अधिगम: अर्थ एवं प्रक्रिया — REET CDP नोट्स
अधिगम (Learning) का अर्थ, इसकी परिपक्वता से भिन्नता और बंडुरा के स्थानापन्न अधिगम जैसी अवधारणाएँ REET में लगातार पूछी जाती हैं। इस पेज में अधिगम की सही परिभाषा, प्रमुख सिद्धांतकारों (बंडुरा, थॉर्नडाइक, पावलव, स्किनर) के योगदान और कक्षा में उनके व्यावहारिक उपयोग को उदाहरण सहित समझाया गया है।
- REET 2024 में 3 प्रश्न
- सभी स्तर (L1 व L2)
- 8 मिनट पढ़ें
REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET 2024 के तीनों प्रश्न अवधारणा-आधारित थे — बंडुरा ने दूसरों को देखकर सीखने को क्या नाम दिया, अधिगम व परिपक्वता में क्या अंतर है, और कौन-से कारक व्यवहार में स्थायी परिवर्तन लाते हैं। ध्यान दें कि परीक्षक अक्सर 'अस्थायी परिवर्तन' (जैसे थकान) को 'अधिगम' के विकल्प में मिला देते हैं — यही सबसे बड़ा ट्रैप है।
अधिगम (Learning) की परिभाषा
अधिगम (Learning) अनुभव, अभ्यास व प्रशिक्षण के फलस्वरूप व्यवहार में आने वाला अपेक्षाकृत स्थायी (relatively permanent) परिवर्तन है। ध्यान दें — थकान, बीमारी, नशा या भावनात्मक तनाव जैसी अस्थायी अवस्थाओं से आया परिवर्तन अधिगम नहीं माना जाता, क्योंकि वह स्थायी नहीं है।
अधिगम केवल स्कूली किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है — बोलना, चलना (कुछ हद तक), आदतें, कौशल, दृष्टिकोण व मूल्य — ये सभी अधिगम के माध्यम से बनते हैं। यह एक सतत, जीवनपर्यंत चलने वाली सक्रिय प्रक्रिया है।
REET में यह टॉपिक 'वृद्धि एवं विकास' और 'विकास के सिद्धांत' के तुरंत बाद पढ़ना उपयोगी है, क्योंकि अधिगम को समझने के लिए परिपक्वता का अंतर पहले से स्पष्ट होना जरूरी है — बिना इसके व्यवहारवादी व संज्ञानात्मक अधिगम सिद्धांतों को समझना कठिन हो जाता है।
अधिगम केवल किताबी पढ़ाई तक सीमित नहीं है — कौशल, आदतें, दृष्टिकोण, मूल्य व सामाजिक व्यवहार भी इसी के माध्यम से बनते हैं। स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुबंधन (Operant Conditioning) के अनुसार, जिस व्यवहार पर पुनर्बलन (पुरस्कार) मिलता है वह दोहराए जाने की संभावना बढ़ती है, जबकि दंड मिलने पर वह घटती है — यह सिद्धांत कक्षा-प्रबंधन में सीधे लागू होता है।
आगे 'अभिप्रेरणा' टॉपिक में हम देखेंगे कि यही पुनर्बलन सिद्धांत अभिप्रेरणा के व्यवहारवादी सिद्धांतों का भी आधार बनता है, इसलिए इन दोनों टॉपिकों को जोड़कर पढ़ना समझ को गहरा करता है।
अधिगम बनाम परिपक्वता
- अधिगम (Learning)
- अनुभव, अभ्यास व वातावरण की अंतःक्रिया से आता है; वातावरण द्वारा प्रभावित व सुधारा जा सकता है, इसलिए शिक्षक की भूमिका यहाँ केंद्रीय है
- परिपक्वता (Maturation)
- आनुवंशिक रूप से पूर्व-निर्धारित है, स्वतः होती है और सीधे प्रशिक्षण से नहीं बदली जा सकती — जैसे किसी शिशु को समय से पहले चलना नहीं सिखाया जा सकता
अधिगम को अन्य अस्थायी परिवर्तनों से कैसे अलग पहचानें
REET में सबसे आम भ्रम यह होता है कि किसी भी व्यवहार-परिवर्तन को अधिगम मान लिया जाए। परन्तु सच यह है कि थकान, नींद की कमी, बीमारी, नशा या तीव्र भावनात्मक उत्तेजना से आया परिवर्तन अस्थायी होता है और उत्तेजना हटते ही समाप्त हो जाता है — इसे अधिगम नहीं कहा जा सकता।
इसके विपरीत, अभ्यास, प्रशिक्षण या सार्थक अनुभव से आया परिवर्तन समय के साथ बना रहता है, भले ही वह तुरंत उपयोग में न लाया जाए — जैसे साइकिल चलाना सीखने के बाद वर्षों बाद भी वह कौशल याद रहता है। यही 'अपेक्षाकृत स्थायी' (Relatively Permanent) शब्द अधिगम की परिभाषा की कुंजी है, और REET में यही शब्द बार-बार परीक्षित होता है।
इस अंतर को समझने का एक और तरीका है — स्वयं से पूछें, 'क्या यह परिवर्तन उत्तेजना/कारण हटने के बाद भी बना रहेगा?' यदि हाँ, तो यह अधिगम है; यदि नहीं, तो यह अस्थायी शारीरिक/भावनात्मक अवस्था मात्र है।
अधिगम के प्रमुख सिद्धांतकार व उनके योगदान
| सिद्धांतकार | सिद्धांत/अवधारणा |
|---|---|
| अल्बर्ट बंडुरा (Albert Bandura) | प्रेक्षणात्मक/स्थानापन्न अधिगम (Observational/Vicarious Learning) — दूसरों के व्यवहार व उसके परिणाम को देखकर सीखना |
| इवान पावलव (Ivan Pavlov) | शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning) — दो उद्दीपनों को जोड़कर सीखना |
| बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) | क्रियाप्रसूत अनुबंधन (Operant Conditioning) — पुनर्बलन द्वारा व्यवहार को आकार देना |
| ई.एल. थॉर्नडाइक (E.L. Thorndike) | प्रयास व त्रुटि अधिगम (Trial and Error) तथा सीखने के नियम — प्रभाव, अभ्यास व तत्परता का नियम |
बंडुरा का स्थानापन्न अधिगम REET में बार-बार पूछा गया है, इसलिए इसे विशेष ध्यान से याद रखें।[स्रोत 1]
थॉर्नडाइक के सीखने के तीन प्रमुख नियम
प्रभाव का नियम (Law of Effect): जिस अनुक्रिया के बाद संतोषजनक परिणाम मिलता है, वह दोहराई जाती है और सीखी जाती है; असंतोषजनक परिणाम देने वाली अनुक्रिया कमज़ोर होकर छूट जाती है।
अभ्यास का नियम (Law of Exercise): जितना अधिक किसी अनुक्रिया का अभ्यास होता है, वह उतनी ही मज़बूत होती जाती है; अभ्यास की कमी से वह कमज़ोर पड़ती है।
तत्परता का नियम (Law of Readiness): सीखने के लिए सीखने वाले का शारीरिक व मानसिक रूप से तैयार (तत्पर) होना आवश्यक है, तभी अधिगम प्रभावी होता है।
कक्षा में इसका उपयोग
| सिद्धांत | कक्षा उदाहरण |
|---|---|
| प्रेक्षणात्मक अधिगम (बंडुरा) | शिक्षक स्वयं विनम्र व्यवहार, समय-पालन व साफ-सफाई का आदर्श प्रस्तुत करे ताकि बच्चे उसे देखकर सीखें (मॉडलिंग) |
| पुनर्बलन (स्किनर) | अच्छे व्यवहार या सही उत्तर पर तुरंत प्रशंसा/पुरस्कार देकर उस व्यवहार को दोहराने के लिए प्रोत्साहित करना |
| अभ्यास का नियम (थॉर्नडाइक) | नई अवधारणा (जैसे पहाड़े) को बार-बार, नियमित अभ्यास के माध्यम से पक्का करना |
| अधिगम बनाम अस्थायी परिवर्तन | यदि कोई बच्चा परीक्षा के दिन तनाव के कारण कम प्रदर्शन करे, तो इसे स्थायी अधिगम-हानि न समझकर अस्थायी भावनात्मक प्रभाव मानना |
| तत्परता का नियम (थॉर्नडाइक) | किसी जटिल अवधारणा को तब तक न पढ़ाना जब तक बच्चा उसकी पूर्व-आवश्यक (prerequisite) समझ में तैयार न हो जाए |
याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप
इन सभी सिद्धांतकारों के नाम व उनकी मूल अवधारणा को जोड़े में याद रखें। 'बंडुरा = देखकर सीखना (स्थानापन्न/Vicarious), पावलव = जोड़कर सीखना (Classical), स्किनर = परिणाम से सीखना (Operant/पुनर्बलन)।' और हमेशा याद रखें — अधिगम 'अपेक्षाकृत स्थायी' परिवर्तन है; यदि विकल्प में थकान, नींद की कमी या नशा जैसा अस्थायी कारण दिखे, तो वह अधिगम का उदाहरण नहीं हो सकता। थॉर्नडाइक के तीन नियमों को 'प्र-अ-त' (प्रभाव-अभ्यास-तत्परता) क्रम में याद रखें।
REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)
प्रश्न 22
बंदुरा ने दूसरों के व्यवहार का अवलोकन करके सीखने को क्या नाम दिया ?
- Aप्रत्यक्ष अधिगम
- Bअनुभवजन्य अधिगम
- Cस्थानापन्न अधिगम
- Dसंज्ञानात्मक अधिगम
व्याख्या
बंदुरा (Albert Bandura) ने दूसरों के व्यवहार और उसके परिणामों को देखकर सीखने को स्थानापन्न अधिगम (Vicarious learning) कहा। इसमें सीखने वाला स्वयं अनुभव किए बिना मॉडल (आदर्श) का अवलोकन करके सीखता है। प्रत्यक्ष व अनुभवजन्य अधिगम में व्यक्ति स्वयं अनुभव से सीखता है।
प्रश्न 8
सीखने को परिपक्वता से किस प्रकार अलग किया जा सकता है ?
- Aसीखना एक प्राकृतिक विकास प्रक्रिया है
- Bसीखने के लिए बाहरी अनुभव आवश्यक हैं, जबकि परिपक्वता आनुवंशिक हैं
- Cपरिपक्वता जानबूझकर किये गये अभ्यास पर आधारित हैं
- Dसीखना पर्यावरण से स्वतंत्र हैं
व्याख्या
सीखना (Learning) अभ्यास, प्रशिक्षण और बाहरी अनुभवों से होने वाला अपेक्षाकृत स्थायी व्यवहार परिवर्तन है, जबकि परिपक्वता (Maturation) आनुवंशिक रूप से निर्धारित आंतरिक विकास है जो स्वतः होता है। इसलिए (B) सही है। विकल्प (A) और (C) परिपक्वता और सीखने की विशेषताओं को उलट देते हैं।
प्रश्न 14
कौन-से कारक व्यवहार में अपेक्षाकृत स्थायी परिवर्तन लाते हैं ?
- Aप्रशिक्षण और अभ्यास
- Bकेवल परिपक्वता
- Cशारीरिक थकावट
- Dभावनात्मक तनाव
व्याख्या
अधिगम की परिभाषा के अनुसार प्रशिक्षण और अभ्यास से व्यवहार में अपेक्षाकृत स्थायी परिवर्तन आता है। थकान और भावनात्मक तनाव से होने वाले परिवर्तन अस्थायी होते हैं, और केवल परिपक्वता से होने वाला परिवर्तन अधिगम नहीं माना जाता।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
बंडुरा के अनुसार दूसरों को देखकर सीखने को क्या कहा जाता है ?
