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पेपर III · इकाई III · भाग ख (विधि)

भारतीय न्याय संहिता 2023, धारा 1 और 2: प्रारंभ, लागू होने का क्षेत्र और परिभाषाएँ

भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 1 (प्रारंभ और लागू होने का क्षेत्र) और धारा 2 की ग्यारह सूचीबद्ध परिभाषाएँ: बालक, न्यायालय, दस्तावेज़, लिंग, सद्भावना, सरकार, न्यायाधीश, व्यक्ति, जनता, लोक सेवक और मूल्यवान प्रतिभूति।

  • BNS 2023
  • धारा 1
  • धारा 2 परिभाषाएँ
  • लोक सेवक
  • बालक
3 अक्टूबर 2026 को सत्यापित

सिलेबस में

RPSC सिलेबस (09-01-2026), पेपर III, इकाई III, भाग ख (विधि): "Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023: Section 1; Section 2 definitions (child, court, document, gender, good faith, government, judge, person, public, public servant, valuable security); Sections 189-191, 194-197, 270, 294-296." इस पृष्ठ पर धारा 1 (संक्षिप्त नाम, प्रारंभ और लागू होने का क्षेत्र) और धारा 2 की ग्यारह सूचीबद्ध परिभाषाएँ हैं। पाठ गज़ट ऑफ इंडिया (25-12-2023) के अंग्रेज़ी पाठ से लिया गया है और बाकी सूचीबद्ध धाराएँ अगले तीन पृष्ठों पर हैं। यह पृष्ठ परीक्षा की तैयारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं है; वास्तविक मामले में अधिकृत विधिक सहायता लें।

इस विषय को क्यों पढ़ें

याद रखें

  • पिछले पेपरों में (2013, 2016, 2018, 2021, 2023 और 2024, यानी जिन छह पेपरों के प्रश्न उपलब्ध हैं) भारतीय न्याय संहिता पर कोई प्रश्न नहीं आया। यह संहिता 2026 के सिलेबस में नई जुड़ी है, इसलिए तैयारी पाठ पर टिकी है: धारा का शीर्षक, उप-धारा, और परिभाषा के अंग्रेज़ी शब्द।
  • विधि खंड के अधिकांश प्रश्न 2013 से 2024 के पेपरों में परिभाषा या धारा के पाठ पर आए (2 अंक, लगभग 15 शब्द, और 5 अंक, लगभग 50 शब्द)। इसी ढर्रे पर 'लोक सेवक', 'दस्तावेज़', 'बालक' या 'सद्भावना' की परिभाषा पूछी जा सकती है; इसे परीक्षा का नियम नहीं, केवल बीते पेपरों का रुझान समझें।
  • धारा 2 की परिभाषाएँ पूरी संहिता में काम आती हैं: 'बालक' (18 वर्ष से कम) आगे की धारा 295 में, 'लोक सेवक' धारा 195 में, 'न्यायालय' और 'दस्तावेज़' अनेक धाराओं में। इन ग्यारह शब्दों के सटीक अर्थ से अगले तीन पृष्ठ आसान हो जाते हैं।

पहले सरल भाषा में

किसी भी खेल की नियम-पुस्तिका खोलें तो पहले पन्नों पर शब्दों के अर्थ लिखे मिलते हैं: 'फ़ाउल' किसे कहेंगे, 'खिलाड़ी' कौन है। उसके बाद के नियम इन्हीं अर्थों पर चलते हैं। भारतीय न्याय संहिता, 2023 (Bharatiya Nyaya Sanhita, BNS) भी देश की मुख्य दंड-संहिता है, यानी वह पुस्तिका जो बताती है कि कौन-सा कार्य अपराध है और उसके लिए कितनी सज़ा है। इसकी धारा 1 बताती है कि यह संहिता किस नाम से जानी जाएगी, कब से लागू होगी और किन लोगों और स्थानों पर चलेगी। धारा 2 शब्दों की वह सूची है जिसके अर्थ पूरी संहिता में एक ही माने जाते हैं।

अदालत में एक छोटा शब्द भी बड़ा फ़र्क़ डाल देता है। मान लीजिए किसी धारा में 'लोक सेवक' शब्द आया है। तब सवाल उठेगा कि पंचायत का सहायक या सरकारी निगम का कर्मचारी इसमें आता है या नहीं। इसका उत्तर रोज़मर्रा की भाषा से नहीं, धारा 2 के खंड (28) से मिलता है। इसीलिए परीक्षा में परिभाषा का अंग्रेज़ी शब्द (जैसे 'good faith', 'valuable security') और उसकी सटीक शर्तें लिखना ज़रूरी है।

यह संहिता भारतीय दंड संहिता, 1860 (Indian Penal Code, IPC) की जगह आई है और इसके सभी उपबंध 1 जुलाई 2024 से लागू हैं, केवल धारा 106 की उप-धारा (2) को छोड़कर। यह पृष्ठ धारा 1 और धारा 2 की सूचीबद्ध परिभाषाओं तक सीमित है।

धारा 1: संक्षिप्त नाम, प्रारंभ और लागू होने का क्षेत्र (Short title, commencement and application)

उप-धारापाठ का आशयअंग्रेज़ी का मुख्य शब्द
1(1)इस अधिनियम का नाम भारतीय न्याय संहिता, 2023 है।Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023
1(2)संहिता उस तिथि से लागू होगी जो केंद्र सरकार शासकीय राजपत्र में अधिसूचना से तय करे; अलग-अलग उपबंधों के लिए अलग तिथियाँ भी तय हो सकती हैं।by notification in the Official Gazette; different dates for different provisions
1(3)भारत की सीमा के भीतर किए गए प्रत्येक कार्य या लोप के लिए, जो इस संहिता के विरुद्ध हो, व्यक्ति इसी संहिता के अंतर्गत दंडनीय होगा, किसी और आधार पर नहीं।liable to punishment under this Sanhita and not otherwise
1(4)जो व्यक्ति भारत के बाहर किए अपराध के लिए भारत में लागू किसी कानून के अनुसार विचारण के योग्य है, उसके साथ इस संहिता के अनुसार वैसा ही व्यवहार होगा मानो अपराध भारत में हुआ हो।committed beyond India
1(5)(a)भारत का कोई नागरिक, भारत के बाहर किसी भी स्थान पर।any citizen of India in any place without and beyond India
1(5)(b)भारत में पंजीकृत किसी जहाज़ या वायुयान पर कोई भी व्यक्ति, वह जहाँ भी हो।any ship or aircraft registered in India wherever it may be
1(5)(c)भारत के बाहर किसी भी स्थान पर कोई भी व्यक्ति, यदि अपराध भारत में स्थित किसी कंप्यूटर संसाधन को निशाना बनाता है।offence targeting a computer resource located in India
1(5) स्पष्टीकरणइस धारा में 'अपराध' शब्द में भारत के बाहर किया गया हर वह कार्य शामिल है जो भारत में किया जाता तो इस संहिता में दंडनीय होता।Explanation: word 'offence' includes every act committed outside India
1(6)संहिता सेना, नौसेना या वायुसेना के अधिकारियों और सैनिकों के विद्रोह और परित्याग को दंडित करने वाले किसी अधिनियम, या किसी विशेष या स्थानीय कानून के उपबंधों को प्रभावित नहीं करती।any special or local law

धारा 1 को कैसे समझें

धारा 1 के चार भाग याद रखना काफ़ी है: नाम, प्रारंभ, भारत के भीतर लागू होना और भारत के बाहर लागू होना। पहली बात यह है कि संहिता में प्रारंभ की तिथि संहिता ने स्वयं तय नहीं की; उप-धारा (2) ने यह काम केंद्र सरकार की अधिसूचना पर छोड़ा और अलग-अलग उपबंधों के लिए अलग तिथियों की छूट भी रखी। इसी कारण संहिता के लागू होने की तिथि अलग से जाननी पड़ती है (1 जुलाई 2024)।

दूसरी बात उप-धारा (3) की है। इसके अनुसार भारत में किया गया कोई कार्य या लोप तभी दंडनीय है जब वह इस संहिता के विरुद्ध हो। यानी अपराध और सज़ा कानून में पहले से लिखी होनी चाहिए; कोई व्यक्ति केवल इसलिए दंडित नहीं हो सकता कि किसी को उसका कार्य बुरा लगा। यह उप-धारा 'इसी संहिता के अंतर्गत और किसी अन्य प्रकार से नहीं' (under this Sanhita and not otherwise) की भाषा से यह बात साफ़ करती है।

तीसरी बात देश के बाहर के अपराधों की है। उप-धारा (4) और (5) मिलकर बताती हैं कि भारत के नागरिक पर, भारतीय पंजीकरण के जहाज़ या वायुयान पर किसी भी व्यक्ति पर, और भारत में स्थित कंप्यूटर संसाधन को निशाना बनाने वाले हर व्यक्ति पर संहिता लागू हो सकती है, चाहे अपराध देश के बाहर हुआ हो। धारा का दृष्टांत सीधा है: भारत का नागरिक A यदि भारत के बाहर किसी स्थान पर हत्या करता है, तो भारत में जहाँ भी मिले, वहाँ उस पर हत्या का मुक़दमा चलाकर दोषसिद्धि हो सकती है।

उप-धारा (6) एक सावधानी है: सैन्य कर्मियों के विद्रोह और परित्याग के लिए जो अलग कानून हैं और जो विशेष या स्थानीय कानून (special or local law) हैं, वे इस संहिता के आने से समाप्त नहीं होते। विशेष कानून वह है जो किसी विशेष विषय पर लागू होता है और स्थानीय कानून वह जो भारत के केवल किसी भाग में लागू होता है (धारा 2 के खंड (30) और (18))।

धारा 2: ग्यारह सूचीबद्ध परिभाषाएँ

धारा 2 की शुरुआत इस वाक्यांश से होती है: "In this Sanhita, unless the context otherwise requires"। यानी परिभाषा तब तक मान्य है जब तक संदर्भ कुछ और न माँगे। धारा 2 में कुल 39 खंड हैं; सिलेबस में ग्यारह के नाम हैं: बालक (child), न्यायालय (Court), दस्तावेज़ (document), लिंग (gender), सद्भावना (good faith), सरकार (Government), न्यायाधीश (Judge), व्यक्ति (person), जनता (public), लोक सेवक (public servant) और मूल्यवान प्रतिभूति (valuable security)। नीचे हर परिभाषा का अंग्रेज़ी पाठ और उसका हिंदी आशय है। पुराने IPC का क्रमांक केवल अध्ययन-सहायक के रूप में तुलना के लिए दिया है।

धारा 2 की सूचीबद्ध परिभाषाएँ: पाठ और आशय

खंडशब्दवैधानिक पाठ (मुख्य अंश)हिंदी आशयIPC क्रम (अध्ययन-सहायक)
2(3)बालक (child)"child" means any person below the age of eighteen yearsअठारह वर्ष से कम आयु का कोई भी व्यक्ति बालक है; लिंग का भेद नहीं।IPC में समकक्ष खंड नहीं (तालिका में 'New')
2(5)न्यायालय (Court)a Judge who is empowered by law to act judicially alone, or a body of Judges which is empowered by law to act judicially as a body, when such Judge or body of Judges is acting judiciallyवह एक न्यायाधीश जिसे कानून अकेले न्यायिक रूप से कार्य करने की शक्ति देता है, या न्यायाधीशों का वह निकाय जिसे सामूहिक रूप से यह शक्ति है, पर तभी जब वे न्यायिक रूप से कार्य कर रहे हों।IPC 20 ('Court of Justice')
2(8)दस्तावेज़ (document)any matter expressed or described upon any substance by means of letters, figures or marks, or by more than one of those means, and includes electronic and digital record, intended to be used, or which may be used, as evidence of that matterकिसी पदार्थ पर अक्षरों, अंकों या चिह्नों से (या इनमें से एक से अधिक से) अभिव्यक्त या वर्णित कोई भी विषय, जो उस विषय के साक्ष्य के रूप में प्रयोग के लिए है या प्रयोग हो सकता है; इसमें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल अभिलेख भी शामिल हैं।IPC 29 (तालिका में परिवर्तन चिह्नित; IPC 29A 'Electronic record' हटाया गया)
2(10)लिंग (gender)The pronoun "he" and its derivatives are used of any person, whether male, female or transgender'वह' (he) सर्वनाम और उसके रूप किसी भी व्यक्ति के लिए प्रयुक्त हैं, चाहे पुरुष, महिला या ट्रांसजेंडर हो। 'ट्रांसजेंडर' का अर्थ ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 की धारा 2 के खंड (k) से लिया जाएगा।IPC 8 (तालिका में परिवर्तन चिह्नित)
2(11)सद्भावना (good faith)Nothing is said to be done or believed in "good faith" which is done or believed without due care and attentionकोई कार्य या विश्वास तब 'सद्भावना' से नहीं कहलाता जब वह उचित सावधानी और ध्यान के बिना किया या माना गया हो।IPC 52
2(12)सरकार (Government)the Central Government or a State Governmentकेंद्र सरकार या राज्य सरकार।IPC 17
2(16)न्यायाधीश (Judge)a person who is officially designated as a Judge and includes a person (i) who is empowered by law to give, in any legal proceeding, civil or criminal, a definitive judgment, or a judgment which, if not appealed against, would be definitive, or a judgment which, if confirmed by some other authority, would be definitive; or (ii) who is one of a body of persons, which body of persons is empowered by law to give such a judgmentजो व्यक्ति आधिकारिक रूप से न्यायाधीश पदनामित है, और वह भी जिसे किसी दीवानी या फ़ौजदारी कार्यवाही में अंतिम निर्णय देने की शक्ति है (या ऐसा निर्णय जो अपील न होने पर, या किसी अन्य प्राधिकारी की पुष्टि पर अंतिम हो जाए), या जो ऐसे निर्णय के लिए सशक्त निकाय का सदस्य है।IPC 19
2(26)व्यक्ति (person)includes any company or association or body of persons, whether incorporated or notकोई भी कंपनी, संघ या व्यक्तियों का निकाय, निगमित हो या नहीं, 'व्यक्ति' में शामिल है।IPC 11
2(27)जनता (public)includes any class of the public or any communityजनता का कोई भी वर्ग या कोई भी समुदाय।IPC 12
2(28)लोक सेवक (public servant)a person falling under any of the descriptions, namely: (a) to (k)खंड (a) से (k) में गिनाए गए ग्यारह वर्णनों में से किसी में आने वाला व्यक्ति (विस्तार नीचे की तालिका में)।IPC 21
2(31)मूल्यवान प्रतिभूति (valuable security)a document which is, or purports to be, a document whereby any legal right is created, extended, transferred, restricted, extinguished or released, or whereby any person acknowledges that he lies under legal liability, or has not a certain legal rightऐसा दस्तावेज़ जो कोई विधिक अधिकार बनाता, बढ़ाता, अंतरित करता, सीमित करता, समाप्त करता या छोड़ता है, या जिसके द्वारा कोई व्यक्ति स्वीकार करता है कि वह किसी विधिक दायित्व में है या उसे कोई अधिकार नहीं है; या जो ऐसा दस्तावेज़ होने का दावा करता है।IPC 30

IPC क्रम केवल अध्ययन-सहायक है: परीक्षा-उत्तर में BNS का क्रमांक ही मुख्य लिखें।

हर परिभाषा से जुड़े मुख्य बिंदु

बालक (धारा 2(3))। यह परिभाषा सबसे छोटी है और सबसे ज़्यादा काम की: अठारह वर्ष से कम आयु। 'व्यक्ति' शब्द के कारण इसमें लड़का और लड़की दोनों आते हैं। आगे की धारा 295 में 'child' को ही अश्लील वस्तुएँ बेचने से बचाने के लिए रखा गया है। परीक्षा में लिखते समय आयु की संख्या 'अठारह' और 'below' शब्द (below the age of eighteen years) ज्यों के त्यों लिखें; 'अठारह या उससे कम' लिखना ग़लत है।

न्यायालय और न्यायाधीश (धारा 2(5) और 2(16))। संहिता का 'Court' कोई इमारत नहीं, बल्कि न्यायिक रूप से कार्य करता हुआ न्यायाधीश या न्यायाधीशों का निकाय है। इसमें 'when acting judicially' की शर्त महत्त्वपूर्ण है: यदि वही न्यायाधीश प्रशासनिक कार्य कर रहा है तो वह इस परिभाषा का 'न्यायालय' नहीं है। 'Judge' की परिभाषा बड़ी है: पदनामित न्यायाधीश के अलावा वह भी, जिसे किसी कार्यवाही में अंतिम निर्णय की शक्ति है। धारा का दृष्टांत है कि वह मजिस्ट्रेट जो जुर्माने या कारावास से दंडित करने की शक्ति वाले आरोप पर, अपील के साथ या बिना, क्षेत्राधिकार रखता है, 'Judge' है।

दस्तावेज़ (धारा 2(8))। परिभाषा का केंद्र यह है कि कोई भी बात, किसी भी पदार्थ पर, अक्षरों, अंकों या चिह्नों से अभिव्यक्त हो और साक्ष्य के रूप में प्रयोग होने के लिए हो या हो सकती हो। संहिता में यह भी जोड़ा गया है कि इसमें 'electronic and digital record' शामिल हैं। स्पष्टीकरण 1 कहता है कि इससे फ़र्क़ नहीं पड़ता कि अक्षर किस पदार्थ पर या किस साधन से बने, और न इससे कि साक्ष्य न्यायालय में प्रयुक्त होगा या नहीं। स्पष्टीकरण 2 कहता है कि व्यापारिक या अन्य प्रथा के अनुसार जो अर्थ अक्षरों या चिह्नों का समझा जाता है, वह भी लिखा हुआ माना जाएगा। संहिता के दृष्टांतों में दस्तावेज़ हैं: संविदा की शर्तों वाला लेख, बैंक पर लिखा चेक, मुख्तारनामा (power of attorney), साक्ष्य के काम आने वाला नक्शा या योजना, और निर्देशों वाला लेख। एक और दृष्टांत में विनिमय-पत्र की पीठ पर लिखा नाम (पृष्ठांकन) भी दस्तावेज़ है, जिसका अर्थ व्यापारिक प्रथा से 'धारक को भुगतान करो' लगाया जाएगा।

लिंग (धारा 2(10))। 'वह' सर्वनाम का प्रयोग संहिता में हर किसी के लिए है, इसलिए धाराओं में 'he' लिखा होने से अपराध केवल पुरुष तक सीमित नहीं हो जाता। परिभाषा में पुरुष और महिला के साथ ट्रांसजेंडर भी लिखा है, और ट्रांसजेंडर का अर्थ ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 की धारा 2 के खंड (k) से लिया गया है।

सद्भावना (धारा 2(11))। यह परिभाषा नकारात्मक रूप में है: जो कार्य या विश्वास उचित सावधानी और ध्यान के बिना किया गया हो, वह 'good faith' में नहीं माना जाएगा। यानी केवल ईमानदारी का दावा काफ़ी नहीं; यह दिखाना पड़ता है कि 'due care and attention' बरती गई।

सरकार और व्यक्ति (धारा 2(12) और 2(26))। 'Government' का अर्थ केंद्र सरकार या राज्य सरकार है। 'Person' रोज़मर्रा के अर्थ से व्यापक है: कंपनी, संघ या व्यक्तियों का निकाय भी, चाहे वह निगमित हो या नहीं। इसलिए कंपनी पर भी अपराध के उपबंध लागू हो सकते हैं।

जनता (धारा 2(27))। 'Public' में जनता का कोई भी वर्ग या कोई भी समुदाय आता है। यानी पूरे शहर की जनता होना ज़रूरी नहीं; एक मोहल्ले का समुदाय या किसी व्यवसाय के लोग भी 'public' हैं। इसी शब्द का उपयोग आगे सार्वजनिक उपद्रव (धारा 270) की परिभाषा में आता है।

मूल्यवान प्रतिभूति (धारा 2(31))। यह एक विशेष प्रकार का दस्तावेज़ है जो अधिकार बनाए, बढ़ाए, अंतरित करे, सीमित करे, समाप्त करे या छोड़े, या जिसमें कोई व्यक्ति अपना दायित्व स्वीकार करे। दृष्टांत: विनिमय-पत्र की पीठ पर नाम लिखना (पृष्ठांकन), क्योंकि उसका प्रभाव बिल का अधिकार उसके किसी भी वैध धारक को अंतरित करना है।

लोक सेवक (public servant): धारा 2(28) के ग्यारह वर्णन

खंडकौन लोक सेवक है (हिंदी आशय)पाठ का मुख्य शब्द
(a)सेना, नौसेना या वायुसेना का प्रत्येक कमीशन-प्राप्त अधिकारीcommissioned officer in the Army, Navy or Air Force
(b)प्रत्येक न्यायाधीश, और वह भी जिसे अकेले या निकाय के सदस्य के रूप में न्यायनिर्णयन कार्य की शक्ति हैevery Judge including any person empowered by law to discharge adjudicatory functions
(c)न्यायालय का प्रत्येक अधिकारी (परिसमापक, रिसीवर, कमिश्नर सहित), जिसका कर्तव्य विधि या तथ्य की जाँच या प्रतिवेदन, दस्तावेज़ बनाना, प्रमाणित करना या रखना, संपत्ति का भार लेना या निपटाना, न्यायिक प्रक्रिया निष्पादित करना, शपथ दिलाना, दुभाषिया बनना या न्यायालय में व्यवस्था बनाए रखना है; और न्यायालय द्वारा ऐसे कर्तव्य के लिए विशेष रूप से प्राधिकृत व्यक्तिevery officer of a Court including a liquidator, receiver or commissioner
(d)न्यायालय या किसी लोक सेवक की सहायता करने वाला प्रत्येक निर्धारक (assessor) या पंचायत का सदस्यevery assessor or member of a panchayat assisting a Court or public servant
(e)प्रत्येक मध्यस्थ या वह अन्य व्यक्ति जिसे कोई वाद या मामला न्यायालय या किसी अन्य सक्षम लोक प्राधिकारी ने निर्णय या प्रतिवेदन के लिए सौंपा होevery arbitrator or other person to whom any cause or matter has been referred
(f)वह प्रत्येक व्यक्ति जिसका पद उसे किसी व्यक्ति को परिरोध में रखने की शक्ति देता हैempowered to place or keep any person in confinement
(g)सरकार का वह अधिकारी जिसका कर्तव्य अपराधों को रोकना, अपराधों की सूचना देना, अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाना, या जन स्वास्थ्य, सुरक्षा या सुविधा की रक्षा करना हैofficer of the Government whose duty is to prevent offences ... or to protect the public health, safety or convenience
(h)वह अधिकारी जिसका कर्तव्य सरकार की ओर से संपत्ति लेना, प्राप्त करना, रखना या खर्च करना, सर्वेक्षण, निर्धारण या संविदा करना, राजस्व-प्रक्रिया निष्पादित करना, सरकार के आर्थिक हितों की जाँच या प्रतिवेदन करना, उनसे जुड़े दस्तावेज़ बनाना या रखना, या उनकी रक्षा के लिए कानून के उल्लंघन को रोकना हैofficer who takes, receives, keeps or expends property on behalf of the Government ... pecuniary interests
(i)वह अधिकारी जिसका कर्तव्य किसी गाँव, नगर या ज़िले के किसी धर्मनिरपेक्ष सामान्य प्रयोजन के लिए संपत्ति लेना, रखना या खर्च करना, सर्वेक्षण या निर्धारण करना, कर या शुल्क लगाना, या वहाँ के लोगों के अधिकार तय करने के लिए दस्तावेज़ बनाना या रखना हैfor any secular common purpose of any village, town or district
(j)वह प्रत्येक व्यक्ति जिसका पद उसे मतदाता सूची तैयार करने, प्रकाशित करने, बनाए रखने या संशोधित करने, या चुनाव या चुनाव का कोई भाग कराने की शक्ति देता हैempowered to prepare, publish, maintain or revise an electoral roll or to conduct an election
(k)(i)सरकार की सेवा या वेतन में, या सरकार द्वारा किसी लोक कर्तव्य के पालन के लिए फ़ीस या कमीशन से पारिश्रमिक पाने वाला प्रत्येक व्यक्तिin the service or pay of the Government or remunerated by fees or commission for the performance of any public duty by the Government
(k)(ii)स्थानीय प्राधिकारी (General Clauses Act, 1897 की धारा 3 के खंड (31) के अनुसार), केंद्रीय या राज्य अधिनियम के अंतर्गत स्थापित निगम, या सरकारी कंपनी (Companies Act, 2013 की धारा 2 के खंड (45) के अनुसार) की सेवा या वेतन में प्रत्येक व्यक्तिin the service or pay of a local authority, a corporation established by or under a Central or State Act or a Government company

स्पष्टीकरण (Explanation) के तीन भाग: (a) इन वर्णनों में आने वाले लोग लोक सेवक हैं, चाहे सरकार ने उन्हें नियुक्त किया हो या नहीं; (b) जो व्यक्ति लोक सेवक के पद की वास्तविक स्थिति में है, वह लोक सेवक है, चाहे उसके पद पर होने के अधिकार में कोई कानूनी दोष हो; (c) 'election' का अर्थ किसी विधायी, नगरपालिका या अन्य लोक प्राधिकारी के सदस्य चुनने का चुनाव है, जिसकी चयन-पद्धति किसी लागू कानून के अनुसार है। संहिता का दृष्टांत: नगर निगम का आयुक्त (Municipal Commissioner) लोक सेवक है।

परिभाषाओं की तुलना: जो आपस में गड़बड़ाती हैं

जोड़ीपहला शब्ददूसरा शब्दअंतर की कुंजी
न्यायालय बनाम न्यायाधीशCourt (2(5)): न्यायिक रूप से कार्य करता न्यायाधीश या निकायJudge (2(16)): पदनामित न्यायाधीश और अंतिम निर्णय की शक्ति वाला व्यक्तिCourt में 'acting judicially' की शर्त है; Judge व्यक्ति है, जिसकी पहचान पदनाम या निर्णय की शक्ति से होती है।
दस्तावेज़ बनाम मूल्यवान प्रतिभूतिDocument (2(8)): साक्ष्य के लिए प्रयुक्त होने वाला कोई भी अभिलेखValuable security (2(31)): ऐसा दस्तावेज़ जो विधिक अधिकार बनाता, अंतरित करता, समाप्त करता या दायित्व स्वीकार करता हैहर मूल्यवान प्रतिभूति दस्तावेज़ है, पर हर दस्तावेज़ मूल्यवान प्रतिभूति नहीं: चेक दस्तावेज़ है, पृष्ठांकित विनिमय-पत्र मूल्यवान प्रतिभूति का उदाहरण है।
व्यक्ति बनाम जनताPerson (2(26)): व्यक्ति और कंपनी, संघ या निकायPublic (2(27)): जनता का कोई वर्ग या समुदायPerson इकाई है (एक कंपनी भी); Public समूह है (कोई भी वर्ग)।
बालक बनाम पुरुष और महिलाChild (2(3)): अठारह वर्ष से कम आयु का कोई भी व्यक्तिMan (2(19)) और woman (2(35)): किसी भी आयु का पुरुष या महिला (ये दोनों खंड सूचीबद्ध नहीं हैं)बालक में आयु-सीमा है; 'woman' या 'man' में आयु की सीमा नहीं है, इसलिए अठारह से कम आयु की बालिका बालक भी है और महिला भी।

संहिता की परिभाषाओं का सबसे आसान नक्शा

धारा 2: ग्यारह परिभाषाएँ

आयु और लिंग

  • बालक: 18 वर्ष से कम (2(3))
  • लिंग: पुरुष, महिला या ट्रांसजेंडर (2(10))

न्याय की संस्थाएँ

  • न्यायालय: न्यायिक रूप से कार्य करता न्यायाधीश या निकाय (2(5))
  • न्यायाधीश: पदनामित या अंतिम निर्णय की शक्ति वाला (2(16))

लिखित अभिलेख

  • दस्तावेज़: इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल सहित (2(8))
  • मूल्यवान प्रतिभूति: अधिकार बनाने या अंतरित करने वाला (2(31))

पक्ष और संस्थाएँ

  • सरकार: केंद्र या राज्य (2(12))
  • व्यक्ति: कंपनी या संघ भी (2(26))
  • जनता: कोई भी वर्ग या समुदाय (2(27))

आचरण और पद

  • सद्भावना: उचित सावधानी और ध्यान (2(11))
  • लोक सेवक: ग्यारह वर्णन (a) से (k) (2(28))

किसी धारा का शब्द पढ़ने का क्रम

  1. धारा में विशेष शब्द पहचानें

    जैसे 'public servant', 'child', 'document'

  2. धारा 2 में उसका खंड खोजें

    'unless the context otherwise requires' की शर्त याद रखें

  3. खंड की शर्तें और स्पष्टीकरण पढ़ें

    दृष्टांत (Illustration) से अर्थ पक्का करें

  4. तथ्यों से मिलान करें

    हर शर्त पूरी है या नहीं

  5. निष्कर्ष लिखें

    अंग्रेज़ी शब्द और खंड का क्रमांक साथ लिखें

मुख्य तथ्य

संहिता का नाम
भारतीय न्याय संहिता, 2023 (Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023)
प्रारंभ
1 जुलाई 2024 से (धारा 106 की उप-धारा (2) को छोड़कर)
बालक (धारा 2(3))
अठारह वर्ष से कम आयु का कोई भी व्यक्ति
धारा 2 के खंड
कुल 39 खंड; सिलेबस में सूचीबद्ध ग्यारह: (3), (5), (8), (10), (11), (12), (16), (26), (27), (28), (31)
धारा 2(28)
लोक सेवक के ग्यारह वर्णन, खंड (a) से (k)
धारा 1(5)
भारत के नागरिक, भारत-पंजीकृत जहाज़ या वायुयान पर व्यक्ति, और भारत में स्थित कंप्यूटर संसाधन को निशाना बनाने वाला कोई भी व्यक्ति
IPC की जगह
संहिता भारतीय दंड संहिता, 1860 की जगह आई है; IPC क्रम केवल अध्ययन-सहायक है
अंतिम जाँच
2 अक्तूबर 2026

परीक्षा में आम ग़लतियाँ

याद रखें

  • बालक को 'अठारह वर्ष या उससे कम' लिख देना। धारा 2(3) में 'below the age of eighteen years' है, यानी अठारह वर्ष से कम; ठीक अठारह वर्ष का व्यक्ति इसमें नहीं आता।
  • धारा 2(8) की परिभाषा में 'electronic and digital record' छोड़ देना। BNS-IPC तालिकाओं में इस खंड पर परिवर्तन चिह्नित है और IPC की 'Electronic record' वाली धारा 29A हटाई गई दिखाई गई है।
  • न्यायालय को इमारत या संस्था समझना। संहिता के अनुसार वह न्यायाधीश या निकाय है, और वह भी तभी जब वह न्यायिक रूप से कार्य कर रहा हो (when acting judicially)।
  • सद्भावना को ईमानदारी का दावा समझना। परिभाषा केवल यह बताती है कि बिना उचित सावधानी और ध्यान के किया गया कार्य 'good faith' में नहीं आता।
  • लोक सेवक में केवल सरकारी कर्मचारियों को गिनना। खंड (d) में पंचायत के सदस्य, (e) में मध्यस्थ, (j) में चुनाव कराने वाले और (k)(ii) में निगम और सरकारी कंपनी के सेवक भी हैं, और स्पष्टीकरण के अनुसार नियुक्ति सरकार ने की हो, यह ज़रूरी नहीं।
  • IPC का क्रमांक (जैसे 'IPC 21') मुख्य उत्तर के रूप में लिखना। वर्तमान कानून BNS है; IPC केवल तुलना के लिए ब्रैकेट में लिखें।