कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम, 2013: धारा 5 से 9
शिकायत का रास्ता: ज़िला अधिकारी, स्थानीय समिति की संरचना, धन का प्रवाह और धारा 9 की समय-सीमा।
- धारा 5 से 9
- स्थानीय समिति
- ज़िला अधिकारी
- शिकायत की समय-सीमा
सिलेबस में
RPSC सिलेबस (09-01-2026), पेपर III, इकाई III, भाग ख (Law, section-exact): महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 की धारा 1 से 9 और 11 से 20। इस पृष्ठ में धारा 5 से 9 है। धारा 10 सिलेबस में नहीं है, इसलिए उसका केवल एक पंक्ति का उल्लेख है।
इस विषय को क्यों पढ़ें
याद रखें
- 2013 से 2024 के उपलब्ध पेपरों में धारा 5 से 9 पर सीधा प्रश्न नहीं मिलता। इस अधिनियम से अब तक एक ही प्रश्न आया है और वह धारा 2(n) की परिभाषा पर है (पहले पृष्ठ पर हल सहित)।
- परिभाषा-प्रधान Law प्रश्नों में 'स्थानीय समिति कब बनती है', 'शिकायत की समय-सीमा क्या है' जैसे तथ्य सबसे सुरक्षित अंक देते हैं, क्योंकि इनमें संख्या और शर्त स्पष्ट है।
- यह पृष्ठ एक सवाल का जवाब देता है: शिकायत किसके पास, कितने समय में और किस रास्ते से जाएगी। अगला पृष्ठ (धारा 11 से 20) बताता है कि शिकायत के बाद क्या होता है।
आगे का ढाँचा: दो रास्ते, एक नियम
धारा 4 में आपने पढ़ा कि जहाँ नियोक्ता है, वहाँ आंतरिक समिति (Internal Committee) बनती है। लेकिन हर महिला किसी ऐसे संगठन में काम नहीं करती जिसमें समिति हो। घरों में काम करने वाली, छोटी दुकान की कर्मचारी, या किसी ऐसे मालिक के यहाँ नौकरी करने वाली जिसकी शिकायत ख़ुद मालिक के विरुद्ध है, इन सबके लिए शिकायत का रास्ता चाहिए। अधिनियम का अध्याय III यही रास्ता बनाता है और इसकी धाराएँ 5 से 8 हैं। धारा 9 अध्याय IV में है और बताती है कि शिकायत कैसे और कब की जाए।
पूरे ढाँचे को एक सरल चित्र से समझें। कार्यस्थल पर समिति है तो शिकायत आंतरिक समिति में जाती है। समिति नहीं है, यानी दस से कम कामगार हैं, या आरोप नियोक्ता पर ही है, तो शिकायत ज़िले की स्थानीय समिति (Local Committee) में जाती है। दोनों के लिए शिकायत की समय-सीमा एक ही है, पर समितियाँ बनाने वाले अधिकारी अलग हैं: आंतरिक समिति नियोक्ता बनाता है और स्थानीय समिति ज़िला अधिकारी।
धारा 5: ज़िला अधिकारी (District Officer) की अधिसूचना
धारा 5 एक छोटी लेकिन आधारभूत धारा है। इसके अनुसार उपयुक्त सरकार (appropriate Government) हर ज़िले के लिए ज़िला मजिस्ट्रेट (District Magistrate), अतिरिक्त ज़िला मजिस्ट्रेट (Additional District Magistrate), कलेक्टर (Collector) या उप-कलेक्टर (Deputy Collector) को 'ज़िला अधिकारी' (District Officer) के रूप में अधिसूचित कर सकती है। यह अधिकारी इस अधिनियम के अधीन शक्तियों का प्रयोग और कार्यों का निर्वहन करता है।
यहाँ दो बातों पर ध्यान दें। पहली, धारा 5 में 'may notify' लिखा है, अर्थात सरकार को अधिसूचना जारी करने की शक्ति है, और अधिसूचना किसी नाम से नहीं बल्कि पद से होती है। दूसरी, चार पद गिनाए गए हैं: ज़िला मजिस्ट्रेट, अतिरिक्त ज़िला मजिस्ट्रेट, कलेक्टर और उप-कलेक्टर। परीक्षा में 'ज़िला अधिकारी' की जगह 'पुलिस अधीक्षक' या 'मुख्य कार्यकारी अधिकारी' जैसा भटकाने वाला विकल्प दिया जा सकता है; वे इस सूची में नहीं हैं।
ज़िला अधिकारी की भूमिका आगे की धाराओं में बँटी है: वह स्थानीय समिति बनाता है (धारा 6), सदस्य नामित करता है (धारा 7), नोडल अधिकारी तय करता है (धारा 6(2)), समिति की सिफ़ारिश पर कार्रवाई करता है (धारा 13) और उसके कर्तव्य धारा 20 में हैं, जो अगले पृष्ठ पर हैं।
धारा 6: स्थानीय समिति (Local Committee) का गठन और अधिकार-क्षेत्र
धारा 6(1) के अनुसार हर ज़िला अधिकारी अपने ज़िले में एक समिति गठित करेगा, जिसे 'Local Committee' कहा जाता है। यह समिति उन प्रतिष्ठानों से लैंगिक उत्पीड़न की शिकायतें प्राप्त करेगी जहाँ आंतरिक समिति गठित नहीं हुई है क्योंकि वहाँ दस से कम कामगार (less than ten workers) हैं, या जहाँ शिकायत नियोक्ता के विरुद्ध ही है। इस प्रकार स्थानीय समिति के पास जाने की दो अलग शर्तें हैं और इनमें 'या' लिखा है, 'और' नहीं: दस से कम कामगार, अथवा शिकायत स्वयं नियोक्ता के विरुद्ध।
धारा 6(2) में पहुँच की व्यवस्था है। ज़िला अधिकारी ग्रामीण या जनजातीय क्षेत्र में हर खंड (block), तालुका और तहसील में, और शहरी क्षेत्र में हर वार्ड या नगरपालिका में एक नोडल अधिकारी (nodal officer) नामित करेगा। वह शिकायत प्राप्त करके सात दिन के भीतर संबंधित स्थानीय समिति को भेजेगा। यानी महिला को ज़िला मुख्यालय तक जाना आवश्यक नहीं है; वह अपने खंड, तालुका, तहसील, वार्ड या नगरपालिका के नोडल अधिकारी को शिकायत दे सकती है।
धारा 6(3) अधिकार-क्षेत्र बताती है: स्थानीय समिति का अधिकार-क्षेत्र उस ज़िले के क्षेत्रों तक फैला है जहाँ वह गठित है। अधिकार-क्षेत्र की सीमा ज़िला है, यह इतना ही सीधा नियम है।
नाम पर एक सावधानी: अधिनियम के मूल पाठ में 'Local Complaints Committee' शब्द था और धारा 4 में 'Internal Complaints Committee'। पाठ का वर्तमान रूप 'Local Committee' और 'Internal Committee' कहता है। परीक्षा में दोनों नाम पहचानें, पर उत्तर में वर्तमान नाम लिखना सुरक्षित है।
किसकी शिकायत कहाँ जाएगी: आंतरिक समिति या स्थानीय समिति
| स्थिति (कल्पित) | समिति | आधार |
|---|---|---|
| बैंक की शाखा में 40 कर्मचारी हैं; एक सहकर्मी के विरुद्ध शिकायत | आंतरिक समिति (धारा 4) | संगठन में समिति गठित है; धारा 9(1) |
| एक छोटी दुकान में 6 कामगार हैं; किसी सहकर्मी के विरुद्ध शिकायत | स्थानीय समिति | दस से कम कामगार, धारा 6(1) |
| बड़े संगठन में शिकायत स्वयं नियोक्ता के विरुद्ध है | स्थानीय समिति | 'complaint is against the employer himself', धारा 6(1) |
| घर में काम करने वाली महिला की शिकायत | स्थानीय समिति (नोडल अधिकारी के माध्यम से) | आंतरिक समिति गठित नहीं; धारा 6 (घरेलू कामगार के लिए धारा 11 का रास्ता अगले पृष्ठ पर) |
| ग्रामीण क्षेत्र की महिला जो ज़िला मुख्यालय तक नहीं जा सकती | नोडल अधिकारी को शिकायत; वह सात दिन में स्थानीय समिति को भेजेगा | धारा 6(2) |
कल्पित उदाहरण समझाने के लिए हैं; शर्तें धारा 6(1) और 6(2) के पाठ से हैं।
धारा 7: स्थानीय समिति की संरचना, कार्यकाल और शर्तें
धारा 7(1) के अनुसार स्थानीय समिति के सदस्य ज़िला अधिकारी नामित करता है। संरचना चार हिस्सों में है। (क) अध्यक्ष (Chairperson), जो समाज सेवा के क्षेत्र की प्रतिष्ठित महिलाओं में से नामित हो और महिलाओं के हित के प्रति प्रतिबद्ध हो। (ख) एक सदस्य, जो ज़िले के खंड, तालुका, तहसील, वार्ड या नगरपालिका में कार्यरत महिलाओं में से नामित हो। (ग) दो सदस्य, जिनमें से कम से कम एक महिला हो, उन गैर-सरकारी संगठनों या संघों से, जो महिलाओं के हित के प्रति प्रतिबद्ध हैं, या ऐसे व्यक्ति से जो लैंगिक उत्पीड़न के मुद्दों से परिचित हो। (घ) समाज कल्याण या महिला एवं बाल विकास से संबंधित ज़िले का अधिकारी, पदेन सदस्य (member ex officio)।
खंड (ग) के दो परंतुक परीक्षा के लिहाज़ से अहम हैं। पहला परंतुक कहता है कि नामित व्यक्तियों में से कम से कम एक की पृष्ठभूमि विधि या विधिक ज्ञान की हो, और वहाँ शब्द 'preferably' है, यानी यह वरीयता है, अनिवार्यता नहीं। दूसरा परंतुक कहता है कि कम से कम एक नामित व्यक्ति अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग या केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदाय की महिला होगी, और यहाँ 'shall' है। दोनों परंतुकों का फ़र्क़ याद रखना चाहिए: विधि की पृष्ठभूमि वरीयता है, वंचित वर्ग की महिला अनिवार्यता।
कार्यकाल धारा 7(2) में है: अध्यक्ष और हर सदस्य उतनी अवधि के लिए पद धारण करेंगे जो ज़िला अधिकारी निर्दिष्ट करे, पर नियुक्ति की तिथि से तीन वर्ष से अधिक नहीं। धारा 7(3) में हटाने के चार आधार हैं, जो वही हैं जो धारा 4(5) में आंतरिक समिति के लिए हैं: धारा 16 (गोपनीयता) का उल्लंघन; किसी अपराध में दोषसिद्धि या किसी अपराध की जाँच का लंबित होना; अनुशासनिक कार्यवाही में दोषी पाया जाना या ऐसी कार्यवाही लंबित होना; और पद का ऐसा दुरुपयोग जिससे उसका पद पर बने रहना लोकहित के प्रतिकूल हो। हटाने पर रिक्ति नए नामांकन से भरी जाती है।
धारा 7(4) शुल्क के बारे में है: अध्यक्ष और सदस्य, खंड (ख) और (घ) के सदस्यों को छोड़कर, कार्यवाही के लिए ऐसे शुल्क या भत्ते पाने के हक़दार हैं जो विहित किए जाएँ। खंड (ख) की स्थानीय महिला सदस्य और खंड (घ) का पदेन अधिकारी शुल्क के हक़दार नहीं हैं। विहित राशि अधिनियम में नहीं लिखी; उसके लिए 'देखें: आधिकारिक अधिनियम पाठ और नियम'।
स्थानीय समिति की संरचना: धारा 7(1)
| खंड | सदस्य (अंग्रेज़ी शब्द) | कौन नामित होता है | शर्त |
|---|---|---|---|
| (क) | अध्यक्ष (Chairperson) | समाज सेवा के क्षेत्र की प्रतिष्ठित महिलाओं में से | महिलाओं के हित के प्रति प्रतिबद्ध |
| (ख) | एक सदस्य | ज़िले के खंड, तालुका, तहसील, वार्ड या नगरपालिका में कार्यरत महिलाओं में से | महिला; शुल्क का हक़ नहीं (7(4)) |
| (ग) | दो सदस्य | गैर-सरकारी संगठन या संघ, या लैंगिक उत्पीड़न के मुद्दों से परिचित व्यक्ति | कम से कम एक महिला; परंतुक: विधि की पृष्ठभूमि वरीयता से, और कम से कम एक SC/ST/OBC/अधिसूचित अल्पसंख्यक महिला |
| (घ) | पदेन सदस्य (member ex officio) | समाज कल्याण या महिला एवं बाल विकास से संबंधित ज़िले का अधिकारी | पदेन; शुल्क का हक़ नहीं (7(4)) |
कुल सदस्य: अध्यक्ष सहित पाँच। यह गणना खंड (क) से (घ) जोड़कर की गई है।
धारा 8: अनुदान और लेखा-परीक्षा
धारा 8 पैसे के रास्ते की बात करती है, और इसे इस तरह सोचें कि सदस्यों को शुल्क कौन देगा। केंद्र सरकार संसद द्वारा कानून से किए गए समुचित विनियोग के बाद राज्य सरकार को ऐसी राशियों का अनुदान दे सकती है जो वह उचित समझे, ताकि धारा 7(4) के शुल्क और भत्ते चुकाए जा सकें (धारा 8(1))। राज्य सरकार एक एजेंसी स्थापित कर सकती है और अनुदान उसे हस्तांतरित कर सकती है (धारा 8(2))। वह एजेंसी ज़िला अधिकारी को वह राशि देती है जो धारा 7(4) के शुल्क या भत्तों के लिए चाहिए (धारा 8(3))। एजेंसी के लेखे इस ढंग से रखे और लेखा-परीक्षित किए जाएँगे जो राज्य के महालेखाकार (Accountant General) के परामर्श से विहित हो, और लेखे रखने वाला व्यक्ति राज्य सरकार को लेखा-परीक्षित प्रति और लेखा-परीक्षकों की रिपोर्ट विहित तिथि तक देगा (धारा 8(4))।
याद रखने का सूत्र: केंद्र अनुदान देता है, राज्य एजेंसी बना सकता है, एजेंसी ज़िला अधिकारी को देती है, और ज़िला अधिकारी स्थानीय समिति के सदस्यों के शुल्क के लिए खर्च करता है। आंतरिक समिति के बाहरी सदस्य का शुल्क नियोक्ता देता है (धारा 4(4)), इसलिए सरकारी अनुदान केवल स्थानीय समिति के लिए है। इस तुलना पर परीक्षा में प्रश्न बन सकता है।
धारा 9: शिकायत और उसकी समय-सीमा
धारा 9(1) कहती है कि कोई भी पीड़ित महिला (aggrieved woman) कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न की शिकायत लिखित रूप में कर सकती है। शिकायत आंतरिक समिति को की जाएगी, यदि वह गठित है, अन्यथा स्थानीय समिति को। समय-सीमा घटना की तिथि से तीन माह है। यदि घटनाओं की श्रृंखला है, तो अंतिम घटना की तिथि से तीन माह। यहाँ 'श्रृंखला' का नियम यह है कि घड़ी हर घटना से नहीं, अंतिम घटना से शुरू होती है।
इसके दो परंतुक हैं। पहला परंतुक सहायता का है: जहाँ शिकायत लिखित रूप में नहीं की जा सकती, वहाँ आंतरिक समिति के पीठासीन अधिकारी या किसी सदस्य, या स्थानीय समिति के अध्यक्ष या किसी सदस्य को महिला को शिकायत लिखित बनाने में सभी उचित सहायता देनी होगी। यहाँ 'shall' है, इसलिए यह कर्तव्य है। दूसरा परंतुक विस्तार का है: समिति लिखित में कारण दर्ज करके समय-सीमा बढ़ा सकती है, पर तीन माह से अधिक नहीं, यदि वह संतुष्ट हो कि परिस्थितियाँ ऐसी थीं जिन्होंने महिला को निर्धारित अवधि में शिकायत करने से रोका। इसलिए अधिकतम कुल समय सीमा तीन माह जमा तीन माह है, यानी छह माह, और वह भी तभी जब समिति कारण दर्ज करके विस्तार दे।
धारा 9(2) उस स्थिति के लिए है जहाँ पीड़ित महिला शारीरिक या मानसिक अक्षमता या मृत्यु के कारण, या अन्यथा, शिकायत नहीं कर पाती। तब उसका विधिक वारिस (legal heir) या ऐसा अन्य व्यक्ति जो विहित हो, शिकायत कर सकता है। ध्यान दें कि मित्र, सहकर्मी या कोई भी व्यक्ति स्वतः शिकायतकर्ता नहीं बन जाता; अधिनियम में 'legal heir or such other person as may be prescribed' लिखा है।
धारा 9 में 'may' और 'shall' का फ़र्क़ परीक्षा के लिए उपयोगी है। महिला शिकायत 'कर सकती है' (may), यानी यह उसका अधिकार है, कर्तव्य नहीं। सहायता देना समिति के सदस्यों का 'कर्तव्य' है (shall)। समय बढ़ाना समिति की 'शक्ति' है (may)। तीनों के लिए अलग शब्द हैं, और उत्तर लिखते समय यही अंतर दिखाना चाहिए।
धारा 10 (समाधान, conciliation) सिलेबस में नहीं है। केवल इतना जानिए कि शिकायत के बाद और जाँच शुरू होने से पहले, पीड़ित महिला के अनुरोध पर समिति आपसी सहमति से मामला सुलझाने का प्रयास कर सकती है। पीड़ित महिला को केवल अपनी इच्छा से इस रास्ते पर जाना होता है, और इसके बाद धारा 11 की जाँच अगले पृष्ठ पर आती है।
शिकायत का मार्ग: धारा 5 से 9
पहला प्रश्न: आंतरिक समिति गठित है?
यदि गठित है तो धारा 9(1) के अनुसार शिकायत उसी को; आंतरिक समिति धारा 4 के आदेश से बनी है
गठित नहीं: दस से कम कामगार, या शिकायत नियोक्ता पर
धारा 6(1): ज़िला अधिकारी की स्थानीय समिति
नोडल अधिकारी को शिकायत
धारा 6(2): खंड, तालुका, तहसील, वार्ड या नगरपालिका; सात दिन में स्थानीय समिति को भेजना
समय-सीमा की जाँच
घटना या अंतिम घटना से तीन माह; कारण लिखकर अधिकतम तीन माह और, धारा 9(1) के परंतुक
अक्षम या मृत महिला
धारा 9(2): विधिक वारिस या विहित व्यक्ति शिकायत कर सकता है
कौन क्या कर सकता है: धारा 5 से 9
| पदधारी | क्या करता है | धारा |
|---|---|---|
| उपयुक्त सरकार | ज़िला मजिस्ट्रेट, अतिरिक्त ज़िला मजिस्ट्रेट, कलेक्टर या उप-कलेक्टर को ज़िला अधिकारी अधिसूचित कर सकती है | 5 |
| ज़िला अधिकारी | स्थानीय समिति गठित करता है; सदस्य नामित करता है; कार्यकाल निर्दिष्ट करता है; नोडल अधिकारी नामित करता है | 6(1), 6(2), 7 |
| नोडल अधिकारी | शिकायत प्राप्त करके सात दिन में स्थानीय समिति को भेजता है | 6(2) |
| केंद्र सरकार | राज्य सरकार को शुल्क और भत्तों के लिए अनुदान दे सकती है | 8(1) |
| राज्य सरकार | अनुदान के लिए एजेंसी स्थापित कर सकती है | 8(2) |
| पीड़ित महिला | लिखित शिकायत; तीन माह में | 9(1) |
| समिति | लिखित सहायता देती है; कारण लिखकर तीन माह तक विस्तार दे सकती है | 9(1) परंतुक |
| विधिक वारिस या विहित व्यक्ति | अक्षम या मृत महिला की ओर से शिकायत | 9(2) |
सभी पंक्तियाँ अधिनियम के पाठ पर आधारित हैं।
धारा 5 से 9 का मानचित्र
POSH अधिनियम 2013: धारा 5 से 9
धारा 5
- ज़िला अधिकारी की अधिसूचना
- चार पद: DM, ADM, Collector, Deputy Collector
धारा 6
- स्थानीय समिति: ज़िला अधिकारी बनाता है
- दस से कम कामगार, या शिकायत नियोक्ता पर
- नोडल अधिकारी, सात दिन
- अधिकार-क्षेत्र: ज़िला
धारा 7
- अध्यक्ष, एक महिला सदस्य, दो NGO सदस्य, पदेन अधिकारी
- कार्यकाल अधिकतम तीन वर्ष
- हटाने के चार आधार
धारा 8
- केंद्र का अनुदान
- राज्य की एजेंसी
- लेखा-परीक्षा
धारा 9
- लिखित शिकायत; तीन माह
- श्रृंखला: अंतिम घटना से
- सहायता और विस्तार (अधिकतम तीन माह)
- विधिक वारिस 9(2)
मुख्य तथ्य
- ज़िला अधिकारी
- धारा 5: ज़िला मजिस्ट्रेट, अतिरिक्त ज़िला मजिस्ट्रेट, कलेक्टर या उप-कलेक्टर, उपयुक्त सरकार की अधिसूचना से
- स्थानीय समिति कब
- धारा 6(1): दस से कम कामगारों वाले प्रतिष्ठान, या शिकायत नियोक्ता के विरुद्ध
- नोडल अधिकारी
- धारा 6(2): हर खंड, तालुका, तहसील, वार्ड या नगरपालिका में; शिकायत सात दिन में समिति को भेजना
- समिति का स्वरूप
- धारा 7(1): अध्यक्ष, एक महिला सदस्य, दो NGO या विशेषज्ञ सदस्य, पदेन अधिकारी; कार्यकाल अधिकतम तीन वर्ष
- शिकायत की समय-सीमा
- घटना या अंतिम घटना से तीन माह; कारण दर्ज करके अधिकतम तीन माह और
- दूसरी पुष्टि: समय-सीमा
- PIB (12 फ़रवरी 2026): तीन माह, और तीन माह तक विस्तार
- अंतिम जाँच
- 2 अक्टूबर 2026
परीक्षा में आम ग़लतियाँ
याद रखें
- स्थानीय समिति की शर्तें 'और' मान लेना। धारा 6(1) में दो अलग स्थितियाँ हैं: दस से कम कामगार, या शिकायत नियोक्ता के विरुद्ध। दोनों में से कोई एक काफ़ी है।
- 'दस कर्मचारी' की संख्या को धारा 4 में खोजना। यह शर्त धारा 6(1) में है, जहाँ शब्द 'less than ten workers' है।
- तीन माह की सीमा को केवल पहली घटना से गिनना। श्रृंखला में गिनती अंतिम घटना से होती है।
- विस्तार को अनिवार्य अधिकार समझना। समिति कारण लिखकर विस्तार 'दे सकती है', और वह भी तब जब परिस्थितियों ने महिला को रोका हो; अधिकतम तीन माह।
- विधि की पृष्ठभूमि वाले सदस्य को अनिवार्य मानना। धारा 7(1)(ग) के पहले परंतुक में 'preferably' है। अनिवार्यता वंचित वर्ग की महिला की है।
- सदस्यों का शुल्क सब पर लागू समझना। खंड (ख) के सदस्य और पदेन सदस्य शुल्क के हक़दार नहीं हैं (धारा 7(4))।
ध्यान दें
यह सामग्री परीक्षा की तैयारी के लिए है, क़ानूनी सलाह नहीं। वास्तविक मामले में अधिनियम का आधिकारिक पाठ और विधिक सलाहकार देखें।
कार्य-उदाहरण: शिकायत की समय-सीमा गिनना (कल्पित)
हल सहित उदाहरणघटनाओं की श्रृंखला में घड़ी कब शुरू होती है
दिया है
- कल्पित स्थिति: एक महिला कर्मचारी के साथ तीन घटनाएँ हुईं, जनवरी, फ़रवरी और 10 मार्च 2026 को। वह 15 जून 2026 को आंतरिक समिति को लिखित शिकायत देती है।
- 1चरण 1: घड़ी किससे शुरू घटनाएँ श्रृंखला में हैं, इसलिए धारा 9(1) के अनुसार तीन माह अंतिम घटना, 10 मार्च 2026, से गिने जाएँगे।
- 2चरण 2: सामान्य सीमा 10 मार्च से तीन माह पूरे होते हैं 10 जून 2026 को। शिकायत 15 जून को दी गई, यानी सामान्य सीमा से पाँच दिन देर।
- 3चरण 3: विस्तार का रास्ता दूसरे परंतुक के अनुसार समिति, यदि संतुष्ट हो कि परिस्थितियों ने महिला को रोका (उदाहरण के लिए गंभीर बीमारी), तो कारण लिखित में दर्ज करके तीन माह तक समय बढ़ा सकती है।
- 4चरण 4: अधिकतम सीमा विस्तार तीन माह से अधिक नहीं हो सकता, इसलिए अधिकतम सीमा 10 सितंबर 2026 तक जाती है। 15 जून की शिकायत इस सीमा के भीतर है।
निष्कर्ष: शिकायत सामान्य सीमा के बाद है, इसलिए समिति कारण दर्ज करके विस्तार दे, तभी वह स्वीकार हो सकती है।
केस स्टडी (कल्पित): मालिक के विरुद्ध शिकायत
उदाहरण (काल्पनिक)जब आरोपी ही नियोक्ता हो
यह केस समझाने के लिए गढ़ा गया है; संस्था और पात्र वास्तविक नहीं हैं। आठ कामगारों वाली एक छोटी फ़र्म में एक महिला कर्मचारी को अपने मालिक के आचरण से शिकायत है। फ़र्म में कोई आंतरिक समिति नहीं है।
- कौन सी समिति
- फ़र्म में दस से कम कामगार हैं और आरोप नियोक्ता पर है। धारा 6(1) की दोनों शर्तें पूरी होती हैं, इसलिए शिकायत स्थानीय समिति में जाएगी, आंतरिक समिति में नहीं।
- पहुँचने का रास्ता
- महिला अपने खंड, तहसील या वार्ड के नोडल अधिकारी को लिखित शिकायत दे सकती है। नोडल अधिकारी सात दिन में उसे स्थानीय समिति को भेजेगा (धारा 6(2))।
- लिखने में कठिनाई
- यदि वह स्वयं लिखित शिकायत नहीं बना पाती, तो स्थानीय समिति के अध्यक्ष या किसी सदस्य को उचित सहायता देनी होगी (धारा 9(1), पहला परंतुक)।
- समय
- शिकायत घटना के तीन माह के भीतर होनी चाहिए; देरी का कारण हो तो समिति कारण लिखकर तीन माह तक बढ़ा सकती है (धारा 9(1), दूसरा परंतुक)।
सीख
नियोक्ता के विरुद्ध शिकायत में नियोक्ता की बनाई समिति पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। इसी कारण धारा 6 में यह स्थिति अलग से लिखी गई है।
अभ्यास प्रश्न
अभ्यास प्रश्नलगभग 50 शब्द
स्थानीय समिति (Local Committee) कब गठित होती है और उसके पास शिकायत कैसे पहुँचती है?
आदर्श उत्तर
धारा 6 के अनुसार ज़िला अधिकारी ज़िले में स्थानीय समिति गठित करता है। वह उन प्रतिष्ठानों की शिकायतें लेती है जहाँ दस से कम कामगार होने के कारण आंतरिक समिति नहीं है, या जहाँ शिकायत नियोक्ता के विरुद्ध है। नोडल अधिकारी शिकायत लेकर सात दिन में समिति को भेजता है।
अभ्यास प्रश्नलगभग 15 शब्द
POSH अधिनियम की धारा 9 के अनुसार शिकायत की समय-सीमा क्या है?
आदर्श उत्तर
घटना या अंतिम घटना से तीन माह; कारण लिखकर समिति अधिकतम तीन माह और बढ़ा सकती है।
अभ्यास प्रश्नलगभग 50 शब्द
स्थानीय समिति की संरचना बताइए।
आदर्श उत्तर
धारा 7(1) में अध्यक्ष समाज सेवा की प्रतिष्ठित महिला होती है। एक सदस्य ज़िले में कार्यरत महिलाओं में से, दो सदस्य गैर-सरकारी संगठन या जानकार व्यक्ति से, जिनमें कम से कम एक महिला हो, और समाज कल्याण या महिला एवं बाल विकास का ज़िला अधिकारी पदेन सदस्य होता है। कार्यकाल अधिकतम तीन वर्ष है।
अभ्यास प्रश्नलगभग 100 शब्द
धारा 9 के अंतर्गत शिकायत की प्रक्रिया, समय-सीमा और परंतुकों की व्याख्या कीजिए।
आदर्श उत्तर
धारा 9(1) के अनुसार पीड़ित महिला कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न की लिखित शिकायत आंतरिक समिति को करती है, और वह गठित न हो तो स्थानीय समिति को। समय-सीमा घटना से तीन माह है; घटनाओं की श्रृंखला में अंतिम घटना से। पहले परंतुक के अनुसार लिखित शिकायत न बन पाए तो समिति का पीठासीन अधिकारी, अध्यक्ष या सदस्य सभी उचित सहायता देगा। दूसरे परंतुक के अनुसार समिति कारण लिखित में दर्ज करके, यदि परिस्थितियों ने महिला को रोका हो, तीन माह से अधिक नहीं तक अवधि बढ़ा सकती है। धारा 9(2) में अक्षमता या मृत्यु की स्थिति में विधिक वारिस या विहित व्यक्ति शिकायत कर सकता है।
उत्तर कैसे लिखें (10 अंक, 100 शब्द)
भूमिका
नमूना प्रश्न: "POSH अधिनियम, 2013 के अंतर्गत स्थानीय समिति के गठन, संरचना और शिकायत की प्रक्रिया की व्याख्या कीजिए।" पहली पंक्ति में लिखें कि जहाँ आंतरिक समिति नहीं है, वहाँ ज़िला अधिकारी की स्थानीय समिति शिकायत सुनती है।
मुख्य भाग
- गठन: धारा 5 और 6, ज़िला अधिकारी (DM, ADM, Collector, Deputy Collector); दस से कम कामगार या शिकायत नियोक्ता के विरुद्ध
- पहुँच: नोडल अधिकारी, सात दिन
- संरचना: धारा 7(1), अध्यक्ष, एक महिला सदस्य, दो NGO सदस्य, पदेन अधिकारी; कार्यकाल अधिकतम तीन वर्ष
- शिकायत: धारा 9, लिखित, तीन माह, श्रृंखला में अंतिम घटना से, सहायता और विस्तार
निष्कर्ष
निष्कर्ष: स्थानीय समिति उन महिलाओं के लिए है जिनके कार्यस्थल पर आंतरिक समिति नहीं है, जिससे अधिनियम की सुरक्षा हर कार्यस्थल तक पहुँचती है।
अतिरिक्त मूल्य
- दोनों परंतुकों का फ़र्क़: वरीयता बनाम अनिवार्यता
- धारा 8 का धन-प्रवाह: केंद्र, राज्य एजेंसी, ज़िला अधिकारी
- समय-सीमा का अंकगणित (विश्लेषण)
त्वरित पुनरावृत्ति
- धारा 5: ज़िला अधिकारी, चार पद: DM, ADM, Collector, Deputy Collector
- धारा 6(1): स्थानीय समिति, दस से कम कामगार या शिकायत नियोक्ता पर
- धारा 6(2): नोडल अधिकारी, सात दिन; 6(3): अधिकार-क्षेत्र ज़िला
- धारा 7(1): अध्यक्ष, एक महिला सदस्य, दो NGO सदस्य (कम से कम एक महिला), पदेन अधिकारी
- 7(1)(ग) परंतुक: विधि की पृष्ठभूमि preferably; SC/ST/OBC/अल्पसंख्यक महिला shall
- 7(2): कार्यकाल अधिकतम तीन वर्ष; 7(3): हटाने के चार आधार; 7(4): शुल्क
- धारा 8: केंद्र का अनुदान, राज्य की एजेंसी, महालेखाकार के परामर्श से लेखा-परीक्षा
- धारा 9(1): लिखित शिकायत; तीन माह; श्रृंखला में अंतिम घटना से; सहायता; विस्तार अधिकतम तीन माह
- धारा 9(2): विधिक वारिस या विहित व्यक्ति
- धारा 10 (समाधान): सिलेबस से बाहर; केवल एक पंक्ति का परिचय
याद रखने योग्य शब्द
- District Officer
- Local Committee
- nodal officer
- धारा 6(1)
- धारा 9 समय-सीमा
- legal heir