- Aप्रत्यक्ष अधिगम
- Bस्थानापन्न/प्रेक्षणात्मक अधिगम
- Cयांत्रिक अधिगम
- Dमूर्त अधिगम
व्याख्या
बंडुरा ने दूसरों के व्यवहार व उसके परिणाम को देखकर सीखने को स्थानापन्न या प्रेक्षणात्मक अधिगम (Vicarious/Observational Learning) कहा।
प्रश्न 2
निम्न में से कौन-सा परिवर्तन अधिगम का उदाहरण नहीं है ?
- Aअभ्यास से साइकिल चलाना सीखना
- Bथकान के कारण गति धीमी होना
- Cप्रशिक्षण से नई भाषा सीखना
- Dअनुभव से नई समस्या हल करना सीखना
व्याख्या
थकान से आया परिवर्तन अस्थायी है, इसलिए यह अधिगम का उदाहरण नहीं है; बाकी सभी अभ्यास/अनुभव से आया अपेक्षाकृत स्थायी परिवर्तन है।
प्रश्न 3
थॉर्नडाइक के अनुसार जिस अनुक्रिया के बाद संतोषजनक परिणाम मिलता है, वह दोहराई जाती है — यह किस नियम को दर्शाता है ?
- Aअभ्यास का नियम
- Bतत्परता का नियम
- Cप्रभाव का नियम
- Dबहुअनुक्रिया का नियम
व्याख्या
प्रभाव का नियम (Law of Effect) बताता है कि संतोषजनक परिणाम देने वाली अनुक्रिया मज़बूत होकर दोहराई जाती है।
प्रश्न 4
अधिगम और परिपक्वता में मुख्य अंतर क्या है ?
- Aअधिगम अनुभवजन्य है, परिपक्वता आनुवंशिक रूप से पूर्व-निर्धारित
- Bदोनों समान हैं
- Cपरिपक्वता अभ्यास पर निर्भर है
- Dअधिगम जन्मजात होता है
व्याख्या
अधिगम अनुभव व अभ्यास से आता है, जबकि परिपक्वता आनुवंशिक रूप से पूर्व-निर्धारित होकर अपने-आप होती है।
प्रश्न 5
निम्न में से कौन-सा अधिगम सिद्धांत पावलव से संबंधित है ?
- Aक्रियाप्रसूत अनुबंधन
- Bशास्त्रीय अनुबंधन
- Cप्रेक्षणात्मक अधिगम
- Dअंतर्दृष्टि अधिगम
व्याख्या
पावलव ने शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning) सिद्धांत दिया, जिसमें दो उद्दीपनों को बार-बार जोड़कर अनुक्रिया सिखाई जाती है।
प्रश्न 6
शिक्षक कक्षा में विनम्र व्यवहार सिखाने के लिए स्वयं विनम्रता से पेश आता है — यह किस अधिगम सिद्धांत पर आधारित रणनीति है ?
- Aशास्त्रीय अनुबंधन
- Bप्रयास-त्रुटि अधिगम
- Cप्रेक्षणात्मक/मॉडलिंग अधिगम
- Dअंतर्दृष्टि अधिगम
व्याख्या
शिक्षक स्वयं आदर्श व्यवहार प्रस्तुत करके बच्चों को अवलोकन के माध्यम से सिखाता है — यह बंडुरा के प्रेक्षणात्मक/मॉडलिंग अधिगम पर आधारित रणनीति है।
प्रश्न 7
यदि कोई विद्यार्थी परीक्षा के दिन तनाव के कारण सामान्य से कम प्रदर्शन करे, तो इसे किस रूप में नहीं समझना चाहिए ?
