घरेलू हिंसा अधिनियम 2005, धारा 1 से 3: परिभाषाएँ और घरेलू हिंसा का अर्थ
घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 की धारा 1 से 3: धारा 2 की बीस परिभाषाएँ, व्यथित व्यक्ति, घरेलू संबंध, प्रतिवादी, साझी गृहस्थी और धारा 3 में घरेलू हिंसा के चार रूप; चारों पिछले प्रश्न हल सहित।
- व्यथित व्यक्ति
- घरेलू संबंध
- साझी गृहस्थी
- घरेलू हिंसा
सिलेबस में
RPSC सिलेबस (09-01-2026), पेपर III, इकाई III, भाग ख (विधि): "Crimes against women and children: Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005: Sections 1-29, 31." इस पृष्ठ पर धारा 1 से 3 हैं: संक्षिप्त नाम और प्रारंभ, धारा 2 की परिभाषाएँ (व्यथित व्यक्ति, घरेलू संबंध, प्रतिवादी, साझी गृहस्थी आदि) और धारा 3 में घरेलू हिंसा का अर्थ। यह पृष्ठ परीक्षा की तैयारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं है; वास्तविक मामले में अधिकृत विधिक सहायता लें।
इस विषय को क्यों पढ़ें
याद रखें
- इस अधिनियम पर 2016 से 2024 के बीच पाँच प्रश्न आए और उनमें से चार इसी पृष्ठ की धाराओं 2 और 3 से हैं: 2016 में 'व्यथित व्यक्ति', 2023 में 'लैंगिक दुर्व्यवहार', 2024 में 'विवाह-सदृश संबंध में महिला की सुरक्षा' और 2024 में 'साझी गृहस्थी'। सब 2 अंक (लगभग 15 शब्द) के हैं।
- 2 अंक के इन प्रश्नों में अधिनियम की परिभाषा का सटीक अंग्रेज़ी पद और उसके मुख्य तत्त्व लिखने पर पूरे अंक मिलते हैं। इसलिए यहाँ हर परिभाषा तत्त्व-दर-तत्त्व तोड़कर दी गई है।
- 2024 का 'साझी गृहस्थी' प्रश्न पेपर में POCSO अधिनियम के नीचे छपा था, जबकि यह पद DV अधिनियम की धारा 2(s) में परिभाषित है। POCSO की धारा 2(1)(k) में भी इसकी अपनी परिभाषा है; दोनों का अंतर इस पृष्ठ पर तालिका में रखा गया है।
पहले सरल भाषा में
घर को सबसे सुरक्षित जगह माना जाता है, इसीलिए उसके भीतर की हिंसा बाहर दिखाई नहीं देती। दरवाज़े के पीछे की बात अक्सर 'घर का मामला' कहकर दबा दी जाती है। इस अधिनियम का मूल विचार यह है कि घर के भीतर होने वाली हिंसा भी राज्य और कानून का विषय है, और पीड़ित महिला को तुरंत सुरक्षा के साथ घर में टिके रहने का अधिकार मिलना चाहिए।
अधिनियम के उद्देश्य-कथन (Statement of Objects and Reasons) के अनुसार पहले पति या उसके रिश्तेदारों की क्रूरता भारतीय दंड संहिता की धारा 498-A के तहत अपराध थी, पर सिविल कानून इस समस्या को पूरी तरह नहीं सँभालता था। इसलिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 में दिए अधिकारों को ध्यान में रखकर एक ऐसा सिविल उपाय बनाया गया जो महिला को हिंसा से बचाए और आगे की हिंसा रोके। इसका अर्थ है कि मजिस्ट्रेट सुरक्षा, निवास, आर्थिक सहायता और बच्चों की अभिरक्षा जैसे आदेश दे सकता है, केवल सज़ा देना ही रास्ता नहीं है।
अधिनियम का पूरा नाम घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 (The Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005) है, यह 2005 का अधिनियम संख्या 43 है। दीर्घ शीर्षक (long title) के अनुसार यह परिवार के भीतर होने वाली किसी भी प्रकार की हिंसा की शिकार महिलाओं के संविधान-प्रदत्त अधिकारों की 'अधिक प्रभावी सुरक्षा' (more effective protection) के लिए है। इसे राष्ट्रपति की स्वीकृति 13 सितंबर 2005 को मिली और यह 26 अक्तूबर 2006 से लागू हुआ।
धारा 1: संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ
| उप-धारा | क्या कहती है |
|---|---|
| 1(1) | अधिनियम का नाम: The Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005। |
| 1(2) | विस्तार: पूरे भारत में। 'जम्मू-कश्मीर राज्य को छोड़कर' शब्द 2019 के अधिनियम 34 की धारा 95 और पाँचवीं अनुसूची से 31-10-2019 से हटा दिए गए। |
| 1(3) | प्रारंभ: उस तिथि से जो केंद्र सरकार राजपत्र में अधिसूचना द्वारा तय करे। व्यवहार में अधिसूचना S.O. 1776(E), दिनांक 17 अक्तूबर 2006 से अधिनियम 26 अक्तूबर 2006 को लागू हुआ। |
धारा 2: परिभाषाएँ, खंड-दर-खंड
धारा 2 में अंग्रेज़ी वर्णमाला के (a) से (t) तक बीस परिभाषाएँ हैं। परीक्षा में प्रश्न किसी एक पद की परिभाषा पूछता है, इसलिए नीचे की तालिका एक नज़र में पूरी सूची देती है और उसके बाद चार सबसे अधिक पूछे जाने वाले पद विस्तार से समझाए गए हैं। 'Unless the context otherwise requires' (जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो) का अर्थ है कि ये अर्थ पूरे अधिनियम में तभी लागू रहते हैं जब किसी धारा का संदर्भ कुछ और न माँगे।
धारा 2 की बीस परिभाषाएँ
| खंड | पद (statutory term) | अर्थ |
|---|---|---|
| (a) | aggrieved person (व्यथित व्यक्ति) | कोई भी महिला जो प्रतिवादी के साथ घरेलू संबंध में है या रही है और जिसका आरोप है कि प्रतिवादी ने उसके साथ घरेलू हिंसा का कोई कृत्य किया। |
| (b) | child (बालक) | 18 वर्ष से कम आयु का व्यक्ति; इसमें गोद लिया, सौतेला या पालित (foster) बालक भी आता है। |
| (c) | compensation order | धारा 22 के अंतर्गत दिया गया आदेश। |
| (d) | custody order | धारा 21 के अंतर्गत दिया गया आदेश। |
| (e) | domestic incident report | घरेलू हिंसा की शिकायत मिलने पर व्यथित व्यक्ति के बारे में निर्धारित प्रपत्र में बनाई गई रिपोर्ट। |
| (f) | domestic relationship (घरेलू संबंध) | दो व्यक्तियों का वह संबंध जो साझी गृहस्थी में कभी भी साथ रहे हैं और रक्त-संबंध, विवाह, विवाह की प्रकृति के संबंध या गोद लेने से जुड़े हैं, या संयुक्त परिवार के सदस्य के रूप में साथ रहते हैं। |
| (g) | domestic violence | वही अर्थ जो धारा 3 में दिया गया है। |
| (h) | dowry (दहेज) | वही अर्थ जो दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 की धारा 2 में है। |
| (i) | Magistrate | प्रथम श्रेणी का न्यायिक मजिस्ट्रेट या महानगर मजिस्ट्रेट (दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अधीन), उस क्षेत्र में जहाँ व्यथित व्यक्ति अस्थायी या अन्यथा रहती है, या प्रतिवादी रहता है, या हिंसा होना आरोपित है। |
| (j) | medical facility | राज्य सरकार द्वारा इस अधिनियम के लिए अधिसूचित चिकित्सा सुविधा। |
| (k) | monetary relief (आर्थिक अनुतोष) | वह प्रतिकर जो मजिस्ट्रेट प्रतिवादी को सुनवाई के किसी भी चरण में देने का आदेश दे, ताकि हिंसा से हुए खर्च और नुकसान की भरपाई हो। |
| (l) | notification | राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना। |
| (m) | prescribed | इस अधिनियम के अधीन बने नियमों द्वारा निर्धारित। |
| (n) | Protection Officer (संरक्षण अधिकारी) | धारा 8(1) के अधीन राज्य सरकार द्वारा नियुक्त अधिकारी। |
| (o) | protection order | धारा 18 के अधीन किया गया आदेश। |
| (p) | residence order | धारा 19(1) के अधीन दिया गया आदेश। |
| (q) | respondent (प्रतिवादी) | कोई भी वयस्क पुरुष (adult male person) जो व्यथित व्यक्ति के साथ घरेलू संबंध में है या रहा है और जिसके विरुद्ध उसने इस अधिनियम में अनुतोष माँगा है। परंतुक: व्यथित पत्नी या विवाह की प्रकृति के संबंध में रह रही महिला पति या पुरुष साथी के रिश्तेदार के विरुद्ध भी शिकायत कर सकती है। |
| (r) | service provider (सेवा प्रदाता) | धारा 10(1) के अधीन पंजीकृत संस्था। |
| (s) | shared household (साझी गृहस्थी) | वह घर जहाँ व्यथित व्यक्ति घरेलू संबंध में रहती है या किसी भी अवस्था में रही है (अकेले या प्रतिवादी के साथ); विस्तृत अर्थ नीचे। |
| (t) | shelter home (आश्रय-गृह) | राज्य सरकार द्वारा इस अधिनियम के लिए अधिसूचित आश्रय-गृह। |
व्यथित व्यक्ति (aggrieved person), धारा 2(a): 2016 का प्रश्न
व्यथित व्यक्ति इस अधिनियम का केंद्रीय पात्र है, क्योंकि सारे अनुतोष उसी के लिए हैं। धारा 2(a) के अनुसार 'aggrieved person means any woman who is, or has been, in a domestic relationship with the respondent and who alleges to have been subjected to any act of domestic violence by the respondent'। इसमें तीन शर्तें एक साथ दिखती हैं।
पहली, वह 'कोई भी महिला' (any woman) हो। पाठ में पत्नी शब्द नहीं है; इसलिए माँ, बहन, विधवा, अकेली रहने वाली महिला और साथ रहने वाली साथी भी आ सकती हैं। उद्देश्य-कथन में भी बहनों, विधवाओं, माताओं और अकेली महिलाओं का उल्लेख है। दूसरी, वह प्रतिवादी के साथ घरेलू संबंध में 'है या रही है' (is, or has been), यानी संबंध टूट चुका हो या महिला घर छोड़ चुकी हो, तब भी वह पात्र है। तीसरी, वह 'आरोप लगाती है' (alleges) कि प्रतिवादी ने उसके साथ घरेलू हिंसा की। पाठ आवेदन के चरण पर आरोप को पर्याप्त मानता है, सिद्ध करने का प्रश्न सुनवाई में आता है। (यह अंतिम बात पाठ पर आधारित विश्लेषण है।)
घरेलू संबंध (domestic relationship), धारा 2(f)
घरेलू संबंध वह धुरी है जिस पर व्यथित व्यक्ति, प्रतिवादी और साझी गृहस्थी, तीनों टिके हैं। धारा 2(f) के अनुसार यह दो व्यक्तियों का ऐसा संबंध है जो 'live or have, at any point of time, lived together in a shared household' और जो पाँच में से किसी आधार से जुड़े हों। नीचे के आधार पाठ से लिए गए हैं।
घरेलू संबंध के पाँच आधार
| आधार (पाठ का पद) | आसान उदाहरण (समझने के लिए) |
|---|---|
| consanguinity (रक्त-संबंध) | माँ और बेटा, भाई और बहन; साझे घर में रहने वाले रक्त-संबंधी। |
| marriage (विवाह) | पति-पत्नी और विवाह से बने रिश्ते जो एक ही घर में रहे हों। |
| relationship in the nature of marriage (विवाह की प्रकृति का संबंध) | विवाह के बिना पति-पत्नी की तरह साथ रहने का संबंध (लिव-इन); अधिनियम इस पद की परिभाषा नहीं देता, इसलिए न्यायालयों की व्याख्या देखें। |
| adoption (गोद लेना) | गोद लेने से बने संबंध। |
| family members living together as a joint family (संयुक्त परिवार के सदस्य) | संयुक्त परिवार में रहने वाले ससुराल पक्ष के सदस्य, जेठ, देवर, सास-ससुर आदि। |
साझी गृहस्थी में कभी भी साथ रहना प्रत्येक आधार की सामान्य शर्त है।
2024 का प्रश्न 'विवाह-सदृश संबंध में रहने वाली महिला की सुरक्षा' इसी खंड से आता है। उत्तर की रीढ़ यह है कि 'relationship in the nature of marriage' घरेलू संबंध का एक आधार है, इसलिए ऐसी महिला 'व्यथित व्यक्ति' हो सकती है और धारा 12 से 22 के अनुतोष (संरक्षण, निवास, आर्थिक अनुतोष, अभिरक्षा, प्रतिकर) माँग सकती है। यह अधिनियम पाठ से ही लिव-इन महिला को स्थान देता है; यह आवश्यक नहीं कि वह विवाहिता हो। कौन-सा लिव-इन 'विवाह की प्रकृति का संबंध' माना जाएगा, इसकी कसौटियाँ न्यायालयों के निर्णयों में हैं (देखें: आधिकारिक निर्णय-पाठ); अधिनियम की बनावट में यही पद है।
प्रतिवादी (respondent), धारा 2(q)
पाठ में प्रतिवादी 'any adult male person' है जो व्यथित व्यक्ति के साथ घरेलू संबंध में है या रहा है और जिसके विरुद्ध उसने अनुतोष माँगा है। परंतुक (proviso) के अनुसार व्यथित पत्नी या विवाह की प्रकृति के संबंध में रह रही महिला पति या पुरुष साथी के 'relative' के विरुद्ध भी शिकायत कर सकती है। अधिनियम के उद्देश्य-कथन में लिखा है कि विधेयक पत्नी या महिला साथी को पति या पुरुष साथी के किसी भी रिश्तेदार के विरुद्ध शिकायत की अनुमति देता है, पर पति या पुरुष साथी की किसी महिला रिश्तेदार को पत्नी या महिला साथी के विरुद्ध शिकायत की अनुमति नहीं देता। अधिनियम के आधिकारिक पाठ में धारा 2(q) के ये शब्द आज भी ऐसे ही छपे हैं; संसद ने इस खंड में कोई संशोधन नहीं किया (2019 में केवल धारा 1(2) से जम्मू-कश्मीर वाले शब्द हटे)। 'वयस्क पुरुष' की संवैधानिक वैधता सर्वोच्च न्यायालय के 2016 के एक निर्णय में परखी गई है; उस निर्णय का सटीक प्रभाव और वर्तमान स्थिति देखें: आधिकारिक निर्णय-पाठ। परीक्षा में पहले धारा 2(q) का पाठ लिखें, फिर यह टिप्पणी जोड़ें।
साझी गृहस्थी (shared household), धारा 2(s): 2024 का प्रश्न
साझी गृहस्थी वह घर है जिसमें महिला का रहना उसकी सुरक्षा का आधार है। धारा 2(s) की परिभाषा लंबी है, इसे तीन हिस्सों में पढ़ें। पहला हिस्सा बुनियाद है: 'a household where the person aggrieved lives or at any stage has lived in a domestic relationship either singly or along with the respondent', यानी वह घर जहाँ व्यथित व्यक्ति घरेलू संबंध में रहती है या किसी अवस्था में रही है, अकेले या प्रतिवादी के साथ। इसके बाद 'includes' से इसमें तीन तरह के घर जोड़े गए हैं।
साझी गृहस्थी में कौन-से घर आते हैं
| वर्ग | पाठ का आशय |
|---|---|
| संयुक्त स्वामित्व या किरायेदारी | घर जो व्यथित व्यक्ति और प्रतिवादी का संयुक्त रूप से owned या tenanted है। |
| किसी एक के नाम का घर | घर जो उनमें से किसी एक का owned या tenanted है और जिसमें व्यथित व्यक्ति, प्रतिवादी या दोनों का कोई right, title, interest या equity है। |
| संयुक्त परिवार का घर | घर जो उस संयुक्त परिवार का है जिसका प्रतिवादी सदस्य है, चाहे प्रतिवादी या व्यथित व्यक्ति का उसमें कोई right, title या interest हो या न हो। |
साझी गृहस्थी: DV अधिनियम और POCSO अधिनियम की परिभाषा
| बिंदु | DV अधिनियम 2005, धारा 2(s) | POCSO अधिनियम 2012, धारा 2(1)(k) |
|---|---|---|
| किसका घर | वह घर जहाँ व्यथित व्यक्ति (महिला) घरेलू संबंध में रहती है या रही है। | वह घर जहाँ आरोपित व्यक्ति (person charged with the offence) बालक के साथ घरेलू संबंध में कभी रहा है या रहता है। |
| स्वामित्व | स्वामित्व, किरायेदारी, अधिकार और संयुक्त परिवार के घर तक विस्तृत परिभाषा। | स्वामित्व या किरायेदारी का उल्लेख नहीं; केवल घरेलू संबंध में रहना। |
| घरेलू संबंध | धारा 2(f) में परिभाषित। | POCSO की धारा 2(1)(e) कहती है कि इसका अर्थ वही है जो DV अधिनियम की धारा 2(f) में है। |
| उद्देश्य | महिला को घर में रहने और निकाले न जाने का अधिकार (धारा 17)। | बालक के साथ एक ही या साझी गृहस्थी में रहने वाले आरोपित का अपराध गंभीर (aggravated) रूप में गिना जाना (धारा 5(n), 9(n))। |
धारा 3: घरेलू हिंसा की परिभाषा, 2023 का प्रश्न
धारा 3 'घरेलू हिंसा' की परिभाषा देती है। यह परिभाषा 'for the purposes of this Act' है और प्रतिवादी के 'any act, omission or commission or conduct' पर टिकी है, यानी केवल मारपीट जैसा कृत्य ही नहीं, कुछ न करना (omission) और आचरण भी गिना जा सकता है। चार खंड (a) से (d) हैं और दो स्पष्टीकरण (Explanation) हैं।
धारा 3 के चार खंड
| खंड | घरेलू हिंसा कब माना जाएगा |
|---|---|
| (a) | जब आचरण व्यथित व्यक्ति के स्वास्थ्य, सुरक्षा, जीवन, अंग या कुशल-क्षेम (मानसिक या शारीरिक) को हानि पहुँचाए, चोट दे या संकट में डाले, या ऐसा करने की प्रवृत्ति रखे; इसमें शारीरिक दुर्व्यवहार, लैंगिक दुर्व्यवहार, मौखिक और भावनात्मक दुर्व्यवहार तथा आर्थिक दुर्व्यवहार शामिल हैं। |
| (b) | जब दहेज या अन्य संपत्ति या मूल्यवान प्रतिभूति की किसी अवैध माँग को पूरा कराने के लिए उसे या उससे संबंधित किसी व्यक्ति को सताया, हानि पहुँचाई, चोट दी या संकट में डाला जाए। |
| (c) | जब खंड (a) या (b) के किसी आचरण से उसे या उससे संबंधित किसी व्यक्ति को धमकाने का प्रभाव पड़े। |
| (d) | जब आचरण अन्यथा व्यथित व्यक्ति को शारीरिक या मानसिक चोट या हानि पहुँचाए। |
खंड (a) में 'includes' शब्द है, इसलिए चार दुर्व्यवहार उदाहरण-सूची की तरह हैं और परिभाषा इन्हीं में बंद नहीं होती (विश्लेषण)। खंड (d) 'अन्यथा' (otherwise) हानि को भी पकड़ लेता है। स्पष्टीकरण II कहता है कि कोई आचरण घरेलू हिंसा है या नहीं, यह तय करते समय मामले के 'overall facts and circumstances' पर विचार किया जाएगा, यानी एक अलग घटना के बजाय पूरी परिस्थिति देखी जाती है। स्पष्टीकरण I में चार दुर्व्यवहारों के अर्थ दिए हैं।
स्पष्टीकरण I: चार प्रकार का दुर्व्यवहार
| प्रकार | पाठ के अनुसार अर्थ | संक्षेप में याद रखें |
|---|---|---|
| physical abuse (शारीरिक) | ऐसा कृत्य या आचरण जो शारीरिक पीड़ा, हानि या जीवन, अंग या स्वास्थ्य को संकट पहुँचाए, या व्यथित व्यक्ति के स्वास्थ्य या विकास को बिगाड़े; इसमें assault, criminal intimidation और criminal force शामिल हैं। | शरीर को पीड़ा, हानि या संकट |
| sexual abuse (लैंगिक) | 'includes any conduct of a sexual nature that abuses, humiliates, degrades or otherwise violates the dignity of woman', यानी यौन प्रकृति का ऐसा कोई आचरण जो महिला की गरिमा का दुरुपयोग, अपमान, अवमानना या उल्लंघन करे। | यौन प्रकृति का आचरण जो गरिमा भंग करे |
| verbal and emotional abuse (मौखिक और भावनात्मक) | (a) insults, ridicule, humiliation, name calling, और विशेषकर संतान या पुत्र न होने पर अपमान या उपहास; (b) जिस व्यक्ति में व्यथित व्यक्ति की रुचि है, उसे शारीरिक पीड़ा पहुँचाने की बार-बार धमकियाँ। | अपमान, ताने, बार-बार धमकी |
| economic abuse (आर्थिक) | (a) कानून या रीति से मिलने वाले या आवश्यकता के आर्थिक साधनों से वंचित करना, जैसे घर की ज़रूरतें, स्त्रीधन, संपत्ति, साझी गृहस्थी का किराया और भरण-पोषण; (b) घरेलू सामान, चल-अचल संपत्ति, प्रतिभूतियों आदि का निपटान या अन्य-संक्रामण; (c) उन संसाधनों और सुविधाओं तक निरंतर पहुँच पर रोक, जिनमें साझी गृहस्थी तक पहुँच भी है। | आर्थिक साधन से वंचित करना, संपत्ति बेचना, पहुँच रोकना |
व्यथित व्यक्ति की जाँच: एक नज़र में
महिला
'any woman' (धारा 2(a))
घरेलू संबंध
रक्त, विवाह, विवाह की प्रकृति, गोद या संयुक्त परिवार (धारा 2(f))
साझी गृहस्थी
कभी भी साथ रहना (धारा 2(f), 2(s))
आरोप
प्रतिवादी ने घरेलू हिंसा की (धारा 3)
अनुतोष
संरक्षण, निवास, आर्थिक, अभिरक्षा, प्रतिकर आदेश (धारा 18 से 22)
घरेलू हिंसा के चार रूप
घरेलू हिंसा, धारा 3
शारीरिक (physical)
- शारीरिक पीड़ा, हानि, जीवन-अंग-स्वास्थ्य को संकट
- assault, criminal intimidation, criminal force
लैंगिक (sexual)
- यौन प्रकृति का आचरण
- गरिमा का दुरुपयोग, अपमान, अवमानना, उल्लंघन
मौखिक और भावनात्मक
- अपमान, उपहास, नाम-पुकार
- संतान या पुत्र न होने पर ताने
- अपने से जुड़े व्यक्ति को हानि की बार-बार धमकी
आर्थिक (economic)
- साधनों से वंचित करना
- संपत्ति का निपटान
- साझी गृहस्थी तक पहुँच पर रोक
सहायता कहाँ मिलती है
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अनुसार Women Helpline का टोल-फ़्री नंबर 181 है और यह महिलाओं के लिए 24 घंटे की टेलीफ़ोन सेवा है, जो महिला को पुलिस, One Stop Centre, अस्पताल और विधिक सेवा प्राधिकरण जैसे प्राधिकारियों से जोड़ती है। यह जानकारी केवल जागरूकता के लिए है; संकट की स्थिति में स्थानीय पुलिस या अधिकृत सेवा से तुरंत संपर्क करें।
मुख्य तथ्य
- अधिनियम
- The Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005, अधिनियम संख्या 43; अधिनियमन 13 सितंबर 2005
- India Code अभिलेख
- अधिनियमन 13 सितंबर 2005; प्रवर्तन 26 अक्तूबर 2006
- प्रारंभ
- 26 अक्तूबर 2006, अधिसूचना S.O. 1776(E) दिनांक 17 अक्तूबर 2006; नियम भी 26 अक्तूबर 2006 से लागू
- विस्तार
- पूरे भारत में; 'जम्मू-कश्मीर राज्य को छोड़कर' शब्द 31-10-2019 से हटे (2019 का अधिनियम 34)
- धारा 2 की परिभाषाएँ
- (a) से (t), कुल बीस खंड
- बालक (child)
- 18 वर्ष से कम; गोद लिया, सौतेला और पालित बालक शामिल (धारा 2(b))
- मजिस्ट्रेट
- प्रथम श्रेणी का न्यायिक मजिस्ट्रेट या महानगर मजिस्ट्रेट (धारा 2(i))
- घरेलू हिंसा के रूप
- शारीरिक, लैंगिक, मौखिक और भावनात्मक, आर्थिक (धारा 3, स्पष्टीकरण I)
- उद्देश्य-कथन
- अनुच्छेद 14, 15 और 21 में दिए अधिकारों को ध्यान में रखकर सिविल उपाय; आधार: IPC 498-A के साथ सिविल कानून की कमी
- उद्देश्य-कथन का सार
- संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 में दिए अधिकारों को ध्यान में रखकर अधिनियम बना
- Women Helpline
- 181, 24 घंटे की टेलीफ़ोन सेवा जो पुलिस, One Stop Centre, अस्पताल आदि से जोड़ती है
- Women Helpline की भूमिका
- 24 घंटे की सेवा जो महिला को पुलिस, One Stop Centre, अस्पताल और विधिक सेवा प्राधिकरण जैसे प्राधिकारियों से जोड़ती है (PIB, 22 मार्च 2023)
- अंतिम जाँच
- 2 अक्तूबर 2026
परीक्षा में आम ग़लतियाँ
याद रखें
- व्यथित व्यक्ति को केवल 'पत्नी' लिख देना। पाठ 'any woman' है, इसलिए माँ, बहन, विधवा और साथ रहने वाली साथी भी आती हैं।
- घरेलू संबंध में 'साझी गृहस्थी में कभी साथ रहना' की शर्त भूल जाना; रक्त-संबंध या विवाह अकेले पर्याप्त नहीं, साथ रहना भी देखा जाता है।
- घरेलू हिंसा को केवल मारपीट मान लेना। धारा 3 में चार रूप हैं और आर्थिक तथा मौखिक दुर्व्यवहार भी उसमें आते हैं।
- लैंगिक दुर्व्यवहार की परिभाषा में 'conduct of a sexual nature' और 'dignity of woman' शब्द छोड़ देना; ये दोनों पद अंक दिलाते हैं।
- साझी गृहस्थी को केवल पति के नाम की संपत्ति बता देना। संयुक्त परिवार का घर भी आता है, चाहे किसी का उसमें अधिकार न हो।
- 2024 के 'shared household' प्रश्न को POCSO का मानकर केवल POCSO की परिभाषा लिखना। पेपर में छपे अधिनियम और पद की परिभाषा, दोनों का मिलान करके उत्तर दें।
- अधिनियम के पाठ में आई IPC और CrPC की धाराओं को नई संहिताओं की धारा मान लेना। पाठ में अब भी पुरानी संहिताओं का हवाला है; BNS और BNSS का मिलान अगले पृष्ठों पर अध्ययन-सहायता की तरह दिया गया है।
कार्य-उदाहरण (कल्पित): आचरण को किस श्रेणी में रखें
हल सहित उदाहरणपाँच आचरणों का वर्गीकरण
दिया है
- यह उदाहरण समझाने के लिए गढ़ा गया है; पात्र और घटनाएँ वास्तविक नहीं हैं। परिस्थिति: एक कल्पित महिला, मीरा, अपने पति और ससुराल पक्ष के साथ संयुक्त परिवार के घर में रहती है। पाँच आचरण दिए जाते हैं और प्रत्येक को धारा 3 के स्पष्टीकरण I में रखना है।
- 11. पर्याप्त साधन होने पर भी घर-खर्च रोक देना आर्थिक दुर्व्यवहार: स्पष्टीकरण I(iv)(a), क्योंकि घर की ज़रूरतों और भरण-पोषण जैसे आर्थिक साधनों से वंचित किया गया।
- 22. पत्नी की जानकारी के बिना संयुक्त संपत्ति बेच देना आर्थिक दुर्व्यवहार: स्पष्टीकरण I(iv)(b), क्योंकि जिस संपत्ति में उसका हित है उसका निपटान हुआ।
- 33. पुत्र न होने पर रोज़ ताने देना मौखिक और भावनात्मक दुर्व्यवहार: स्पष्टीकरण I(iii)(a), जिसमें संतान या पुत्र न होने पर अपमान या उपहास का स्पष्ट उल्लेख है।
- 44. उसके भाई को नुकसान पहुँचाने की बार-बार धमकी देना मौखिक और भावनात्मक दुर्व्यवहार: स्पष्टीकरण I(iii)(b); साथ ही धारा 3(c) का धमकाने का प्रभाव भी।
- 55. उसे घर में आने से रोक देना आर्थिक दुर्व्यवहार: स्पष्टीकरण I(iv)(c), क्योंकि साझी गृहस्थी तक पहुँच पर रोक लगाई गई।
निष्कर्ष: एक ही आचरण एक से अधिक खंड में आ सकता है। उत्तर में पहले श्रेणी लिखें, फिर पाठ का सटीक पद (जैसे economic abuse) और अंत में खंड-संख्या लिखें।
केस स्टडी (कल्पित): क्या यह अधिनियम लागू होगा
उदाहरण (काल्पनिक)तीन महिलाएँ, तीन परिस्थितियाँ
यह केस समझाने के लिए गढ़ा गया है; पात्र और स्थान वास्तविक नहीं हैं। एक कल्पित क़स्बे में तीन महिलाएँ अलग-अलग शिकायतें लेकर संरक्षण अधिकारी के पास पहुँचती हैं। हर मामले में तीन सवाल पूछे जाते हैं: क्या घरेलू संबंध है, क्या साझी गृहस्थी है और क्या धारा 3 का आचरण आरोपित है।
- सुनीता
- वह विवाहित है और पति के माता-पिता के साथ संयुक्त परिवार के घर में रहती है; वहाँ पति के रिश्तेदार उसे अपमानित करते हैं। घरेलू संबंध है (विवाह और संयुक्त परिवार), घर साझी गृहस्थी है (संयुक्त परिवार का घर, भले उसके नाम न हो) और आरोपित आचरण मौखिक और भावनात्मक दुर्व्यवहार का हो सकता है। परंतुक के कारण वह पति के रिश्तेदारों के विरुद्ध भी शिकायत कर सकती है।
- नीलम
- वह एक पुरुष के साथ कई वर्षों से पति-पत्नी की तरह किराये के घर में रहती थी और अब छोड़ चुकी है। 'is, or has been' के कारण छोड़ देना पात्रता नहीं मिटाता। संबंध 'relationship in the nature of marriage' माना जाएगा या नहीं, यह तथ्यों और न्यायालय की कसौटियों पर निर्भर है; अधिनियम का पाठ ऐसे संबंध को घरेलू संबंध का आधार मानता है।
- कमला
- वह अकेली विधवा है जो अपने बेटे के साथ उसके घर में रहती है और बेटा उसे खर्च के पैसे से वंचित करता है। रक्त-संबंध का घरेलू संबंध है, घर साझी गृहस्थी है और आर्थिक वंचन खंड (a) के आर्थिक दुर्व्यवहार में आ सकता है। 'any woman' होने से माँ भी व्यथित व्यक्ति हो सकती है और प्रतिवादी बेटा 'वयस्क पुरुष' है।
सीख
किसी मामले में अधिनियम लागू होता है या नहीं, यह तय करने की सीढ़ी है: महिला, घरेलू संबंध, साझी गृहस्थी, फिर धारा 3 का आचरण। चारों कड़ियाँ परिभाषाओं में हैं, इसलिए परिभाषाएँ याद करने से ही उत्तर बनता है।
पिछले वर्षों के प्रश्न (हल सहित)
2024RAS मुख्य परीक्षापेपर III2 अंक
Protection of a woman in a live-in relationship under the DV Act
आदर्श उत्तर
विवाह-सदृश संबंध (धारा 2(f)) वाली महिला 'व्यथित व्यक्ति' है; संरक्षण, निवास आदि अनुतोष माँग सकती है।
2024RAS मुख्य परीक्षापेपर III2 अंक
'Shared household' (पेपर में POCSO Act 2012 के नीचे छपा; पद DV Act की धारा 2(s) में भी परिभाषित है)
आदर्श उत्तर
घरेलू संबंध में महिला जहाँ रही वह घर, चाहे उसका या प्रतिवादी का, या संयुक्त परिवार का।
2023RAS मुख्य परीक्षापेपर III2 अंक
'Sexual abuse' under DV Act 2005
आदर्श उत्तर
यौन प्रकृति का आचरण जो महिला की गरिमा का दुरुपयोग, अपमान, अवमानना या उल्लंघन करे (धारा 3)।
2016RAS मुख्य परीक्षापेपर III2 अंक
घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 के अन्तर्गत 'व्यथित व्यक्ति' से आपका क्या तात्पर्य है?
आदर्श उत्तर
प्रतिवादी के साथ घरेलू संबंध में रही या रह रही महिला, जो घरेलू हिंसा का आरोप लगाए।
अभ्यास प्रश्न (अपने)
अभ्यास प्रश्नलगभग 15 शब्द
घरेलू संबंध (domestic relationship) की परिभाषा बताइए।
आदर्श उत्तर
साझी गृहस्थी में साथ रहे दो व्यक्तियों का रक्त, विवाह, विवाह-सदृश, गोद या संयुक्त परिवार का संबंध।
अभ्यास प्रश्नलगभग 15 शब्द
आर्थिक दुर्व्यवहार (economic abuse) का अर्थ लिखिए।
आदर्श उत्तर
आर्थिक साधनों से वंचित करना, संपत्ति का निपटान या साझी गृहस्थी तक पहुँच रोकना (धारा 3)।
अभ्यास प्रश्नलगभग 50 शब्द
घरेलू हिंसा अधिनियम में 'प्रतिवादी' (respondent) कौन है? परंतुक सहित बताइए।
आदर्श उत्तर
धारा 2(q) के पाठ के अनुसार प्रतिवादी कोई वयस्क पुरुष है जो व्यथित व्यक्ति के साथ घरेलू संबंध में है या रहा है और जिसके विरुद्ध अनुतोष माँगा गया है। परंतुक के अनुसार व्यथित पत्नी या विवाह-सदृश संबंध वाली महिला पति या पुरुष साथी के रिश्तेदार के विरुद्ध भी शिकायत कर सकती है।
अभ्यास प्रश्नलगभग 50 शब्द
धारा 3 के अनुसार घरेलू हिंसा के चार रूप समझाइए।
आदर्श उत्तर
धारा 3 के स्पष्टीकरण I में चार दुर्व्यवहार हैं। शारीरिक: शारीरिक पीड़ा, हानि या संकट। लैंगिक: यौन प्रकृति का आचरण जो महिला की गरिमा का उल्लंघन करे। मौखिक और भावनात्मक: अपमान, ताने और बार-बार धमकियाँ। आर्थिक: साधनों से वंचन, संपत्ति-निपटान और साझी गृहस्थी तक पहुँच पर रोक।
अभ्यास प्रश्नलगभग 100 शब्द
धारा 2 की परिभाषाओं के आधार पर बताइए कि एक महिला इस अधिनियम के अनुतोष का दावा कब कर सकती है।
आदर्श उत्तर
अनुतोष के लिए महिला को पहले 'व्यथित व्यक्ति' होना होगा। धारा 2(a) के अनुसार वह कोई भी महिला है जो प्रतिवादी के साथ घरेलू संबंध में है या रही है और घरेलू हिंसा का आरोप लगाती है। घरेलू संबंध धारा 2(f) में रक्त, विवाह, विवाह की प्रकृति के संबंध, गोद या संयुक्त परिवार पर आधारित है और साझी गृहस्थी में साथ रहने की माँग करता है। साझी गृहस्थी धारा 2(s) में स्वामित्व, किरायेदारी या संयुक्त परिवार के घर तक फैली है। आरोपित आचरण धारा 3 के शारीरिक, लैंगिक, मौखिक-भावनात्मक या आर्थिक दुर्व्यवहार में आना चाहिए। प्रतिवादी धारा 2(q) के पाठ के अनुसार वयस्क पुरुष है; परंतुक के अनुसार रिश्तेदार भी हो सकते हैं।
अभ्यास प्रश्नलगभग 100 शब्द
घरेलू हिंसा की धारा 3 की परिभाषा की मुख्य विशेषताएँ बताइए।
आदर्श उत्तर
धारा 3 प्रतिवादी के किसी भी कृत्य, लोप, कर्म या आचरण को घरेलू हिंसा मानती है, यदि वह व्यथित व्यक्ति के स्वास्थ्य, सुरक्षा, जीवन, अंग या कुशल-क्षेम को हानि पहुँचाए या ऐसी प्रवृत्ति रखे। इसमें शारीरिक, लैंगिक, मौखिक-भावनात्मक और आर्थिक दुर्व्यवहार शामिल हैं। दहेज या संपत्ति की अवैध माँग के लिए सताना भी इसमें है। धमकाने का प्रभाव और अन्य शारीरिक या मानसिक हानि भी आती है। स्पष्टीकरण II के अनुसार मामले की समग्र परिस्थितियाँ देखी जाती हैं। इसलिए परिभाषा व्यापक है और केवल मारपीट तक सीमित नहीं।
उत्तर कैसे लिखें (10 अंक, 100 शब्द)
भूमिका
प्रश्न का नमूना: "घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005 के अंतर्गत 'घरेलू हिंसा' के अर्थ और रूपों की विवेचना कीजिए।" पहली पंक्ति में अधिनियम का नाम और धारा 3 का नाम लिखें। (5 अंक में चार रूप और एक पंक्ति का अर्थ; 2 अंक में केवल एक परिभाषा।)
मुख्य भाग
- अर्थ: धारा 3 के खंड (a) से (d), जिसमें कृत्य, लोप, कर्म और आचरण, हानि या हानि की प्रवृत्ति, दहेज की अवैध माँग और धमकी शामिल हैं
- चार रूप: शारीरिक, लैंगिक, मौखिक और भावनात्मक, आर्थिक, हर एक का पाठ-आधारित एक बिंदु
- स्पष्टीकरण II: समग्र परिस्थितियाँ; संबंधित परिभाषाएँ: व्यथित व्यक्ति, घरेलू संबंध, साझी गृहस्थी
निष्कर्ष
निष्कर्ष: परिभाषा व्यापक है, इसलिए घर के भीतर की हर प्रकार की हिंसा उसके दायरे में आ सकती है और महिला को सिविल अनुतोष का रास्ता खुलता है।
अतिरिक्त मूल्य
- संयुक्त परिवार में पत्नी के मामले का एक काल्पनिक उदाहरण
- अनुच्छेद 14, 15, 21 का उल्लेख
- 'अद्यतन व्याख्या के लिए निर्णय देखें' का एक वाक्य
संबंधित विषय
घरेलू हिंसा अधिनियम 2005, धारा 4 से 16: संरक्षण अधिकारी, सेवा प्रदाता और आवेदन की प्रक्रिया
घरेलू हिंसा अधिनियम 2005, धारा 17 से 29 और 31: निवास का अधिकार, संरक्षण आदेश, अपील और दंड
POCSO अधिनियम 2012, धारा 1 से 6: बालक की परिभाषा और प्रवेशन लैंगिक हमला
कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम, 2013: धारा 1 से 4
भारतीय न्याय संहिता 2023, धारा 1 और 2: प्रारंभ, लागू होने का क्षेत्र और परिभाषाएँ
त्वरित पुनरावृत्ति
- अधिनियम: 2005 का 43; स्वीकृति 13 सितंबर 2005; प्रारंभ 26 अक्तूबर 2006
- धारा 1: पूरे भारत में; जम्मू-कश्मीर वाले शब्द 31-10-2019 से हटे
- धारा 2: (a) से (t) तक 20 परिभाषाएँ
- व्यथित व्यक्ति 2(a): any woman, घरेलू संबंध में है या रही है, घरेलू हिंसा का आरोप
- घरेलू संबंध 2(f): साझी गृहस्थी में कभी साथ; रक्त, विवाह, विवाह की प्रकृति, गोद, संयुक्त परिवार
- प्रतिवादी 2(q): वयस्क पुरुष; परंतुक: पति या पुरुष साथी के रिश्तेदार के विरुद्ध भी शिकायत
- साझी गृहस्थी 2(s): संयुक्त स्वामित्व या किरायेदारी, किसी एक के नाम का घर, संयुक्त परिवार का घर
- बालक 2(b): 18 वर्ष से कम; गोद, सौतेला, पालित शामिल
- धारा 3: कृत्य, लोप, कर्म या आचरण; खंड (a) से (d); स्पष्टीकरण II: समग्र परिस्थितियाँ
- चार रूप: शारीरिक, लैंगिक, मौखिक और भावनात्मक, आर्थिक
- लैंगिक दुर्व्यवहार: conduct of a sexual nature that abuses, humiliates, degrades or otherwise violates the dignity of woman
- POCSO 2(1)(k) की साझी गृहस्थी अलग है: बालक के साथ घरेलू संबंध में रहा आरोपित
याद रखने योग्य शब्द
- aggrieved person
- domestic relationship
- shared household
- respondent
- sexual abuse
- economic abuse