कार्यस्थल पर फलना-फूलना: सद्गुण, चरित्र-शक्तियाँ (VIA), सकारात्मक स्वास्थ्य और कुशलक्षेम के कारक
सिलेबस के 'Flourishing at work: virtues and strengths' का पूरा आधार: फलने-फूलने का अर्थ, छह सद्गुण और 24 चरित्र-शक्तियों का VIA वर्गीकरण, NCERT के अनुसार सकारात्मक स्वास्थ्य के कारक, दृढ़ता और लचीलापन; 2016 और 2018 के PYQ हल सहित।
- फलना-फूलना
- छह सद्गुण
- 24 चरित्र-शक्तियाँ
- सकारात्मक स्वास्थ्य
- दृढ़ता और लचीलापन
सिलेबस में
RPSC सिलेबस (09-01-2026), पेपर III, इकाई III, भाग क (Behavior): "Flourishing at work: virtues and strengths, 'RAISEC Model', person-fit-environment." इस पृष्ठ पर पहला पद है: 'virtues and strengths'। RIASEC (सिलेबस में RAISEC लिखा है) और व्यक्ति-पर्यावरण अनुकूलता के अलग पृष्ठ हैं।
इस विषय को क्यों पढ़ें
याद रखें
- उपलब्ध छह पेपरों (2013, 2016, 2018, 2021, 2023, 2024) में इस विषय से जुड़े दो प्रश्न मिलते हैं, दोनों 5 अंक के: 2018 में 'सकारात्मक स्वास्थ्य तथा कुशलक्षेम को बढ़ाने वाले कारक' और 2016 में 'सकारात्मक स्वास्थ्य और खुशहाली से आप क्या समझते हैं'। दोनों भाग क (Behaviour) के खंड में आए; विषय-रेखा सिलेबस के 'flourishing' पद के निकट है, इसलिए यह पृष्ठ दोनों को साथ लेता है।
- अब तक के प्रश्न 'सकारात्मक स्वास्थ्य' के हैं, और उनका उत्तर NCERT मनोविज्ञान (कक्षा 12, अध्याय 3) के ढाँचे से सीधे बनता है। सिलेबस का सटीक पद 'virtues and strengths' है; उस पर सीधा PYQ नहीं मिला, इसलिए उसे परिभाषा, वर्गीकरण और एक कार्य-उदाहरण के साथ तैयार रखें।
- ध्यान रखें: यह पृष्ठ परीक्षा के लिए अवधारणाएँ देता है, व्यक्तिगत स्वास्थ्य या मनोवैज्ञानिक सलाह नहीं।
फलना-फूलना (flourishing) क्या है
फलना-फूलना यानी flourishing का आशय केवल समस्याओं की अनुपस्थिति नहीं, बल्कि जीवन और कार्य में अच्छी तरह चल पाना है। इसके मापन के लिए Diener और साथियों (2010) की Flourishing Scale चर्चित है। McGrath के लेख के अनुसार यह आठ कथनों वाली, सात-बिंदु पर उत्तर दी जाने वाली स्केल है, जो पुराने कुशलक्षेम-मापों से आगे बढ़कर सामाजिक-मनोवैज्ञानिक कार्यप्रणाली की सफलता भी जाँचती है; उसके कथन जीवन में उद्देश्य और अर्थ, आशावाद और जुड़ाव जैसे विषयों पर हैं। परीक्षा में यही चार शब्द उपयोगी हैं: उद्देश्य, अर्थ, आशावाद, जुड़ाव।
'सकारात्मक स्वास्थ्य' के विचार का एक पूर्ववर्ती आधार भी है। Ryff और Singer के अध्याय के अनुसार विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 1948 में स्वास्थ्य को 'पूर्ण शारीरिक, मानसिक और सामाजिक कुशलता की अवस्था, केवल रोग या दुर्बलता का अभाव नहीं' कहा, पर बाद के अध्ययन अधिकतर बीमारी की भाषा में ही चलते रहे। इसी कारण उन्होंने 'positive health' पर नए सिरे से ज़ोर दिया और कहा कि मनोवैज्ञानिक तथा सामाजिक कुशलता स्वास्थ्य का हिस्सा है; इसके 'मानदंड-गुण' (criterial goods) में अच्छे संबंध और उद्देश्यपूर्ण संलग्नता गिनाई गई है। WHO का संविधान आज भी यही परिभाषा सिद्धांत के रूप में देता है।
कार्यस्थल का अर्थ यहाँ यह है कि 'काम में फलना-फूलना' केवल उत्पादन या पद से नहीं मापा जाता। कर्मचारी को अपने काम का अर्थ दिखे, अपनी क्षमताओं का उपयोग हो, सहकर्मियों से अच्छे संबंध हों और भविष्य के प्रति आशा हो, तब वह जुड़ाव से काम करता है। यह व्याख्या ऊपर के चार शब्दों से निकला विश्लेषण है।
सकारात्मक स्वास्थ्य और कुशलक्षेम: NCERT का ढाँचा
NCERT मनोविज्ञान (कक्षा 12, अध्याय 3, 'जीवन की चुनौतियों का सामना') में स्वास्थ्य को पूर्ण शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मिक कुशलता की अवस्था बताया गया है, केवल रोग या दुर्बलता का अभाव नहीं। सकारात्मक स्वास्थ्य के घटक वहाँ इन शब्दों में दिए हैं: स्वस्थ शरीर; व्यक्तिगत संबंधों की उच्च गुणवत्ता; जीवन में उद्देश्य का बोध; आत्म-सम्मान; जीवन के कार्यों में दक्षता; और तनाव, आघात तथा परिवर्तन के प्रति लचीलापन। यह सूची 2016 के प्रश्न 'सकारात्मक स्वास्थ्य से आप क्या समझते हैं' का सीधा उत्तर-आधार है।
उसी अध्याय के अनुसार वे कारक जो तनाव में 'बफ़र' का काम करते और सकारात्मक स्वास्थ्य को बढ़ाते हैं, ये हैं: आहार, व्यायाम, सकारात्मक दृष्टिकोण, सकारात्मक चिंतन और सामाजिक सहयोग। यही सूची 2018 के प्रश्न का उत्तर है। प्रत्येक कारक का अर्थ और कार्यस्थल से संबंध नीचे की तालिका में है। ये परीक्षा-सार हैं; किसी व्यक्ति के लिए आहार या व्यायाम की सलाह नहीं।
सकारात्मक स्वास्थ्य के पाँच कारक (NCERT) और कार्यस्थल से जुड़ाव
| कारक | NCERT में मूल बात | कार्यस्थल से जुड़ाव (विश्लेषण) |
|---|---|---|
| आहार | संतुलित और विविध आहार को पाठ्यपुस्तक ने जीवन-शैली का आधार माना है; तनाव में 'आराम का भोजन' की ओर झुकाव का भी उल्लेख है | भोजन के विराम और कार्य-घंटों का ढाँचा |
| व्यायाम | शारीरिक स्वस्थता और स्वास्थ्य के बीच सकारात्मक संबंध; व्यायाम तनाव में बफ़र का काम करता है | कार्यालय में खेल, योग या टहलने की संस्कृति |
| सकारात्मक दृष्टिकोण | वास्तविकता की सटीक धारणा, जीवन में उद्देश्य और ज़िम्मेदारी, दूसरों के विचारों के प्रति स्वीकार, सफलता का श्रेय लेना और विफलता का दोष स्वीकारना, नए विचारों के प्रति खुलापन और हास्य-बोध | फ़ीडबैक स्वीकार करने वाली और उत्तरदायित्व लेने वाली कार्य-संस्कृति |
| सकारात्मक चिंतन | आशावाद, यानी अनुकूल परिणाम की अपेक्षा; आशावादी लोग समस्या-केंद्रित उपाय अपनाते और सहायता माँगते हैं, निराशावादी समस्या को अनदेखा करते या लक्ष्य छोड़ देते हैं | चुनौतीपूर्ण लक्ष्यों पर टीम का रवैया |
| सामाजिक सहयोग | जिन पर भरोसा किया जा सके, उनकी उपलब्धता; धारणा की गई गुणवत्ता कुशलक्षेम से जुड़ी है, केवल नेटवर्क का आकार नहीं; रूप: भौतिक, सूचनात्मक, भावनात्मक | सहकर्मी और वरिष्ठ की सहायता; टीम का वातावरण |
दृढ़ता, लचीलापन और जीवन-कौशल
NCERT के उसी अध्याय में तीन और अवधारणाएँ आती हैं जिनके बिना सकारात्मक स्वास्थ्य का उत्तर अधूरा रहता है। पहली दृढ़ता (hardiness) है। पाठ्यपुस्तक कहती है कि Kobasa के अध्ययनों के अनुसार जिन लोगों में तनाव अधिक पर बीमारी कम थी, उनमें तीन 'C' समान थे: प्रतिबद्धता (commitment), नियंत्रण (control) और चुनौती (challenge)। प्रतिबद्धता का अर्थ है काम, परिवार और रुचियों के प्रति जुड़ाव; नियंत्रण का, जीवन की दिशा और उद्देश्य का बोध; और चुनौती का, परिवर्तनों को खतरे की जगह सामान्य और सकारात्मक मानना।
दूसरी अवधारणा लचीलापन (resilience) है। NCERT इसे प्रतिकूल जीवन-स्थितियों में सकारात्मक समायोजन बनाए रखने की गतिशील प्रक्रिया कहती है, जिसे 'वापस उबर आने' की क्षमता के रूप में भी बताया गया है। हाल के वर्णन में इसे तीन संसाधनों से समझाया गया है: 'मेरे पास' (I HAVE: भरोसेमंद, स्नेही लोग जैसे सामाजिक शक्तियाँ), 'मैं हूँ' (I AM: आंतरिक शक्तियाँ, स्वयं और दूसरों का सम्मान) और 'मैं कर सकता हूँ' (I CAN: समस्या-समाधान और अंतर्वैयक्तिक कौशल)। पाठ्यपुस्तक के अनुसार लचीला बनने के लिए इनमें से एक से अधिक चाहिए: किसी में आत्म-सम्मान हो पर सहारा देने वाला कोई न हो, तब वह लचीला नहीं।
तीसरी अवधारणा जीवन-कौशल (life skills) है: अनुकूल और सकारात्मक व्यवहार की वे क्षमताएँ जो रोज़मर्रा की माँगों से प्रभावी ढंग से निपटने में काम आती हैं और सीखी तथा सुधारी जा सकती हैं। पाठ्यपुस्तक की सूची में दृढ़-व्यवहार (assertiveness), समय-प्रबंधन, तर्कसंगत चिंतन, संबंधों में सुधार, आत्म-देखभाल और पूर्णतावाद या टालमटोल जैसी अनुपयोगी आदतों पर काबू पाना आता है। इन्हें 2018 के उत्तर में एक पंक्ति में जोड़ना अंक बढ़ाता है।
सद्गुण और चरित्र-शक्तियाँ: VIA वर्गीकरण
सिलेबस का 'virtues and strengths' सकारात्मक मनोविज्ञान के VIA वर्गीकरण से सबसे सीधा जुड़ता है। McGrath (2015) के अनुसार Peterson और Seligman (2004) का VIA Classification of Strengths and Virtues 24 चरित्र-शक्तियों के आधार पर सद्गुणों वाले चरित्र को समझाता है और इन शक्तियों को छह सांस्कृतिक रूप से परिभाषित सद्गुणों के अंतर्गत रखता है। VIA पहले 'Values in Action' का संक्षेप था, अब वह VIA Institute on Character से जुड़ा नाम है। McGrath के अनुसार इन शक्तियों की पहचान विद्वानों और चिकित्सकों के सुझावों, सद्गुणों की ऐतिहासिक सूचियों और लोकप्रिय साहित्य के अध्ययन से की गई थी।
चरित्र-शक्ति की पहचान के लिए Peterson और Seligman ने कुछ प्रारूपी तत्व बताए: वह व्यक्तिगत संतोष में योगदान देती है, नैतिक रूप से मूल्यवान है, विचार, भावना और कार्य में प्रकट होती है, और आदर्श व्यक्तियों में दिखती है। McGrath के अनुसार इनमें नैतिक पक्ष सबसे ज़रूरी माना गया, क्योंकि वही चरित्र-शक्ति को प्रतिभा या योग्यता से अलग करता है। यानी तेज़ गणना की क्षमता प्रतिभा है; ईमानदारी चरित्र-शक्ति। VIA Institute के अनुसार हर व्यक्ति में सभी 24 शक्तियाँ अलग-अलग मात्रा में होती हैं, इसलिए हर किसी का शक्ति-प्रोफ़ाइल अनूठा है।
मापन के लिए VIA Inventory of Strengths (VIA-IS) वयस्कों की 24 शक्तियों के लिए विकसित प्रश्नावली है (McGrath के अनुसार Peterson और Seligman, 2004)। परीक्षा के लिए इतना काफ़ी है कि इसका नाम, उद्देश्य और 24 की संख्या लिखी जाए; किसी व्यक्ति की जाँच या निदान इसका प्रयोजन नहीं है।
छह सद्गुण और उनके अंतर्गत 24 चरित्र-शक्तियाँ (VIA)
| सद्गुण | चरित्र-शक्तियाँ | प्रशासन में अर्थ (विश्लेषण) |
|---|---|---|
| प्रज्ञा और ज्ञान (Wisdom and knowledge) | सृजनशीलता, जिज्ञासा, निर्णय-विवेक (judgment), सीखने का प्रेम, दृष्टिकोण (perspective) | नीति-निर्माण, फ़ाइल-विश्लेषण, नवाचार |
| साहस (Courage) | बहादुरी, दृढ़ता, ईमानदारी, उत्साह (zest) | दबाव में सही निर्णय, लंबी परियोजना पूरी करना |
| मानवता (Humanity) | प्रेम (निकट संबंध), दयालुता, सामाजिक बुद्धि | नागरिक-संवाद, संवेदनशील प्रशासन |
| न्याय (Justice) | टीमवर्क, निष्पक्षता, नेतृत्व | समान व्यवहार, समूह को लक्ष्य की ओर ले जाना |
| संयम (Temperance) | क्षमा, विनम्रता, विवेक-सावधानी (prudence), आत्म-नियमन | अहंकार और आवेश पर नियंत्रण, जोखिम का सोच-विचार |
| उत्कर्ष (Transcendence) | सौंदर्य और उत्कृष्टता की सराहना, कृतज्ञता, आशा, हास्य, अध्यात्म और उद्देश्य | लंबे समय की प्रतिबद्धता, कठिन समय में मनोबल |
सद्गुण-शक्ति का समूहन McGrath (2015) की तालिका और VIA Institute की सूची से; तीसरा स्तंभ विश्लेषण है।
वर्गीकरण पर शोध: क्या छह सद्गुण ही अंतिम हैं
परीक्षा में आलोचना का एक पैराग्राफ अंक बढ़ाता है। McGrath के लेख के अनुसार VIA वर्गीकरण के छह सद्गुण सांस्कृतिक विचार पर आधारित हैं, और Peterson तथा Seligman ने स्वयं माना कि अनुभवजन्य अध्ययनों से भिन्न संरचना निकल सकती है। कारक-विश्लेषण करने वाले अध्ययनों में सामान्यतः 4 से 5 कारक मिले, जो पारंपरिक छह सद्गुणों से अच्छी तरह मेल नहीं खाते।
उनके आगे के अध्ययन में, जो चार नमूनों के 10 लाख से अधिक प्रकरणों पर आधारित बताया गया है, तीन-सद्गुण का एक मॉडल मिला: सद्-गुणों का एक सामान्य घटक 'अच्छा चरित्र' जो आगे 'भलाई' (Goodness) और 'जिज्ञासा' (Inquisitiveness) में बँटा, और भलाई आगे 'देखभाल' (Caring) तथा 'आत्म-नियंत्रण' (Self-Control) में। यह शोध-निष्कर्ष है, परीक्षा के लिए स्थापित सिद्धांत नहीं; उत्तर में इसे 'शोध के अनुसार' लिखें और आधिकारिक वर्गीकरण के रूप में छह सद्गुण ही बताएँ।
कार्यस्थल पर शक्तियों का प्रयोग
सिलेबस का शब्द 'flourishing at work' है, इसलिए उत्तर में सद्गुणों को कार्य से जोड़ना चाहिए। पहली बात, भूमिका और शक्ति का मेल। जिज्ञासा और निर्णय-विवेक वाला अधिकारी नीति-विश्लेषण में, सामाजिक बुद्धि और दयालुता वाला जन-सुनवाई में, और निष्पक्षता तथा नेतृत्व वाला टीम-प्रबंधन में अधिक प्रभावी हो सकता है। यह मेल व्यक्ति-पर्यावरण अनुकूलता वाले पृष्ठ से जुड़ता है।
दूसरी बात, टीम में शक्तियों का संतुलन। यदि पूरी टीम में 'संयम' की शक्तियाँ बहुत कम हों तो जल्दबाज़ी के निर्णय बढ़ सकते हैं; यदि 'प्रज्ञा' कम हो तो नवाचार रुक सकता है। इसलिए टीम का शक्ति-नक्शा देखकर कार्य बाँटना उपयोगी है। तीसरी बात, कमज़ोरियों की जगह शक्तियों की चर्चा: प्रदर्शन-समीक्षा में 'क्या ठीक नहीं' के साथ 'किसमें यह व्यक्ति सबसे अच्छा है' भी पूछना जुड़ाव बढ़ा सकता है। चौथी बात, सद्गुण दिखाने वाले आचरण की सराहना: ईमानदारी, निष्पक्षता और सेवा-भाव को मान्यता देने से संस्था की संस्कृति बनती है।
सीमा भी लिखें। शक्ति-सूची का उपयोग व्यक्ति पर लेबल लगाने या पदोन्नति-निर्णय में एकमात्र आधार बनाने के लिए नहीं होना चाहिए; वह बातचीत और विकास का औज़ार है। साथ ही सांस्कृतिक संदर्भ भिन्न हो सकते हैं, इसलिए सूची को सार्वभौमिक नियम की तरह नहीं, बल्कि सोचने की रूपरेखा की तरह इस्तेमाल करें।
काम में फलना-फूलना: कारक और परिणाम (विश्लेषण)
मुख्य तथ्य
- VIA वर्गीकरण
- 24 चरित्र-शक्तियाँ, छह सद्गुण; Peterson और Seligman (2004)
- छह सद्गुण
- प्रज्ञा और ज्ञान, साहस, मानवता, न्याय, संयम, उत्कर्ष (Transcendence)
- Flourishing Scale
- Diener और साथी (2010); आठ कथन, सात-बिंदु उत्तर
- स्वास्थ्य की परिभाषा (WHO)
- पूर्ण शारीरिक, मानसिक और सामाजिक कुशलता की अवस्था, केवल रोग का अभाव नहीं
- सकारात्मक स्वास्थ्य के घटक (NCERT)
- स्वस्थ शरीर, उत्तम संबंध, जीवन-उद्देश्य, आत्म-सम्मान, दक्षता, तनाव के प्रति लचीलापन
- सकारात्मक स्वास्थ्य के कारक (NCERT)
- आहार, व्यायाम, सकारात्मक दृष्टिकोण, सकारात्मक चिंतन, सामाजिक सहयोग
- दृढ़ता के तीन C (NCERT)
- प्रतिबद्धता, नियंत्रण, चुनौती (Kobasa का हवाला)
परीक्षा में आम ग़लतियाँ
याद रखें
- सकारात्मक स्वास्थ्य को केवल 'शारीरिक स्वास्थ्य' लिखना: उसमें संबंध, उद्देश्य, आत्म-सम्मान, दक्षता और लचीलापन भी हैं।
- NCERT की पाँच-कारक सूची में एक-दो को छोड़ देना: आहार, व्यायाम, दृष्टिकोण, चिंतन और सहयोग, पाँचों लिखें।
- चरित्र-शक्ति और प्रतिभा को एक मानना: नैतिक मूल्य चरित्र-शक्ति को प्रतिभा से अलग करता है।
- शोध-मॉडल को आधिकारिक वर्गीकरण बताना: छह सद्गुण और 24 शक्तियाँ VIA की सूची हैं; तीन-सद्गुण मॉडल शोध-निष्कर्ष है।
- व्यक्तिगत स्वास्थ्य या उपचार की सलाह जैसा लिखना: उत्तर में अवधारणा और संस्था की व्यवस्था लिखें, चिकित्सकीय सुझाव नहीं।
कार्य-उदाहरण (कल्पित): टीम का सद्गुण-नक्शा
हल सहित उदाहरणआठ सदस्यों की शाखा में किस सद्गुण की कमी है
दिया है
- यह उदाहरण समझाने के लिए गढ़ा गया है; संख्याएँ काल्पनिक हैं। मान लीजिए आठ सदस्यों की एक शाखा के हर सदस्य ने अपनी तीन सबसे प्रबल चरित्र-शक्तियाँ बताईं। कुल 8 × 3 = 24 उल्लेख हुए।
- छह सद्गुणों के अंतर्गत गिनने पर: प्रज्ञा 5, साहस 3, मानवता 6, न्याय 4, संयम 2, उत्कर्ष 4।
- 1चरण 1 योग जाँचें: 5 + 3 + 6 + 4 + 2 + 4 = 24, जो कुल उल्लेखों के बराबर है।
- 2चरण 2 हर सद्गुण का हिस्सा: प्रज्ञा 5 ÷ 24 ≈ 20.8%, साहस 3 ÷ 24 = 12.5%, मानवता 6 ÷ 24 = 25%, न्याय 4 ÷ 24 ≈ 16.7%, संयम 2 ÷ 24 ≈ 8.3%, उत्कर्ष 4 ÷ 24 ≈ 16.7%।
- 3चरण 3 सबसे कम हिस्सा संयम का: 2 उल्लेख, लगभग 8.3%; सबसे अधिक मानवता का: 6 उल्लेख, 25%।
- 4चरण 4 निष्कर्ष: शाखा संवाद-कुशल है, पर आवेग-नियंत्रण, विनम्रता और सावधानी वाली शक्तियाँ कम उभरीं। निर्णय-प्रक्रिया में दूसरी शाखा से समीक्षक जोड़ना या चेक-लिस्ट अपनाना उपयोगी हो सकता है।
निष्कर्ष: ऐसा नक्शा केवल चर्चा का आरंभ है, व्यक्तियों का निर्णय या मूल्यांकन नहीं। इसमें अंकों की गिनती से अधिक यह महत्त्वपूर्ण है कि टीम अपनी कमी को खुलकर समझे।
केस स्टडी (कल्पित): मनोबल गिरे कार्यालय में शक्ति-आधारित पहल
उदाहरण (काल्पनिक)उप-खंड कार्यालय में जुड़ाव कैसे लौटाया गया
यह केस समझाने के लिए गढ़ा गया है; कार्यालय और पात्र काल्पनिक हैं। एक उप-खंड कार्यालय में फ़ाइलों के निपटारे में देरी है, कर्मचारी चुप रहते हैं और आपसी सहयोग कम है। नए उप-खंड अधिकारी को 'दंड-आधारित' सख़्ती और 'समस्या-आधारित' समीक्षा के बजाय शक्ति-आधारित दृष्टि अपनानी है।
- निदान
- बैठक में पूछा गया: पिछले छह महीनों में किस कार्य पर आपको सबसे अच्छा लगा और क्यों? उत्तरों में किसी ने भूमि-रिकॉर्ड, किसी ने जन-सुनवाई और किसी ने रिपोर्ट-लेखन गिनाए।
- मेल
- कार्य बाँटते समय शक्ति और भूमिका का मेल देखा गया: जन-सुनवाई सामाजिक बुद्धि वाले कर्मचारी को, रिकॉर्ड-सुधार विस्तार-ध्यान वाले को।
- मान्यता
- महीने की बैठक में ईमानदारी, टीमवर्क या सेवा-भाव दिखाने वाले उदाहरण की सार्वजनिक सराहना की गई।
- सहयोग
- हर कर्मचारी को एक वरिष्ठ सहयोगी (mentor) मिला; कठिन फ़ाइलें अकेले नहीं, जोड़ी में निपटीं।
- अपेक्षा
- अधिकारी ने स्वयं विनम्रता और निष्पक्षता का आचरण दिखाया, ताकि कार्यालय-संस्कृति ऊपर से बने।
सीख
फलना-फूलना 'किसी को ठीक करने' से नहीं, काम में अर्थ, शक्तियों के उपयोग, सहयोग और मान्यता से आता है। यह एक कल्पित उदाहरण है और किसी व्यक्ति के मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन का तरीक़ा नहीं।
पिछले वर्षों के प्रश्न (हल सहित)
2018RAS मुख्य परीक्षापेपर III5 अंक
कौन से कारक सकारात्मक स्वास्थ्य तथा कुशलक्षेम को बढ़ाते हैं? (What are the factors that promote positive health and well-being?)
आदर्श उत्तर
NCERT के अनुसार सकारात्मक स्वास्थ्य और कुशलक्षेम बढ़ाने वाले कारक हैं: संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, सकारात्मक दृष्टिकोण, सकारात्मक चिंतन यानी आशावाद और सामाजिक सहयोग। ये तनाव में बफ़र का काम करते हैं। जीवन-कौशल, दृढ़ता और लचीलापन भी सहायक माने जाते हैं, क्योंकि वे समस्या से निपटने की क्षमता बढ़ाते हैं।
2016RAS मुख्य परीक्षापेपर III5 अंक
सकारात्मक स्वास्थ्य और खुशहाली से आप क्या समझते हैं? (What do you understand by positive health and well-being?)
आदर्श उत्तर
सकारात्मक स्वास्थ्य रोग की अनुपस्थिति भर नहीं है। NCERT के अनुसार उसमें स्वस्थ शरीर, अच्छे संबंध, जीवन-उद्देश्य, आत्म-सम्मान, जीवन-कार्यों में दक्षता और तनाव, आघात तथा परिवर्तन के प्रति लचीलापन आते हैं। WHO स्वास्थ्य को पूर्ण शारीरिक, मानसिक और सामाजिक कुशलता कहता है; कुशलक्षेम इसी का अनुभव है।
अभ्यास प्रश्न (अपने)
अभ्यास प्रश्नलगभग 15 शब्द
चरित्र-शक्तियों का VIA वर्गीकरण क्या है?
आदर्श उत्तर
VIA वर्गीकरण छह सद्गुणों के अंतर्गत 24 चरित्र-शक्तियाँ रखता है, जैसे साहस में बहादुरी।
अभ्यास प्रश्नलगभग 15 शब्द
फलना-फूलना (flourishing) से आप क्या समझते हैं?
आदर्श उत्तर
जीवन और कार्य में उद्देश्य, अर्थ, आशावाद, जुड़ाव और अच्छे संबंधों के साथ सामाजिक-मनोवैज्ञानिक कार्यप्रणाली की सफलता।
अभ्यास प्रश्नलगभग 50 शब्द
दृढ़ता (hardiness) और लचीलापन (resilience) में अंतर बताइए।
आदर्श उत्तर
NCERT के अनुसार दृढ़ता Kobasa के तीन C हैं: प्रतिबद्धता, नियंत्रण और चुनौती, जो तनाव में टिकाऊ व्यक्तित्व-गुण दिखाते हैं। लचीलापन प्रतिकूल स्थिति में सकारात्मक समायोजन बनाए रखने और उबरने की प्रक्रिया है, जिसे मेरे पास, मैं हूँ और मैं कर सकता हूँ जैसे संसाधन समझाते हैं।
अभ्यास प्रश्नलगभग 50 शब्द
कार्यस्थल पर चरित्र-शक्तियों का उपयोग कैसे किया जा सकता है?
आदर्श उत्तर
भूमिका और शक्ति का मेल देखा जाए, जैसे जन-सुनवाई में सामाजिक बुद्धि। टीम का शक्ति-नक्शा बनाकर कमी की पूर्ति हो, सद्गुण-आचरण की सराहना हो और समीक्षा में कमज़ोरी के साथ शक्ति की भी चर्चा हो। यह चर्चा और विकास का औज़ार है, व्यक्ति पर लेबल लगाने का नहीं।
अभ्यास प्रश्नलगभग 100 शब्द
कार्यस्थल पर फलना-फूलना क्या है? सद्गुण और चरित्र-शक्तियाँ इसमें कैसे सहायक हैं?
आदर्श उत्तर
फलना-फूलना केवल समस्या का अभाव नहीं, बल्कि काम में उद्देश्य, अर्थ, आशावाद, जुड़ाव और अच्छे संबंधों की अवस्था है। इसे Diener की Flourishing Scale जैसे मापों से समझा जाता है। सकारात्मक स्वास्थ्य इसी का स्वास्थ्य-पक्ष है।
VIA वर्गीकरण के छह सद्गुण, प्रज्ञा, साहस, मानवता, न्याय, संयम और उत्कर्ष, तथा 24 चरित्र-शक्तियाँ काम में सहायक हैं। ईमानदारी, निष्पक्षता और टीमवर्क संस्कृति बनाते हैं; आशा और कृतज्ञता मनोबल देते हैं। भूमिका और शक्ति का मेल जुड़ाव बढ़ाता है। इससे मनोबल, सेवा-गुणवत्ता और संगठन की संस्कृति बेहतर होती है। ये अवधारणाएँ चर्चा का आधार हैं, लेबल नहीं।
उत्तर कैसे लिखें (10 अंक, 100 शब्द)
भूमिका
प्रश्न का नमूना: "कार्यस्थल पर फलना-फूलने के लिए सद्गुण और चरित्र-शक्तियों का महत्त्व बताइए।" पहली पंक्ति में फलना-फूलना (उद्देश्य, अर्थ, आशावाद, जुड़ाव) की परिभाषा लिखें।
मुख्य भाग
- VIA: छह सद्गुण, 24 शक्तियाँ (Peterson और Seligman, 2004); चरित्र-शक्ति और प्रतिभा का भेद
- सकारात्मक स्वास्थ्य के कारक (NCERT): आहार, व्यायाम, दृष्टिकोण, चिंतन, सहयोग; दृढ़ता और लचीलापन
- कार्यस्थल पर प्रयोग: भूमिका-मेल, टीम-नक्शा, मान्यता
- सीमा: शोध मॉडल बदलते हैं; सूची लेबल लगाने के लिए नहीं
निष्कर्ष
निष्कर्ष: शक्तियों की पहचान, सहयोगी वातावरण और जीवन-कौशल मिलकर कार्यस्थल पर कुशलक्षेम और जुड़ाव बढ़ाते हैं।
अतिरिक्त मूल्य
- एक कल्पित प्रशासनिक उदाहरण जोड़ें (उप-खंड कार्यालय में शक्ति-आधारित पहल)
- तालिका: छह सद्गुण और उनकी शक्तियाँ
- शब्द-संकेत: उद्देश्य, अर्थ, आशावाद, जुड़ाव
त्वरित पुनरावृत्ति
- फलना-फूलना: उद्देश्य, अर्थ, आशावाद, जुड़ाव (Diener की Flourishing Scale: 8 कथन)
- WHO: स्वास्थ्य पूर्ण शारीरिक, मानसिक और सामाजिक कुशलता; केवल रोग का अभाव नहीं
- सकारात्मक स्वास्थ्य (NCERT): स्वस्थ शरीर, संबंध, उद्देश्य, आत्म-सम्मान, दक्षता, लचीलापन
- पाँच कारक: आहार, व्यायाम, सकारात्मक दृष्टिकोण, सकारात्मक चिंतन, सामाजिक सहयोग
- दृढ़ता: प्रतिबद्धता, नियंत्रण, चुनौती (Kobasa); लचीलापन: I have, I am, I can
- जीवन-कौशल: दृढ़-व्यवहार, समय-प्रबंधन, तर्कसंगत चिंतन, संबंध-सुधार, आत्म-देखभाल
- VIA: 6 सद्गुण, 24 चरित्र-शक्तियाँ (Peterson और Seligman, 2004)
- छह सद्गुण: प्रज्ञा, साहस, मानवता, न्याय, संयम, उत्कर्ष
- चरित्र-शक्ति बनाम प्रतिभा: नैतिक मूल्य का अंतर
- शोध: 4 से 5 कारक; McGrath का तीन-सद्गुण मॉडल; सूची कोई अंतिम नियम नहीं
याद रखने योग्य शब्द
- flourishing
- सकारात्मक स्वास्थ्य
- VIA
- छह सद्गुण
- 24 चरित्र-शक्तियाँ
- दृढ़ता
- लचीलापन