अभिप्रेरणा (Motivation): अर्थ, प्रक्रिया, आंतरिक-बाह्य प्रेरणा और प्रोत्साहन
अभिप्रेरणा का अर्थ, विशेषताएँ, प्रक्रिया, दिशा और तीव्रता, आंतरिक-बाह्य प्रेरणा, वित्तीय-गैर-वित्तीय प्रोत्साहन और सिद्धांतों का वर्गीकरण, सरकारी उदाहरणों और अभ्यास प्रश्नों के साथ।
- अभिप्रेरणा
- प्रक्रिया
- आंतरिक-बाह्य प्रेरणा
- प्रोत्साहन
- विषय-वस्तु बनाम प्रक्रिया
सिलेबस में
RPSC सिलेबस (09-01-2026), पेपर I, इकाई III, भाग ख (प्रबंधन): "Organisational behaviour: nature and scope, perception, motivation (concepts and theories), group dynamics and team building, organisational climate and culture." इस पृष्ठ पर अभिप्रेरणा की अवधारणाएँ हैं; मास्लो, हर्ज़बर्ग, मैकग्रेगर, मैक्लीलैंड, व्रूम और एडम्स के सिद्धांत अलग पृष्ठ पर हैं।
पिछले प्रश्नों के बारे में
2013, 2016, 2018, 2021, 2023 और 2024 के उपलब्ध पेपरों में अभिप्रेरणा की अवधारणा (अर्थ, प्रक्रिया, आंतरिक-बाह्य) पर सीधा प्रश्न दर्ज नहीं है। सिद्धांतों पर चार प्रश्न आए हैं, जो अभिप्रेरणा-सिद्धांत वाले पृष्ठ पर हल हैं। नीचे के प्रश्न अभ्यास के लिए बनाए गए हैं (15, 50 और 100 शब्द); ये पिछले वर्षों के प्रश्न नहीं हैं।
इस विषय को क्यों पढ़ें
याद रखें
- उपलब्ध पेपरों में अभिप्रेरणा प्रबंधन खंड का सबसे अधिक पूछा गया OB-विषय है: 2013, 2018, 2021 और 2023 में इसके सिद्धांतों पर 5 अंक का प्रश्न आया। अवधारणा साफ़ हो तो सिद्धांत याद रखना आसान हो जाता है।
- सरकारी कार्यालय में वेतन तय है, इसलिए प्रेरणा के गैर-वित्तीय स्रोत (मान्यता, अवसर, स्वायत्तता) बहुत मायने रखते हैं। यह पृष्ठ इसी का ढाँचा देता है।
- उत्तर में तीन चीज़ें अंक दिलाती हैं: परिभाषा, प्रक्रिया का क्रम और वित्तीय-गैर-वित्तीय प्रोत्साहनों का भेद।
अभिप्रेरणा का अर्थ और विशेषताएँ
अभिप्रेरणा (Motivation) शब्द लैटिन के उस शब्द से निकला है जिसका अर्थ 'गति देना' है (INFLIBNET)। NCERT के अनुसार अभिप्रेरणा लोगों को इच्छित लक्ष्य पूरे करने के लिए कार्य करने हेतु प्रेरित करने की प्रक्रिया है, और यह लोगों की आवश्यकताओं की पूर्ति पर निर्भर करती है। NCERT में डुबिन (Dubin) की परिभाषा दी गई है: अभिप्रेरणा वह जटिल बल है जो किसी व्यक्ति को संगठन में कार्य पर लगाता भी है और टिकाए भी रखता है। यही परिभाषा 15 शब्दों वाले उत्तर के लिए सबसे उपयुक्त है।
तीन निकट शब्दों का भेद NCERT स्पष्ट करती है। उद्देश्य या प्रयोजन (motive) व्यक्ति की वह आंतरिक अवस्था है जो व्यवहार को ऊर्जा और दिशा देती है; वह आवश्यकता से पैदा होती है और बेचैनी के रूप में कुछ करने को उकसाती है; जैसे भूख। अभिप्रेरणा उस उद्दीपन-प्रक्रिया का नाम है। प्रेरक (motivator) वह साधन है जिसे प्रबंधक प्रयोग करता है, जैसे वेतन, बोनस, पदोन्नति, मान्यता, प्रशंसा और ज़िम्मेदारी।
NCERT अभिप्रेरणा की चार विशेषताएँ बताती है। यह एक आंतरिक भावना है, क्योंकि इच्छाएँ और आकांक्षाएँ व्यक्ति के भीतर से आती हैं। यह लक्ष्य-निर्देशित व्यवहार पैदा करती है, जैसे पदोन्नति की चाह प्रदर्शन सुधारने का व्यवहार लाती है। यह सकारात्मक भी हो सकती है (वेतन-वृद्धि, मान्यता) और नकारात्मक भी (दंड, वेतन-वृद्धि रोकना, धमकी)। और यह जटिल प्रक्रिया है, क्योंकि लोगों की अपेक्षाएँ, धारणाएँ और प्रतिक्रियाएँ अलग होती हैं और एक ही प्रेरक सब पर समान असर नहीं करता।
अभिप्रेरणा की प्रक्रिया
NCERT प्रक्रिया को आवश्यकताओं पर आधारित एक सरल मॉडल से समझाती है: अपूर्ण आवश्यकता व्यक्ति में तनाव पैदा करती है, तनाव चालकों (drives) को सक्रिय करता है, चालक खोज-व्यवहार पैदा करते हैं, और यदि आवश्यकता पूरी हो जाए तो तनाव दूर हो जाता है। उसका उदाहरण यह है कि सुबह नाश्ता न करने वाला व्यक्ति दोपहर तक बेचैन होकर भोजनालय खोजता है, भोजन पाकर संतुष्ट होता है और ऊर्जा लौट आती है। OpenStax भी कहती है कि आवश्यकता तब सक्रिय होती है जब व्यक्ति किसी कमी का अनुभव करे, और पूरी होने पर वह प्रेरित करना बंद कर देती है। INFLIBNET की सामग्री भी यही बताती है कि प्रक्रिया आवश्यकता की कमी से शुरू होती है।
इसी से जुड़ा सवाल है कि प्रयास कितना, किस ओर और कितनी देर तक होगा। OpenStax का यह अध्याय अभिप्रेरणा की दिशा (direction) और तीव्रता (intensity) में भेद करना सिखाता है, और INFLIBNET तीसरे तत्त्व निरंतरता (persistence) को जोड़ती है। दिशा बताती है कि प्रयास किस काम की ओर है; तीव्रता बताती है कि कितने ज़ोर से; और निरंतरता बताती है कि कितने समय तक। एक दफ़्तर में दो क्लर्क दोनों मेहनती दिख सकते हैं, पर एक का प्रयास फ़ाइल-निपटान की ओर है और दूसरे का केवल उपस्थिति दिखाने की ओर। यह उदाहरण विश्लेषण है।
OpenStax अध्याय-भूमिका में एक और सीख देती है: प्रदर्शन के चार निर्धारक हैं, योग्यता, प्रयास (अभिप्रेरणा), भूमिका की सही समझ और परिवेश। प्रबंधक अभिप्रेरणा बढ़ाकर कौशल की कमी पूरी नहीं कर सकता। इसलिए प्रशिक्षण और भूमिका की स्पष्टता के बिना केवल प्रोत्साहन देने से प्रदर्शन नहीं सुधरता।
अभिप्रेरणा की प्रक्रिया (NCERT का सरल मॉडल)
अपूर्ण आवश्यकता
कमी का अनुभव
तनाव
भीतर बेचैनी
चालक (Drives)
क्रिया की ऊर्जा
खोज-व्यवहार
लक्ष्य की ओर प्रयास
संतुष्टि
आवश्यकता पूरी
तनाव-मुक्ति
नई आवश्यकता उभरने तक
आंतरिक और बाह्य प्रेरणा
बाह्य अभिप्रेरणा (extrinsic motivation) में काम किसी मूल्यवान परिणाम के लिए किया जाता है, जैसे वेतन या पुरस्कार। आंतरिक अभिप्रेरणा (intrinsic motivation) में काम की अपनी संतुष्टि ही प्रेरक है। OpenStax यह भेद आत्म-निर्धारण सिद्धांत (Self-Determination Theory) के संदर्भ में देती है और बताती है कि कोई कार्य तब आंतरिक रूप से प्रेरक होता है जब वह तीन ऊँची आवश्यकताओं में से कम से कम एक को पूरा करे: सक्षमता, स्वायत्तता और संबंध (competence, autonomy, relatedness)।
हर्ज़बर्ग के सिद्धांत में भी यही रेखा दिखती है। INFLIBNET के अनुसार स्वच्छता (hygiene) कारक बाह्य या कार्य-संदर्भ वाले कारक हैं और प्रेरक (motivators) आंतरिक या कार्य-विषय वाले कारक हैं। OpenStax का कथन है कि SDT के शोध में बाह्य पुरस्कार बढ़ने पर आंतरिक प्रेरणा घटती दिखी है। इस दावे को सावधानी से लिखें: यह एक पाठ्यपुस्तक का शोध-सार है और हर परिस्थिति के लिए नियम नहीं है। OpenStax खुद कहती है कि उबाऊ, नीरस कामों में बाह्य पुरस्कार ही मुख्य साधन होते हैं।
सरकारी सेवा के संदर्भ में विश्लेषण यह है कि वेतन और पेंशन जैसे बाह्य और सुरक्षा-संबंधी प्रोत्साहन तय ढाँचे में मिलते हैं, इसलिए ऊँचे प्रदर्शन के लिए आंतरिक स्रोत, यानी सार्थक काम, स्वायत्तता, मान्यता और सीखने का अवसर, ज़्यादा काम आते हैं।
प्रोत्साहन: वित्तीय और गैर-वित्तीय
प्रोत्साहन (incentive) वे सभी उपाय हैं जो लोगों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने में लगाए जाते हैं (NCERT)। NCERT इन्हें दो वर्गों में बाँटती है। वित्तीय प्रोत्साहन प्रत्यक्ष मौद्रिक रूप में होते हैं या मुद्रा में मापे जा सकते हैं। NCERT की सूची में सात प्रकार हैं: वेतन और भत्ते, उत्पादकता-आधारित मज़दूरी प्रोत्साहन, बोनस, लाभ-साझेदारी, सह-स्वामित्व या स्टॉक विकल्प, सेवानिवृत्ति लाभ (भविष्य निधि, पेंशन, उपदान) और अनुलाभ (perquisites) जैसे आवास या चिकित्सा सहायता।
गैर-वित्तीय प्रोत्साहन मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और भावनात्मक संतुष्टि पर ज़ोर देते हैं। NCERT की सूची में आठ मद हैं: पद (status), संगठनात्मक जलवायु, कैरियर में उन्नति का अवसर, कार्य-समृद्धि (job enrichment), कर्मचारी की मान्यता के कार्यक्रम, नौकरी की सुरक्षा, कर्मचारी की भागीदारी और कर्मचारी का सशक्तीकरण। NCERT उदाहरण देती है कि पदोन्नति में पैसा भी मिलता है, पर उसका मनोवैज्ञानिक पक्ष (ऊँचा दर्जा, अधिकार, चुनौती) मौद्रिक पक्ष से ज़्यादा होता है। नौकरी की सुरक्षा के संबंध में NCERT यह चेतावनी भी देती है कि यदि लोगों को हटाए जाने का जोखिम बिल्कुल न लगे तो वे ढील भी बरत सकते हैं।
वित्तीय प्रोत्साहन की जड़ें आर्थिक प्रोत्साहन पर टिके वैज्ञानिक प्रबंधन में हैं। INFLIBNET के अनुसार टेलर के सिद्धांतकार मानते थे कि मुख्य रूप से धन ही प्रेरक है, पर वह दृष्टि कार्य-परिवेश, काम की स्थिति और अन्य कारकों को नहीं गिनती थी। टेलर के सिद्धांत का विस्तृत पाठ सार्वजनिक प्रशासन के वैज्ञानिक प्रबंधन पृष्ठ पर है; यहाँ केवल प्रेरणा का पक्ष लिया गया है।
आवश्यकता, प्रकट आवश्यकता और प्रबंधक की भूमिका
OpenStax आवश्यकता (need) को ऐसी मानवीय स्थिति कहती है जो किसी कमी का अनुभव होने पर सक्रिय होती है। उसके अनुसार आवश्यकता की दो बातें समझना ज़रूरी हैं: सक्रिय हुई आवश्यकता को पूरा करने की प्रेरणा बनती है, और पूरी होने के बाद वह प्रेरित करना बंद कर देती है। जो आवश्यकता किसी क्षण व्यक्ति को सबसे अधिक चला रही हो, उसे वह प्रकट आवश्यकता (manifest need) कहती है। वह यह भी भेद करती है कि कुछ आवश्यकताएँ सहज (भोजन, पानी) हैं और कई सीखी हुई (जैसे उपलब्धि की चाह)। यही कारण है कि एक ही कार्यालय में अलग-अलग लोगों की प्रकट आवश्यकता अलग हो सकती है।
प्रबंधक की भूमिका तीन स्तरों पर बनती है। पहला स्तर पहचान का है: कर्मचारी की प्रकट आवश्यकता क्या है, वेतन की चिंता, सीखने की चाह या सम्मान की। दूसरा स्तर प्रोत्साहन का मेल बैठाना है। तीसरा स्तर वह परिवेश बनाना है जिसमें प्रयास प्रदर्शन में बदल सके। OpenStax के अनुसार प्रदर्शन के निर्धारकों (योग्यता, प्रयास, भूमिका की सही समझ, परिवेश) में से कोई एक कमज़ोर हो तो बाक़ी उसकी भरपाई नहीं कर सकते। इसलिए प्रबंधक का काम केवल प्रेरणा बढ़ाना नहीं, भूमिका की स्पष्टता, प्रशिक्षण और संसाधन भी सुनिश्चित करना है (यह निष्कर्ष विश्लेषण है)।
सरकारी संदर्भ में यह बात सीधे लागू होती है, यद्यपि यह विश्लेषण है, किसी स्रोत का कथन नहीं: यदि गोपनीय प्रतिवेदन में सभी को लगभग समान श्रेणी मिलती है, तो मेहनती और औसत कर्मचारी में फ़र्क़ दिखता ही नहीं, और प्रेरणा घटती है। इसलिए प्रेरणा का प्रश्न केवल इनाम का नहीं, मूल्यांकन की निष्पक्षता और स्पष्टता का भी है।
सिद्धांतों का संक्षिप्त नक्शा
विषय-वस्तु वाले सिद्धांतों में मास्लो का सिद्धांत 1943 में Psychological Review (खंड 50) में आया; NCERT और OpenStax में भी यही सिद्धांत है। ऐल्डरफ़र ने मास्लो को संशोधित कर 1969 में अस्तित्व, संबंध और वृद्धि की तीन आवश्यकताएँ दीं। हर्ज़बर्ग का काम 1959 की पुस्तक The Motivation to Work पर टिका है। मैक्लीलैंड का सिद्धांत उपलब्धि, शक्ति और संबंध की तीन आवश्यकताओं पर है।
प्रक्रिया वाले सिद्धांतों में व्रूम के अपेक्षा-सिद्धांत की पुस्तक Work and Motivation 1964 की है, और एडम्स का समता-सिद्धांत जे. स्टेसी एडम्स का है, जिनका Journal of Abnormal and Social Psychology में 1963 का लेख Towards an understanding of inequity है। इन सबका विस्तृत विवेचन अगले पृष्ठ पर है; यहाँ केवल नक्शा इसलिए है कि अवधारणा और सिद्धांत जुड़कर पढ़े जाएँ।
अभिप्रेरणा के सिद्धांतों के दो वर्ग
| पक्ष | विषय-वस्तु (आवश्यकता-आधारित) सिद्धांत | प्रक्रिया सिद्धांत |
|---|---|---|
| केंद्रीय प्रश्न | किन आवश्यकताओं से लोग प्रेरित होते हैं? | लोग प्रयास का निर्णय कैसे लेते हैं? |
| मूल मान्यता | अपूर्ण आवश्यकता व्यवहार को सक्रिय करती है | प्रेरणा एक तर्कसंगत, सोचने-समझने की प्रक्रिया है |
| सिद्धांत | मास्लो, ऐल्डरफ़र (ERG), हर्ज़बर्ग, मैक्लीलैंड | अपेक्षा (Vroom), समता (Adams), लक्ष्य-निर्धारण, प्रबलन |
| प्रबंधक के लिए सीख | कर्मचारी की मुख्य आवश्यकता पहचानें | प्रयास को प्रदर्शन और पुरस्कार से जोड़ें, निष्पक्षता रखें |
INFLIBNET दो वर्ग बताती है: विषय-वस्तु और प्रक्रिया। Bauer-Erdogan भी आवश्यकता-आधारित और प्रक्रिया-आधारित सिद्धांत अलग करते हैं। चार प्रक्रिया-सिद्धांतों की सूची पुस्तकों में थोड़ी भिन्न है।
प्रेरणा का महत्त्व
NCERT प्रेरणा के पाँच लाभ गिनाती है: प्रदर्शन-स्तर में सुधार; कर्मचारी में काम के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण; कर्मचारी-परिवर्तन (turnover) में कमी, जिससे नई भर्ती और प्रशिक्षण का खर्च बचता है; अनुपस्थिति में कमी; और परिवर्तन को सहजता से लागू करना। INFLIBNET भी यही कहती है कि प्रेरित कर्मचारी अधिक उत्पादक होते हैं, गुणवत्ता के प्रति अधिक सजग रहते हैं, नए तरीक़े खोजते हैं और संगठन से जुड़े रहते हैं।
सरकारी संदर्भ में यह कथन विश्लेषण के रूप में लिखें: बार-बार स्थानांतरण, अटकी पदोन्नति और मान्यता की कमी से कर्मचारी 'न्यूनतम काम' की मानसिकता में जा सकते हैं, जिसका असर नागरिक-सेवा पर पड़ता है। यह निष्कर्ष स्रोतों का नहीं, विश्लेषण है।
मानचित्र: अभिप्रेरणा एक नज़र में
अभिप्रेरणा
अर्थ
- लक्ष्य के लिए प्रेरित करना
- आवश्यकता पर आधारित
- डुबिन की परिभाषा
तत्त्व
- दिशा
- तीव्रता
- निरंतरता (INFLIBNET)
प्रोत्साहन
- वित्तीय (सात)
- गैर-वित्तीय (आठ)
सिद्धांत
- विषय-वस्तु
- प्रक्रिया
मुख्य तथ्य
- अभिप्रेरणा की परिभाषा (NCERT)
- लोगों को इच्छित लक्ष्य पाने के लिए कार्य हेतु प्रेरित करने की प्रक्रिया; आवश्यकता-पूर्ति पर निर्भर
- डुबिन की परिभाषा
- संगठन में व्यक्ति को कार्य पर लगाने और टिकाए रखने वाला जटिल बल
- चार विशेषताएँ (NCERT)
- आंतरिक भावना, लक्ष्य-निर्देशित, सकारात्मक या नकारात्मक, जटिल प्रक्रिया
- प्रक्रिया (NCERT)
- आवश्यकता, तनाव, चालक, खोज-व्यवहार, संतुष्टि, तनाव-मुक्ति
- अभिप्रेरणा के तत्त्व
- दिशा और तीव्रता (OpenStax); निरंतरता INFLIBNET में
- आत्म-निर्धारण की तीन आवश्यकताएँ
- सक्षमता, स्वायत्तता, संबंध
- वित्तीय प्रोत्साहन (NCERT)
- वेतन-भत्ते, उत्पादकता-आधारित, बोनस, लाभ-साझेदारी, स्टॉक विकल्प, सेवानिवृत्ति लाभ, अनुलाभ
- गैर-वित्तीय प्रोत्साहन (NCERT)
- पद, संगठनात्मक जलवायु, कैरियर-उन्नति, कार्य-समृद्धि, मान्यता, नौकरी-सुरक्षा, भागीदारी, सशक्तीकरण
- अंतिम जाँच
- 2 अक्टूबर 2026
उत्तर लिखते समय आम ग़लतियाँ
याद रखें
- अभिप्रेरणा को केवल पैसे से जोड़ देना: वित्तीय और गैर-वित्तीय दोनों प्रोत्साहन लिखें; गैर-वित्तीय की सूची में पदोन्नति, मान्यता, भागीदारी जैसे उदाहरण दें।
- अभिप्रेरणा, प्रदर्शन और संतुष्टि को एक मान लेना: प्रदर्शन के निर्धारकों में योग्यता, प्रयास, भूमिका की समझ और परिवेश साथ आते हैं (OpenStax)।
- प्रक्रिया को बिना क्रम के लिखना: आवश्यकता से शुरू करके तनाव, चालक, खोज-व्यवहार, संतुष्टि तक क्रम रखें।
- यह लिखना कि बाह्य पुरस्कार हमेशा आंतरिक प्रेरणा घटाते हैं: यह एक पाठ्यपुस्तक का शोध-निष्कर्ष है; 'OpenStax के अनुसार' लिखकर कहें।
- 'प्रेरणा = तीव्रता × दिशा × निरंतरता' जैसा समीकरण तथ्य की तरह लिखना: इसे एक स्रोत में प्रयुक्त रूपक की तरह समझें, प्रामाणिक सूत्र नहीं।
कार्य-उदाहरण (कल्पित): प्रेरणा का निदान और प्रोत्साहन का चुनाव
हल सहित उदाहरण40 लिपिकों का सर्वेक्षण
दिया है
- यह उदाहरण समझाने के लिए गढ़ा गया है; आँकड़े वास्तविक नहीं हैं।
- एक ज़िला कार्यालय में 40 लिपिकों से पूछा गया कि काम में सबसे बड़ी कमी क्या लगती है।
- जवाब: वेतन-भुगतान में देरी की चिंता 8, सीखने और प्रशिक्षण के अवसर की कमी 14, काम की मान्यता की कमी 12, टीम में सहयोग की कमी 6।
- 1चरण 1: कुल जाँच 8 + 14 + 12 + 6 = 40, यानी सभी जवाब गिन लिए गए।
- 2चरण 2: प्रतिशत वेतन-चिंता 8 ÷ 40 = 20 प्रतिशत; प्रशिक्षण 14 ÷ 40 = 35 प्रतिशत; मान्यता 12 ÷ 40 = 30 प्रतिशत; सहयोग 6 ÷ 40 = 15 प्रतिशत।
- 3चरण 3: आवश्यकता से जोड़ें वेतन-चिंता सुरक्षा और बुनियादी आवश्यकता है (वित्तीय पक्ष), जबकि प्रशिक्षण और मान्यता क्रमशः वृद्धि और सम्मान की आवश्यकताएँ हैं। 35 + 30 = 65 प्रतिशत जवाब गैर-वित्तीय स्रोत की ओर हैं।
- 4चरण 4: उपाय वेतन-भुगतान की समयबद्धता तय करें (कमी दूर करना), फिर प्रशिक्षण-योजना और माह के सर्वश्रेष्ठ लिपिक की मान्यता जैसे गैर-वित्तीय प्रोत्साहन शुरू करें।
निष्कर्ष: इस काल्पनिक आँकड़े में 65 प्रतिशत लिपिकों को गैर-वित्तीय प्रोत्साहन चाहिए। इसलिए केवल वित्तीय प्रोत्साहन से बात नहीं बनती; पहले आवश्यकता पहचानें, फिर प्रोत्साहन चुनें।
केस स्टडी (कल्पित): तहसील कार्यालय में 'मासिक मान्यता' योजना
उदाहरण (काल्पनिक)प्रेरक के चुनाव का उदाहरण
यह केस समझाने के लिए गढ़ा गया है; कार्यालय और पात्र वास्तविक नहीं हैं। एक तहसील में पटवारी और लिपिक समय पर काम करते हैं, पर किसी को अलग से पहचान नहीं मिलती। तहसीलदार हर महीने सबसे अधिक फ़ाइल निपटाने वाले कर्मचारी को सार्वजनिक रूप से प्रमाण-पत्र देने की योजना बनाते हैं।
- पहली प्रतिक्रिया
- पहले दो महीनों में निपटान बढ़ता है; यह मान्यता (गैर-वित्तीय प्रोत्साहन) का असर है।
- समस्या
- चौथे महीने तक वही दो कर्मचारी जीतते हैं, बाक़ी निराश हो जाते हैं। यह प्रेरणा की जटिलता है: एक ही प्रेरक सब पर समान असर नहीं करता।
- सुधार
- बदलती श्रेणियाँ बनाएँ (सबसे कम शिकायत, सबसे तेज़ सेवा, सर्वश्रेष्ठ सहयोग), ताकि अलग-अलग लोग जीत सकें।
- सीमा
- मान्यता बुनियादी कमी (जैसे सर्वर की ख़राबी) की जगह नहीं ले सकती; पहले वे बाधाएँ हटानी होंगी।
सीख
प्रोत्साहन कर्मचारी की आवश्यकता और भूमिका से मेल खाना चाहिए, और बुनियादी बाधाएँ हटाए बिना प्रोत्साहन का असर सीमित रहता है।
अभ्यास प्रश्न (अपने)
अभ्यास प्रश्नलगभग 15 शब्द
अभिप्रेरणा को परिभाषित कीजिए।
आदर्श उत्तर
अभिप्रेरणा वह जटिल बल है जो व्यक्ति को संगठन में कार्य पर लगाता और टिकाए रखता है।
अभ्यास प्रश्नलगभग 50 शब्द
आंतरिक और बाह्य अभिप्रेरणा में अंतर बताइए।
आदर्श उत्तर
आंतरिक अभिप्रेरणा में काम की अपनी संतुष्टि, जैसे सीखने का आनंद या सार्थक काम, व्यक्ति को प्रेरित करती है। बाह्य अभिप्रेरणा में वेतन, बोनस या पुरस्कार जैसे बाहरी परिणाम प्रेरक होते हैं। हर्ज़बर्ग में प्रेरक आंतरिक और स्वच्छता कारक बाह्य हैं। नीरस कामों में बाह्य पुरस्कार ही प्रमुख साधन रहते हैं।
अभ्यास प्रश्नलगभग 50 शब्द
वित्तीय और गैर-वित्तीय प्रोत्साहन के दो-दो उदाहरण दीजिए।
आदर्श उत्तर
वित्तीय प्रोत्साहन में वेतन-भत्ते और बोनस आते हैं, जो मुद्रा में मापे जा सकते हैं। गैर-वित्तीय प्रोत्साहन में पदोन्नति का अवसर और कर्मचारी की मान्यता आते हैं, जो मनोवैज्ञानिक और सामाजिक संतुष्टि देते हैं। सरकारी कार्यालय में प्रशंसा-पत्र और प्रशिक्षण के अवसर भी इसी श्रेणी में हैं। दोनों का मेल सर्वश्रेष्ठ रहता है।
अभ्यास प्रश्नलगभग 100 शब्द
अभिप्रेरणा की प्रक्रिया की व्याख्या कीजिए और संगठन में उसका महत्त्व बताइए।
आदर्श उत्तर
अभिप्रेरणा की प्रक्रिया अपूर्ण आवश्यकता से शुरू होती है। आवश्यकता तनाव पैदा करती है, तनाव चालकों को सक्रिय करता है, चालक खोज-व्यवहार को जन्म देते हैं और आवश्यकता पूरी होने पर तनाव मिट जाता है। इसके तत्त्व दिशा, तीव्रता और निरंतरता हैं।
संगठन में प्रेरणा से प्रदर्शन सुधरता है, कर्मचारी-परिवर्तन और अनुपस्थिति घटती है और बदलाव आसान होता है। सरकारी कार्यालय में मान्यता, प्रशिक्षण, स्वायत्तता और निष्पक्ष मूल्यांकन जैसे गैर-वित्तीय उपाय उपयोगी हैं, क्योंकि वेतन-ढाँचा तय रहता है। प्रबंधक को पहले कर्मचारी की मुख्य आवश्यकता पहचाननी चाहिए।
उत्तर कैसे लिखें (10 अंक, 100 शब्द)
भूमिका
प्रश्न का नमूना: "अभिप्रेरणा के अर्थ और प्रक्रिया की विवेचना कीजिए।" पहले वाक्य में डुबिन या NCERT की परिभाषा (लक्ष्य के लिए प्रेरित करने की, आवश्यकता-आधारित प्रक्रिया) लिखें।
मुख्य भाग
- विशेषताएँ: आंतरिक भावना, लक्ष्य-निर्देशित, सकारात्मक-नकारात्मक, जटिल
- प्रक्रिया: आवश्यकता, तनाव, चालक, खोज-व्यवहार, संतुष्टि, तनाव-मुक्ति (एक आरेख)
- तत्त्व: दिशा, तीव्रता, निरंतरता
- आंतरिक और बाह्य प्रेरणा; वित्तीय और गैर-वित्तीय प्रोत्साहन
निष्कर्ष
निष्कर्ष: प्रेरित कर्मचारी संगठन की सबसे बड़ी पूँजी है; सरकारी कार्यालय में गैर-वित्तीय प्रेरकों (मान्यता, अवसर, स्वायत्तता) का विशेष महत्त्व है।
अतिरिक्त मूल्य
- तहसील या ज़िला कार्यालय का एक उदाहरण जोड़ें
- आरेख या तालिका बनाएँ
- दो सिद्धांतों (मास्लो, हर्ज़बर्ग) का एक-एक वाक्य लिखें
त्वरित पुनरावृत्ति
- अभिप्रेरणा = लोगों को लक्ष्य के लिए कार्य हेतु प्रेरित करने की, आवश्यकता-आधारित प्रक्रिया (NCERT)
- डुबिन: कार्य पर लगाने और टिकाए रखने वाला जटिल बल
- चार विशेषताएँ: आंतरिक, लक्ष्य-निर्देशित, सकारात्मक-नकारात्मक, जटिल
- प्रक्रिया: आवश्यकता, तनाव, चालक, खोज, संतुष्टि, तनाव-मुक्ति
- दिशा, तीव्रता (OpenStax); निरंतरता (INFLIBNET)
- आंतरिक (गतिविधि की अपनी संतुष्टि) बनाम बाह्य (परिणाम के लिए); SDT: सक्षमता, स्वायत्तता, संबंध
- वित्तीय प्रोत्साहन (सात) और गैर-वित्तीय (आठ), NCERT
- दो वर्ग: विषय-वस्तु सिद्धांत और प्रक्रिया सिद्धांत
- प्रदर्शन के निर्धारक: योग्यता, प्रयास, भूमिका की समझ, परिवेश (OpenStax)
- वेतन के साथ मान्यता, अवसर और स्वायत्तता जोड़ें
याद रखने योग्य शब्द
- अभिप्रेरणा
- दिशा-तीव्रता
- आंतरिक-बाह्य
- वित्तीय प्रोत्साहन
- गैर-वित्तीय प्रोत्साहन
- विषय-वस्तु बनाम प्रक्रिया