- Aअस्थायी भावनात्मक प्रभाव
- Bस्थायी अधिगम-हानि
- Cतनाव का प्रभाव
- Dसामान्य परिवर्तनशीलता
व्याख्या
तनाव से आया प्रदर्शन में गिरावट अस्थायी है; इसे बच्चे की स्थायी अधिगम-क्षमता में कमी नहीं समझना चाहिए।
प्रश्न 8
निम्न में से कौन-सा कारक व्यवहार में स्थायी परिवर्तन नहीं लाता ?
- Aनियमित अभ्यास
- Bसुव्यवस्थित प्रशिक्षण
- Cअस्थायी थकान व नींद की कमी
- Dसार्थक अनुभव
व्याख्या
थकान व नींद की कमी से आया परिवर्तन अस्थायी होता है, इसलिए यह अधिगम (स्थायी परिवर्तन) का कारण नहीं बन सकता।
प्रश्न 9
थॉर्नडाइक के 'तत्परता के नियम' (Law of Readiness) का अर्थ है ?
- Aसीखने के लिए शारीरिक व मानसिक रूप से तैयार होना आवश्यक है
- Bअभ्यास से सीखना मजबूत होता है
- Cसंतोषजनक परिणाम से अधिगम प्रबल होता है
- Dसीखना केवल अनुकरण से होता है
व्याख्या
तत्परता का नियम कहता है कि सीखने वाले का तैयार (तत्पर) होना अधिगम की प्रभावशीलता के लिए आवश्यक शर्त है।
प्रश्न 10
निम्न में से कौन-सा उदाहरण स्थानापन्न (प्रेक्षणात्मक) अधिगम को सबसे अच्छी तरह दर्शाता है ?
- Aबच्चा गर्म बर्तन छूकर जलने का अनुभव करता है
- Bबच्चा टीवी पर किसी पात्र को नमस्ते करते देखकर स्वयं भी नमस्ते करना सीखता है
- Cबच्चा बार-बार अभ्यास से साइकिल चलाना सीखता है
- Dबच्चा भूख लगने पर रोना सीखता है (सहज प्रवृत्ति)
व्याख्या
बच्चा दूसरे के व्यवहार को देखकर, बिना स्वयं अनुभव किए, वही व्यवहार सीख रहा है — यह स्थानापन्न/प्रेक्षणात्मक अधिगम का सटीक उदाहरण है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
REET में अधिगम: अर्थ एवं प्रक्रिया से कितने प्रश्न आते हैं?+
यह CDP का बुनियादी टॉपिक है, जिससे लगभग हर वर्ष 2-3 प्रश्न बनते हैं — REET 2024 में इससे 3 प्रश्न पूछे गए।
अधिगम की सरल परिभाषा क्या है?+
अनुभव, अभ्यास व प्रशिक्षण के फलस्वरूप व्यवहार में आने वाला अपेक्षाकृत स्थायी परिवर्तन अधिगम कहलाता है।
बंडुरा का स्थानापन्न अधिगम क्या है?+
दूसरों के व्यवहार व उसके परिणाम को देखकर, बिना स्वयं अनुभव किए सीखना, जिसे प्रेक्षणात्मक (Observational) या स्थानापन्न (Vicarious) अधिगम कहा जाता है।
अधिगम और परिपक्वता में क्या फर्क है?+
अधिगम अनुभव व अभ्यास पर आधारित है, जबकि परिपक्वता आनुवंशिक रूप से पूर्व-निर्धारित होकर अपने-आप होती है।
थकान से आया व्यवहार परिवर्तन अधिगम क्यों नहीं माना जाता?+
क्योंकि यह अस्थायी होता है; अधिगम की परिभाषा के लिए परिवर्तन का 'अपेक्षाकृत स्थायी' होना जरूरी शर्त है।
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आधिकारिक स्रोत
बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए