POCSO अधिनियम 2012, धारा 7 से 15: लैंगिक हमला, उत्पीड़न और अश्लील प्रयोजन
POCSO अधिनियम 2012 की धारा 7 से 15: लैंगिक हमला और उसका गुरुतर रूप, लैंगिक उत्पीड़न, अश्लील प्रयोजनों के लिए बालक का उपयोग और भंडारण, 2019 के संशोधन के बाद की सज़ाएँ; 2021 का प्रश्न हल सहित।
- लैंगिक हमला
- धारा 9
- लैंगिक उत्पीड़न
- धारा 14 और 15
सिलेबस में
RPSC सिलेबस (09-01-2026), पेपर III, इकाई III, भाग ख (विधि): "Crimes against women and children: ... Protection of Children from Sexual Offences Act, 2012: Sections 1-15." इस पृष्ठ पर धारा 7 से 15 हैं: लैंगिक हमला (धारा 7, 8), गुरुतर लैंगिक हमला (धारा 9, 10), लैंगिक उत्पीड़न (धारा 11, 12) और अश्लील प्रयोजनों के लिए बालक का उपयोग (धारा 13, 14, 15)। पाठ 2019 के संशोधनों सहित है। विषय संवेदनशील है, इसलिए यहाँ केवल अधिनियम का विधिक पाठ और अर्थ है। यह पृष्ठ परीक्षा की तैयारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं है; वास्तविक मामले में अधिकृत विधिक सहायता लें।
इस विषय को क्यों पढ़ें
याद रखें
- इस पृष्ठ की धाराओं से 2021 के पेपर III में 5 अंक का प्रश्न आया: 'लैंगिक हमला' (Sexual assault) क्या है। उत्तर धारा 7 की परिभाषा और धारा 8 के दंड में है; 5 अंक के लिए लगभग 50 शब्द चाहिए।
- धारा 3 से 6 (प्रवेशन) और धारा 7 से 10 (बिना प्रवेशन) की संरचना एक जैसी है: परिभाषा, फिर दंड, फिर गुरुतर रूप, फिर उसका दंड। इस साँचे को एक बार समझ लेने पर सारी सज़ाएँ याद रखना आसान हो जाता है; सीढ़ी-तालिका नीचे है।
- धारा 9 में 2019 में खंड (v) जोड़ा गया और खंड (s) के शब्द बदले गए; धारा 14 और 15 पूरी तरह नए रूप में प्रतिस्थापित हैं। इसलिए इनकी न्यूनतम सज़ा और जुर्माने की राशियाँ परीक्षा में पूछे जाने योग्य तथ्य हैं।
पहले सरल भाषा में
धारा 3 से 6 उन कृत्यों के लिए हैं जिनमें प्रवेशन होता है। धारा 7 से 15 उन अपराधों के लिए हैं जिनमें प्रवेशन नहीं होता, पर बालक की गरिमा और सुरक्षा फिर भी गंभीर रूप से प्रभावित होती है। अधिनियम इन्हें तीन स्तरों में बाँटता है: लैंगिक हमला (शारीरिक संपर्क, पर बिना प्रवेशन), लैंगिक उत्पीड़न (शब्द, संकेत, पीछा करना, धमकी जैसे बिना स्पर्श के कृत्य) और अश्लील प्रयोजनों के लिए बालक का उपयोग।
हर स्तर के साथ एक ही सोच जुड़ी है: पहले अपराध की परिभाषा, फिर उसका दंड। जहाँ आरोपित की स्थिति या परिस्थिति से अपराध अधिक गंभीर हो जाता है (जैसे पुलिस अधिकारी, संस्था का कर्मचारी, बार-बार किया गया कृत्य), वहाँ 'गुरुतर' रूप और ऊँचा दंड है।
एक शब्द पूरे पृष्ठ में बार-बार आता है: 'लैंगिक आशय' (sexual intent)। धारा 7 और धारा 11 दोनों इसी पर टिकी हैं। धारा 11 की व्याख्या में स्पष्ट लिखा है कि 'लैंगिक आशय' का प्रश्न तथ्य का प्रश्न है, यानी हर मामले की परिस्थितियों से तय होता है।
धारा 7: लैंगिक हमला (Sexual assault)
धारा 7 के अनुसार जो कोई लैंगिक आशय (sexual intent) से बालक की योनि, लिंग, गुदा या स्तन को छूता है, या बालक से ऐसे अंग स्वयं का या किसी अन्य व्यक्ति का छुआता है, या लैंगिक आशय से कोई ऐसा अन्य कृत्य करता है जिसमें प्रवेशन के बिना शारीरिक संपर्क (physical contact without penetration) हो, वह लैंगिक हमला करने वाला कहा जाता है।
परिभाषा के तीन आधार हैं। पहला, आशय: कृत्य लैंगिक आशय से होना चाहिए। दूसरा, शारीरिक संपर्क: या तो आरोपित बालक के निर्दिष्ट अंग को छूए, या बालक से निर्दिष्ट अंग छुआए, या कोई अन्य ऐसा कृत्य हो जिसमें संपर्क हो। तीसरा, प्रवेशन का अभाव: प्रवेशन होने पर कृत्य धारा 3 में चला जाता है। यही अंतर इस धारा को धारा 3 से अलग करता है।
धारा 7 के घटक (परीक्षा में याद रखने योग्य)
| घटक | पद (statutory term) | आशय |
|---|---|---|
| आशय | sexual intent | कृत्य लैंगिक आशय से किया गया हो; यह तथ्य का प्रश्न है (धारा 11 की व्याख्या) |
| पहला रूप | touches ... of the child | आरोपित स्वयं बालक के निर्दिष्ट अंग को छूए |
| दूसरा रूप | makes the child touch | आरोपित बालक से अपना या किसी अन्य व्यक्ति का निर्दिष्ट अंग छुआए |
| तीसरा रूप | any other act ... physical contact without penetration | कोई अन्य कृत्य जिसमें शारीरिक संपर्क हो पर प्रवेशन न हो |
| निर्दिष्ट अंग | vagina, penis, anus or breast | धारा 7 में नामित चार अंग |
पाठ: धारा 7, विधि और न्याय विभाग की प्रति (अद्यतन 28-02-2023)।
धारा 8: लैंगिक हमले का दंड
धारा 8 के अनुसार लैंगिक हमले के लिए किसी भी प्रकार का कारावास (imprisonment of either description) दिया जाता है जो तीन वर्ष से कम नहीं होगा पर पाँच वर्ष तक हो सकता है, और जुर्माना भी देना होगा। यानी न्यूनतम तीन वर्ष है, अधिकतम पाँच वर्ष।
यहाँ तीन बातें ध्यान देने की हैं। कारावास 'किसी भी प्रकार' का है, कठोर होना अनिवार्य नहीं; धारा 4 और 6 में 'rigorous' शब्द है। जुर्माना 'देयता' के रूप में है (liable to fine)। और धारा 4(3) या 6(2) जैसी कोई उप-धारा नहीं है जो जुर्माने को पीड़ित को देने की बात कहे; इसलिए यह बात धारा 8 के साथ न जोड़ें।
धारा 9: गुरुतर लैंगिक हमला (Aggravated sexual assault)
धारा 9 में खंड (a) से (v) तक कुल बाईस खंड हैं। इनमें लैंगिक हमला तब गुरुतर माना जाता है जब आरोपित किसी विशेष पद या स्थिति में हो, हमला सामूहिक हो, घातक साधन से हो, गंभीर परिणाम हो, बालक विशेष रूप से असुरक्षित हो, या आरोपित विश्वास की स्थिति में हो। संरचना धारा 5 जैसी है, पर धारा 5 में इक्कीस खंड हैं और धारा 9 में बाईस।
2019 के संशोधन (2019 का अधिनियम 25, 16-08-2019 से) ने धारा 9 में दो बदलाव किए। खंड (s) में 'communal or sectarian violence' की जगह 'communal or sectarian violence or during any natural calamity or in any similar situations' आया। और खंड (v) जोड़ा गया: बालक को शीघ्र लैंगिक परिपक्वता के आशय से कोई औषधि, हार्मोन या रसायन दिलाना या दिलाने के लिए बहकाना, प्रेरित करना या विवश करना।
धारा 9 के बाईस खंड: समूहवार सार
| समूह | खंड | आशय (पाठ का सार) |
|---|---|---|
| पद या स्थिति | (a), (b), (c) | पुलिस अधिकारी (थाने की सीमा, थाना-परिसर, कर्तव्य के दौरान या उसके बाहर, या पहचाने जाने पर); सशस्त्र या सुरक्षा बलों का सदस्य; लोक सेवक |
| संस्थाएँ | (d), (e), (f), (o) | कारागार, remand home, संरक्षण या प्रेक्षण गृह के प्रबंधन या कर्मचारी (वहाँ के निवासी बालक पर); अस्पताल; शैक्षणिक या धार्मिक संस्था; बालक को सेवा देने वाली संस्था के स्वामी, प्रबंधन या कर्मचारी |
| सामूहिक | (g) | gang sexual assault; समान आशय से समूह के एक या अधिक सदस्य कृत्य करें तो हर सदस्य ऐसे उत्तरदायी माना जाएगा मानो कृत्य उसने अकेले किया |
| साधन और परिणाम | (h), (i), (j) | घातक हथियार, आग, गर्म या संक्षारक पदार्थ; घोर उपहति या शारीरिक हानि या जननांगों की चोट; शारीरिक अक्षमता, मानसिक रोग या कामकाज की अक्षमता; HIV या अन्य जानलेवा रोग का संक्रमण |
| बालक की असुरक्षा | (k), (m), (q) | मानसिक या शारीरिक अक्षमता का लाभ; बारह वर्ष से कम आयु; गर्भ की जानकारी होते हुए |
| संबंध और विश्वास | (n), (p) | रक्त, गोद, विवाह, संरक्षकता या पालन-पोषण का संबंध, माता-पिता से घरेलू संबंध, या एक ही या साझी गृहस्थी में रहना; विश्वास या अधिकार की स्थिति |
| दोहराव और पूर्व दोषसिद्धि | (l), (t) | एक से अधिक बार या बार-बार; इस अधिनियम या किसी अन्य कानून के लैंगिक अपराध की पूर्व दोषसिद्धि |
| अन्य गंभीर परिस्थितियाँ | (r), (s), (u), (v) | हमले के साथ हत्या का प्रयास; सांप्रदायिक या पंथीय हिंसा या प्राकृतिक आपदा के दौरान (2019); सार्वजनिक रूप से निर्वस्त्र करना या घुमाना; शीघ्र परिपक्वता के आशय से औषधि या हार्मोन (2019) |
खंडों का समूहन अध्ययन की सुविधा के लिए है; वैधानिक पाठ क्रम (a) से (v) में है।
धारा 10: गुरुतर लैंगिक हमले का दंड
धारा 10 के अनुसार गुरुतर लैंगिक हमले के लिए किसी भी प्रकार का कारावास दिया जाता है जो पाँच वर्ष से कम नहीं होगा पर सात वर्ष तक हो सकता है, और जुर्माना भी देना होगा। धारा 8 की तुलना में न्यूनतम तीन से बढ़कर पाँच वर्ष और अधिकतम पाँच से बढ़कर सात वर्ष है।
धारा 4 और 6 के उलट धारा 8 और 10 की सज़ाएँ 2019 में नहीं बदलीं; इनमें आजीवन कारावास या मृत्यु का विकल्प नहीं है। यह अंतर प्रवेशन और बिना-प्रवेशन के अपराधों के बीच दंड की दूरी दिखाता है।
धारा 11 और 12: लैंगिक उत्पीड़न (Sexual harassment)
धारा 11 में लैंगिक उत्पीड़न वह है जो लैंगिक आशय से किया जाए और छह में से किसी रूप में हो। इसमें शारीरिक स्पर्श अनिवार्य नहीं है। यह बालक के शब्दों, संकेतों, दृश्य सामग्री, पीछा करने या धमकी जैसे कृत्यों को पकड़ता है, जिनमें आज के डिजिटल माध्यम भी शामिल हैं।
धारा 12 के अनुसार दंड किसी भी प्रकार का कारावास है जो तीन वर्ष तक हो सकता है, और जुर्माना भी देना होगा। यहाँ केवल अधिकतम सीमा (तीन वर्ष) दी गई है; न्यूनतम सज़ा निर्धारित नहीं है। यह धारा 8 से अलग है, जहाँ न्यूनतम तीन वर्ष है।
धारा 11 के छह रूप
| खंड | कृत्य (statutory term) | आशय |
|---|---|---|
| (i) | utters any word or makes any sound, gesture, exhibits any object or part of body | शब्द, ध्वनि, संकेत या वस्तु या शरीर का अंग इस इरादे से प्रदर्शित करना कि बालक सुने या देखे |
| (ii) | makes a child exhibit his body | बालक से अपना शरीर या उसका कोई भाग इस प्रकार प्रदर्शित कराना कि वह उस व्यक्ति या किसी अन्य को दिखे |
| (iii) | shows any object ... for pornographic purposes | किसी भी रूप या माध्यम में अश्लील प्रयोजन से वस्तु दिखाना |
| (iv) | repeatedly or constantly follows or watches or contacts | बार-बार या लगातार पीछा करना, निगरानी रखना या संपर्क करना, सीधे या इलेक्ट्रॉनिक या डिजिटल माध्यम से |
| (v) | threatens to use ... a real or fabricated depiction | बालक के शरीर या लैंगिक कृत्य में उसकी संलिप्तता के वास्तविक या गढ़े गए चित्रण को किसी माध्यम में प्रयोग करने की धमकी |
| (vi) | entices a child for pornographic purposes or gives gratification therefor | अश्लील प्रयोजन के लिए बालक को लुभाना या उसके लिए प्रलोभन देना |
व्याख्या: 'sexual intent' से जुड़ा कोई भी प्रश्न तथ्य का प्रश्न है।
अध्याय III, धारा 13 से 15: अश्लील प्रयोजनों के लिए बालक का उपयोग
धारा 13 के अनुसार जो कोई यौन संतुष्टि के प्रयोजन से किसी भी माध्यम में (टेलीविज़न, इंटरनेट, किसी भी इलेक्ट्रॉनिक या मुद्रित रूप में, चाहे निजी उपयोग के लिए हो या वितरण के लिए) बालक का उपयोग करता है, वह अश्लील प्रयोजनों के लिए बालक का उपयोग करने का अपराधी है। इसमें तीन रूप शामिल हैं: बालक के यौन अंगों का प्रस्तुतीकरण, बालक का वास्तविक या दिखावटी लैंगिक कृत्यों में उपयोग (प्रवेशन सहित या रहित), और बालक का अशिष्ट या अश्लील प्रस्तुतीकरण।
धारा 13 की व्याख्या के अनुसार 'बालक का उपयोग' में अश्लील सामग्री की तैयारी, निर्माण, प्रस्तुति, प्रेषण, प्रकाशन, सुविधा-प्रदान और वितरण के लिए मुद्रित, इलेक्ट्रॉनिक, कंप्यूटर या किसी अन्य तकनीक के माध्यम से बालक को सम्मिलित करना भी आता है।
धारा 14 (2019 में प्रतिस्थापित): उप-धारा (1) के अनुसार अश्लील प्रयोजनों के लिए बालक या बालकों का उपयोग करने पर न्यूनतम पाँच वर्ष का कारावास और जुर्माना; दूसरी या बाद की दोषसिद्धि पर न्यूनतम सात वर्ष का कारावास और जुर्माना। उप-धारा (2) के अनुसार यदि उपयोगकर्ता ऐसे अश्लील कृत्यों में सीधे भाग लेकर धारा 3, 5, 7 या 9 का अपराध करता है तो उसे धारा 14(1) की सज़ा के अतिरिक्त क्रमशः धारा 4, 6, 8 और 10 की सज़ा भी मिलेगी।
धारा 15 (2019 में प्रतिस्थापित) बालक से संबंधित अश्लील सामग्री के भंडारण या कब्ज़े के लिए तीन स्तर बनाती है। नीचे की तालिका में तीनों स्तर हैं।
धारा 15: भंडारण या कब्ज़े के तीन स्तर
| उप-धारा | स्थिति | दंड |
|---|---|---|
| 15(1) | सामग्री रखी है पर निर्धारित प्राधिकारी को सूचना देने या उसे मिटाने या नष्ट करने में विफल, और साझा या प्रेषित करने का आशय है | जुर्माना पाँच हज़ार रुपये से कम नहीं; दूसरी या बाद की बार दस हज़ार रुपये से कम नहीं |
| 15(2) | प्रेषण, प्रचार, प्रदर्शन या वितरण के लिए रखा है (रिपोर्ट करने या न्यायालय में साक्ष्य के प्रयोजन को छोड़कर) | किसी भी प्रकार का कारावास जो तीन वर्ष तक हो सकता है, या जुर्माना, या दोनों |
| 15(3) | वाणिज्यिक प्रयोजन के लिए रखा है | प्रथम दोषसिद्धि पर तीन वर्ष से कम नहीं, पाँच वर्ष तक कारावास, या जुर्माना, या दोनों; दूसरी या बाद की दोषसिद्धि पर पाँच वर्ष से कम नहीं, सात वर्ष तक कारावास, और जुर्माना |
पाठ: धारा 15, 2019 के संशोधन से प्रतिस्थापित रूप। 'designated authority' और रिपोर्ट करने की विधि 'as may be prescribed' है, यानी नियमों से तय।
सीढ़ी-तालिका: धारा 3 से 15 की सज़ाएँ एक नज़र में
| अपराध | परिभाषा-धारा | दंड-धारा | दंड (वर्तमान पाठ) |
|---|---|---|---|
| प्रवेशन लैंगिक हमला | 3 | 4 | न्यूनतम 10 वर्ष, आजीवन कारावास तक; 16 वर्ष से कम पर न्यूनतम 20 वर्ष |
| गुरुतर प्रवेशन लैंगिक हमला | 5 | 6 | न्यूनतम 20 वर्ष, आजीवन कारावास (शेष प्राकृतिक जीवन), या मृत्यु |
| लैंगिक हमला | 7 | 8 | 3 से 5 वर्ष और जुर्माना |
| गुरुतर लैंगिक हमला | 9 | 10 | 5 से 7 वर्ष और जुर्माना |
| लैंगिक उत्पीड़न | 11 | 12 | अधिकतम 3 वर्ष और जुर्माना |
| अश्लील प्रयोजन के लिए उपयोग | 13 | 14 | न्यूनतम 5 वर्ष (दोहराव पर 7 वर्ष) और जुर्माना |
| भंडारण या कब्ज़ा | — | 15 | जुर्माना, या अधिकतम 3 वर्ष, या 3 से 5 वर्ष, दोहराव पर 5 से 7 वर्ष (उप-धारा के अनुसार) |
धारा 4 और 6 का विस्तार पिछले पृष्ठ पर है।
धारा 7 से 15: कृत्य से धारा तक
प्रवेशन है?
हाँ तो धारा 3 से 6; नहीं तो आगे
लैंगिक आशय से शारीरिक संपर्क?
हाँ: धारा 7; गुरुतर परिस्थिति हो तो धारा 9
दंड
धारा 8: 3 से 5 वर्ष; धारा 10: 5 से 7 वर्ष
संपर्क नहीं, पर शब्द, संकेत, पीछा, धमकी?
लैंगिक उत्पीड़न: धारा 11, दंड धारा 12 (अधिकतम 3 वर्ष)
अश्लील सामग्री से संबंध?
उपयोग: धारा 13 और 14; भंडारण: धारा 15
अध्याय II और III की रचना
POCSO धारा 7 से 15
लैंगिक हमला
- धारा 7 परिभाषा
- धारा 8: 3 से 5 वर्ष
गुरुतर लैंगिक हमला
- धारा 9: खंड (a) से (v)
- धारा 10: 5 से 7 वर्ष
लैंगिक उत्पीड़न
- धारा 11: छह रूप
- धारा 12: अधिकतम 3 वर्ष
अश्लील प्रयोजन
- धारा 13 परिभाषा
- धारा 14 उपयोग का दंड
- धारा 15 भंडारण का दंड
सहायता कहाँ मिलती है
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय अपने पोर्टल पर बाल हेल्पलाइन (Child Helpline) 1098 सूचीबद्ध करता है; PIB के अनुसार महिला हेल्पलाइन 181 को Childline 1098 और आपात-सेवा ERSS 112 से जोड़ा जा रहा है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) का POCSO e-Box बालकों से जुड़े यौन शोषण के मामलों की ऑनलाइन शिकायत-प्रणाली है। यह जानकारी केवल जागरूकता के लिए है; संकट की स्थिति में स्थानीय पुलिस या अधिकृत सेवा से तुरंत संपर्क करें।
मुख्य तथ्य
- धारा 7
- लैंगिक आशय से निर्दिष्ट अंगों का स्पर्श या प्रवेशन के बिना शारीरिक संपर्क वाला कोई अन्य कृत्य
- धारा 8
- तीन से पाँच वर्ष (किसी भी प्रकार का कारावास) और जुर्माना
- धारा 9
- खंड (a) से (v); (v) 2019 में जोड़ा गया; (s) के शब्द 2019 में बदले
- धारा 10
- पाँच से सात वर्ष (किसी भी प्रकार का कारावास) और जुर्माना
- धारा 11
- लैंगिक उत्पीड़न: छह खंड (i) से (vi); 'लैंगिक आशय' तथ्य का प्रश्न
- धारा 12
- अधिकतम तीन वर्ष और जुर्माना
- धारा 13
- अश्लील प्रयोजनों के लिए बालक का उपयोग; खंड (a), (b), (c) और व्याख्या
- धारा 14
- 2019 से प्रतिस्थापित: न्यूनतम 5 वर्ष, दोहराव पर 7 वर्ष; सीधी भागीदारी पर धारा 4, 6, 8, 10 की सज़ा भी
- धारा 15
- 2019 से प्रतिस्थापित: (1) जुर्माना 5,000 से कम नहीं (दोहराव पर 10,000); (2) अधिकतम 3 वर्ष या जुर्माना या दोनों; (3) 3 से 5 वर्ष (दोहराव पर 5 से 7)
- 2019 का संशोधन
- 2019 का अधिनियम 25; 16-08-2019 से प्रभावी (PIB: अधिसूचित 06.08.2019)
- 2019 के संशोधन का सार
- PRS विधेयक-सार में धारा 9, 14 और 15 के बदलावों का उल्लेख
- पाठ का स्रोत
- विधि और न्याय विभाग की प्रति, अद्यतन 28-02-2023, संशोधनों सहित
- अंतिम जाँच
- 2 अक्तूबर 2026
परीक्षा में आम ग़लतियाँ
याद रखें
- लैंगिक हमले (धारा 7) में प्रवेशन का उल्लेख कर देना। धारा 7 में प्रवेशन के बिना शारीरिक संपर्क है; प्रवेशन होने पर धारा 3 लगती है।
- धारा 8 की सज़ा तीन से सात वर्ष लिख देना। धारा 8 में तीन से पाँच वर्ष है और सात वर्ष तक की सीमा धारा 10 (गुरुतर) की है।
- लैंगिक उत्पीड़न (धारा 12) में न्यूनतम सज़ा बताना। धारा 12 में केवल अधिकतम तीन वर्ष की सीमा है।
- धारा 9 में इक्कीस खंड लिखना। धारा 9 में (a) से (v) तक बाईस खंड हैं; इक्कीस खंड धारा 5 में हैं।
- धारा 14 और 15 को एक ही समझना। धारा 14 बालक का उपयोग करने वाले के लिए है, धारा 15 सामग्री रखने वाले के लिए।
- धारा 14 और 15 के पुराने रूप को वर्तमान बताना। दोनों धाराएँ 2019 में प्रतिस्थापित हैं; उत्तर में वर्तमान पाठ लिखें।
- पीड़ित का नाम, पहचान या घटना-विवरण उत्तर में लिख देना। उत्तर में केवल विधिक सिद्धांत और धारा लिखें।
कार्य-उदाहरण (कल्पित): धारा 7, 8, 11 और 12 का अंतर
हल सहित उदाहरणस्पर्श है या नहीं, और आशय क्या है
दिया है
- यह उदाहरण समझाने के लिए गढ़ा गया है; इसमें कोई घटना-विवरण नहीं है, केवल विधिक वर्गीकरण है। परिस्थिति: दो कल्पित मामलों में आरोप है कि लैंगिक आशय से कृत्य हुए। एक में शारीरिक संपर्क का आरोप है पर प्रवेशन का नहीं; दूसरे में केवल बार-बार संदेश भेजकर संपर्क करने का आरोप है।
- 1चरण 1: आशय दोनों में लैंगिक आशय देखना होगा। यह तथ्य का प्रश्न है (धारा 11 की व्याख्या)।
- 2चरण 2: पहला मामला शारीरिक संपर्क है, प्रवेशन नहीं: यह धारा 7 की श्रेणी है। यदि कोई गुरुतर परिस्थिति न हो तो दंड धारा 8: तीन से पाँच वर्ष और जुर्माना।
- 3चरण 3: दूसरा मामला स्पर्श नहीं है; बार-बार इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से संपर्क धारा 11(iv) की श्रेणी है। दंड धारा 12: अधिकतम तीन वर्ष और जुर्माना।
निष्कर्ष: स्पर्श और प्रवेशन का अभाव धारा 7 से 10 का क्षेत्र है; स्पर्श का भी अभाव हो तो धारा 11 और 12। यदि पहले मामले में आरोपित बालक के संस्थान का कर्मचारी होता तो धारा 9(f) और दंड धारा 10 लगता (पाँच से सात वर्ष)।
केस स्टडी (कल्पित): अश्लील सामग्री से जुड़ी तीन स्थितियाँ
उदाहरण (काल्पनिक)धारा 13, 14 और 15 की तुलना
यह केस समझाने के लिए गढ़ा गया है; इसमें कोई वास्तविक पात्र या घटना-विवरण नहीं है। मान लें तीन कल्पित स्थितियाँ हैं जो बालक से संबंधित अश्लील सामग्री से जुड़ी हैं और परीक्षा में दंड-धाराओं की पहचान पूछी गई है।
- स्थिति क: किसी व्यक्ति ने बालक का उपयोग सामग्री बनाने में किया
- यह धारा 13 की श्रेणी है और दंड धारा 14(1): न्यूनतम पाँच वर्ष और जुर्माना; दोहराव पर न्यूनतम सात वर्ष।
- स्थिति ख: उसी व्यक्ति ने उन कृत्यों में सीधे भाग लेकर धारा 3, 5, 7 या 9 का अपराध भी किया
- धारा 14(2) के अनुसार उसे धारा 14(1) के साथ क्रमशः धारा 4, 6, 8 या 10 की सज़ा भी मिलेगी (दोनों जुड़ेंगी)।
- स्थिति ग: किसी के पास सामग्री मिली, पर उसने उसे मिटाया या रिपोर्ट नहीं किया और साझा करने का आशय पाया गया
- यह धारा 15(1) की श्रेणी है: जुर्माना कम से कम पाँच हज़ार रुपये, दोहराव पर कम से कम दस हज़ार रुपये। यदि प्रेषण, प्रचार या वितरण के लिए रखी हो तो 15(2); वाणिज्यिक प्रयोजन हो तो 15(3)।
सीख
धारा 14 उपयोग करने वाले के लिए है और धारा 15 रखने वाले के लिए; 15(1) में केवल जुर्माना है, 15(2) में कारावास या जुर्माना, 15(3) में आशय के अनुसार सबसे कड़ी सज़ा।
पिछले वर्षों के प्रश्न (हल सहित)
2021RAS मुख्य परीक्षापेपर III5 अंक
लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 में उल्लिखित 'लैंगिक हमला' पद का वर्णन कीजिए।
आदर्श उत्तर
लैंगिक आशय से बालक के योनि, लिंग, गुदा या स्तन को छूना, बालक से ऐसे अंग छुआना, या प्रवेशन के बिना शारीरिक संपर्क वाला कोई अन्य कृत्य करना लैंगिक हमला है (धारा 7)। दंड: तीन से पाँच वर्ष का कारावास और जुर्माना (धारा 8)। गुरुतर परिस्थिति में धारा 9 और 10।
अभ्यास प्रश्न (अपने)
अभ्यास प्रश्नलगभग 15 शब्द
POCSO अधिनियम की धारा 8 में लैंगिक हमले का दंड क्या है?
आदर्श उत्तर
तीन वर्ष से कम नहीं, पाँच वर्ष तक कारावास (किसी भी प्रकार का) और जुर्माना (धारा 8)।
अभ्यास प्रश्नलगभग 15 शब्द
लैंगिक उत्पीड़न (धारा 11) में 'लैंगिक आशय' का प्रश्न किस प्रकार का है?
आदर्श उत्तर
धारा 11 की व्याख्या के अनुसार 'लैंगिक आशय' से जुड़ा कोई भी प्रश्न तथ्य का प्रश्न है।
अभ्यास प्रश्नलगभग 50 शब्द
धारा 9 में 2019 के संशोधन से क्या जोड़ा या बदला गया? संक्षेप में बताइए।
आदर्श उत्तर
2019 के संशोधन से धारा 9 में खंड (v) जोड़ा गया: बालक को शीघ्र लैंगिक परिपक्वता के आशय से औषधि, हार्मोन या रसायन दिलाना या दिलाने के लिए बहकाना या विवश करना। खंड (s) में सांप्रदायिक या पंथीय हिंसा के साथ प्राकृतिक आपदा या ऐसी ही परिस्थितियाँ भी जोड़ी गईं।
अभ्यास प्रश्नलगभग 50 शब्द
लैंगिक उत्पीड़न (धारा 11) के कोई चार रूप बताइए।
आदर्श उत्तर
लैंगिक आशय से शब्द, संकेत या वस्तु का इस इरादे से प्रदर्शन कि बालक सुने या देखे; बालक से शरीर का प्रदर्शन कराना; अश्लील प्रयोजन से वस्तु दिखाना; और बार-बार पीछा करना या संपर्क करना, सीधे या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से, धारा 11 के अनुसार लैंगिक उत्पीड़न है। दंड धारा 12: अधिकतम तीन वर्ष और जुर्माना।
अभ्यास प्रश्नलगभग 100 शब्द
धारा 13, 14 और 15 के आधार पर अश्लील प्रयोजनों से जुड़े अपराध और उनके दंड की व्याख्या कीजिए।
आदर्श उत्तर
धारा 13 के अनुसार यौन संतुष्टि के प्रयोजन से किसी भी माध्यम में बालक का उपयोग अश्लील प्रयोजनों के लिए उपयोग का अपराध है, जिसमें प्रस्तुति, निर्माण, प्रेषण और वितरण शामिल हैं। धारा 14 में न्यूनतम पाँच वर्ष और जुर्माना है, दोहराव पर न्यूनतम सात वर्ष; सीधी भागीदारी पर धारा 4, 6, 8 या 10 की सज़ा भी मिलती है। धारा 15 भंडारण के लिए तीन स्तर बनाती है: केवल जुर्माना, तीन वर्ष तक कारावास या जुर्माना, तथा वाणिज्यिक प्रयोजन पर तीन से पाँच वर्ष, दोहराव पर पाँच से सात वर्ष।
अभ्यास प्रश्नलगभग 100 शब्द
धारा 3 से 6 और धारा 7 से 10 की दंड-व्यवस्था की तुलना कीजिए।
आदर्श उत्तर
धारा 3 से 6 प्रवेशन वाले अपराधों के लिए हैं और धारा 7 से 10 प्रवेशन के बिना शारीरिक संपर्क वाले अपराधों के लिए। धारा 4 में न्यूनतम दस वर्ष और आजीवन कारावास तक की सज़ा है, सोलह वर्ष से कम पर न्यूनतम बीस वर्ष। धारा 6 में न्यूनतम बीस वर्ष, आजीवन कारावास या मृत्यु। इसके विपरीत धारा 8 में तीन से पाँच वर्ष और धारा 10 में पाँच से सात वर्ष है। दोनों में गुरुतर रूप की सज़ा अधिक है। इस प्रकार प्रवेशन के अभाव में भी अपराध की गंभीरता के अनुसार दंड स्तरित रहता है।
उत्तर कैसे लिखें (5 अंक, 50 शब्द)
भूमिका
प्रश्न का नमूना: "POCSO अधिनियम, 2012 के अंतर्गत लैंगिक हमला क्या है?" पहली पंक्ति में धारा 7 और 'लैंगिक आशय' लिखें। (2 अंक में परिभाषा एक पंक्ति में; 10 अंक में धारा 7 से 10 और उत्तर में तुलना-तालिका।)
मुख्य भाग
- परिभाषा: धारा 7, लैंगिक आशय, निर्दिष्ट अंगों का स्पर्श या अन्य कृत्य, प्रवेशन के बिना शारीरिक संपर्क
- दंड: धारा 8, तीन से पाँच वर्ष और जुर्माना
- गुरुतर रूप: धारा 9 (खंड (a) से (v)) और धारा 10 (पाँच से सात वर्ष)
निष्कर्ष
निष्कर्ष: प्रवेशन, संपर्क और बिना-संपर्क की स्तरित व्यवस्था बालक की सुरक्षा के हर स्तर को पकड़ती है।
अतिरिक्त मूल्य
- 2019 का संशोधन (16-08-2019 से प्रभावी)
- धारा 11 की व्याख्या: लैंगिक आशय तथ्य का प्रश्न
- उत्तर में पीड़ित का कोई विवरण न दें
त्वरित पुनरावृत्ति
- धारा 7: लैंगिक हमला, लैंगिक आशय, निर्दिष्ट अंगों का स्पर्श या प्रवेशन के बिना संपर्क; धारा 8: 3 से 5 वर्ष और जुर्माना
- धारा 9: गुरुतर लैंगिक हमला, खंड (a) से (v); (v) 2019 में जोड़ा; धारा 10: 5 से 7 वर्ष और जुर्माना
- धारा 11: लैंगिक उत्पीड़न, छह खंड; आशय तथ्य का प्रश्न; धारा 12: अधिकतम 3 वर्ष और जुर्माना
- धारा 13: अश्लील प्रयोजनों के लिए बालक का उपयोग; खंड (a), (b), (c) और व्याख्या
- धारा 14 (2019): न्यूनतम 5 वर्ष, दोहराव पर 7 वर्ष; सीधी भागीदारी पर धारा 4, 6, 8, 10 की सज़ा भी
- धारा 15 (2019): (1) जुर्माना 5,000 से कम नहीं (दोहराव पर 10,000); (2) अधिकतम 3 वर्ष या जुर्माना; (3) वाणिज्यिक: 3 से 5 वर्ष, दोहराव पर 5 से 7
याद रखने योग्य शब्द
- sexual assault
- sexual harassment
- sexual intent
- धारा 7
- धारा 9
- धारा 14
- धारा 15