अधिगम को प्रभावित करने वाले कारक
अधिगम (learning) की गति व गुणवत्ता कई कारकों — शिक्षार्थी, शिक्षक, विधि व वातावरण — पर निर्भर करती है। REET में इस टॉपिक से अधिगमकर्ता से जुड़े व्यक्तिगत कारकों और संज्ञानात्मक भार जैसी अवधारणाओं पर प्रश्न पूछे जाते हैं।
- REET 2024 में 2 प्रश्न
- शिक्षक-प्रशिक्षण स्तर
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REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET 2024 में इस टॉपिक से 2 प्रश्न आए — एक अधिगमकर्ता की 'मूलभूत क्षमता' के अर्थ पर, दूसरा संज्ञानात्मक भार (cognitive load) के कारण पर। यानी पारंपरिक सूची रटने के साथ-साथ अधिगम-संबंधी नई अवधारणाएँ (cognitive load theory) भी अब REET में पूछी जाने लगी हैं।
अधिगम को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक
- शिक्षार्थी-संबंधी कारक
- बुद्धि, अंतर्निहित क्षमता व कौशल, अभिप्रेरणा, तत्परता (readiness), शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य, पूर्व-ज्ञान
- शिक्षक-संबंधी कारक
- शिक्षक का ज्ञान, व्यक्तित्व, शिक्षण-कौशल व विद्यार्थी से संबंध
- विधि-संबंधी कारक
- शिक्षण विधि, शिक्षण सहायक सामग्री, पाठ्यक्रम की प्रस्तुति
- वातावरण-संबंधी कारक
- विद्यालय व घर का भौतिक व सामाजिक वातावरण, कक्षा का आकार
प्रत्येक कारक की विस्तृत भूमिका
शिक्षार्थी-संबंधी कारकों में बुद्धि सबसे बुनियादी है, पर अकेली बुद्धि पर्याप्त नहीं — अभिप्रेरणा, आत्म-विश्वास, ध्यान केंद्रित करने की क्षमता और पूर्व-ज्ञान भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। शारीरिक स्वास्थ्य (जैसे नींद, पोषण) भी सीधे एकाग्रता व स्मरण-शक्ति को प्रभावित करता है।
शिक्षक-संबंधी कारकों में शिक्षक का विषय-ज्ञान जितना ज़रूरी है, उतना ही उसका विद्यार्थियों के साथ सकारात्मक व्यवहार, धैर्य व प्रोत्साहन देने की क्षमता भी है — एक कठोर या उदासीन शिक्षक बच्चों की सीखने की इच्छा को कम कर सकता है।
विधि-संबंधी कारकों में यह देखा जाता है कि विषयवस्तु को कैसे प्रस्तुत किया गया — क्या यह क्रमबद्ध, उदाहरण-सहित व रुचिकर है। वातावरण-संबंधी कारकों में कक्षा का शोर-स्तर, बैठने की व्यवस्था, रोशनी व घर पर पढ़ाई के लिए शांत जगह होना शामिल है।
संज्ञानात्मक भार सिद्धांत (Cognitive Load Theory)
स्वेलर (Sweller) के संज्ञानात्मक भार सिद्धांत के अनुसार हमारी कार्यशील स्मृति (working memory) की क्षमता सीमित होती है, इसलिए अधिगम के समय पड़ने वाला 'भार' तीन प्रकार का होता है।
आंतरिक भार (intrinsic load) — विषयवस्तु की स्वाभाविक जटिलता से; बाह्य/अतिरिक्त भार (extraneous load) — शिक्षण-सामग्री की खराब प्रस्तुति, ध्यान भटकाने वाली चीज़ों व अपर्याप्त पृष्ठभूमि-ज्ञान से; उपयोगी भार (germane load) — नई जानकारी को पुराने ज्ञान से जोड़कर स्थायी रूप से सीखने में मदद करने वाला भार।
शिक्षक का लक्ष्य होना चाहिए बाह्य भार को कम करना, ताकि विद्यार्थी की कार्यशील स्मृति उपयोगी सीखने पर केंद्रित रह सके।
संज्ञानात्मक भार के तीन प्रकार
| प्रकार | कारण | उदाहरण |
|---|---|---|
| आंतरिक भार (Intrinsic) | विषयवस्तु की मूल जटिलता | द्विघात समीकरण हल करना स्वाभाविक रूप से कठिन विषय है |
| बाह्य/अतिरिक्त भार (Extraneous) | खराब प्रस्तुति, अपर्याप्त पृष्ठभूमि ज्ञान, ध्यान भंग | बहुत अस्त-व्यस्त स्लाइड या शोरगुल वाली कक्षा |
| उपयोगी भार (Germane) | नए ज्ञान को पुरानी स्कीमा से जोड़ने का प्रयास | नए सूत्र को पहले से सीखे उदाहरण से जोड़कर समझना |
REET 2024 में पूछा गया था कि अतिरिक्त संज्ञानात्मक भार का मुख्य कारण क्या है — उत्तर था अपर्याप्त पृष्ठभूमि ज्ञान व खराब शिक्षण-रणनीति।
स्कीमा और कार्यशील स्मृति की भूमिका
स्कीमा (schema) वह मानसिक ढांचा है जिसमें हम पहले से सीखी हुई जानकारी को व्यवस्थित रखते हैं। जब नई जानकारी किसी मौजूदा स्कीमा से जुड़ जाती है, तो कार्यशील स्मृति पर भार कम पड़ता है क्योंकि दिमाग उसे एक बड़ी 'इकाई' के रूप में संभाल लेता है, अलग-अलग टुकड़ों के रूप में नहीं।
यही कारण है कि किसी नए अध्याय को पढ़ाने से पहले संबंधित पुराने ज्ञान को याद दिलाना (पूर्व-ज्ञान सक्रिय करना) इतना प्रभावी माना जाता है — इससे नई जानकारी को जोड़ने के लिए एक तैयार स्कीमा उपलब्ध होती है, और सीखना आसान हो जाता है।
अभिप्रेरणा व तत्परता की भूमिका
तत्परता (Readiness) का अर्थ है बच्चे का शारीरिक, मानसिक व संवेगात्मक रूप से किसी नई अवधारणा को सीखने के लिए तैयार होना — बिना तत्परता के अधिगम कठिन व अस्थायी होता है।
अभिप्रेरणा (Motivation), चाहे आंतरिक (intrinsic, जैसे जिज्ञासा) हो या बाह्य (extrinsic, जैसे पुरस्कार), अधिगम की गति व स्थायित्व दोनों को प्रभावित करती है।
शोध बताते हैं कि आंतरिक अभिप्रेरणा दीर्घकालिक व गहरे अधिगम के लिए अधिक प्रभावी होती है, क्योंकि इसमें बच्चा सीखने के काम को स्वयं अर्थपूर्ण व रुचिकर पाता है, न कि केवल पुरस्कार पाने के लिए करता है। इसलिए शिक्षक को केवल बाहरी पुरस्कारों (जैसे स्टार, अंक) पर निर्भर रहने के बजाय विषय के प्रति स्वाभाविक जिज्ञासा जगाने के प्रयास भी करने चाहिए।
कक्षा में इसका उपयोग
| कारक | शिक्षक की रणनीति |
|---|---|
| पूर्व-ज्ञान की कमी (extraneous load) | नया पाठ शुरू करने से पहले पिछले ज्ञान की संक्षिप्त पुनरावृत्ति (recap) करना |
| ध्यान भंग (extraneous load) | सरल, स्पष्ट व चरणबद्ध शिक्षण सामग्री का प्रयोग करना |
| अभिप्रेरणा की कमी | सफलता के छोटे-छोटे अनुभव देना व सराहना करना |
| तत्परता की कमी | बहुत कठिन विषय सीधे न पढ़ाकर पहले आधारभूत अवधारणा स्पष्ट करना |
अधिगम-वक्र और अभ्यास का महत्व
किसी भी नए कौशल को सीखते समय शुरुआत में प्रगति तेज़ होती है, फिर एक पठार (plateau) आता है जहाँ सुधार धीमा दिखता है, और उचित अभ्यास व प्रतिपुष्टि (feedback) मिलने पर फिर प्रगति होती है — इसे अधिगम-वक्र (learning curve) कहा जाता है। शिक्षक को पठार अवस्था में विद्यार्थी को हतोत्साहित होने से बचाना चाहिए।
वितरित अभ्यास (distributed/spaced practice), यानी थोड़े-थोड़े अंतराल पर बार-बार दोहराना, एक ही बार में बहुत अधिक अभ्यास (massed practice) से अधिक प्रभावी पाया गया है, क्योंकि यह दीर्घकालिक स्मृति में जानकारी को बेहतर ढंग से स्थापित करता है।
याद रखने की ट्रिक
तीन भार याद रखें — 'आंतरिक' विषय में ही है (हटा नहीं सकते), 'बाह्य' शिक्षक की गलती से बढ़ता है (कम कर सकते हैं), 'उपयोगी' भार अच्छा है (बढ़ाना चाहिए) — यानी शिक्षक का काम बाह्य भार घटाना और उपयोगी भार बढ़ाना है।
REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)
प्रश्न 11
अधिगमकर्ता की “मूलभूत क्षमता और योग्यता” में क्या शामिल है ?
- Aविषय पर पूर्ण अधिकार
- Bतत्परता और इच्छाशक्ति
- Cशिक्षार्थी की अंतर्निहित क्षमताएँ और कौशल
- Dशिक्षक के साथ समायोजन
व्याख्या
अधिगमकर्ता की मूलभूत क्षमता और योग्यता से आशय उसकी जन्मजात/अंतर्निहित क्षमताओं और कौशलों से है, जो अधिगम को प्रभावित करने वाला एक प्रमुख व्यक्तिगत कारक है। तत्परता और इच्छाशक्ति अभिप्रेरणा से जुड़े कारक हैं, जबकि विषय पर अधिकार और शिक्षक से समायोजन क्षमता का अर्थ नहीं हैं।
प्रश्न 5एक से अधिक उत्तर मान्य
अतिरिक्त संज्ञानात्मक भार का मुख्य कारण क्या है ?
- Aअपर्याप्त पृष्ठभूमि ज्ञान
- Bखराब रणनीतियाँ और विचलन
- Cकार्य की आंतरिक जटिलता
- Dउदाहरणों की अधिक मात्रा
व्याख्या
संज्ञानात्मक भार सिद्धान्त (Cognitive Load Theory, स्वेलर) में अतिरिक्त (extraneous) भार वह है जो सामग्री की प्रस्तुति या अनुदेशन के खराब तरीके और ध्यान भटकाने वाली बातों से पैदा होता है, इसलिए (B) सही है। शिक्षार्थी का पूर्व ज्ञान यह तय करता है कि किसी कार्य से उस पर कितना मानसिक भार पड़ेगा; BSER की अंतिम कुंजी ने अपर्याप्त पृष्ठभूमि ज्ञान (A) को भी स्वीकार किया है। कार्य की आंतरिक जटिलता (C) आंतरिक (intrinsic) भार से जुड़ी है।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
अधिगम को प्रभावित करने वाला शिक्षार्थी-संबंधी कारक कौन-सा है?
- Aकक्षा का आकार
- Bबुद्धि व अभिप्रेरणा
- Cशिक्षण सहायक सामग्री
- Dविद्यालय भवन
व्याख्या
बुद्धि, अभिप्रेरणा, तत्परता, पूर्व-ज्ञान आदि शिक्षार्थी-संबंधी (learner-related) कारक हैं, जबकि कक्षा का आकार व भवन वातावरण-संबंधी कारक हैं।
प्रश्न 2
संज्ञानात्मक भार सिद्धांत (Cognitive Load Theory) किसने प्रस्तुत किया?
- Aस्वेलर
- Bपियाजे
- Cगार्डनर
- Dचॉम्स्की
व्याख्या
जॉन स्वेलर (John Sweller) ने संज्ञानात्मक भार सिद्धांत प्रस्तुत किया, जो कार्यशील स्मृति (working memory) की सीमित क्षमता पर आधारित है।
प्रश्न 3
विषयवस्तु की स्वाभाविक कठिनाई से उत्पन्न भार को क्या कहते हैं?
- Aबाह्य/अतिरिक्त भार
- Bआंतरिक भार
- Cउपयोगी भार
- Dसामाजिक भार
व्याख्या
आंतरिक भार (intrinsic load) विषयवस्तु की मूल जटिलता से जुड़ा होता है और शिक्षण-प्रस्तुति बदलने से इसे पूरी तरह हटाया नहीं जा सकता।
प्रश्न 4
खराब शिक्षण-प्रस्तुति व ध्यान भंग करने वाली सामग्री से उत्पन्न भार को क्या कहते हैं?
- Aआंतरिक भार
- Bबाह्य/अतिरिक्त भार
- Cउपयोगी भार
- Dशारीरिक भार
व्याख्या
बाह्य/अतिरिक्त भार (extraneous load) शिक्षण-सामग्री की खराब प्रस्तुति या ध्यान भंग करने वाली चीज़ों से उत्पन्न होता है, जिसे शिक्षक कम कर सकता है।
प्रश्न 5
नई जानकारी को पुराने ज्ञान से जोड़ने में लगने वाले प्रयास को क्या कहते हैं?
- Aआंतरिक भार
- Bबाह्य भार
- Cउपयोगी भार
- Dनकारात्मक भार
व्याख्या
उपयोगी भार (germane load) वह मानसिक प्रयास है जो नई जानकारी को पुरानी स्कीमा से जोड़कर स्थायी सीखने में मदद करता है — इसे बढ़ावा देना चाहिए।
प्रश्न 6
तत्परता (Readiness) का अर्थ क्या है?
- Aबच्चे का किसी नई अवधारणा को सीखने हेतु शारीरिक-मानसिक रूप से तैयार होना
- Bबच्चे की जन्मजात बुद्धि
- Cबच्चे का विद्यालय में उपस्थित होना
- Dशिक्षक की योग्यता
व्याख्या
तत्परता का अर्थ है बच्चे का किसी नई अवधारणा को सीखने के लिए शारीरिक, मानसिक व संवेगात्मक रूप से तैयार होना।
प्रश्न 7
एक शिक्षक नया पाठ शुरू करने से पहले पिछले पाठ की संक्षिप्त पुनरावृत्ति (recap) करता है। इससे किस प्रकार का भार कम होता है?
- Aआंतरिक भार
- Bबाह्य/अतिरिक्त भार
- Cउपयोगी भार
- Dशारीरिक भार
व्याख्या
पूर्व-ज्ञान की कमी बाह्य/अतिरिक्त भार बढ़ाती है; पुनरावृत्ति करने से यह भार कम होकर विद्यार्थी नई सामग्री पर बेहतर ध्यान दे पाता है।
प्रश्न 8
अभिप्रेरणा (motivation) किस प्रकार अधिगम को प्रभावित करती है?
- Aइसका अधिगम से कोई संबंध नहीं
- Bयह अधिगम की गति व स्थायित्व दोनों को प्रभावित करती है
- Cयह केवल परीक्षा के अंकों को प्रभावित करती है
- Dयह केवल शारीरिक विकास को प्रभावित करती है
व्याख्या
आंतरिक व बाह्य दोनों प्रकार की अभिप्रेरणा अधिगम की गति, गहराई व स्थायित्व को प्रभावित करती है, इसलिए यह एक प्रमुख शिक्षार्थी-संबंधी कारक है।
प्रश्न 9
एक शिक्षक बहुत जटिल अवधारणा को सीधे न पढ़ाकर पहले सरल आधारभूत बिंदु स्पष्ट करता है। यह किस कारक को ध्यान में रखते हुए किया जाता है?
- Aविद्यालय भवन
- Bविद्यार्थी की तत्परता
- Cशिक्षक का वेतन
- Dपाठ्यपुस्तक का आकार
व्याख्या
जटिल अवधारणा से पहले आधारभूत बिंदु स्पष्ट करना विद्यार्थी की तत्परता (readiness) को ध्यान में रखते हुए अपनाई गई उचित शिक्षण-रणनीति है।
प्रश्न 10
संज्ञानात्मक भार सिद्धांत के अनुसार शिक्षक का मुख्य लक्ष्य क्या होना चाहिए?
- Aआंतरिक भार बढ़ाना
- Bबाह्य भार घटाना और उपयोगी भार बढ़ाना
- Cउपयोगी भार घटाना
- Dतीनों प्रकार के भार को समान रखना
व्याख्या
चूँकि कार्यशील स्मृति सीमित है, शिक्षक को अनावश्यक बाह्य भार घटाना चाहिए ताकि विद्यार्थी की क्षमता उपयोगी (germane) सीखने पर केंद्रित रह सके।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अधिगम को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक कौन-से हैं?+
मुख्यतः चार श्रेणियाँ हैं — शिक्षार्थी-संबंधी, शिक्षक-संबंधी, विधि-संबंधी और वातावरण-संबंधी कारक।
संज्ञानात्मक भार सिद्धांत क्या कहता है?+
यह सिद्धांत कहता है कि हमारी कार्यशील स्मृति सीमित है, इसलिए शिक्षण में आंतरिक, बाह्य व उपयोगी — तीन प्रकार के भार को संतुलित करना ज़रूरी है।
बाह्य/अतिरिक्त संज्ञानात्मक भार का मुख्य कारण क्या है?+
खराब शिक्षण-प्रस्तुति, ध्यान भंग करने वाली सामग्री और अपर्याप्त पृष्ठभूमि ज्ञान बाह्य/अतिरिक्त भार के मुख्य कारण हैं।
तत्परता और अभिप्रेरणा अधिगम को कैसे प्रभावित करते हैं?+
तत्परता बच्चे की सीखने के लिए तैयारी दर्शाती है और अभिप्रेरणा सीखने की गति व स्थायित्व बढ़ाती है — दोनों की कमी अधिगम को कठिन बना देती है।
आंतरिक और बाह्य अभिप्रेरणा में क्या अंतर है?+
आंतरिक अभिप्रेरणा में बच्चा जिज्ञासा या रुचि के कारण स्वयं सीखना चाहता है, जबकि बाह्य अभिप्रेरणा में वह पुरस्कार, प्रशंसा या दंड से बचने के लिए सीखता है — आंतरिक अभिप्रेरणा सामान्यतः अधिक स्थायी अधिगम देती है।
वितरित अभ्यास (spaced practice) एक बार में किए अभ्यास से बेहतर क्यों है?+
थोड़े-थोड़े अंतराल पर बार-बार अभ्यास करने से जानकारी दीर्घकालिक स्मृति में बेहतर ढंग से स्थापित होती है, जबकि एक ही बार में बहुत अधिक अभ्यास करने से याद रखा गया ज्ञान जल्दी भुला दिया जाता है।
स्कीमा (schema) क्या है और यह अधिगम में कैसे मदद करता है?+
स्कीमा वह मानसिक ढांचा है जिसमें हम पहले से सीखी जानकारी को संगठित रखते हैं; नई जानकारी को मौजूदा स्कीमा से जोड़ने पर कार्यशील स्मृति पर भार कम पड़ता है और सीखना आसान होता है।
REET में इस टॉपिक से जुड़े प्रश्नों को हल करने की क्या रणनीति है?+
हर विकल्प को ध्यान से पढ़कर यह पहचानें कि वह शिक्षार्थी, शिक्षक, विधि या वातावरण में से किस श्रेणी से जुड़ा है, और संज्ञानात्मक भार के प्रश्नों में 'बाह्य भार घटाना, उपयोगी भार बढ़ाना' के सिद्धांत को आधार बनाएँ।
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आधिकारिक स्रोत
बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए