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Remedial Teaching in English — REET नोट्स

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Remedial Teaching यानी उपचारात्मक शिक्षण उन बच्चों के लिए विशेष सहायता है जो अंग्रेज़ी में सामान्य गति से नहीं सीख पाते। REET 2024 में इसके उद्देश्य, रणनीतियाँ (peer support, feedback) और ऑनलाइन उपचारात्मक शिक्षण के लाभ पर प्रश्न पूछे गए — यह पेज इन सबको स्पष्ट रूप से समझाता है।

  • REET 2024 में 4 प्रश्न
  • शिक्षण-अभ्यास स्तर
  • 9 मिनट पढ़ें
16 सितंबर 2026 को सत्यापित

REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

REET 2024 में इस टॉपिक से चार पहलू पूछे गए — उपचारात्मक शिक्षण का वास्तविक उद्देश्य (कमज़ोर बच्चों को अलग-थलग या उजागर करना नहीं), इसकी रणनीतियाँ (peer support, पुरस्कार, फीडबैक — सभी साथ अपनाई जाती हैं), ऑनलाइन उपचारात्मक शिक्षण के लाभ, और यह कि इसका आधार सदैव निदानात्मक (diagnostic) प्रक्रिया ही होती है। परीक्षा उद्देश्य व रणनीति के बीच के भ्रम को जाँचती है।

Remedial Teaching क्या है?

Remedial Teaching वह विशेष शिक्षण है जो उन विद्यार्थियों को दिया जाता है जो सामान्य कक्षा-शिक्षण से अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुँच पाते — इसका उद्देश्य उनकी विशिष्ट कठिनाइयों को पहचानकर दूर करना है, न कि उन्हें कक्षा से अलग करना या उनकी कमज़ोरी को उजागर करना।

उपचारात्मक शिक्षण हमेशा निदानात्मक परीक्षण (diagnostic testing) पर आधारित होता है — पहले यह पता लगाया जाता है कि बच्चे को किस विशिष्ट कौशल (जैसे उच्चारण, वाक्य-रचना, शब्दावली) में कठिनाई है, फिर उसी के अनुसार उपचार दिया जाता है।

उपचारात्मक शिक्षण चक्र

चरणकार्य
1. निदानात्मक परीक्षणबच्चे की विशिष्ट कठिनाइयों व उनके कारणों का पता लगाना
2. त्रुटि विश्लेषणगलतियों के पैटर्न (जैसे व्याकरण, उच्चारण) की पहचान
3. उपचारात्मक शिक्षणसरल से कठिन क्रम में लक्षित अभ्यास व सहायता देना
4. पुनर्मूल्यांकनसुधार जाँचने हेतु दोबारा परीक्षण

यह चक्र दर्शाता है कि उपचारात्मक शिक्षण कभी अनुमान पर नहीं, हमेशा निदान पर आधारित होता है।

प्रभावी रणनीतियाँ

उपचारात्मक शिक्षण में सहपाठी सहायता (peer support), प्रोत्साहन हेतु पुरस्कार-योजना और विद्यार्थी-अभिभावक-शिक्षक तीनों को नियमित फीडबैक — ये सभी रणनीतियाँ एक साथ अपनाई जाती हैं, कोई एक अकेली रणनीति पर्याप्त नहीं मानी जाती।

कार्य हमेशा सरल से कठिन क्रम में दिए जाते हैं और सामान्य/आधारभूत भाषा-कौशल (generic skills, जैसे मूल वाक्य-रचना) पर ज़ोर दिया जाता है ताकि बच्चा आगे स्वतंत्र रूप से सीख सके।

ऑनलाइन उपचारात्मक शिक्षण

ऑनलाइन माध्यम से उपचारात्मक शिक्षण के लाभ हैं — बच्चे अपनी गति (flexible pace) से सीख सकते हैं, समय व स्थान की बाधा नहीं रहती, और अच्छी तरह डिज़ाइन किए गए कोर्स में जानकारी ढूँढना आसान होता है। यह सामान्यतः कम खर्चीला (cost-effective) भी माना जाता है, क्योंकि बार-बार व्यक्तिगत कक्षा लगाने की तुलना में यह सस्ता पड़ता है।

