पटवारी के लिए सम्पूर्ण हिंदी
पटवारी भर्ती परीक्षा में हिंदी और अंग्रेज़ी मिलकर एक ही संयुक्त खंड बनाते हैं — 22 प्रश्न, 44 अंक — यह पृष्ठ बताता है कि उस खंड में हिंदी का हिस्सा कैसे पूछा जाता है, कौन-सा विषय पाठ्यक्रम में नामित है, और हर विषय की पूरी तैयारी कहाँ पढ़नी है।
- संयुक्त हिंदी-अंग्रेज़ी खंड
- 22 प्रश्न · 44 अंक
- ऋणात्मक अंकन −1/3
पटवारी में भाषा का भार
- खंड
- सामान्य हिंदी एवं अंग्रेज़ी — एक ही संयुक्त खंड
- प्रश्न
- 22 प्रश्न
- अंक
- 44 अंक (प्रति प्रश्न 2 अंक)
- हिंदी-अंग्रेज़ी का आंतरिक विभाजन
- बोर्ड द्वारा प्रकाशित नहीं
- ऋणात्मक अंकन
- प्रत्येक गलत उत्तर पर −1/3
पटवारी का भाषा खंड — एक संयुक्त खंड, दो भाषाएँ
पटवारी भर्ती परीक्षा की सबसे पहली बात जो समझनी चाहिए वह यह है कि यहाँ हिंदी और अंग्रेज़ी अलग-अलग खंड नहीं हैं। दोनों मिलकर एक ही खंड बनाते हैं — सामान्य हिंदी एवं अंग्रेज़ी — जिसमें 22 प्रश्न और 44 अंक हैं। यह पूरे प्रश्नपत्र का लगभग पंद्रह प्रतिशत है। REET जैसी शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में भाषा का अनुपात इससे कहीं अधिक होता है, इसलिए जो अभ्यर्थी दोनों की तैयारी साथ कर रहा है, उसे समय का बँटवारा इस अंतर को देखकर करना चाहिए — पटवारी में भाषा महत्वपूर्ण है, निर्णायक नहीं।
दूसरी बात, जो अधिकांश अभ्यर्थी की योजना बिगाड़ती है, यह है कि बोर्ड यह नहीं बताता कि इन 22 प्रश्नों में हिंदी के कितने होंगे और अंग्रेज़ी के कितने। आंतरिक विभाजन प्रकाशित नहीं है। इसका सीधा और अप्रिय निष्कर्ष यह है कि किसी एक भाषा को पूरी तरह छोड़ने की गुंजाइश नहीं है। जो अभ्यर्थी सोचता है कि हिंदी मज़बूत है तो अंग्रेज़ी छोड़ देंगे, वह इस जोखिम पर बैठा है कि उस वर्ष अंग्रेज़ी के प्रश्न अधिक निकल आएँ। सुरक्षित रणनीति यह मानकर चलना है कि दोनों भाषाओं से पर्याप्त प्रश्न आएँगे, और दोनों में वे विषय पक्के करना जिनके प्रश्न सबसे अनुमानित हैं।
तीसरी बात पाठ्यक्रम की बनावट है, और यहाँ एक बात ध्यान देने योग्य है। हमारे सिलेबस पृष्ठ पर इस खंड के अंतर्गत हिंदी की ओर जो शीर्षक दर्ज हैं वे हैं — वाक्य शुद्धि, पर्यायवाची व विलोम शब्द, मुहावरे-लोकोक्तियाँ, रिक्त स्थान पूर्ति, अपठित गद्यांश और एक शब्द प्रतिस्थापन। अंग्रेज़ी की ओर शीर्षकों की संख्या इससे कम नहीं, बल्कि अधिक है। इसलिए यह मान लेना गलत होगा कि पाठ्यक्रम हिंदी की ओर झुका हुआ है। जो सचमुच दिखता है वह अलग और उपयोगी बात है: हिंदी की ओर नामित सभी शीर्षक शब्दावली और शुद्धि के हैं — संधि, समास, उपसर्ग और प्रत्यय जैसे शब्द-रचना के विषय नाम से नहीं आते।
यह पटवारी की हिंदी तैयारी का सबसे व्यावहारिक निष्कर्ष है। पर्यायवाची, विलोम, वाक्यांश के लिए एक शब्द, मुहावरे-लोकोक्तियाँ और वाक्य शुद्धि — ये पाँच विषय पाठ्यक्रम में नामित हैं, इनके प्रश्न एक पंक्ति के होते हैं, और उत्तर या आता है या नहीं आता। यहीं पूरा प्रतिफल है। संधि, समास, उपसर्ग और प्रत्यय अलग से नामित नहीं हैं; वे शब्द-रचना के प्रश्नों में परोक्ष रूप से आ जाते हैं, इसलिए उन्हें पढ़ना व्यर्थ नहीं है, पर उन्हें पहले पढ़ना समय की गलत जगह पर लगाना है।
अंत में ऋणात्मक अंकन। प्रत्येक गलत उत्तर पर एक-तिहाई अंक कटता है, और चूँकि प्रत्येक प्रश्न दो अंक का है, एक गलत उत्तर का शुद्ध नुकसान सही उत्तर के लाभ की तुलना में छोटा दिखता है — पर यही सोच भारी पड़ती है। भाषा के प्रश्न उस श्रेणी के होते हैं जहाँ अनुमान सबसे कम काम करता है: पर्यायवाची या मुहावरे का अर्थ या तो याद है या नहीं, और दो विकल्पों के बीच का अनुमान यहाँ आमतौर पर गलत बैठता है। इसलिए इस खंड में जितना ज़रूरी विषय पढ़ना है, उतना ही ज़रूरी यह तय करना है कि कहाँ प्रश्न छोड़ देना है।
विषय-सूची — पाठ्यक्रम में स्थिति और प्रश्न का स्वरूप
| विषय | पटवारी पाठ्यक्रम में | प्रश्न किस रूप में आता है |
|---|---|---|
| संधि | अलग से नामित नहीं | पाठ्यक्रम में नाम न होने पर भी शब्द-रचना के प्रश्नों में आ जाता है |
| समास | अलग से नामित नहीं | कम आवृत्ति; विग्रह के रूप में पूछा जा सकता है |
| उपसर्ग | अलग से नामित नहीं | शब्द-रचना के प्रश्नों में, तथा पर्यायवाची-विलोम की तैयारी को सहारा देता है |
| प्रत्यय | अलग से नामित नहीं | कम आवृत्ति; मूल शब्द पहचानने में सहायक |
| पर्यायवाची शब्द | नामित — 'पर्यायवाची व विलोम शब्द' | एक पंक्ति का सीधा प्रश्न — चार विकल्पों में से समानार्थी शब्द |
| विलोम शब्द | नामित — 'पर्यायवाची व विलोम शब्द' | सीधी जोड़ी; कभी उपसर्ग से बने विलोम पर |
| वाक्यांश के लिए एक शब्द | नामित — 'एक शब्द प्रतिस्थापन' | वाक्यांश देकर एक शब्द — सबसे अनुमानित प्रश्न-प्रकार |
| मुहावरे और लोकोक्तियाँ | नामित — 'मुहावरे-लोकोक्तियाँ' | अर्थ चुनना, या वाक्य में उपयुक्त मुहावरा भरना |
| शब्द शुद्धि | अलग से नामित नहीं — रिक्त स्थान व वाक्य शुद्धि के साथ आता है | रिक्त स्थान पूर्ति और अपठित गद्यांश में शुद्ध वर्तनी के रूप में |
| वाक्य शुद्धि | नामित — 'वाक्य शुद्धि' | चार वाक्यों में से शुद्ध वाक्य, या रेखांकित अंश की अशुद्धि |
| पारिभाषिक शब्दावली | अलग से नामित नहीं | पटवारी पत्र-व्यवहार की शब्दावली के रूप में सीमित उपयोग |
पाठ्यक्रम-स्थिति हमारे सिलेबस पृष्ठ पर दर्ज शीर्षकों के आधार पर है; अंतिम प्रमाण बोर्ड की आधिकारिक अधिसूचना ही है।
हर विषय की पूरी तैयारी — ग्यारह विषय-पृष्ठ
संधि और संधि विच्छेद — नियम, भेद, उदाहरण और अभ्यास प्रश्न
स्वर, व्यंजन और विसर्ग संधि के नियम, भेद और विच्छेद का अभ्यास।
समास — परिभाषा, छह भेद, विग्रह और परीक्षा-स्तरीय उदाहरण
छहों समास, विग्रह की विधि और पहचान के सूत्र।
उपसर्ग — परिभाषा, भेद और परीक्षा-स्तरीय उदाहरण
तत्सम, तद्भव, उर्दू और अंग्रेज़ी उपसर्ग एक साथ।
प्रत्यय — कृत् और तद्धित, भेद एवं उदाहरण
कृत् और तद्धित प्रत्यय, शब्द-निर्माण के उदाहरण सहित।
पर्यायवाची शब्द — अर्थ-भेद सहित सूची
समानार्थी शब्दों की सूची, अर्थ-भेद के संकेत के साथ।
विलोम शब्द — उपसर्ग से विलोम निर्माण और सूची
उपसर्ग से विलोम बनाने की विधि और लंबी जोड़ी-सूची।
वाक्यांश के लिए एक शब्द — विषयवार सूची
विषयवार एक-शब्द सूची, वाक्यांश के साथ।
मुहावरे और लोकोक्तियाँ — अर्थ, वाक्य प्रयोग और परीक्षा अभ्यास
मुहावरे व लोकोक्तियाँ, अर्थ और वाक्य प्रयोग सहित।
शब्द शुद्धि — अशुद्धि के प्रकार, नियम और शुद्ध रूप
वर्तनी की अशुद्धियों के प्रकार और शुद्ध रूप।
वाक्य शुद्धि — अशुद्धि के प्रकार, नियम और 250+ अशुद्ध-शुद्ध वाक्य
वाक्य-स्तर की अशुद्धियाँ, नियम और शुद्ध-अशुद्ध जोड़े।
पारिभाषिक शब्दावली — प्रशासनिक, विधिक और तकनीकी शब्दों के 300+ हिंदी पर्याय
प्रशासनिक, विधिक व तकनीकी शब्दों के हिंदी पर्याय।
पढ़ने का क्रम — पटवारी के लिए
पहला चरण — नामित शब्दावली
पर्यायवाची, विलोम और वाक्यांश के लिए एक शब्द। ये तीनों पाठ्यक्रम में नाम से दर्ज हैं और इनके प्रश्न सबसे अनुमानित होते हैं — एक पंक्ति, चार विकल्प, कोई पेच नहीं। ये याद करने वाले विषय हैं, इसलिए पहले दिन से शुरू करें और पूरे तैयारी-काल में दोहराएँ; एक बैठक में पूरा करने की चीज नहीं हैं।
दूसरा चरण — मुहावरे और लोकोक्तियाँ
पाठ्यक्रम में नामित, और रिक्त स्थान पूर्ति वाले प्रश्नों में भी इसी का काम पड़ता है। यहाँ एक चेतावनी है — मुहावरे में अनुमान सबसे ज़्यादा धोखा देता है, क्योंकि विकल्प जानबूझकर शब्दों के सीधे अर्थ के पास रखे जाते हैं। इसलिए इसे आधा-अधूरा याद रखने का कोई मूल्य नहीं; जो याद है उसी पर उत्तर दें।
तीसरा चरण — वाक्य शुद्धि
पाठ्यक्रम में नामित और अपठित गद्यांश के प्रश्नों में भी सहायक। इसका लाभ यह है कि यह याद करने के बजाय समझने वाला विषय है — नियम एक बार पकड़ में आने पर नए वाक्य भी हल होने लगते हैं, इसलिए इस पर लगाया समय स्थायी रहता है।
चौथा चरण — शब्द शुद्धि
अलग से नामित नहीं, पर रिक्त स्थान पूर्ति और गद्यांश में वर्तनी के रूप में लगातार आता है, और वाक्य शुद्धि के साथ पढ़ने पर इसमें अतिरिक्त समय लगता भी नहीं। इसलिए इसे वाक्य शुद्धि के तुरंत बाद, उसी क्रम में रखें।
पाँचवाँ चरण — शब्द-रचना
संधि, उपसर्ग और प्रत्यय। ये अलग से नामित नहीं हैं, पर उपसर्ग-प्रत्यय की समझ विलोम और पर्यायवाची दोनों को सहारा देती है, इसलिए इनका अप्रत्यक्ष लाभ असली है। पहले चार चरण पक्के होने के बाद ही इन पर आएँ।
अंत में — समास और पारिभाषिक शब्दावली
दोनों पाठ्यक्रम में नामित नहीं हैं और पटवारी में इनकी आवृत्ति सबसे कम है। समास को केवल पहचान के स्तर तक देखें। पारिभाषिक शब्दावली तब उपयोगी है जब आप साथ-साथ LDC या RAS की तैयारी कर रहे हों; केवल पटवारी के लिए इसे अंत में रखें।
पटवारी में भाषा की सबसे बड़ी भूल
यह मान लेना कि हिंदी मज़बूत है इसलिए इस खंड की चिंता नहीं, और अंग्रेज़ी छोड़ देना। खंड संयुक्त है और बोर्ड यह प्रकाशित नहीं करता कि 22 प्रश्नों में हिंदी-अंग्रेज़ी का विभाजन क्या रहेगा — इसलिए किसी एक भाषा को छोड़ना जुआ है, न कि रणनीति। इसके साथ दूसरी भूल जुड़ी रहती है: ऋणात्मक अंकन को हल्का समझना। भाषा के प्रश्नों में अनुमान सबसे कम काम करता है, क्योंकि पर्यायवाची या मुहावरे का अर्थ या तो याद होता है या नहीं। दोनों भाषाओं के नामित विषय पक्के करें, और जो याद नहीं है उसे छोड़ दें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पटवारी में हिंदी के कितने अंक होते हैं?+
हिंदी के अलग अंक नहीं होते। हिंदी और अंग्रेज़ी मिलकर एक ही संयुक्त खंड बनाते हैं जिसमें 22 प्रश्न और 44 अंक हैं। इन 22 प्रश्नों में हिंदी और अंग्रेज़ी का आंतरिक विभाजन बोर्ड प्रकाशित नहीं करता।
क्या अंग्रेज़ी छोड़कर केवल हिंदी पर ध्यान दे सकते हैं?+
यह जोखिम भरा है। चूँकि खंड संयुक्त है और आंतरिक विभाजन प्रकाशित नहीं होता, किसी भी वर्ष अंग्रेज़ी के प्रश्न अधिक निकल सकते हैं। सुरक्षित रणनीति यह है कि दोनों भाषाओं में पाठ्यक्रम में नामित विषय पक्के किए जाएँ, और कठिन-दुर्लभ विषयों को छोड़ा जाए — पूरी भाषा को नहीं।
पटवारी में ऋणात्मक अंकन कितना है?+
प्रत्येक गलत उत्तर पर −1/3 अंक। भाषा खंड में इसका महत्व अतिरिक्त है क्योंकि यहाँ अनुमान सबसे कम काम करता है — पर्यायवाची, विलोम या मुहावरे का अर्थ या तो याद होता है या नहीं, और विकल्प जानबूझकर पास-पास रखे जाते हैं।
पटवारी की हिंदी में सबसे पहले क्या पढ़ना चाहिए?+
पर्यायवाची, विलोम और वाक्यांश के लिए एक शब्द। ये तीनों पाठ्यक्रम में नाम से दर्ज हैं, इनके प्रश्न एक पंक्ति के और सबसे अनुमानित होते हैं, और चूँकि ये याद करने वाले विषय हैं इसलिए जितनी जल्दी शुरू हों उतना अच्छा। समास और पारिभाषिक शब्दावली को अंत में रखें।
क्या पटवारी में संधि और समास पूछे जाते हैं?+
हमारे सिलेबस पृष्ठ पर इस खंड के हिंदी शीर्षकों में संधि और समास नाम से दर्ज नहीं हैं। इसका मतलब यह नहीं कि वे कभी नहीं आते — शब्द-रचना के प्रश्नों में वे परोक्ष रूप से आ जाते हैं। पर नामित विषयों की तुलना में इनका प्रतिफल कम है, इसलिए इन्हें बाद के चरण में पढ़ें।
REET की हिंदी तैयारी पटवारी में काम आएगी?+
हाँ, काफ़ी हद तक। पर्यायवाची, विलोम, वाक्यांश के लिए एक शब्द, मुहावरे और वाक्य शुद्धि — ये दोनों परीक्षाओं में उपयोगी हैं और ये ही पटवारी में नामित शीर्षक भी हैं। जो काम नहीं आएगा वह है REET का भाषा-शिक्षण वाला हिस्सा, जो पटवारी में पूछा ही नहीं जाता — इसलिए पटवारी की तैयारी में उस पर समय न लगाएँ।