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REET L1+L2 · गणित

रेखाएँ एवं कोण (Lines and Angles)

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REET गणित में रेखाएँ एवं कोण (Lines and Angles) के प्रश्न सीधे परिभाषा पर आधारित नहीं होते — इनमें समीकरण बनाकर हल करना पड़ता है। यहाँ पूरक-संपूरक कोण, रैखिक युग्म, शीर्षाभिमुख कोण और समानांतर रेखा-तिर्यक रेखा के सभी नियम उदाहरण सहित दिए गए हैं।

  • REET 2024 में 4 प्रश्न
  • कक्षा 7 स्तर
  • 9 मिनट पढ़ें
16 सितंबर 2026 को सत्यापित

REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

REET 2024 के चारों प्रश्नों में कोणों के बीच कोई संबंध (पूरक-संपूरक का अनुपात, एक ही रेखा पर बने कई कोणों का योग, समांतर रेखाओं में बनने वाले कोण) देकर एक चर 'x' के रूप में समीकरण बनाना पड़ता था। सबसे बड़ी सावधानी यह रखनी होती है कि समीकरण से 'x' निकालने के बाद, प्रश्न में असल में जो कोण पूछा गया है (जैसे ∠AOD), उसे x के व्यंजक में रखकर दोबारा निकालें — केवल x का मान अंतिम उत्तर नहीं होता।

माप के अनुसार कोणों के प्रकार

0° से 90° के बीच के कोण को न्यून कोण (Acute angle) कहते हैं, ठीक 90° के कोण को समकोण (Right angle) कहते हैं, और 90° से 180° के बीच के कोण को अधिक कोण (Obtuse angle) कहते हैं। ठीक 180° का कोण सरल कोण (Straight angle) कहलाता है, और 180° से 360° के बीच का कोण प्रतिवर्ती कोण (Reflex angle) कहलाता है। ठीक 360° के कोण को पूर्ण कोण (Complete angle) कहते हैं।

REET में अक्सर किसी आकृति में कोण की माप देकर उसका प्रकार पूछा जाता है, इसलिए इन छह श्रेणियों की सीमाएँ (0°, 90°, 180°, 360°) कंठस्थ होनी चाहिए।

कोणों के मूल युग्म

दो कोण जिनका योग 90° हो, पूरक कोण (Complementary angles) कहलाते हैं। दो कोण जिनका योग 180° हो, संपूरक कोण (Supplementary angles) कहलाते हैं।

एक ही शीर्ष (vertex) और एक उभयनिष्ठ भुजा (common arm) रखने वाले, बिना एक-दूसरे पर अध्यारोपित (overlap) हुए कोण आसन्न कोण (Adjacent angles) कहलाते हैं। जब दो आसन्न कोणों की असामान्य भुजाएँ मिलकर एक सरल रेखा बनाती हैं, तो उन्हें रैखिक युग्म (Linear pair) कहते हैं, और रैखिक युग्म के कोणों का योग सदैव 180° होता है।

जब दो सरल रेखाएँ एक-दूसरे को काटती हैं, तो सामने-सामने बनने वाले कोणों को शीर्षाभिमुख कोण (Vertically opposite angles) कहते हैं, और ये सदैव बराबर होते हैं।

समांतर रेखाओं को काटने वाली तिर्यक रेखा (Transversal) से बने कोण

कोण युग्मसंबंध (जब रेखाएँ समांतर हों)
संगत कोण (Corresponding angles)बराबर होते हैं
एकांतर अंतः कोण (Alternate interior angles)बराबर होते हैं
एकांतर बाह्य कोण (Alternate exterior angles)बराबर होते हैं
सह-अंतः कोण / अनुक्रमिक अंतः कोण (Co-interior angles)योग 180° (संपूरक)

ये चारों नियम केवल तभी लागू होते हैं जब तिर्यक रेखा द्वारा काटी जा रही दोनों रेखाएँ आपस में समांतर हों।

कोणों के योग से जुड़े ज़रूरी नियम

किसी रेखा पर एक ही ओर बने सभी कोणों का योग
180°
किसी बिंदु के चारों ओर बने सभी कोणों का योग
360°
रैखिक युग्म (Linear pair) के दोनों कोण
सदैव संपूरक (योग 180°)
शीर्षाभिमुख कोण (Vertically opposite angles)
सदैव बराबर

समीकरण बनाकर हल करने का तरीका

जब प्रश्न में किसी कोण और उसके पूरक/संपूरक के बीच अनुपात या अंतर दिया जाए, तो कोण को x मानकर समीकरण बनाएँ। उदाहरण: यदि किसी कोण का संपूरक कोण, उसके पूरक कोण का तीन गुना हो, तो कोण ज्ञात करें।

हल: कोण = x। पूरक कोण = 90° − x, संपूरक कोण = 180° − x। शर्त के अनुसार 180 − x = 3(90 − x) ⇒ 180 − x = 270 − 3x ⇒ 2x = 90 ⇒ x = 45°। इस प्रकार समीकरण बनाकर हल करना ही इस टॉपिक की मूल कुंजी है।

एक और उदाहरण, जब समांतर रेखाएँ शामिल हों: दो समांतर रेखाओं को काटने वाली तिर्यक रेखा से बना एक कोण (2x + 15)° है, और उसका सह-अंतः कोण (3x − 5)° है। x का मान और दोनों कोण ज्ञात करें। हल: सह-अंतः कोणों का योग 180° होता है, अतः (2x + 15) + (3x − 5) = 180 ⇒ 5x + 10 = 180 ⇒ 5x = 170 ⇒ x = 34। पहला कोण = 2(34) + 15 = 83°, दूसरा कोण = 3(34) − 5 = 97°; जाँच: 83° + 97° = 180° सही है।

बच्चों को कैसे पढ़ाएँ

कक्षा गतिविधि

दो सीधी पट्टियों (जैसे रूलर या आइसक्रीम स्टिक) को बीच में पिन से जोड़कर घुमाएँ और बनने वाले शीर्षाभिमुख व रैखिक युग्म कोणों को प्रोट्रैक्टर से मापकर तुलना कराएँ। बच्चों को समूह में बाँटकर अलग-अलग कोण बनवाकर एक-दूसरे के मापों की जाँच कराई जा सकती है।

शिक्षण सहायक सामग्री

प्रोट्रैक्टर, ज्यामिति बॉक्स, कागज़ मोड़कर (paper folding) कोण बनाना — इससे पूरक-संपूरक कोण दृश्य रूप में स्पष्ट होते हैं। समांतर रेखाओं व तिर्यक रेखा को दर्शाने के लिए दो समांतर छड़ों पर एक तीसरी छड़ रखकर बनने वाले आठों कोण भी दिखाए जा सकते हैं।

सामान्य भ्रांति

विद्यार्थी अक्सर 'पूरक' (Complementary, 90°) और 'संपूरक' (Supplementary, 180°) शब्दों को मिला देते हैं क्योंकि ये सुनने में मिलते-जुलते हैं। कुछ बच्चे हर आसन्न कोण युग्म को रैखिक युग्म मान लेते हैं, जबकि रैखिक युग्म बनने के लिए भुजाओं का सरल रेखा में होना ज़रूरी है, और कुछ बच्चे बिना रेखाओं के समांतर होने की पुष्टि किए ही संगत/एकांतर कोणों को बराबर मान लेते हैं।

मूल्यांकन विचार

किसी वास्तविक तस्वीर (जैसे खुली कैंची, दीवार से टिकी सीढ़ी, रेल की पटरियाँ) में बने कोणों को पहचानकर उनके प्रकार (पूरक/संपूरक/रैखिक युग्म/संगत) बताने को कहें, और कारण भी पूछें।

याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप

रेखाएँ व कोण के प्रश्नों में सबसे बड़ी गलती x का मान निकालकर उसे ही अंतिम उत्तर मान लेना है। समीकरण से x निकालने के बाद, प्रश्न में जो कोण असल में पूछा गया है (जैसे ∠AOD = 5x), उसे x के व्यंजक में रखकर दोबारा निकालें — तभी सही उत्तर मिलेगा। इसके अलावा, हल करते समय हमेशा जाँच लें कि दिया गया कोण-युग्म वास्तव में रैखिक युग्म है या केवल आसन्न कोण, क्योंकि हर आसन्न कोण-युग्म संपूरक नहीं होता।

REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)

प्रश्न 104

यदि एक कोण अपने पूरक कोण का दुगुना हो, तो उस कोण का मान होगा

  1. A35°
  2. B45°
  3. C60°
  4. D90°

व्याख्या

मान लें कोण = x, तो उसका पूरक कोण = 90° − x। शर्त: x = 2(90° − x) ⇒ 3x = 180° ⇒ x = 60°। जाँच: 60° का पूरक 30° है और 60° = 2 × 30°।

प्रश्न 112

दिये गये चित्र में ∠AOD का मान है

चित्र: DOC is a straight line with O on it. Rays OA and OB rise from O into the upper half. Angle AOD is (5x) degrees, angle BOA is (3x-2) degrees, and angle COB is (x+2) degrees. Diagram added and verified: solving gives x=20, so angle AOD = 100 degrees, matching the stored answer.

  1. A60°
  2. B90°
  3. C100°
  4. D20°

व्याख्या

DOC एक सरल रेखा है, अतः उस पर बने सभी कोणों का योग 180° होगा: 5x + (3x − 2) + (x + 2) = 180° ⇒ 9x = 180° ⇒ x = 20°। इसलिए ∠AOD = 5x = 100°। विकल्प (D) 20° केवल x का मान है, कोण का नहीं।

प्रश्न 114

यदि किसी कोण के संपूरक तथा पूरक कोणों का अनुपात 5 : 2 हो, तो कोण का मान होगा :

  1. A20°
  2. B60°
  3. C30°
  4. D150°

व्याख्या

माना कोण x है; संपूरक = 180° − x और पूरक = 90° − x। (180 − x)/(90 − x) = 5/2 से 360 − 2x = 450 − 5x, अतः 3x = 90 और x = 30°। जाँच: 150° : 60° = 5 : 2।

प्रश्न 114

दी गई आकृति में PQ⊥PS, PQ||SR, ∠SQR = 28° तथा ∠QRT = 65° तो x का मान है

चित्र: Line PQ at top, line SRT at bottom parallel to PQ, PS vertical and perpendicular to both. Angle SQR is 28 degrees and the exterior angle QRT at R is 65 degrees. Diagram added and verified: angle QSR works out to 37 degrees, so x = angle PSQ = 90 - 37 = 53 degrees, matching the stored answer.

  1. A37°
  2. B93°
  3. C53°
  4. D56°

व्याख्या

PQ ⊥ PS और PQ || SR, इसलिए ∠PSR = 90°। रेखा ST पर ∠QRS = 180° − 65° = 115°। त्रिभुज QSR में ∠QSR = 180° − 28° − 115° = 37°। अतः x = ∠PSQ = 90° − 37° = 53°। 37° तो ∠QSR है, x नहीं।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

35° कोण का पूरक कोण (complement) ज्ञात करें।

  1. A45°
  2. B55°
  3. C65°
  4. D145°

व्याख्या

पूरक कोण = 90° − 35° = 55°।

प्रश्न 2

112° कोण का संपूरक कोण (supplement) ज्ञात करें।

  1. A78°
  2. B58°
  3. C68°
  4. D88°

व्याख्या

संपूरक कोण = 180° − 112° = 68°।

प्रश्न 3

एक कोण अपने पूरक कोण से 20° अधिक है। कोण का मान ज्ञात करें।

  1. A45°
  2. B50°
  3. C55°
  4. D35°

व्याख्या

माना कोण = x, पूरक = 90 − x। शर्त: x = (90 − x) + 20 ⇒ 2x = 110 ⇒ x = 55°।

प्रश्न 4

रैखिक युग्म बनाने वाले दो कोणों में एक कोण दूसरे का 4 गुना है। दोनों कोण ज्ञात करें।

  1. A30°, 150°
  2. B36°, 144°
  3. C40°, 140°
  4. D45°, 135°

व्याख्या

माना छोटा कोण = x, बड़ा = 4x। रैखिक युग्म का योग 180° होता है: x + 4x = 180° ⇒ 5x = 180° ⇒ x = 36°, अतः कोण 36° और 144° हैं।

प्रश्न 5

यदि किसी कोण के संपूरक तथा पूरक कोणों का अनुपात 8 : 3 हो, तो कोण का मान ज्ञात करें।

  1. A30°
  2. B36°
  3. C45°
  4. D54°

व्याख्या

माना कोण = x। (180 − x)/(90 − x) = 8/3 ⇒ 3(180 − x) = 8(90 − x) ⇒ 540 − 3x = 720 − 8x ⇒ 5x = 180 ⇒ x = 36°। जाँच: पूरक 54°, संपूरक 144°, अनुपात 144:54 = 8:3।

प्रश्न 6

दो समांतर रेखाओं को एक तिर्यक रेखा काटती है। यदि एक अंतः कोण 65° है, तो उसके सह-अंतः (co-interior) कोण का मान ज्ञात करें।

  1. A65°
  2. B115°
  3. C25°
  4. D180°

व्याख्या

समांतर रेखाओं में सह-अंतः कोणों का योग 180° होता है। अतः दूसरा कोण = 180° − 65° = 115°।

प्रश्न 7

दो रेखाएँ एक बिंदु पर प्रतिच्छेद करती हैं। एक कोण (3x + 10)° है और उसका शीर्षाभिमुख कोण (5x − 30)° है। इस कोण का मान ज्ञात करें।

  1. A70°
  2. B20°
  3. C60°
  4. D80°

व्याख्या

शीर्षाभिमुख कोण बराबर होते हैं: 3x + 10 = 5x − 30 ⇒ 2x = 40 ⇒ x = 20। कोण = 3(20) + 10 = 70°। ध्यान दें x = 20° अंतिम उत्तर नहीं है, कोण का मान 70° है।

प्रश्न 8

दो कोण जिनका योग 90° होता है, कहलाते हैं:

  1. Aसंपूरक कोण
  2. Bपूरक कोण
  3. Cरैखिक युग्म
  4. Dशीर्षाभिमुख कोण

व्याख्या

जिन दो कोणों का योग 90° होता है, वे पूरक कोण (Complementary angles) कहलाते हैं।

प्रश्न 9

एक सरल रेखा पर तीन कोण x, 2x और 3x इस प्रकार बने हैं कि वे एक ही ओर स्थित हैं। सबसे बड़े कोण का मान ज्ञात करें।

  1. A90°
  2. B60°
  3. C30°
  4. D120°

व्याख्या

एक ही रेखा पर एक ओर बने कोणों का योग 180° होता है: x + 2x + 3x = 180° ⇒ 6x = 180° ⇒ x = 30°। सबसे बड़ा कोण = 3x = 90°।

प्रश्न 10

कक्षा 7 में 'शीर्षाभिमुख कोण सदैव बराबर होते हैं' सिखाने के लिए सबसे उपयुक्त गतिविधि कौन-सी है?

  1. Aकेवल परिभाषा रटवाना
  2. Bदो पट्टियों को बीच में पिन से जोड़कर घुमाना और बने कोणों को प्रोट्रैक्टर से मापकर तुलना कराना
  3. Cकेवल पाठ्यपुस्तक पढ़वाना
  4. Dगृहकार्य में केवल प्रश्न देना

व्याख्या

मूर्त (concrete) सामग्री से स्वयं मापकर देखने पर विद्यार्थी शीर्षाभिमुख कोणों की समानता को अनुभव द्वारा समझते हैं, जो केवल रटने से कहीं अधिक स्थायी सीख देता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

REET में रेखाएँ एवं कोण से कितने प्रश्न आते हैं?+

REET 2024 में इस टॉपिक से 4 प्रश्न पूछे गए थे, और यह हर वर्ष गणित खंड में नियमित रूप से पूछा जाने वाला टॉपिक है, जिसमें अधिकतर प्रश्न समीकरण बनाकर हल करने वाले होते हैं।

पूरक और संपूरक कोण में क्या अंतर है?+

पूरक कोणों (Complementary) का योग 90° होता है, जबकि संपूरक कोणों (Supplementary) का योग 180° होता है — दोनों शब्द सुनने में मिलते-जुलते हैं इसलिए इन्हें अलग-अलग याद रखना ज़रूरी है।

क्या रैखिक युग्म और संपूरक कोण एक ही बात है?+

नहीं। हर रैखिक युग्म संपूरक होता है (योग 180°), पर हर संपूरक कोण-युग्म रैखिक युग्म नहीं होता — रैखिक युग्म के लिए दोनों कोणों का आसन्न होना और असामान्य भुजाओं का एक सरल रेखा बनाना ज़रूरी है।

समांतर रेखाओं को तिर्यक रेखा काटे तो कुल कितने कोण बनते हैं?+

दो समांतर रेखाओं को एक तिर्यक रेखा काटे तो कुल 8 कोण बनते हैं, जिनमें संगत, एकांतर अंतः, एकांतर बाह्य और सह-अंतः कोण युग्म शामिल होते हैं, और इनमें से कुछ बराबर तथा कुछ संपूरक होते हैं।

शीर्षाभिमुख कोण और रैखिक युग्म में क्या अंतर है?+

शीर्षाभिमुख कोण दो रेखाओं के प्रतिच्छेदन पर आमने-सामने बनते हैं और सदैव बराबर होते हैं, जबकि रैखिक युग्म एक ही रेखा पर बने आसन्न कोण होते हैं जिनका योग सदैव 180° होता है — दोनों एक ही आकृति में एक साथ बन सकते हैं, पर परिभाषा अलग-अलग है और इन्हें मिलाना नहीं चाहिए।

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बदलाव लॉग

  • 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए