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REET L1+L2 · गणित

प्रायिकता (Probability)

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REET गणित में प्रायिकता (Probability) के प्रश्न सैद्धांतिक परिभाषा — P(E) = अनुकूल परिणाम ÷ कुल परिणाम — और पासा-सिक्के जैसे सरल प्रयोगों पर आधारित होते हैं। यहाँ प्रायिकता के नियम, पूरक घटना और हल सहित उदाहरण दिए गए हैं।

  • REET 2024 में 3 प्रश्न
  • कक्षा 9-10 स्तर
  • 8 मिनट पढ़ें
16 सितंबर 2026 को सत्यापित

REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

REET 2024 के तीनों प्रश्न प्रायिकता के मूल नियमों पर आधारित थे — P(E) + P(Ē) = 1, निश्चित घटना की प्रायिकता, और पासे पर अभाज्य संख्या आने की प्रायिकता निकालना। यानी REET में गहरी संयोजिकी (combinatorics) नहीं, बल्कि परिभाषाओं की स्पष्ट समझ और सरल प्रयोगों (पासा, सिक्का) में परिणाम गिनने की क्षमता जाँची जाती है। इसलिए हल करते समय सबसे पहले सावधानी से कुल परिणामों की सूची बनाएँ और फिर उनमें से अनुकूल परिणाम छाँटें, अनुमान से सीधे उत्तर न लिखें।

प्रायिकता की सैद्धांतिक (Classical) परिभाषा

किसी घटना E की सैद्धांतिक (शास्त्रीय) प्रायिकता P(E) = अनुकूल परिणामों की संख्या ÷ कुल संभावित (समप्रायिक) परिणामों की संख्या। यह परिभाषा तभी लागू होती है जब सभी संभावित परिणाम समान रूप से संभावित (equally likely) हों — जैसे निष्पक्ष (fair) पासा या सिक्का।

प्रायिकता के मूल नियम

किसी घटना E की प्रायिकता का परिसर
0 ≤ P(E) ≤ 1
निश्चित/सुनिश्चित घटना (Sure event)
P(E) = 1
असंभव घटना (Impossible event)
P(E) = 0
पूरक घटना (Complementary event) का नियम
P(E) + P(Ē) = 1, अर्थात् P(Ē) = 1 − P(E)

पासे और सिक्के के प्रयोगों में कुल परिणाम

एक सिक्का उछालने पर 2 परिणाम संभव हैं (चित/पट)। दो सिक्के एक साथ उछालने पर 4 परिणाम संभव हैं (चित-चित, चित-पट, पट-चित, पट-पट)। एक पासा उछालने पर 6 परिणाम संभव हैं (1 से 6)। ताश की एक पूरी गड्डी में 52 पत्ते होते हैं।

पासे पर अभाज्य संख्याएँ केवल 2, 3 और 5 हैं — 1 न तो अभाज्य है और न ही भाज्य, इसलिए उसे अभाज्य संख्याओं में नहीं गिना जाता। यह एक बहुत ही सामान्य REET ट्रैप है।

प्रायोगिक (Experimental) बनाम सैद्धांतिक (Theoretical) प्रायिकता

प्रायोगिक प्रायिकता वास्तव में प्रयोग करके निकाली जाती है: किसी घटना के घटित होने की संख्या ÷ कुल प्रयासों की संख्या। यह प्रयोग-दर-प्रयोग बदल सकती है। सैद्धांतिक प्रायिकता बिना प्रयोग किए, केवल तार्किक गणना से निकाली जाती है। जब प्रयासों की संख्या बहुत अधिक हो, तो प्रायोगिक प्रायिकता सैद्धांतिक प्रायिकता के करीब पहुँचने लगती है।

संभाव्य समष्टि (Sample Space) और घटना (Event)

किसी प्रयोग के सभी संभावित परिणामों के समुच्चय (सेट) को संभाव्य समष्टि (Sample Space, S) कहते हैं। जैसे एक पासा उछालने पर S = {1, 2, 3, 4, 5, 6}, और दो सिक्के उछालने पर S = {चित-चित, चित-पट, पट-चित, पट-पट}। इसी समष्टि के किसी उपसमुच्चय (subset) को घटना (Event) कहते हैं — जैसे 'सम संख्या आना' पासे की समष्टि का एक उपसमुच्चय {2, 4, 6} है।

दो पासों को एक साथ उछालने पर कुल 36 (6×6) परिणाम संभव होते हैं, क्योंकि हर पासे के 6-6 परिणाम आपस में जुड़ते हैं। उदाहरण: दोनों पासों के अंकों का योग 7 आने की प्रायिकता ज्ञात करें — योग 7 बनाने वाले जोड़े हैं (1,6), (2,5), (3,4), (4,3), (5,2), (6,1), यानी कुल 6 अनुकूल परिणाम। अतः प्रायिकता = 6/36 = 1/6।

इसी तरह ताश के 52 पत्तों की गड्डी में 4 सूट (हुकुम, चिड़ी, पान, ईंट) होते हैं, हर सूट में 13 पत्ते होते हैं, और कुल 26 पत्ते लाल (पान, ईंट) तथा 26 पत्ते काले (हुकुम, चिड़ी) होते हैं — यह जानकारी ताश से जुड़े प्रायिकता प्रश्नों में अक्सर काम आती है।

त्वरित संदर्भ: सामान्य प्रायिकता उदाहरण

घटनाअनुकूल परिणामप्रायिकता
पासे पर सम संख्या आना2, 4, 6 (कुल 3)1/2
पासे पर विषम संख्या आना1, 3, 5 (कुल 3)1/2
पासे पर अभाज्य संख्या आना2, 3, 5 (कुल 3)1/2
सिक्का उछालने पर चित आनाचित (कुल 1)1/2
52 पत्तों में से इक्का (Ace) निकलना4 इक्के1/13
52 पत्तों में से लाल पत्ता निकलना26 लाल पत्ते1/2

ये सभी उदाहरण निष्पक्ष (fair) पासे, सिक्के और अच्छी तरह फेंटी हुई ताश की गड्डी मानकर हैं।

बच्चों को कैसे पढ़ाएँ

कक्षा गतिविधि

वास्तविक सिक्का या पासा बार-बार उछलवाकर परिणाम कक्षा में तालिका में दर्ज कराएँ, फिर प्रायोगिक प्रायिकता निकालकर सैद्धांतिक प्रायिकता (1/2 या 1/6) से तुलना कराएँ। पूरी कक्षा के परिणामों को जोड़कर दिखाएँ कि प्रयासों की संख्या बढ़ने पर प्रायोगिक मान सैद्धांतिक मान के करीब आता जाता है।

शिक्षण सहायक सामग्री

वास्तविक पासे, सिक्के, और रंगीन गेंदों से भरा एक थैला (bag) — बच्चों को बिना देखे गेंद निकलवाकर संभावनाओं पर चर्चा कराएँ। दो पासों को एक साथ उछालकर योग की संभाव्य समष्टि भी तालिका के रूप में बनवाई जा सकती है।

सामान्य भ्रांति

विद्यार्थी अक्सर 1 को अभाज्य संख्या मान लेते हैं, और कुछ यह सोचते हैं कि किसी घटना की प्रायिकता 'बहुत संभावना' होने पर 1 से अधिक भी हो सकती है — जबकि यह सदैव 0 और 1 के बीच सीमित रहती है। कुछ बच्चे दो पासों के योग के सभी मान (2 से 12) को समान रूप से संभावित मान लेते हैं, जबकि हर योग बनने के तरीकों की संख्या अलग-अलग होती है। कुछ विद्यार्थी यह भी सोचते हैं कि पिछले परिणाम अगले परिणाम को प्रभावित करते हैं (जैसे लगातार तीन बार चित आने के बाद अब पट आना 'ज़्यादा संभावित' है), जबकि प्रत्येक उछाल स्वतंत्र (independent) घटना होती है।

मूल्यांकन विचार

थैले में अलग-अलग रंग की गोलियाँ रखकर बिना देखे निकालने पर हर रंग की प्रायिकता निकलवाना — एक व्यावहारिक, हाथों-हाथ मूल्यांकन गतिविधि, जिसमें बाद में गिनकर वास्तविक अनुपात से तुलना भी कराई जा सकती है।

याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप

1 न तो अभाज्य (prime) है, न ही भाज्य (composite) — पासे पर अभाज्य संख्याएँ केवल 2, 3 और 5 हैं (कुल 3 अनुकूल परिणाम)। यह गलती REET में बार-बार पकड़ी जाती है, इसलिए 1 को कभी अभाज्य न गिनें। यह भी याद रखें कि सिक्का या पासा उछालने की हर बार की घटना स्वतंत्र (independent) होती है — पिछले परिणाम का अगले परिणाम की प्रायिकता पर कोई असर नहीं पड़ता।

REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)

प्रश्न 103

P(E) + P(Ē) बराबर है :

  1. A0
  2. B2
  3. C1
  4. D3

व्याख्या

Ē घटना E की पूरक (complementary) घटना है, अर्थात् 'E का न होना'। किसी प्रयोग में या तो E होगी या नहीं होगी, इसलिए दोनों की प्रायिकताओं का योग निश्चित घटना की प्रायिकता 1 के बराबर होता है: P(E) + P(Ē) = 1।

प्रश्न 106

निश्चित घटना की प्रायिकता होगी

  1. A1
  2. B0
  3. C1/2
  4. D1/3

व्याख्या

निश्चित घटना (sure/certain event) वह है जो हर बार अवश्य घटित होती है, अतः उसकी प्रायिकता 1 होती है। असंभव घटना की प्रायिकता 0 होती है। किसी भी घटना की प्रायिकता 0 और 1 के बीच होती है।

प्रश्न 112

एक पासे के एक उछाल में उसके ऊपरी फलक पर एक अभाज्य संख्या प्राप्त होने की प्रायिकता होगी

  1. A1/2
  2. B2/3
  3. C1/3
  4. D5/6

व्याख्या

पासे पर संभावित परिणाम 1, 2, 3, 4, 5, 6 (कुल 6) हैं। इनमें अभाज्य संख्याएँ 2, 3 और 5 (कुल 3) हैं; 1 अभाज्य नहीं है। अतः प्रायिकता = 3/6 = 1/2।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

एक सिक्के को एक बार उछालने पर चित (Head) आने की प्रायिकता क्या है?

  1. A1/4
  2. B1/3
  3. C1/2
  4. D1

व्याख्या

कुल परिणाम 2 (चित, पट), अनुकूल परिणाम 1 (चित)। P(चित) = 1/2।

प्रश्न 2

एक पासे को उछालने पर सम संख्या (even number) आने की प्रायिकता ज्ञात करें।

  1. A1/3
  2. B1/2
  3. C2/3
  4. D5/6

व्याख्या

सम संख्याएँ 2, 4, 6 (कुल 3), कुल परिणाम 6। P = 3/6 = 1/2।

प्रश्न 3

एक थैले में 3 लाल और 5 नीली गेंदें हैं। बिना देखे एक गेंद निकालने पर वह लाल होने की प्रायिकता ज्ञात करें।

  1. A3/8
  2. B5/8
  3. C3/5
  4. D1/3

व्याख्या

कुल गेंदें = 3 + 5 = 8, अनुकूल (लाल) = 3। P(लाल) = 3/8।

प्रश्न 4

52 पत्तों की गड्डी में से एक पत्ता निकालने पर वह इक्का (Ace) होने की प्रायिकता ज्ञात करें।

  1. A1/13
  2. B1/26
  3. C1/52
  4. D4/13

व्याख्या

गड्डी में कुल 4 इक्के होते हैं। P(इक्का) = 4/52 = 1/13।

प्रश्न 5

यदि किसी घटना E की प्रायिकता P(E) = 0.35 है, तो P(Ē) (E न होने की प्रायिकता) कितनी होगी?

  1. A0.65
  2. B0.35
  3. C1.35
  4. D0

व्याख्या

P(E) + P(Ē) = 1, अतः P(Ē) = 1 − 0.35 = 0.65।

प्रश्न 6

दो सिक्कों को एक साथ उछालने पर दोनों पर चित आने की प्रायिकता ज्ञात करें।

  1. A1/2
  2. B1/4
  3. C1/3
  4. D3/4

व्याख्या

कुल परिणाम 4 (चित-चित, चित-पट, पट-चित, पट-पट), अनुकूल परिणाम 1 (चित-चित)। P = 1/4।

प्रश्न 7

एक पासे को उछालने पर 4 से बड़ी संख्या आने की प्रायिकता ज्ञात करें।

  1. A1/2
  2. B1/6
  3. C1/3
  4. D2/3

व्याख्या

4 से बड़ी संख्याएँ 5, 6 (कुल 2), कुल परिणाम 6। P = 2/6 = 1/3।

प्रश्न 8

1 से 20 तक की संख्याओं में से यादृच्छया एक संख्या चुनी जाती है। उसके 3 से विभाज्य होने की प्रायिकता ज्ञात करें।

  1. A3/10
  2. B1/4
  3. C2/5
  4. D1/5

व्याख्या

1 से 20 तक 3 के गुणज: 3, 6, 9, 12, 15, 18 (कुल 6)। P = 6/20 = 3/10।

प्रश्न 9

किसी घटना की प्रायिकता 1.2 नहीं हो सकती, क्योंकि:

  1. Aप्रायिकता सदैव 0 और 1 के बीच होती है
  2. B1.2 एक भिन्न (fraction) है
  3. Cपासे पर 1.2 अंक नहीं होता
  4. Dयह एक सम संख्या नहीं है

व्याख्या

किसी भी घटना की प्रायिकता 0 और 1 के बीच (दोनों सम्मिलित) ही हो सकती है, क्योंकि अनुकूल परिणाम कभी कुल परिणामों से अधिक नहीं हो सकते।

प्रश्न 10

छात्रों को प्रायोगिक व सैद्धांतिक प्रायिकता में अंतर समझाने का सबसे प्रभावी तरीका है:

  1. Aकेवल परिभाषा बोर्ड पर लिखना
  2. Bवास्तव में सिक्का/पासा बार-बार उछलवाकर परिणाम दर्ज कराना और सैद्धांतिक मान से तुलना कराना
  3. Cप्रश्नों का सीधा उत्तर बताना
  4. Dविषय को छोड़ देना

व्याख्या

वास्तविक प्रयोग करके परिणाम दर्ज करने और उसकी सैद्धांतिक मान से तुलना करने से विद्यार्थी दोनों अवधारणाओं के अंतर को अनुभव द्वारा गहराई से समझते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

REET में प्रायिकता से कितने प्रश्न आते हैं?+

REET 2024 में इस टॉपिक से 3 प्रश्न पूछे गए थे, ज़्यादातर पासे-सिक्के के सरल प्रयोगों और मूल नियमों (जैसे पूरक घटना) पर आधारित, गहरी संयोजिकी वाले नहीं।

प्रायिकता की सैद्धांतिक परिभाषा क्या है?+

P(E) = अनुकूल परिणामों की संख्या ÷ कुल समप्रायिक (equally likely) परिणामों की संख्या — यह तभी लागू होती है जब सभी परिणाम समान रूप से संभावित हों, जैसे एक निष्पक्ष पासे या सिक्के में।

किसी घटना की प्रायिकता कभी ऋणात्मक या 1 से अधिक क्यों नहीं हो सकती?+

क्योंकि अनुकूल परिणामों की संख्या कभी ऋणात्मक नहीं हो सकती और कभी कुल परिणामों से अधिक नहीं हो सकती, इसलिए प्रायिकता सदैव 0 और 1 के बीच (दोनों सम्मिलित) ही रहती है।

पासे पर अभाज्य संख्याएँ कौन-सी हैं?+

पासे (1 से 6) पर अभाज्य संख्याएँ 2, 3 और 5 हैं। 1 को अभाज्य नहीं माना जाता, क्योंकि वह न अभाज्य है न भाज्य — यह REET का एक सामान्य ट्रैप है।

प्रायिकता के मान को भिन्न, दशमलव या प्रतिशत में क्यों लिखा जा सकता है?+

क्योंकि प्रायिकता मूलतः एक अनुपात (ratio) है, इसलिए इसे भिन्न रूप में (जैसे 1/2), दशमलव रूप में (0.5) या प्रतिशत रूप में (50%) — तीनों तरह से समान रूप से सही ढंग से व्यक्त किया जा सकता है। रोज़मर्रा के जीवन में भी मौसम पूर्वानुमान और खेलों में जीत की संभावना जैसे उदाहरणों से यह अवधारणा जुड़ी होती है।

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बदलाव लॉग

  • 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए