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अव्ययीभाव समास

अव्ययीभाव समास में पहला पद अव्यय होता है और वही पूरे शब्द का अर्थ तय करता है — यही इसकी पहचान है। यहाँ पहचान की तालिका और 32 उदाहरण विग्रह सहित दिए गए हैं।

29 सितंबर 2026 को सत्यापित

अव्ययीभाव समास

जिस समास का पूर्वपद अव्यय हो और पूरा समस्त पद मिलकर अव्यय की तरह बरते, उसे अव्ययीभाव समास कहते हैं। अव्यय का मतलब वह शब्द जो लिंग, वचन, कारक बदलने पर भी नहीं बदलता। ‘प्रतिदिन’ लड़का पढ़े या लड़कियाँ पढ़ें, शब्द ‘प्रतिदिन’ ही रहेगा — यही उसका अव्यय होना है। पहचान के लिए पूर्वपद देखिए: प्रति, अनु, यथा, आ, भर, हर, नि, स, बे, उप जैसे उपसर्ग या अव्यय आगे लगे हों तो अव्ययीभाव की संभावना सबसे पहले जाँचिए।

इस समास में प्रधानता पूर्वपद की होती है, उत्तरपद उसके साथ चलता है। इसीलिए विग्रह में अर्थ ‘हर’, ‘के अनुसार’, ‘भर’, ‘तक’, ‘बिना’, ‘के साथ’, ‘के समीप’ जैसा निकलता है। एक और आसान निशानी यह है कि जो शब्द दोहराकर बनते हैं और क्रिया-विशेषण की तरह काम करते हैं — घर-घर, रातोंरात, हाथोंहाथ, बीचोंबीच — वे भी अव्ययीभाव में गिने जाते हैं। ये शब्द वाक्य में क्रिया के ढंग या समय बताते हैं, किसी संज्ञा की जगह नहीं लेते, और यही इनका निर्णायक सबूत है।

अव्ययीभाव समास — पूर्वपद से पहचान

पूर्वपदनिकलने वाला अर्थनमूना शब्द
प्रतिहर, एक-एक, के सामने, के विरुद्धप्रतिदिन, प्रत्येक, प्रतिकूल, प्रत्युत्तर
अनुके अनुसार, के पीछेअनुरूप, अनुकूल, अनुदिन
यथाजैसा, के अनुसार, जितनायथाशक्ति, यथाविधि, यथासंभव
आतक, से लेकरआजीवन, आमरण, आजन्म
भर / हरपूरा, हर एकभरपेट, हररोज़
नि / निर् / निस्बिनानिर्विवाद, निस्संदेह
स / साके साथसपरिवार, सहर्ष, सादर
उपके समीप, के नीचेउपकूल, उपतट
पुनरुक्त रूपहर, ही, लगातारघर-घर, रातोंरात, दिनोंदिन

अव्ययीभाव समास के उदाहरण — विग्रह सहित

  • प्रतिदिनप्रत्येक दिन
  • प्रतिवर्षप्रत्येक वर्ष
  • प्रत्येकएक-एक
  • प्रतिकूलकूल के विरुद्ध
  • अनुकूलकूल के अनुसार
  • अनुरूपरूप के अनुसार
  • अनुदिनदिन के बाद दिन
  • यथाशक्तिशक्ति के अनुसार
  • यथाविधिविधि के अनुसार
  • यथासंभवजैसा संभव हो
  • यथाक्रमक्रम के अनुसार
  • यथामतिमति के अनुसार
  • यथासाध्यजितना साध्य हो
  • यथेष्टइष्ट के अनुसार
  • यथावत्जैसा था वैसा ही
  • आजीवनजीवन भर
  • आमरणमरण तक
  • आजन्मजन्म से लेकर
  • भरपेटपेट भर कर
  • हररोज़रोज़-रोज़
  • निर्विवादबिना विवाद के
  • निस्संदेहसंदेह के बिना
  • सपरिवारपरिवार के साथ
  • सहर्षहर्ष के साथ
  • सादरआदर के साथ
  • उपकूलकूल के समीप
  • बखूबीखूबी के साथ
  • घर-घरप्रत्येक घरदोहराव से बना अव्ययीभाव
  • रातोंरातरात ही रात मेंदोहराव से बना अव्ययीभाव
  • हाथोंहाथहाथ ही हाथ मेंदोहराव से बना अव्ययीभाव
  • बीचोंबीचबीच ही बीच मेंदोहराव से बना अव्ययीभाव
  • दिनोंदिनदिन ही दिनदोहराव से बना अव्ययीभाव

इस भाग के अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

'यथाशक्ति' में कौन सा समास है?

  1. Aतत्पुरुष
  2. Bद्वंद्व
  3. Cअव्ययीभाव
  4. Dकर्मधारय

व्याख्या

पूर्वपद 'यथा' अव्यय है और पूरा पद अव्यय की तरह अपरिवर्तित रहता है। पूर्वपद प्रधान होने पर अव्ययीभाव समास होता है। विग्रह — शक्ति के अनुसार।

प्रश्न 2

'आजीवन' में कौन सा समास है?

  1. Aअव्ययीभाव
  2. Bकर्म तत्पुरुष
  3. Cद्विगु
  4. Dकर्मधारय

व्याख्या

पूर्वपद 'आ' अव्यय है जो 'तक' या 'भर' का अर्थ देता है, और पूरा पद अविकारी रहता है — इसलिए अव्ययीभाव। विग्रह — जीवन भर।

प्रश्न 3

'सहर्ष' में कौन सा समास है?

  1. Aकर्मधारय
  2. Bद्वंद्व
  3. Cबहुव्रीहि
  4. Dअव्ययीभाव

व्याख्या

पूर्वपद 'स' अव्यय है जो 'के साथ' का अर्थ देता है और पूरा पद क्रियाविशेषण की तरह काम करता है — इसलिए अव्ययीभाव। विग्रह — हर्ष के साथ।

प्रश्न 4

'घर-घर' में कौन सा समास है?

  1. Aअव्ययीभाव
  2. Bद्वंद्व
  3. Cकर्मधारय
  4. Dद्विगु

व्याख्या

दोहराव से बना यह पद वाक्य में क्रिया का ढंग बताता है और अविकारी रहता है, इसलिए अव्ययीभाव। योजक चिह्न देखकर इसे द्वंद्व मान लेना आम ग़लती है — द्वंद्व में बीच में 'और' आता है, यहाँ 'प्रत्येक' का अर्थ निकलता है।