा कथन सही नहीं है?
- Aइससे बच्चों की भ्रांतियाँ पता चलती हैं
- Bइसमें अवधारणाओं के बीच संबंध दिखाए जाते हैं
- Cयह पाठ-योजना की आवश्यकता समाप्त कर देता है
- Dइसका उपयोग आकलन में भी हो सकता है
व्याख्या
संकल्पना मानचित्र पाठ-योजना को बेहतर बनाने में मदद करता है, उसे समाप्त नहीं करता। बाकी तीनों कथन इसके वास्तविक उपयोग हैं।
प्रश्न 8
5E शिक्षण मॉडल का सही क्रम है
- Aव्याख्या – संलग्न – खोज – विस्तार – मूल्यांकन
- Bसंलग्न – खोज – व्याख्या – विस्तार – मूल्यांकन
- Cखोज – संलग्न – मूल्यांकन – व्याख्या – विस्तार
- Dसंलग्न – व्याख्या – खोज – मूल्यांकन – विस्तार
व्याख्या
5E मॉडल में पहले बच्चे को संलग्न किया जाता है, फिर वह खोज करता है, उसके बाद व्याख्या, विस्तार और अंत में मूल्यांकन होता है। खोज व्याख्या से पहले आती है।
प्रश्न 9
कक्षा 6 की एक विविध कक्षा में शिक्षक चाहता है कि हर बच्चा समूह कार्य में ज़िम्मेदारी ले और एक-दूसरे से सीखे। सबसे उपयुक्त रणनीति है
- Aव्याख्यान विधि
- Bसहयोगात्मक अधिगम (जैसे जिग्सॉ)
- Cकेवल गृहकार्य
- Dप्रतियोगी रैंकिंग
व्याख्या
सहयोगात्मक अधिगम में छोटे विविध समूह साझा लक्ष्य पर काम करते हैं और हर सदस्य की भूमिका तय होती है, जिससे सब सक्रिय रहते हैं।
प्रश्न 10
NCERT के 'सीखने के प्रतिफल' दस्तावेज़ के संबंध में कौन-सा कथन सही है?
- Aयह सभी विद्यालयों में एक ही शिक्षण विधि अनिवार्य करता है
- Bयह कक्षावार आकलन योग्य दक्षताएँ बताता है
- Cयह केवल कक्षा 10 व 12 के लिए है
- Dयह रटने को प्रोत्साहित करता है
व्याख्या
प्रारंभिक स्तर के सीखने के प्रतिफल कक्षावार व विषयवार आकलन योग्य दक्षताएँ बताते हैं ताकि बच्चे आयु-उपयुक्त क्षमताएँ प्राप्त करें; ये किसी एक विधि को नहीं थोपते।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शिक्षण की पूर्व-क्रियात्मक अवस्था में कौन-से कार्य होते हैं?+
उद्देश्य निर्धारण, विषय-वस्तु का चयन व क्रम, शिक्षण विधि और सामग्री का चयन तथा समय-योजना। विद्यार्थियों का मूल्यांकन उत्तर-क्रियात्मक अवस्था में आता है।
अधिसंज्ञान (Metacognition) क्या है?+
अपनी सोच और सीखने की प्रक्रिया के प्रति जागरूक रहना और उसे नियंत्रित करना। इसके तीन कौशल हैं — योजना, निगरानी और मूल्यांकन।
कॉन्सेप्ट मैप की संरचना क्या होती है?+
लेबल वाले नोड्स (अवधारणाएँ) और उन्हें जोड़ने वाली रेखाएँ जिन पर संबंध लिखा होता है।
NCERT के सीखने के प्रतिफल का उद्देश्य क्या है?+
यह सुनिश्चित करना कि बच्चे हर कक्षा में आयु-उपयुक्त दक्षताएँ प्राप्त करें; ये शिक्षकों व अभिभावकों को सीखने की प्रगति जाँचने का आधार देते हैं।
शिक्षण के स्तर किसने दिए?+
स्मृति स्तर हरबर्ट, बोध स्तर मॉरिसन और चिंतन स्तर हंट से जुड़ा है।
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आधिकारिक स्रोत
बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए