लोक प्रशासन: अर्थ, प्रकृति, क्षेत्र और महत्व
लोक प्रशासन क्या है, उसकी प्रकृति पर एकीकृत और प्रबंधकीय मत, गुलिक का POSDCORB, क्षेत्र और महत्व, तथा लोक और निजी प्रशासन का अंतर, उत्तर-लेखन की दृष्टि से।
- लोक प्रशासन
- एकीकृत बनाम प्रबंधकीय
- POSDCORB
- लोक बनाम निजी
सिलेबस में
RPSC सिलेबस (09-01-2026), पेपर III, इकाई II: "Public Administration: Theories and Principles. Meaning, nature, scope and significance; evolution as a discipline; role in developing and developed societies; New Public Administration, New Public Management, Good Governance, New Public Service." इस पृष्ठ पर अर्थ, प्रकृति, क्षेत्र और महत्व है; विषय के रूप में विकास का अलग पृष्ठ है।
इस विषय को क्यों पढ़ें
याद रखें
- संकलित छह पेपरों (2013, 2016, 2018, 2021, 2023, 2024) में इस विषय के दो सीधे प्रश्न हैं: 2013 में "लोक प्रशासन और व्यावसायिक प्रबंधन में मुख्य अंतर" (5 अंक) और 2021 में "प्रशासन की प्रकृति पर प्रबंधकीय दृष्टिकोण" (2 अंक)। दोनों का उत्तर इसी पृष्ठ की दो तालिकाओं से बन जाता है।
- यह पूरी इकाई की नींव है: प्रबंधकीय दृष्टिकोण समझ लेने पर POSDCORB, सिद्धांत-आधारित प्रश्न (नियंत्रण का क्षेत्र, प्रत्यायोजन) और नव लोक प्रबंधन के प्रश्न आसान हो जाते हैं। 2013-2024 के पेपरों में देखा गया रुझान यह है कि अवधारणा के छोटे प्रश्न (2 और 5 अंक) बार-बार आते हैं।
- ऐसे प्रश्नों में अंक "कम से कम तीन-चार बिंदु + एक विचारक का नाम" पर मिलते हैं। इसलिए नीचे हर बिंदु के साथ नाम (विल्सन, व्हाइट, डिमॉक, गुलिक, साइमन, निगरो) और वर्ष दिए गए हैं।
पहले सरल भाषा में: पटवारी, खेत की नक़ल और निजी मिल
सोचिए, गाँव का एक किसान अपनी ज़मीन की नक़ल लेने जाता है। उसे संविधान के अनुच्छेद याद नहीं, पर पटवारी से लेकर तहसीलदार तक की मेज़ें उसके लिए सरकार का असली चेहरा हैं। विधानमंडल क़ानून बनाता है; उस क़ानून को खेत, स्कूल, अस्पताल और राशन की दुकान तक रोज़ पहुँचाने वाला तंत्र ही लोक प्रशासन (Public Administration) है। विल्सन ने इसे "चलती हुई सरकार" (government in action) कहा था। (पटवारी वाला दृश्य समझाने के लिए गढ़ा गया है, किसी वास्तविक घटना का वर्णन नहीं।)
अब उसी गाँव में एक निजी कपड़ा-मिल सोचिए। मालिक तय करता है कि कौन-सा कपड़ा, कितना और कहाँ बनेगा; घाटा लगातार बढ़े तो वह काम समेट सकता है। सरकारी स्कूल या अस्पताल को इस आधार पर बंद नहीं किया जाता कि वह कमाई नहीं करता। पाठ्यपुस्तकें इसी कारण कहती हैं कि सरकार के कई काम धन कमाने वाले नहीं, धन खर्च करने वाले होते हैं। लोक प्रशासन और व्यावसायिक प्रबंधन का मूल अंतर यहीं से शुरू होता है: एक का लक्ष्य सेवा और क़ानून का पालन, दूसरे का लक्ष्य मुनाफ़ा।
परीक्षा के लिए परिभाषाएँ। (1) विल्सन (1887): "लोक प्रशासन सार्वजनिक क़ानून का विस्तृत और व्यवस्थित क्रियान्वयन है" (Public administration is detailed and systematic execution of public law); हर विशेष मामले में सामान्य क़ानून का प्रयोग प्रशासन का कार्य है, जैसे कर लगाना, डाक पहुँचाना, सेना की भर्ती। (2) एल.डी. व्हाइट: प्रशासन में वे सभी कार्य आते हैं जिनका उद्देश्य लोकनीति को पूरा करना या लागू करना है। (3) डिमॉक: प्रशासन सरकार के "क्या" (विषय का तकनीकी ज्ञान) और "कैसे" (प्रबंध की तकनीक) दोनों से जुड़ा है। (4) वाल्डो: शासन के कार्यों पर लागू प्रबंध की कला और विज्ञान।
अर्थ: दो प्रयोग और निगरो की छह बातें
साधारण भाषा में प्रशासन का मतलब है "काम करवाना": लोगों और साधनों को इस तरह संगठित करना कि लक्ष्य पूरा हो। पाठ्यपुस्तकें याद दिलाती हैं कि इसका संबंध वस्तुओं की उठा-पटक से ज़्यादा लोगों के आपसी संबंधों से है। "लोक" शब्द जुड़ते ही यह सरकार का प्रशासन बन जाता है, यानी केंद्र, राज्य या स्थानीय सरकार और वैधानिक निकायों का।
आधुनिक लेखक इस शब्द के दो प्रयोग बताते हैं। पहला, गतिविधि के रूप में: क़ानून-व्यवस्था लागू करना, कर वसूलना, पेंशन बाँटना। दूसरा, अध्ययन-विषय (discipline) के रूप में: इन गतिविधियों का अध्ययन, उनसे अवधारणाएँ और सिद्धांत बनाना, जैसे अर्थशास्त्र या समाजशास्त्र का अध्ययन होता है।
एफ़.ए. निगरो का सारांश सबसे व्यापक माना जाता है। उनके अनुसार लोक प्रशासन: (क) सार्वजनिक परिवेश में सहकारी सामूहिक प्रयास है; (ख) कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका तीनों शाखाओं और उनके आपसी संबंधों को समेटता है; (ग) लोकनीति के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा है; (घ) निजी प्रशासन से कई महत्वपूर्ण बातों में भिन्न है; (ङ) हाल के वर्षों में मानव संबंध उपागम से प्रभावित हुआ है; (च) समुदाय को सेवाएँ देने में अनेक निजी समूहों और व्यक्तियों से जुड़ा है।
संकीर्ण और व्यापक दृष्टि का फ़र्क़ भी याद रखें। संकीर्ण दृष्टि लोक प्रशासन को केवल कार्यपालिका के कामकाज तक सीमित रखती है; व्यापक दृष्टि में तीनों शाखाओं की प्रशासनिक गतिविधियाँ और नीति-निर्माण में प्रशासन की भूमिका शामिल है।
प्रकृति: एकीकृत बनाम प्रबंधकीय दृष्टिकोण (2021 का प्रश्न यहीं से)
प्रश्न यह है कि "प्रशासन" में किसका काम गिना जाए। एक ज़िला अस्पताल सोचिए: चपरासी, वार्ड-बॉय, नर्स, क्लर्क, डॉक्टर और अधीक्षक, सब रोज़ काम करते हैं। क्या ये सभी "प्रशासन" हैं, या सिर्फ़ वह व्यक्ति जो योजना बनाता, स्टाफ़ लगाता और बजट सँभालता है? इसी पर दो मत हैं। (अस्पताल का दृष्टांत समझाने के लिए है।)
एकीकृत दृष्टिकोण (Integral View): लोकनीति को पूरा करने के लिए किए गए सभी कार्यों का योग प्रशासन है, चाहे वे प्रबंधकीय हों, तकनीकी हों, लिपिकीय हों या शारीरिक श्रम के। शीर्ष से लेकर निचले स्तर तक सबकी गतिविधियाँ प्रशासन हैं, भले उनका महत्व अलग-अलग हो। एल.डी. व्हाइट इस मत के प्रमुख प्रतिनिधि माने जाते हैं। उनकी सूची में चिट्ठी पहुँचाना, सार्वजनिक भूमि की बिक्री, संधि की बातचीत, घायल मज़दूर को मुआवज़ा, बीमार बच्चे का क्वारंटीन, पार्क की सफ़ाई, प्लूटोनियम निर्माण और परमाणु ऊर्जा का लाइसेंस जैसे सब काम आते हैं। डिमॉक का "क्या" और "कैसे" वाला सूत्र भी इसी पक्ष में गिना जाता है।
प्रबंधकीय दृष्टिकोण (Managerial View): प्रशासन केवल उन लोगों का कार्य है जो संगठन में प्रबंधकीय कार्य करते हैं, यानी योजना बनाते हैं, कार्यक्रम तय करते हैं और सारी गतिविधियों को संगठित करते हैं, ताकि संस्था सुचारु चले। यह "काम करने" की नहीं, "काम करवाने" की दृष्टि है। साइमन, स्मिथबर्ग और थॉमसन इसके समर्थक हैं; वे प्रशासन को उन व्यवहार-प्रतिमानों के रूप में देखते हैं जो अनेक प्रकार के सहकारी समूहों में समान होते हैं और जो उनके विशिष्ट लक्ष्यों या तकनीकी विधियों पर निर्भर नहीं करते। गुलिक भी यही कहते हैं कि प्रशासन "काम पूरा करवाने" और निर्धारित उद्देश्यों की प्राप्ति से जुड़ा है।
एकीकृत और प्रबंधकीय दृष्टिकोण: तुलना
एकीकृत दृष्टिकोण
मूल विचारलोकनीति को पूरा करने के सभी कार्यों का योग
किनकी गतिविधियाँशीर्ष से निचले स्तर तक सभी कर्मचारी
कार्य के प्रकारप्रबंधकीय, तकनीकी, लिपिकीय और शारीरिक, सभी
सूत्र-वाक्य"काम करना" (doing the work)
क्षेत्र-भेदविषय-वस्तु के अनुसार प्रशासन बदलता है: शिक्षा का प्रशासन स्वास्थ्य के प्रशासन से अलग
प्रमुख समर्थकएल.डी. व्हाइट, डिमॉक
सीमाप्रशासन की परिभाषा इतनी फैल जाती है कि प्रबंध का विशेष स्वरूप धुँधला हो जाता है (विश्लेषण)
प्रबंधकीय दृष्टिकोण
मूल विचारकेवल प्रबंधकीय कार्य: योजना, संगठन, निर्देशन, समन्वय आदि
किनकी गतिविधियाँशीर्ष पर बैठे थोड़े-से लोग
कार्य के प्रकारकेवल प्रबंधकीय
सूत्र-वाक्य"काम करवाना" (getting work done)
क्षेत्र-भेदप्रबंध की तकनीकें सब क्षेत्रों में एक-सी, इसलिए प्रशासन का स्वरूप समान
प्रमुख समर्थकगुलिक, साइमन (स्मिथबर्ग और थॉमसन के साथ)
सीमानिचले स्तर के संचालन-कार्य छूट जाते हैं (विश्लेषण)
निष्कर्ष: दोनों में से कोई मत दोषहीन नहीं; "लोक प्रशासन" का सही अर्थ संदर्भ पर निर्भर करता है।
POSDCORB: गुलिक का सात-अक्षरी सूत्र
प्रबंधकीय दृष्टिकोण को ठोस रूप लूथर गुलिक ने दिया। उनका निबंध "Notes on the Theory of Organization", गुलिक और उर्विक द्वारा संपादित Papers on the Science of Administration (1937) में छपा। वहाँ वे पूछते हैं: मुख्य कार्यपालक (chief executive) का काम क्या है? और ख़ुद उत्तर देते हैं: POSDCORB। उन्होंने साफ़ लिखा कि यह एक गढ़ा हुआ शब्द है, जो कार्यपालक के कार्य के अलग-अलग तत्त्वों की ओर ध्यान खींचने के लिए बना, क्योंकि "प्रशासन" और "प्रबंध" जैसे शब्दों में कोई विशिष्ट सामग्री नहीं रह गई थी। यह विश्लेषण उन्होंने फ़ेयोल के कार्यात्मक विश्लेषण से अपनाया।
फ़ेयोल की परिभाषा में प्रबंध करने का अर्थ है पूर्वानुमान और योजना, संगठन, आदेश, समन्वय और नियंत्रण। गुलिक ने इनके स्थान पर अपनी सात गतिविधियाँ रखीं और कर्मचारी-व्यवस्था, प्रतिवेदन तथा बजट अलग से गिनाए। यही कारण है कि POSDCORB को प्रबंधकीय दृष्टिकोण की कसौटी माना जाता है।
POSDCORB के सात तत्त्व (गुलिक, 1937)
| अक्षर | अर्थ (गुलिक के शब्दों का सार) | उदाहरण: ज़िला कलेक्टर का कार्यालय (विश्लेषण) |
|---|---|---|
| P: Planning (योजना) | मोटे तौर पर तय करना कि क्या करना है और उसे कैसे करना है | बाढ़-राहत की वार्षिक कार्ययोजना बनाना |
| O: Organizing (संगठन) | अधिकार की औपचारिक संरचना बनाना, जिसमें कार्य-विभाजन तय और समन्वित हो | तहसीलों और शाखाओं के बीच कार्य बाँटना |
| S: Staffing (कर्मचारी-व्यवस्था) | कर्मचारियों को लाना, प्रशिक्षित करना और अनुकूल कार्य-स्थितियाँ बनाए रखना | रिक्त पदों की भर्ती और प्रशिक्षण की व्यवस्था |
| D: Directing (निर्देशन) | निर्णय लेकर उन्हें सामान्य और विशिष्ट आदेशों में ढालना; संस्था का नेतृत्व करना | अधीनस्थ अधिकारियों को आदेश और निर्देश देना |
| CO: Co-ordinating (समन्वय) | कार्य के विभिन्न हिस्सों को आपस में जोड़ने का सबसे महत्वपूर्ण दायित्व | राजस्व, पुलिस और विकास विभागों की बैठक कर टकराव मिटाना |
| R: Reporting (प्रतिवेदन) | जिनके प्रति कार्यपालक उत्तरदायी है, उन्हें जानकारी देना; अभिलेख, शोध और निरीक्षण से स्वयं भी जानकार रहना | राज्य सरकार को मासिक प्रगति-रिपोर्ट भेजना |
| B: Budgeting (बजट) | वित्तीय योजना, लेखा और नियंत्रण | विभागीय व्यय का हिसाब और बचत-अधिशेष का मिलान |
अर्थ का स्रोत: गुलिक का मूल निबंध, 1937। तीसरा स्तंभ केवल समझाने के लिए गढ़े गए उदाहरण हैं।
POSDCORB की सीमाएँ
पहली बात: गुलिक ने POSDCORB को मुख्य कार्यपालक के कार्यों की सूची कहा था, "संपूर्ण लोक प्रशासन" की परिभाषा नहीं। दूसरी, MANUU जैसी स्व-अध्ययन सामग्री में आलोचना यह दिखती है कि यह सूत्र प्रशासन की तकनीकों पर अटका रहता है और जनता को दी जाने वाली असली सेवाओं (क़ानून-व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, सार्वजनिक निर्माण, कृषि, न्याय) की बात नहीं करता, इसलिए इसे अधूरा और संकीर्ण माना जाता है। तीसरी, यह सूत्र सभी संगठनों पर लागू हो सकने वाले "प्रबंधन" की भाषा बोलता है, लोक और निजी का भेद मिटाते हुए; आगे की तालिका इसी भेद पर है।
POSDCORB: एक अधिकारी का कार्य-चक्र
P योजना
क्या और कैसे
O संगठन
अधिकार-ढाँचा और कार्य-विभाजन
S कर्मचारी-व्यवस्था
भर्ती, प्रशिक्षण, कार्य-स्थिति
D निर्देशन
निर्णय और आदेश
CO समन्वय
हिस्सों को जोड़ना
R प्रतिवेदन
ऊपर और नीचे सूचना
B बजट
वित्तीय योजना, लेखा, नियंत्रण
क्षेत्र (Scope): कितना फैला है लोक प्रशासन?
विल्सन ने अध्ययन का उद्देश्य दो प्रश्नों में रखा: पहला, सरकार उचित और सफल ढंग से क्या कर सकती है; दूसरा, उन उचित कार्यों को अधिकतम संभव दक्षता और न्यूनतम संभव धन या ऊर्जा की लागत से कैसे किया जाए। वही दो प्रश्न आज भी क्षेत्र की सबसे साफ़ सीमा-रेखा हैं।
पफ़िफ़नर ने क्षेत्र को दो हिस्सों में बाँटा। पहला, प्रशासन के सिद्धांत, जिसमें छह बातें आती हैं: संगठन; कर्मचारी-प्रबंध; कार्य-पद्धति और प्रक्रिया; सामग्री और आपूर्ति; सार्वजनिक वित्त; और प्रशासनिक जवाबदेही (आंतरिक नियंत्रण तथा न्यायालय, विधायिका और जनता के प्रति)। दूसरा, प्रशासन का दायरा (sphere): केंद्र सरकार, राज्य सरकारें, क्षेत्रीय और स्थानीय निकाय तथा सार्वजनिक निगम।
एक और ज़रूरी समझ: क्षेत्र जनता की अपेक्षाओं के साथ बढ़ता है। जब लोग केवल "अकेला छोड़ दिए जाने" की उम्मीद करते थे, प्रशासन का काम सीमित था; अब शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, राशन और सुरक्षा जैसी लंबी सूची की अपेक्षा है, इसलिए एजेंसियाँ, अधिकारी और कर्मचारी भी बढ़ते हैं। इसी कारण अध्ययन कार्यपालिका की शाखा पर केंद्रित रहकर भी उसका क्षेत्र बहुत व्यापक है।
महत्व (Significance)
पुलिस-राज्य (police state) की पुरानी धारणा में सरकार का काम केवल क़ानून-व्यवस्था सँभालना था। आज "सेवा राज्य" (service state) की धारणा स्वीकार हो चुकी है, जिसमें राज्य आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन का वाहक है। इसी बदलाव ने लोक प्रशासन के कार्य, संख्या और जटिलता को बढ़ाया है। जन्म-मृत्यु के पंजीकरण से लेकर शिक्षा, डाक, रोज़गार कार्यालय और राशन-कार्यालय तक नागरिक लगभग "पालने से क़ब्र तक" प्रशासन से जुड़ा रहता है।
महत्व के कुछ ठोस बिंदु: (1) किसी राज्य में स्वतंत्र न्यायपालिका या विधायिका के बिना भी काम चल सकता है, पर सुव्यवस्थित प्रशासन के बिना कोई राज्य नहीं टिकता। (2) एडमंड बर्क का कथन पाठ्यपुस्तकों में बार-बार आता है: सरकार का ढाँचा जैसा भी बना लें, उसका बहुत बड़ा हिस्सा उन शक्तियों के प्रयोग पर निर्भर होगा जो मंत्रियों के विवेक पर छोड़ दी गई हैं; उचित प्रबंध के बिना राष्ट्रमंडल "काग़ज़ पर योजना" भर रह जाएगा। (3) विकास और कल्याण की योजनाएँ क़ानून या बजट से नहीं, प्रशासन के क्रियान्वयन से लोगों तक पहुँचती हैं। (4) प्रशासन स्थायी कार्यपालिका है, जो सरकारें बदलने पर भी निरंतरता देता है (विश्लेषण)। (5) विज्ञान और तकनीक से जटिल होते समाज में प्रशासन और समुदाय के बीच प्रभावी समन्वय स्वयं एक बड़ी चुनौती है।
लोक प्रशासन बनाम निजी प्रशासन (2013 का प्रश्न)
पहले समानताएँ, ताकि उत्तर संतुलित रहे। फ़ेयोल, उर्विक और मेरी पार्कर फ़ॉलेट का मत है कि लोक और निजी प्रशासन में बुनियादी अंतर नहीं है। फ़ेयोल के शब्दों में अब हमारे सामने कई प्रशासनिक विज्ञान नहीं, एक ही विज्ञान है जो सार्वजनिक और निजी, दोनों कार्यों पर समान रूप से लागू होता है। लेखा, कार्यालय-प्रक्रिया, सांख्यिकी, ख़रीद जैसी तकनीकें दोनों में समान हैं। निगरो चार समानताएँ गिनाते हैं: सहकारी प्रयास, बड़े आकार से आने वाला नौकरशाही तत्त्व, वैज्ञानिक प्रबंध की तकनीकें और मानव संबंध उपागम।
दूसरी ओर एपलबी, जोसिया स्टैम्प, साइमन, ड्रकर और गॉस जैसे विचारक भेद पर ज़ोर देते हैं। एपलबी (Big Democracy) कहते हैं कि सरकारी प्रशासन अपने सार्वजनिक स्वरूप, जनता की जाँच-परख और आलोचना के कारण अन्य सभी प्रशासनिक कार्यों से अलग है। स्टैम्प ने चार कसौटियाँ दीं: एकरूपता का सिद्धांत, विधायिका का बाहरी वित्तीय नियंत्रण, सार्वजनिक उत्तरदायित्व और लाभ-उद्देश्य का अभाव। विल्सन स्वयं प्रशासन को "व्यवसाय का क्षेत्र" कहते हैं, यानी राजनीति की खींचतान से दूर, पर केवल इस अर्थ में कि उसकी कार्य-पद्धति काउंटिंग-हाउस जैसी है; साथ ही वे मानते हैं कि उसके बड़े सिद्धांत राजनीतिक विवेक के स्थायी सूत्रों से जुड़े हैं।
लोक प्रशासन और निजी (व्यावसायिक) प्रशासन: मुख्य अंतर
| आधार | लोक प्रशासन | निजी प्रशासन |
|---|---|---|
| राजनीतिक निर्देशन | राजनीतिक कार्यपालिका के आदेशों का पालन; विकल्प कम | आपातकाल को छोड़कर राजनीतिक निर्देशन नहीं; लक्ष्य अपने तय |
| उद्देश्य | सेवा का भाव; कई कार्य धन ख़र्च करने वाले (सरकारी स्कूल, अस्पताल) | लाभ कमाना; सेवा लाभ का उप-उत्पाद |
| सेवा और लागत | कर उतना ही जितना सेवा के लिए ज़रूरी; बजट प्रायः घाटे का | आय को व्यय से अधिक रखने का प्रयास; घाटा हो तो बंदी |
| कार्य की प्रकृति | व्यापक; रक्षा, क़ानून-व्यवस्था जैसे अनिवार्य काम; कुछ सेवाओं पर एकाधिकार | प्रायः आर्थिक आवश्यकताओं तक सीमित; एक ही काम कई संगठन करते हैं |
| उत्तरदायित्व | जनता और विधायिका के प्रति सीधे उत्तरदायी; जाँच-परख और आलोचना के घेरे में (एपलबी) | मालिकों या निदेशक मंडल के प्रति; जनता के प्रति केवल परोक्ष |
| बाहरी वित्तीय नियंत्रण | विधायिका के माध्यम से आय-व्यय पर बाहरी नियंत्रण (स्टैम्प) | आंतरिक नियंत्रण |
| व्यवहार में एकरूपता | सबके साथ एक-सा, नियम-आधारित व्यवहार अपेक्षित | परिस्थिति के अनुसार नियम और व्यवहार तय कर सकता है |
| जनसंपर्क | सीमित और अलग तरह का; विक्रय-कला जैसी चीज़ें नहीं | विज्ञापन और विक्रय-प्रचार महत्वपूर्ण |
आधार: Hoshiar Singh-Sachdeva और Bhagwan-Bhushan की पाठ्यपुस्तकें, तथा स्टैम्प की चार कसौटियाँ MANUU सामग्री के अनुसार। उत्तर में कम से कम चार बिंदु लिखें; राजनीतिक निर्देशन, उद्देश्य, उत्तरदायित्व और कार्य-क्षेत्र सबसे सुरक्षित चार हैं।
एक नज़र में: अर्थ, प्रकृति, क्षेत्र, महत्व
लोक प्रशासन
अर्थ
- विल्सन 1887: क़ानून का विस्तृत, व्यवस्थित क्रियान्वयन
- व्हाइट: लोकनीति को पूरा करने वाले सभी कार्य
- डिमॉक: 'क्या' और 'कैसे'
- निगरो: तीनों शाखाएँ, सहकारी प्रयास
प्रकृति
- एकीकृत: सभी कार्यों का योग (व्हाइट, डिमॉक)
- प्रबंधकीय: केवल प्रबंधकीय कार्य (गुलिक, साइमन)
POSDCORB
- गुलिक 1937
- सात कार्य
- फ़ेयोल से अपनाया
क्षेत्र
- संकीर्ण: कार्यपालिका
- व्यापक: तीनों शाखाएँ
- पफ़िफ़नर: सिद्धांत + दायरा
महत्व
- सेवा राज्य
- पालने से क़ब्र तक
- नीति का क्रियान्वयन
- बर्क का कथन
लोक बनाम निजी
- राजनीतिक निर्देशन
- सेवा बनाम लाभ
- जनता के प्रति उत्तरदायित्व
- कार्य-क्षेत्र
मुख्य तथ्य
- विल्सन का निबंध
- "The Study of Administration", Political Science Quarterly, खंड 2 अंक 2, जून 1887, पृ. 197-222
- विल्सन की परिभाषा
- लोक प्रशासन सार्वजनिक क़ानून का विस्तृत और व्यवस्थित क्रियान्वयन है (1887)
- विल्सन: अध्ययन का उद्देश्य
- सरकार क्या उचित रूप से कर सकती है, और उसे अधिकतम दक्षता व न्यूनतम लागत से कैसे करे (1887)
- POSDCORB
- गुलिक का "Notes on the Theory of Organization", Papers on the Science of Administration में, 1937; फ़ेयोल के विश्लेषण से अपनाया
- फ़ेयोल के पाँच कार्य
- पूर्वानुमान और योजना, संगठन, आदेश, समन्वय, नियंत्रण (अंग्रेज़ी अनुवाद 1949; फ़्रेंच मूल 1916)
- एकीकृत दृष्टिकोण
- सभी कार्यों का योग; व्हाइट, डिमॉक
- प्रबंधकीय दृष्टिकोण
- केवल प्रबंधकीय कार्य; गुलिक, साइमन-स्मिथबर्ग-थॉमसन
- निगरो का सारांश
- लोक प्रशासन की छह विशेषताएँ (Modern Public Administration, 1965 का उद्धरण)
- स्टैम्प की चार कसौटियाँ
- एकरूपता, बाहरी वित्तीय नियंत्रण, मंत्रिस्तरीय/सार्वजनिक उत्तरदायित्व, लाभ-उद्देश्य का अभाव
- अंतिम जाँच
- 1 अक्टूबर 2026
परीक्षा में आम ग़लतियाँ
याद रखें
- POSDCORB को "लोक प्रशासन की परिभाषा" लिखना: गुलिक ने इसे मुख्य कार्यपालक के कार्यों की सूची बताया था। उत्तर में "प्रबंधकीय दृष्टिकोण की कसौटी" लिखें।
- एकीकृत और प्रबंधकीय के समर्थक उलट देना। पाठ्यपुस्तकों के अनुसार एकीकृत: व्हाइट, डिमॉक; प्रबंधकीय: गुलिक, साइमन। कुछ स्व-अध्ययन सामग्रियों में फ़ेयोल को एकीकृत पक्ष में लिखा मिलता है, जबकि गुलिक ख़ुद POSDCORB को फ़ेयोल से अपनाया बताते हैं; उत्तर में फ़ेयोल को प्रबंधकीय कार्यों की जड़ के रूप में लिखना सुरक्षित है।
- विल्सन के निबंध का वर्ष 1887 है। कुछ छपी पुस्तकों में 1987 की टंकण-त्रुटि मिलती है; ग़लत वर्ष न लिखें।
- लोक बनाम निजी में केवल "लाभ बनाम सेवा" लिखकर रुक जाना। राजनीतिक निर्देशन, उत्तरदायित्व, कार्य-क्षेत्र और बाहरी वित्तीय नियंत्रण जोड़ें, वरना 5 अंक के उत्तर में बिंदु कम पड़ेंगे।
- "निजी प्रशासन जनता के प्रति उत्तरदायी नहीं" लिख देना: पाठ्यपुस्तकों के अनुसार वह उस अर्थ में प्रत्यक्ष उत्तरदायी नहीं, जिस अर्थ में लोक प्रशासन है। "परोक्ष" शब्द जोड़ें।
- शब्द-सीमा तोड़ना: 2 अंक का उत्तर लगभग 15 शब्द, 5 अंक का लगभग 50 शब्द। परिभाषा + समर्थक का नाम 2 अंक के लिए काफ़ी है।
केस स्टडी: एक दूरस्थ गाँव और दो फ़ैसले (काल्पनिक)
उदाहरण (काल्पनिक)एक ही फ़ैसला, दो प्रशासन
यह उदाहरण समझाने के लिए गढ़ा गया है; गाँव, संख्या और घटना वास्तविक नहीं हैं। एक दूरस्थ गाँव में सिर्फ़ तीस परिवार रहते हैं। वहाँ तक पहुँचने की सड़क ख़राब है और हफ़्ते में एक ही बस जाती है। दो संस्थाएँ वहाँ सेवा देने पर विचार कर रही हैं: एक निजी कंपनी (दवा और सामान की डिलीवरी) और एक सरकारी विभाग (उप-स्वास्थ्य केंद्र)।
- निजी कंपनी का गणित
- तीस परिवारों से इतनी बिक्री नहीं होगी कि डिलीवरी का ख़र्च निकले, इसलिए वह गाँव को सेवा-सूची से बाहर रख सकती है। उसे ऐसा करने से कोई राजनीतिक आदेश नहीं रोकता। उद्देश्य लाभ है, सेवा उसका उप-उत्पाद।
- सरकारी विभाग का गणित
- उप-स्वास्थ्य केंद्र का ख़र्च गाँव की आय से नहीं निकलता। विभाग धन ख़र्च करने वाला काम इसलिए करता है कि राजनीतिक कार्यपालिका की नीति और क़ानून ने स्वास्थ्य-सेवा को सबके लिए सुलभ करने का लक्ष्य दिया है।
- उत्तरदायित्व
- केंद्र न खुले तो गाँव के लोग जनप्रतिनिधि, विधानसभा के प्रश्न या अख़बार के ज़रिये जवाब माँगते हैं; विभाग बजट के लिए विधायिका के बाहरी नियंत्रण में रहता है। निजी कंपनी का जवाब मुख्यतः उसके मालिकों के प्रति है।
- एकीकृत और प्रबंधकीय नज़र
- एकीकृत दृष्टि में केंद्र का नर्स-सहायक, दवा-वितरक और कंपाउंडर भी प्रशासन है। प्रबंधकीय दृष्टि में केवल वह अधिकारी प्रशासन है जो केंद्र की योजना, भर्ती, समन्वय और बजट तय करता है (POSDCORB)।
सीख
लोक और निजी प्रशासन में तकनीकें समान हो सकती हैं (लेखा, भर्ती, रिपोर्टिंग), पर लक्ष्य, उत्तरदायित्व और कार्य-क्षेत्र का फ़र्क़ ही असली अंतर है। उत्तर में एक छोटा-सा उदाहरण देने से बिंदु ठोस हो जाता है।
पिछले वर्षों के प्रश्न (हल सहित)
2021RAS मुख्य परीक्षापेपर III2 अंक
प्रशासन की प्रकृति के सम्बन्ध में प्रबंधकीय दृष्टिकोण को स्पष्ट कीजिए।
आदर्श उत्तर
प्रबंधकीय दृष्टिकोण में प्रशासन केवल प्रबंधकीय कार्यों (योजना, संगठन, निर्देशन, समन्वय) का नाम है। समर्थक: गुलिक, साइमन।
2013RAS मुख्य परीक्षापेपर III5 अंक
लोक प्रशासन तथा व्यावसायिक प्रबन्धन के बीच मुख्य अंतर क्या है?
आदर्श उत्तर
लोक प्रशासन राजनीतिक निर्देशन में चलता है; व्यावसायिक प्रबंधन अपने लक्ष्य स्वयं तय करता है। पहले का उद्देश्य सेवा, दूसरे का लाभ है। लोक प्रशासन जनता और विधायिका के प्रति सीधे उत्तरदायी, कार्य-क्षेत्र में व्यापक और कई सेवाओं में एकाधिकारी है; व्यावसायिक प्रबंधन मालिकों के प्रति उत्तरदायी है।
अभ्यास प्रश्न (मौलिक)
अभ्यास प्रश्नलगभग 15 शब्द
POSDCORB के सात अक्षरों का पूरा रूप लिखिए।
आदर्श उत्तर
P योजना, O संगठन, S कर्मचारी-व्यवस्था, D निर्देशन, CO समन्वय, R प्रतिवेदन, B बजट (गुलिक, 1937)।
अभ्यास प्रश्नलगभग 50 शब्द
एकीकृत और प्रबंधकीय दृष्टिकोण में अंतर लिखिए।
आदर्श उत्तर
एकीकृत दृष्टिकोण में लोकनीति के पालन से जुड़े सभी कार्य, प्रबंधकीय से लेकर लिपिकीय और शारीरिक तक, प्रशासन हैं (व्हाइट, डिमॉक)। प्रबंधकीय दृष्टिकोण में केवल शीर्ष के योजना, संगठन, निर्देशन जैसे प्रबंधकीय कार्य प्रशासन हैं (गुलिक, साइमन)। पहला "काम करना", दूसरा "काम करवाना" है।
अभ्यास प्रश्नलगभग 50 शब्द
लोक और निजी प्रशासन किन बातों में समान हैं? संक्षेप में लिखिए।
आदर्श उत्तर
फ़ेयोल और उर्विक के अनुसार दोनों में योजना, संगठन, समन्वय जैसी तकनीकें समान हैं। लेखा, कार्यालय-प्रक्रिया और ख़रीद दोनों में होती है। निगरो के अनुसार दोनों में सहकारी प्रयास, नौकरशाही तत्त्व, वैज्ञानिक प्रबंध और मानव संबंध उपागम मिलते हैं। इसलिए भेद मुख्यतः उद्देश्य, उत्तरदायित्व और राजनीतिक निर्देशन में है।
अभ्यास प्रश्नलगभग 100 शब्द
आधुनिक कल्याणकारी राज्य में लोक प्रशासन के महत्व की विवेचना कीजिए।
आदर्श उत्तर
पुलिस-राज्य की जगह अब सेवा राज्य की धारणा है, जिसमें सरकार आर्थिक-सामाजिक परिवर्तन की वाहक है। इसलिए लोक प्रशासन के कार्य, संख्या और जटिलता बढ़ी हैं; नागरिक जन्म-पंजीकरण से शिक्षा, स्वास्थ्य, डाक और राशन तक प्रशासन से जुड़ा है।
बिना सुव्यवस्थित प्रशासन के कोई राज्य नहीं टिकता; बर्क के शब्दों में उसके बिना संविधान काग़ज़ की योजना भर है। कल्याण और विकास की योजनाएँ क़ानून या बजट से नहीं, क्रियान्वयन से जनता तक पहुँचती हैं। प्रशासन स्थायी कार्यपालिका के रूप में सरकारें बदलने पर भी निरंतरता देता है।
इसलिए प्रशासन की दक्षता और जवाबदेही ही कल्याणकारी राज्य की सफलता की कसौटी है।
उत्तर कैसे लिखें (10 अंक, 100 शब्द)
भूमिका
प्रश्न: "लोक प्रशासन का अर्थ और प्रकृति स्पष्ट करते हुए उसे निजी प्रशासन से अलग कीजिए।" पहले दो वाक्यों में विल्सन (1887) और व्हाइट की परिभाषा दें।
मुख्य भाग
- अर्थ: विल्सन 1887, "क़ानून का विस्तृत और व्यवस्थित क्रियान्वयन"; निगरो के तीन-चार बिंदु (तीनों शाखाएँ, सहकारी प्रयास, नीति-निर्माण में भूमिका)
- प्रकृति: एकीकृत दृष्टिकोण (व्हाइट, डिमॉक) बनाम प्रबंधकीय दृष्टिकोण (गुलिक, साइमन); POSDCORB के सात अक्षर एक पंक्ति में
- लोक बनाम निजी: राजनीतिक निर्देशन, सेवा बनाम लाभ, जनता के प्रति उत्तरदायित्व, कार्य-क्षेत्र (चार बिंदु)
- समानताएँ एक वाक्य में: फ़ेयोल और उर्विक का मत कि तकनीकें समान हैं
निष्कर्ष
निष्कर्ष: तकनीकें समान हो सकती हैं, पर लोक प्रशासन का लक्ष्य, जवाबदेही और दायरा उसे निजी प्रबंधन से अलग बनाते हैं; इसलिए उसका मूल्यांकन केवल दक्षता से नहीं, सेवा और जवाबदेही से भी होना चाहिए।
अतिरिक्त मूल्य
- एपलबी का कथन: सरकारी प्रशासन अपने सार्वजनिक स्वरूप और जनता की जाँच-परख के कारण अलग है
- स्टैम्प की चार कसौटियों में से एक-दो
- एक गढ़ा हुआ ज़िला-स्तर का उदाहरण (जैसे उप-स्वास्थ्य केंद्र बनाम निजी डिलीवरी कंपनी)
त्वरित पुनरावृत्ति
- विल्सन का निबंध "The Study of Administration": जून 1887, Political Science Quarterly 2(2), पृ. 197-222
- विल्सन: लोक प्रशासन = सार्वजनिक क़ानून का विस्तृत और व्यवस्थित क्रियान्वयन; प्रशासन "चलती हुई सरकार"
- व्हाइट: लोकनीति को पूरा करने या लागू करने वाले सभी कार्य; डिमॉक: "क्या" और "कैसे"
- निगरो: सहकारी प्रयास, तीनों शाखाएँ, नीति-निर्माण में भूमिका, निजी प्रशासन से भिन्न, मानव संबंध उपागम, निजी समूहों से जुड़ाव
- एकीकृत दृष्टिकोण: सभी कार्यों का योग (व्हाइट, डिमॉक); प्रबंधकीय: केवल प्रबंधकीय कार्य (गुलिक, साइमन)
- POSDCORB: Planning, Organizing, Staffing, Directing, Co-ordinating, Reporting, Budgeting; गुलिक 1937; फ़ेयोल के विश्लेषण से
- फ़ेयोल: पूर्वानुमान-योजना, संगठन, आदेश, समन्वय, नियंत्रण
- पफ़िफ़नर: क्षेत्र = सिद्धांत (6 बातें) + दायरा (केंद्र, राज्य, स्थानीय, सार्वजनिक निगम)
- महत्व: पुलिस-राज्य से सेवा राज्य; "पालने से क़ब्र तक"; बर्क: प्रबंध के बिना संविधान काग़ज़ी योजना
- लोक बनाम निजी: राजनीतिक निर्देशन, उद्देश्य, उत्तरदायित्व, कार्य-क्षेत्र, बाहरी वित्तीय नियंत्रण (स्टैम्प)
याद रखने योग्य शब्द
- Public Administration
- Integral view
- Managerial view
- POSDCORB
- Wilson 1887
- Gulick 1937
- L.D. White
- Nigro
- Appleby
- public vs private administration