उपचारात्मक शिक्षण की सामान्य तकनीकें

बहु-इंद्रिय पद्धति (Multisensory Approach, संक्षेप में VAKT — Visual, Auditory, Kinesthetic, Tactile) उपचारात्मक शिक्षण की सबसे प्रभावी तकनीकों में से एक मानी जाती है — इसमें बच्चा शब्द को देखकर (visual), बोलकर-सुनकर (auditory), हाथ से लिखकर (kinesthetic) और रेत/उभरे अक्षरों को छूकर (tactile) एक साथ सीखता है, जिससे स्मृति मज़बूत बनती है।

उच्चारण व वर्तनी की कठिनाइयों के लिए ध्वनि-आधारित शिक्षण (phonics-based remediation) कारगर है — बच्चे को शब्द को अक्षर-दर-अक्षर तोड़कर उसकी ध्वनि से जोड़ना सिखाया जाता है, न कि पूरा शब्द रटवाया जाता है।

व्यक्तिगत ध्यान (individualized attention) व सहपाठी शिक्षण (peer tutoring) भी साथ अपनाए जाते हैं — छोटे-छोटे समूहों में बच्चे की गति के अनुसार अभ्यास कराना, बजाय पूरी कक्षा के साथ एक ही गति से आगे बढ़ने के, बेहतर परिणाम देता है।

सामान्य भाषा-कठिनाइयाँ व उपचार

कठिनाईउपचारात्मक रणनीति
उच्चारण की कठिनाईध्वनि-अभ्यास, minimal pairs (जैसे ship/sheep) से अंतर सिखाना
वर्तनी की कठिनाईMultisensory (VAKT) व phonics-आधारित अभ्यास
वाक्य-रचना की कठिनाईSentence frames व scaffolding (आधे-बने वाक्य पूरे करवाना)
शब्द-पहचान/पठन कठिनाईFlashcards व sight-words का बार-बार अभ्यास
झिझक के कारण न बोलनाकम-तनाव वाली बोलचाल गतिविधियाँ (low-stress speaking tasks)

हर कठिनाई के लिए एक जैसा उपचार नहीं दिया जाता — निदान के अनुसार अलग-अलग रणनीति चुनी जाती है।

Diagnostic-cum-Remedial Teaching (DCRT) का दृष्टिकोण

भारतीय शिक्षक-प्रशिक्षण में प्रचलित Diagnostic-cum-Remedial Teaching (DCRT) दृष्टिकोण के अनुसार, निदान (diagnosis) कोई एक-बार की परीक्षा नहीं बल्कि शिक्षण-प्रक्रिया का सतत हिस्सा है — शिक्षक कक्षा-शिक्षण के दौरान ही लगातार बच्चों की कठिनाइयों को पहचानता और तुरंत छोटे-छोटे सुधारात्मक कदम उठाता रहता है, बजाय इसके कि केवल टर्म के अंत में एक बड़ी परीक्षा के बाद उपचार शुरू हो।

इस दृष्टिकोण में शिक्षक की भूमिका दोहरी होती है — वह एक साथ पढ़ाने वाला (teacher) भी है और सतत निदान करने वाला (diagnostician) भी, ताकि किसी भी बच्चे की कठिनाई देर तक अनदेखी न रह जाए।

उपचारात्मक शिक्षण में मूल्यांकन के तरीके

उपचारात्मक शिक्षण की सफलता जाँचने के लिए एक ही बड़ी परीक्षा पर्याप्त नहीं मानी जाती — इसके बजाय सतत् व रचनात्मक मूल्यांकन (continuous and formative assessment) अपनाया जाता है, जैसे छोटे साप्ताहिक क्विज़, मौखिक जाँच (oral check) और पोर्टफोलियो (बच्चे के काम का संग्रह) के माध्यम से क्रमिक प्रगति देखी जाती है।

मूल्यांकन में यह भी देखा जाता है कि बच्चे ने केवल परीक्षा में ही नहीं, बल्कि वास्तविक भाषा-प्रयोग (कक्षा में बोलना, लिखना) में भी सुधार दिखाया है या नहीं — क्योंकि उपचारात्मक शिक्षण का अंतिम लक्ष्य अंक बढ़ाना नहीं, बल्कि बच्चे को स्वतंत्र रूप से भाषा प्रयोग करने में सक्षम बनाना है।

बच्चों को कैसे पढ़ाएँ

गतिविधि

कमज़ोर बच्चों के लिए छोटे समूह (small group) में peer-buddy प्रणाली बनाएँ, जहाँ एक तेज़ सीखने वाला साथी सहायता करे, बिना बच्चे को अलग-थलग महसूस कराए।

शिक्षण सामग्री

स्तर के अनुसार सरल से कठिन क्रम में worksheet तैयार करें, ताकि बच्चा छोटे-छोटे सफल कदमों से आत्मविश्वास बनाए।

सामान्य भ्रांति

उपचारात्मक शिक्षण को 'सज़ा' या 'कमज़ोर बच्चों को अलग करना' समझ लिया जाता है, जबकि इसका वास्तविक उद्देश्य सहायक और सकारात्मक है।

आकलन

नियमित अंतराल पर छोटे निदानात्मक परीक्षण (short diagnostic quiz) लेकर प्रगति मापें, न कि केवल अंतिम परीक्षा पर निर्भर रहें।

विभेदित शिक्षण

हर बच्चे की कठिनाई अलग हो सकती है (कोई उच्चारण में कमज़ोर, कोई वर्तनी में) — इसलिए सामूहिक उपचार की बजाय छोटे लक्ष्य-समूह (targeted small groups) बनाकर पढ़ाना अधिक प्रभावी है।

सहपाठी शिक्षण

तेज़ सीखने वाले बच्चों को 'रीडिंग बडी' बनाकर कमज़ोर बच्चों के साथ रोज़ 10 मिनट पढ़ने का अभ्यास कराएँ, इससे दोनों को लाभ होता है।

याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप

याद रखें: 'Remedial Teaching = Diagnosis + Support', यानी पहले निदान, फिर सहायता — कभी भी सीधे उपचार शुरू नहीं होता। और जब भी प्रश्न में 'objective' पूछा जाए तो 'segregate/highlight weakness' जैसे विकल्पों से बचें — ये उद्देश्य नहीं, बल्कि गलत धारणाएँ हैं।

REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)

प्रश्न 83एक से अधिक उत्तर मान्य

The following is not an objective of remedial teaching.

  1. Ato segregate the students
  2. Bto prepare suitable assignments including easy to difficult tasks
  3. Cto prepare items to test the learning that should take place
  4. Dto highlight the weaknesses of the students

व्याख्या

BSER की final key में (A) और (D) दोनों स्वीकार हैं। उपचारात्मक शिक्षण (remedial teaching) का उद्देश्य कमज़ोर विद्यार्थियों को अलग-थलग (segregate) करना नहीं, बल्कि उनकी कठिनाइयाँ दूर करना है; इसी तरह केवल उनकी कमज़ोरियों को उजागर (highlight) करना भी उद्देश्य नहीं है। सरल से कठिन कार्य देना और सीखने की जाँच हेतु items तैयार करना इसके वास्तविक उद्देश्य हैं।

प्रश्न 86

The remedial teaching strategies include

  1. APeer support programme
  2. BReward scheme
  3. CFeed back to the students, parents and teachers
  4. DAll the three

व्याख्या

उपचारात्मक शिक्षण में सहपाठी सहायता (peer support), पुरस्कार योजना द्वारा प्रोत्साहन तथा विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को फीडबैक — ये सभी रणनीतियाँ अपनाई जाती हैं। इसलिए ‘All the three’ सही है।

प्रश्न 90

Which one is not an advantage of Online Remedial Teaching ?

  1. AThe instruction pace is flexible as well as the class participation
  2. BIt is not cost effective
  3. CElimination of barriers of time and space
  4. DA well designed online course makes it easy for the students to navigate and search adequate informations

व्याख्या

ऑनलाइन उपचारात्मक शिक्षण के लाभ हैं – लचीली गति व भागीदारी, समय और स्थान की बाधाओं का समाप्त होना तथा अच्छी तरह डिज़ाइन किए गए कोर्स में जानकारी खोजना आसान होना। ऑनलाइन शिक्षण सामान्यतः कम खर्चीला (cost effective) माना जाता है, इसलिए 'It is not cost effective' लाभ नहीं है।

प्रश्न 81

‘Development of generic skills’ is one of the vital strategies of

  1. ATesting
  2. BEvaluation
  3. CAssessment
  4. DRemedial teaching

व्याख्या

उपचारात्मक शिक्षण (Remedial teaching) का उद्देश्य निदान के बाद कमज़ोरियों को दूर करना है; इसकी रणनीतियों में सामान्य/आधारभूत कौशलों (generic skills) का विकास शामिल है ताकि छात्र आगे स्वयं सीख सकें। Testing, Evaluation, Assessment कमियाँ पहचानने की प्रक्रियाएँ हैं, उन्हें दूर करने की रणनीति नहीं।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

What is the first step in the remedial teaching cycle?

  1. AGiving rewards
  2. BDiagnostic testing
  3. CSegregating weak students
  4. DFinal examination

व्याख्या

उपचारात्मक शिक्षण हमेशा निदानात्मक परीक्षण (diagnostic testing) से शुरू होता है, जिससे कठिनाई के कारण का पता चलता है।

प्रश्न 2

Which of the following is NOT a genuine objective of remedial teaching?

  1. ARemoving specific learning difficulties
  2. BBuilding confidence through small successes
  3. CSegregating slow learners permanently from the class
  4. DProviding tasks graded from simple to difficult

व्याख्या

कमज़ोर बच्चों को स्थायी रूप से कक्षा से अलग करना उपचारात्मक शिक्षण का उद्देश्य नहीं है — इसका उद्देश्य सहायता देना है, अलगाव नहीं।

प्रश्न 3

A teacher pairs a strong student with a weak student to help with English reading. This strategy is called:

  1. ADiagnostic testing
  2. BPeer support
  3. CSegregation
  4. DFinal evaluation

व्याख्या

एक तेज़ विद्यार्थी को कमज़ोर विद्यार्थी की सहायता के लिए जोड़ना 'peer support' रणनीति कहलाती है।

प्रश्न 4

Which of these is an advantage of online remedial teaching?

  1. AIt removes time and place constraints
  2. BIt always requires a physical classroom
  3. CIt cannot be personalised
  4. DIt ignores student pace

व्याख्या

ऑनलाइन उपचारात्मक शिक्षण में समय और स्थान की बाधा नहीं रहती, बच्चे अपनी सुविधा और गति से सीख सकते हैं।

प्रश्न 5

Remedial teaching tasks should generally be sequenced:

  1. AFrom difficult to simple
  2. BRandomly, without any order
  3. CFrom simple to difficult
  4. DAll tasks at the same difficulty

व्याख्या

उपचारात्मक शिक्षण में कार्य सरल से कठिन क्रम में दिए जाते हैं ताकि बच्चा क्रमिक रूप से आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े।

प्रश्न 6

The process of identifying the specific cause of a student's learning difficulty is known as:

  1. ARemedial teaching
  2. BDiagnostic teaching
  3. CPeer teaching
  4. DProgrammed instruction

व्याख्या

कठिनाई के कारण का पता लगाने की प्रक्रिया 'Diagnostic teaching' (निदानात्मक शिक्षण) कहलाती है; उपचार बाद में remedial teaching से किया जाता है।

प्रश्न 7

Which of these is considered a good remedial strategy for a student struggling with English sentence structure?

  1. AGiving the same difficult worksheet as the rest of the class
  2. BFocusing on basic, generic sentence-building skills before moving to complex ones
  3. CIgnoring the difficulty and moving to the next chapter
  4. DPublicly comparing the student's marks with others

व्याख्या

उपचारात्मक शिक्षण में सामान्य/आधारभूत कौशल (generic skills) पहले मज़बूत किए जाते हैं, ताकि बच्चा आगे स्वयं जटिल संरचनाएँ सीख सके।

प्रश्न 8

Regular feedback to students, parents, and teachers during remedial teaching mainly helps to:

  1. APublicly shame the weak student
  2. BKeep all stakeholders informed of progress and adjust support accordingly
  3. CReplace diagnostic testing
  4. DEnd the remedial process early

व्याख्या

फीडबैक का उद्देश्य विद्यार्थी, अभिभावक और शिक्षक तीनों को प्रगति से अवगत रखना और आवश्यकतानुसार सहायता में सुधार करना है।

प्रश्न 9

Which statement about remedial teaching is TRUE?

  1. AIts basis is always the diagnostic process
  2. BIt involves only a final examination
  3. CChildren are permanently removed from class
  4. DIt is meant only for higher classes

व्याख्या

उपचारात्मक शिक्षण का आधार सदैव निदानात्मक प्रक्रिया ही होती है — पहले कठिनाई पहचानी जाती है, फिर उपचार दिया जाता है।

प्रश्न 10

A school runs a low-cost online remedial English programme for slow learners. Which of the following is a realistic benefit of this approach?

  1. AChildren get no flexibility at all
  2. BTime and place constraints are reduced and children can learn at their own pace
  3. CIt is always more expensive than a traditional classroom
  4. DGiving feedback is not possible in this mode

व्याख्या

ऑनलाइन उपचारात्मक शिक्षण का प्रमुख लाभ यही है कि समय-स्थान की बाधा नहीं रहती और बच्चे अपनी सुविधा अनुसार गति से सीख सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Remedial Teaching का उद्देश्य क्या है?+

इसका उद्देश्य विद्यार्थी की विशिष्ट कठिनाइयों को पहचानकर दूर करना है, न कि उसे अलग-थलग करना या उसकी कमज़ोरी उजागर करना।

Remedial Teaching किस पर आधारित होती है?+

यह हमेशा निदानात्मक परीक्षण (diagnostic testing) पर आधारित होती है — पहले कठिनाई का कारण पता लगाया जाता है, फिर उपचार दिया जाता है।

Diagnostic Teaching और Remedial Teaching में क्या अंतर है?+

Diagnostic Teaching बच्चे की कठिनाइयों का पता लगाने की प्रक्रिया है, जबकि Remedial Teaching उन कठिनाइयों को दूर करने के लिए दिया जाने वाला शिक्षण है।

ऑनलाइन उपचारात्मक शिक्षण के क्या लाभ हैं?+

लचीली गति, समय-स्थान की बाधा न होना, और अच्छे डिज़ाइन किए गए कोर्स में जानकारी आसानी से मिलना — साथ ही यह सामान्यतः किफ़ायती भी होता है।

Multisensory (VAKT) Approach क्या है?+

यह एक उपचारात्मक तकनीक है जिसमें बच्चा शब्द को देखकर, सुनकर, लिखकर और छूकर — चारों इंद्रियों के माध्यम से एक साथ सीखता है, जिससे स्मृति मज़बूत होती है।

DCRT का पूरा नाम व अर्थ क्या है?+

Diagnostic-cum-Remedial Teaching — इसमें निदान को शिक्षण से अलग एक बार की परीक्षा न मानकर, शिक्षण-प्रक्रिया का ही सतत हिस्सा माना जाता है।

उपचारात्मक शिक्षण का मूल्यांकन कैसे किया जाता है?+

एक बड़ी परीक्षा के बजाय सतत् व रचनात्मक मूल्यांकन (छोटे क्विज़, मौखिक जाँच, पोर्टफोलियो) से बच्चे की क्रमिक प्रगति देखी जाती है।

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  • 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए