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पेपर III · इकाई II

तुलनात्मक लोक प्रशासन: विधि, विकास और रिग्स के तीन रुझान

तुलनात्मक लोक प्रशासन क्या है, कैसे बढ़ा और रिग्स के तीन रुझान क्या हैं: 2024 का प्रश्न हल, सीमाएँ और अभ्यास।

3 अक्टूबर 2026 को सत्यापित

सिलेबस में

RPSC सिलेबस (09-01-2026), पेपर III, इकाई II: "Comparative Public Administration. Features of administrative systems of U.S.A., U.K., France and China." सिलेबस में केवल इन चार देशों की प्रशासनिक व्यवस्था है। यह पृष्ठ उन चारों देशों की तुलना की ज़मीन तैयार करता है: तुलनात्मक लोक प्रशासन क्या है, कैसे बढ़ा और रिग्स के तीन रुझान क्या हैं। देशों की व्यवस्थाओं के अलग-अलग पृष्ठ हैं।

इस विषय को क्यों पढ़ें

याद रखें

  • संकलित छह पेपरों में तुलनात्मक लोक प्रशासन से अकेला प्रश्न 2024 में आया: 2 अंक (15 शब्द), "Three trends in Comparative PA per F.W. Riggs"। अंक-ढाँचा 2013-2024 के पेपरों में देखा गया है, आधिकारिक नहीं।
  • 2 अंक का उत्तर तीन जोड़ियों पर टिकता है: मानकीय से अनुभवजन्य, व्यक्ति-विशेष से सार्वभौमिक (ideographic से nomothetic) और अपारिस्थितिकीय से पारिस्थितिकीय। जोड़ियाँ उलटने या एक छोड़ने पर अंक कटते हैं।
  • बड़े प्रश्न के लिए यही पृष्ठ भूमिका बनाता है: अर्थ, विकास, सीमाएँ। अमेरिका, ब्रिटेन, फ़्रांस और चीन के पृष्ठ पढ़ते समय यही तुलना की कसौटियाँ काम आएँगी।

पहले सरल भाषा में: एक ही मुहल्ले की चाय बनाम कई शहरों की चाय

मान लीजिए आप अपने मुहल्ले की चाय की दुकान पर रोज़ बैठते हैं। आप उसकी हर बारीकी जानते हैं, पर क्या आप बता सकते हैं कि अच्छी चाय की दुकान चलने का कारण क्या है? इसके लिए जयपुर, जोधपुर और बीकानेर की कई दुकानें देखनी होंगी: किसकी बिक्री क्यों बढ़ी, कौन-सा तरीक़ा किस मोहल्ले में चला और कहाँ नहीं चला। तभी "चलने के कारणों" के बारे में कोई पक्की बात कही जा सकती है। (यह समझाने के लिए गढ़ी गई उपमा है।) तुलनात्मक लोक प्रशासन यही करता है: एक देश के प्रशासन को देखकर निष्कर्ष निकालने की जगह कई देशों के प्रशासन को आमने-सामने रखकर देखता है।

परीक्षा के लिए परिभाषा। तुलनात्मक लोक प्रशासन (Comparative Public Administration) लोक प्रशासन के अध्ययन का वह पक्ष है जो अलग-अलग संस्कृतियों और राष्ट्रीय परिवेशों में प्रशासन की संरचनाओं, संस्थाओं, कार्यों और प्रक्रियाओं की कठोर, व्यवस्थित तुलना करता है। इसका मूल उद्देश्य यह खोजना है कि कौन-सी प्रशासनिक विशेषता किस माहौल में सफल या असफल होती है, ताकि सामान्य सिद्धांत बन सकें। (मारूमे और अन्य, IJSR 2016, जिन्होंने पाँच लेखकों की परिभाषाएँ संकलित की हैं।)

एक आम भ्रम: तुलनात्मक का मतलब "विदेशी प्रशासन" नहीं है। रिग्स ने स्वयं कहा कि प्रशासन की हर वैज्ञानिक समझ तुलनात्मक होनी चाहिए, चाहे वह अपने ही देश के प्रशासन की समझ क्यों न हो (ओटेन्यो और लिंड, 2006)। अपने देश का अध्ययन भी तभी वैज्ञानिक है जब उसे दूसरों के बरक्स परखा जाए।

सामान्य लोक प्रशासन बनाम तुलनात्मक लोक प्रशासन

सामान्य (परंपरागत, अमेरिकी) लोक प्रशासन

सांस्कृतिक झुकावसंस्कृति-बद्ध (culture-bound), यानी एक देश के अनुभव पर टिका

उद्देश्यव्यवहारिक, "असली दुनिया" में काम करने वालों के लिए

सवालइसे कैसे चलाएँ?

निष्कर्षअक्सर सार्वभौमिक मान लिए जाते हैं

तुलनात्मक लोक प्रशासन

सांस्कृतिक झुकावसांस्कृतिक सीमाओं के पार (cross-cultural)

उद्देश्यसिद्धांत-निर्माण, ज्ञान के लिए ज्ञान

सवालयह यहाँ क्यों चलता है और वहाँ क्यों नहीं?

निष्कर्षतभी सामान्यीकरण जब कई परिवेशों में परखे जाएँ

निकोलस हेनरी के हवाले से दो अंतर (संस्कृति-बद्ध बनाम सांस्कृतिक सीमाओं के पार; व्यवहारिक बनाम सिद्धांत-उन्मुख) IJSR 2016 में दिए गए हैं। "सवाल" वाली पंक्ति समझाने के लिए हमारा विश्लेषण है।

विकास की कहानी: डाहल से CAG तक

तुलना का विचार पुराना है, पर इसे आंदोलन का रूप द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद मिला। उस समय उपनिवेश टूट रहे थे और बहुत से नए स्वतंत्र देशों को सक्षम प्रशासन की ज़रूरत थी, जबकि अमेरिकी विद्वान और सलाहकार विकासशील देशों में काम करते हुए देख रहे थे कि अपने देश के प्रशासनिक सिद्धांत वहाँ हर जगह काम नहीं आते (IJSR, 2016; ओटेन्यो और लिंड, 2006)।

1947 में रॉबर्ट डाहल ने सवाल रखा: क्या "लोक प्रशासन का विज्ञान" हो सकता है, जब तक अध्ययन तुलनात्मक न हो? उन्होंने कहा कि संभवतः अमेरिकी, ब्रिटिश और फ़्रांसीसी लोक प्रशासन के अलग-अलग विज्ञान हो सकते हैं, पर राष्ट्रीय परिवेश से स्वतंत्र सामान्य सिद्धांतों वाला एक विज्ञान सिद्ध नहीं हुआ है। उनका उदाहरण: ब्रिटेन के प्रशासनिक वर्ग (administrative class) की खूबियाँ देखकर कुछ अमेरिकी लेखकों ने अमेरिका में भी वैसा वर्ग बनाने का सुझाव दिया, पर शायद ही किसी ने उन ऐतिहासिक कारणों की तुलना की जिनसे ब्रिटेन में वह सफल हुआ था (डाहल, 1947)। IJSR (2016) के अनुसार डाहल और वाल्डो ने दिखाया कि सांस्कृतिक कारक एक हिस्से के प्रशासन को दूसरे हिस्से से बिलकुल अलग प्राणी बना सकते हैं।

संस्थागत विकास की मोटी रेखा यह है। 1952 में प्रिंस्टन विश्वविद्यालय में तुलनात्मक प्रशासन पर सम्मेलन हुआ (IJSR और कोयंबटूर सामग्री, दोनों इसे आरंभ-बिंदु मानती हैं)। 1960 में अमेरिकन सोसाइटी फ़ॉर पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (ASPA) के अंतर्गत तुलनात्मक प्रशासन समूह (Comparative Administration Group, CAG) बना, जिसके नेता रिग्स थे। 1962 में फ़ोर्ड फ़ाउंडेशन की उदार सहायता से इसका कार्यक्रम तेज़ हुआ: शोध-संगोष्ठियाँ, प्रयोगात्मक शिक्षण और प्रकाशन। 1971 में फ़ोर्ड ने सहायता बंद की और 1973 में CAG भंग होकर ASPA के अंतरराष्ट्रीय एवं तुलनात्मक प्रशासन खंड (SICA) में विलीन हुआ (IJSR और कोयंबटूर सामग्री; हेडी के अध्याय में CAG की स्थापना 1960 बताई गई है)।

समय-रेखा: तुलनात्मक लोक प्रशासन का उतार-चढ़ाव

  1. 1947

    डाहल: सिद्धांत राष्ट्रीय परिवेश से स्वतंत्र हैं या नहीं?

  2. 1952

    प्रिंस्टन सम्मेलन: तुलनात्मक प्रशासन पर औपचारिक पहल

  3. 1960

    CAG की स्थापना, ASPA के अंतर्गत; रिग्स प्रमुख

  4. 1962

    फ़ोर्ड फ़ाउंडेशन की सहायता; रिग्स का 'Trends' लेख; हेडी और स्टोक्स का संकलन

  5. 1964

    रिग्स की Administration in Developing Countries

  6. 1971 से 1973

    फ़ोर्ड ने सहायता रोकी (1971); CAG भंग, SICA बना (1973)

वर्ष दो या अधिक स्रोतों में मिलाए गए हैं: IJSR (2016), कोयंबटूर सामग्री और हेडी का अध्याय।

रिग्स के तीन रुझान (2024 के प्रश्न का केंद्र)

फ़्रेड डब्ल्यू. रिग्स ने 1962 के अपने लेख "Trends in the Comparative Study of Public Administration" (International Review of Administrative Sciences) में पिछले लगभग पचास वर्षों में तीन रुझान पहचाने। हेडी और वाल्डो, दोनों इनका वर्णन करते हैं, और IJSR तथा कोयंबटूर सामग्री भी इन्हें सूचीबद्ध करती है। रिग्स ने पहले रुझान को काफ़ी स्पष्ट माना, जबकि बाक़ी दो को "अभी उभरते हुए" कहा।

एक छोटा तथ्य जो नंबर दिला सकता है: ideographic शब्द की वर्तनी अलग-अलग स्रोतों में idiographic और ideographic दोनों छपी मिलती है (संकलित पुस्तक में idiographic, IJSR में ideographic)। अर्थ वही है: एक अनूठे मामले का अध्ययन। उत्तर में या तो चलेगा, पर पूरे उत्तर में एक ही वर्तनी रखें।

रिग्स के तीन रुझान एक नज़र में

रुझानसे (पुराना)की ओर (नया)एक पंक्ति में मतलब
1. मानकीय से अनुभवजन्यमानकीय (normative): "आदर्श" या "बेहतर" प्रशासनिक ढाँचे बताना (दक्षता, लोकहित जैसे पैमानों पर)अनुभवजन्य (empirical): जो है उसका तथ्यपरक वर्णन और विश्लेषण"क्या होना चाहिए" से "क्या है"
2. व्यक्ति-विशेष से सार्वभौमिकideographic (idiographic): एक अनूठे मामले, एक एजेंसी या एक देश का अध्ययनnomothetic: ऐसे सामान्यीकरण, "नियम" और परिकल्पनाएँ जो चरों के आपसी संबंध की नियमितता बताएँ"एक देश की कहानी" से "सब पर लागू होने वाला नियम"
3. अपारिस्थितिकीय से पारिस्थितिकीयnon-ecological: प्रशासन को अलग-थलग गतिविधि मानकर देखनाecological: प्रशासन और उसके पर्यावरण के बीच अंतःक्रिया के ढर्रे का विश्लेषण; केवल भूगोल, इतिहास और सामाजिक ढाँचे के तथ्य गिनाना काफ़ी नहीं"संस्था" से "संस्था + माहौल"

परिभाषाएँ हेडी (अध्याय के पृ. 77) और वाल्डो (अध्याय के पृ. 143-144) द्वारा उद्धृत रिग्स के शब्दों पर आधारित हैं; सूची की पुष्टि IJSR (2016) में है।

रिग्स का निष्कर्ष और ज़रूरी चेतावनी

रिग्स ने साफ़ कहा कि उनकी निजी पसंद यह होगी कि "वास्तव में तुलनात्मक" केवल वे अध्ययन माने जाएँ जो अनुभवजन्य, nomothetic और पारिस्थितिकीय हों (हेडी के अध्याय में उद्धृत)। इसलिए IJSR और कोयंबटूर सामग्री में तुलनात्मक लोक प्रशासन की यह त्रयी मिलती है: अनुभवजन्य (तथ्यपरक और वैज्ञानिक), nomothetic (सारगर्भित और सामान्यीकरण-योग्य), पारिस्थितिकीय (व्यवस्थित और संकीर्णता-रहित)।

चेतावनी: यह "सोने का मानक" है, वर्तमान स्थिति का सर्वेक्षण नहीं। वाल्डो ने ख़ुद लिखा कि इस क्षेत्र में क्रांति चल रही है, पर पुराने हितों और तरीक़ों की निरंतरता भी काफ़ी है। यानी मानकीय अध्ययन ग़ायब नहीं हुए थे। उदाहरण: विकास-प्रशासन की लोकप्रिय धारा में अक्सर सुधार सुझाने की प्रबल मंशा थी, यानी वह भी आंशिक रूप से मानकीय थी (हेडी, 2006 के अध्याय में)। इसलिए उत्तर में "बदलाव की दिशा" लिखें, "पूरा बदलाव हो गया" नहीं।

हेडी: चार उपागम और पाँच प्रेरक चिंताएँ

फ़ेरल हेडी (Ferrel Heady) ने तुलनात्मक लोक प्रशासन के साहित्य को चार वर्गों में बाँटा: (1) संशोधित परंपरागत, जो पुराने विषयों (संगठन, कार्मिक, राजकोषीय प्रशासन आदि) की देश-देश तुलना करता है; (2) विकास-उन्मुख, जो नवस्वतंत्र देशों के विकास की ज़रूरतों से जुड़ा है; (3) सामान्य व्यवस्था-मॉडल निर्माण, जिसमें रिग्स प्रमुख थे; और (4) मध्यम-स्तरीय सिद्धांत निर्माण। उन्होंने तुलनात्मक लोक प्रशासन की पाँच प्रेरक चिंताएँ भी गिनाईं: सिद्धांत की खोज; व्यवहारिक उपयोग की चाह; तुलनात्मक राजनीति का आकस्मिक योगदान; प्रशासनिक विधि की परंपरा में प्रशिक्षित शोधकर्ताओं की रुचि; और चालू समस्याओं का तुलनात्मक विश्लेषण (IJSR, 2016; ओटेन्यो और लिंड, 2006)।

ध्यान दें: IJSR और कोयंबटूर सामग्री में दूसरे लेखकों के वर्गीकरण (जैसे हेंडरसन का तीन-भागीय) भी मिलते हैं। परीक्षा में यदि हेडी का नाम लिखा हो तो चार उपागम ही लिखें।

सीमाएँ और आलोचना

सीमासरल अर्थस्रोत या टिप्पणी
कोई अपना प्रतिमान (paradigm) नहींतुलनात्मक प्रशासन ने अपना कोई साझा सिद्धांत नहीं बनायापीटर सैवेज का कथन (IJSR): "बिना किसी प्रतिमान के शुरू हुआ और कोई विकसित नहीं किया"
अव्यवहारिक रूप से बड़ा लक्ष्यव्यापक सिद्धांत या मॉडल की खोज इतनी बड़ी थी कि हाथ नहीं लगीगोलेम्बीवस्की की आलोचना (IJSR)
व्यवहारिक समस्याओं की अनदेखीफ़ोर्ड ने 1971 में सहायता इसलिए रोकी कि शोध सिद्धांत की ओर ज़्यादा झुका था, क्षेत्र-सर्वेक्षण और असली समस्याओं की ओर कमकोयंबटूर सामग्री
तुलना की इकाईअक्सर राष्ट्रीय नौकरशाही ही इकाई रही, जिसकी अपनी अवधारणात्मक और पद्धतिगत सीमाएँ हैंओटेन्यो और लिंड (2006)
तुलना की कठिनाईप्रशासन को राजनीतिक व्यवस्था से अलग छाँटकर तुलना करना कठिन है, और राजनीतिक व्यवस्थाओं की तुलना पर ही मतैक्य नहींहेडी (अध्याय का सार)
जर्नल का बंद होनाइसकी मुख्य पत्रिका Journal of Comparative Administration 1974 से छपनी बंद हुई, पाँच वर्ष चलने के बादIJSR (2016)

इन आलोचनाओं के बावजूद CAG का योगदान माना गया: अध्ययन का दायरा बढ़ा, अन्य सामाजिक वैज्ञानिकों के लिए दरवाज़े खुले और क्षेत्र अधिक व्यवस्थित हुआ (रमेश अरोड़ा, IJSR में उद्धृत)।

एक नज़र में: तुलनात्मक लोक प्रशासन

तुलनात्मक लोक प्रशासन

अर्थ

  • कई परिवेशों में प्रशासन की तुलना
  • लक्ष्य: सिद्धांत और सामान्यीकरण
  • "विदेशी प्रशासन" नहीं

विकास

  • डाहल 1947
  • प्रिंस्टन सम्मेलन 1952
  • CAG 1960, फ़ोर्ड सहायता 1962
  • फ़ोर्ड की वापसी 1971; CAG भंग 1973

रिग्स के तीन रुझान

  • मानकीय से अनुभवजन्य
  • ideographic से nomothetic
  • अपारिस्थितिकीय से पारिस्थितिकीय

हेडी

  • चार उपागम
  • पाँच प्रेरक चिंताएँ

सीमाएँ

  • कोई साझा प्रतिमान नहीं
  • सैद्धांतिक झुकाव
  • राष्ट्रीय नौकरशाही पर ज़्यादा ज़ोर

मुख्य तथ्य

रिग्स का लेख
'Trends in the Comparative Study of Public Administration', International Review of Administrative Sciences, खंड 28 अंक 1 (1962), पृ. 9-15
तीन रुझान
मानकीय से अनुभवजन्य; ideographic से nomothetic; अपारिस्थितिकीय से पारिस्थितिकीय
रिग्स की कसौटी
"वास्तव में तुलनात्मक" अध्ययन: अनुभवजन्य, nomothetic और पारिस्थितिकीय
CAG
1960 में ASPA के अंतर्गत स्थापित; फ़ोर्ड सहायता 1962; सहायता समाप्त 1971; भंग और SICA में विलय 1973
प्रिंस्टन सम्मेलन
1952, तुलनात्मक प्रशासन पर
हेडी के चार उपागम
संशोधित परंपरागत, विकास-उन्मुख, सामान्य व्यवस्था-मॉडल निर्माण, मध्यम-स्तरीय सिद्धांत
अंतिम जाँच
1 अक्टूबर 2026

परीक्षा में आम ग़लतियाँ

याद रखें

  • तीनों रुझानों की जोड़ियाँ उलट देना: दिशा हमेशा "पुराने से नए की ओर" है, यानी मानकीय से अनुभवजन्य, ideographic से nomothetic, अपारिस्थितिकीय से पारिस्थितिकीय।
  • ideographic (व्यक्ति-विशेष/अनूठा) को universal समझना। nomothetic वह है जो सामान्य नियम खोजे।
  • "तुलनात्मक लोक प्रशासन" का अर्थ "विदेशी देशों का प्रशासन" लिख देना। असल में यह कई परिवेशों की व्यवस्थित तुलना है।
  • 2 अंक के उत्तर को तीन पंक्तियों से अधिक खींचना। 15 शब्दों में तीनों जोड़ियाँ नाम से लिखें, व्याख्या नहीं।
  • CAG के वर्ष गड़बड़ाना: स्थापना 1960, फ़ोर्ड सहायता 1962, सहायता रुकी 1971, भंग 1973। स्रोत 1963 जैसे अलग वर्ष भी देते हैं, इसलिए परीक्षा में केवल 1960 और 1973 निश्चित रूप से लिखें।
  • रिग्स के तीन रुझानों को उनके प्रिज़्मीय मॉडल के तीन प्रकारों (fused, prismatic, diffracted) से मिला देना: दोनों अलग हैं।